रेवती नक्षत्र
27 में से 27- स्वामी: बुध
- देवता: पूषन
- राशि में स्थान: मीन
चंद्र इस नक्षत्र में
- 27-09-2026, 11:08 सुबह से 10:17 सुबह, 28 सितंबर तक
- 24-10-2026, 8:32 रात से 7:22 शाम, 25 अक्तूबर तक
- 21-11-2026, 6:51 सुबह से 5:55 सुबह, 22 नवंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीबुध
- देवतापूषन
- चिह्नमछली
- गणदेव
- योनिगज (हाथी)
- तत्वजल
- पुरुषार्थकाम
- दोषकफ
- लिंगस्त्री
- राशि में स्थान16°40' – 0°00' मीन
रेवती नक्षत्र के बारे में
रेवती सत्ताईस में आख़िरी नक्षत्र है। इसके देवता पूषन हैं — रास्ता दिखाने वाले। यह नक्षत्र पूरा होने का है, और सुरक्षित पहुँचा देने का।
मुख्य गुण
- मन बहुत कोमल
- सबका भला चाहते हैं
- कला और कल्पना में मन
- रास्ता दिखाने वाले
- जानवरों से प्रेम
- क्षमा कर देते हैं
- यात्रा का शौक़
- भरोसा जल्दी कर लेते हैं
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- सबसे प्यार से मिलते हैं
- मुश्किल में रास्ता दिखाते हैं
- कला में सचमुच अच्छे
- मन में बैर नहीं रखते
कमज़ोर पक्ष
- लोग फ़ायदा उठा लेते हैं
- फ़ैसले में ढुलमुल
- बात मन पर ले लेते हैं
- ज़्यादा भरोसा कर लेते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | दे | धनु |
| 2 | दो | मकर |
| 3 | चा | कुंभ |
| 4 | ची | मीन |
काम-धंधा
- कला, संगीत, अभिनय
- यात्रा और पर्यटन
- शिक्षा और बच्चों का काम
- पशु चिकित्सा और सेवा
- परामर्श और मार्गदर्शन
सेहत में ध्यान
- पैर और तलवे
- पेट
- थकान
नक्षत्र मंत्र
ॐ पूष्णे नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: बुधवार।
उपाय
- बुधवार को गणेश जी की पूजा करें
- 'ॐ बुं बुधाय नमः' का जाप करें
- हरा रंग पहनें
- गाय और पशुओं को चारा खिलाएँ
- मूँग की दाल और हरी सब्ज़ी का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रेवती नक्षत्र का स्वामी कौन है?
रेवती नक्षत्र का स्वामी बुध है। इसीलिए रेवती में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा बुध से शुरू होती है।
रेवती नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा रेवती नक्षत्र मीन राशि में है — 16°40' से 0°0' तक।
रेवती नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से दे, दो, चा या ची। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
रेवती नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
रेवती का गण देव और योनि गज (हाथी) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।