नाम जाप काउंटर
108 मनकों की माला — नाम चुनिए और हर जाप पर एक बार टैप कीजिए; माला मनका-मनका भरती जाती है, और 108वें टैप पर पूरी होती है। गिनती इसी डिवाइस पर रहती है — कोई खाता नहीं।
नाम की यात्रा
कुल 0किसी पड़ाव पर टैप कीजिए — उसका फल नीचे पढ़िए।
अगले पड़ाव तक 108 जाप
माला का एक पूरा फेरा। नाम ज़बान पर बैठ गया है।
अपना नाम चुनिए
आज जिस नाम का जाप करना है। हर नाम की गिनती अलग रहती है।
- आपका अपना मंत्र
यहाँ सबने मिलकर अब तक 1,080 जाप गिने हैं।
नाम जाप क्या है
नाम जाप किसी दिव्य नाम का बार-बार स्मरण है, जिसे 108 मनकों की माला पर गिना जाता है। गिनती हिसाब के लिए नहीं है — गिनती मन को नाम पर टिकाए रखती है, और अँगूठे के नीचे का मनका वैसे ही जगह बताता है जैसे पन्ने पर उँगली। यह काउंटर वही काम करता है: एक टैप, एक जाप, और माला भरती जाती है।
108 ही क्यों
शास्त्रीय माला में 108 मनके होते हैं, और एक 109वाँ — सुमेरु या गुरु मनका — जो कभी गिना नहीं जाता; माला उसे लाँघने की जगह वहीं से पलट जाती है। यह संख्या परंपरा में बार-बार आती है: 27 नक्षत्र और हर नक्षत्र के 4 पद मिलकर 108 होते हैं, और उपनिषद भी 108 गिने जाते हैं। माला का एक पूरा फेरा एक माला है।
प्रार्थना — आरती, चालीसा, स्तोत्र और व्रत कथाएँ — पूरा पाठ, सरल अर्थ के साथ।
मंत्र — जाप के नाम — हर मंत्र का अर्थ, जाप की विधि और गिनती। माला यहीं है।
जप पर शास्त्र क्या कहते हैं
- भगवद्गीता 10.25यज्ञों में कृष्ण जप-यज्ञ को अपना ही रूप कहते हैं — चुपचाप दोहराया नाम, हर बड़े अनुष्ठान से ऊपर।
- योगसूत्र 1.28–29अर्थ पर टिका जप चेतना को भीतर मोड़ता है, और साधना की राह के विघ्न शांत होने लगते हैं।
- कलियुग की परंपरापुराण मानते हैं कि इस युग में नाम ही मार्ग है — इतना कम माँगकर इतनी दूर ले जाने वाला और कोई साधन नहीं।
गिनती सेव होती है?
इसी डिवाइस पर, हाँ। गिनती आपके ब्राउज़र में हर नाम के लिए अलग रहती है और लौटने पर वहीं मिलती है। यह खाता नहीं है, इसलिए दूसरे डिवाइस पर साथ नहीं जाती।
कौन-सा नाम जपें?
जो नाम आपके घर में पहले से चला आ रहा है — कुल का नाम या इष्ट देवता का। कोई तय न हो तो ॐ नमः शिवाय और राम राम रोज़ के जाप के लिए सबसे अधिक बताए जाते हैं। ध्यान से गिना हुआ कोई भी नाम काम करता है।
क्या एक बैठक में माला पूरी करनी ज़रूरी है?
नहीं। माला अपनी जगह याद रखती है — 63वें मनके से कल फिर शुरू कर सकते हैं। रोज़ के 108 कभी-कभार के हज़ार से ज़्यादा काम आते हैं।
क्या डिजिटल माला से जाप ठीक है?
माला गिनने का साधन है, साधना नहीं; साधना नाम है और उस पर टिका ध्यान। जो भी गिनती को ईमानदार रखे, वही ठीक है।