मघा नक्षत्र
27 में से 10- स्वामी: केतु
- देवता: पितर
- राशि में स्थान: सिंह
चंद्र इस नक्षत्र में
- 06-10-2026, 10:18 रात से 9:41 रात, 7 अक्तूबर तक
- 03-11-2026, 3:47 रात से 3:27 रात, 4 नवंबर तक
- 30-11-2026, 9:43 सुबह से 9:01 सुबह, 1 दिसंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीकेतु
- देवतापितर
- चिह्नराजसिंहासन
- गणराक्षस
- योनिमूषक (चूहा)
- तत्वअग्नि
- पुरुषार्थअर्थ
- दोषपित्त
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान0°00' – 13°20' सिंह
मघा नक्षत्र के बारे में
मघा के देवता पितर हैं — पूर्वज। इसका चिह्न सिंहासन है। यह नक्षत्र विरासत का है: नाम, परंपरा और जो पीछे से मिला, उसे आगे ले जाने का।
मुख्य गुण
- स्वाभिमान बहुत
- परंपरा और परिवार से जुड़ाव
- नेतृत्व का स्वभाव
- बड़ों और पूर्वजों का आदर
- रोब वाला व्यक्तित्व
- उदार दिल
- मान-सम्मान की चाह
- ज़िम्मेदारी उठाते हैं
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- लोग अपने आप पीछे चलते हैं
- परिवार का नाम रखते हैं
- उदारता से देते हैं
- बड़ी ज़िम्मेदारी संभाल लेते हैं
कमज़ोर पक्ष
- अहंकार आ जाता है
- अपमान बर्दाश्त नहीं
- दिखावे पर ख़र्च
- पुरानी बात पकड़े रहते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | मा | मेष |
| 2 | मी | वृषभ |
| 3 | मू | मिथुन |
| 4 | मे | कर्क |
काम-धंधा
- सरकारी और प्रशासनिक पद
- राजनीति
- पुरखों की ज़मीन और विरासत
- प्रबंधन और नेतृत्व
- इतिहास और पुरातत्व
सेहत में ध्यान
- दिल
- पीठ और रीढ़
- रक्तचाप
नक्षत्र मंत्र
ॐ पितृभ्यः नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: रविवार।
उपाय
- पितरों का श्राद्ध और तर्पण करें
- 'ॐ कें केतवे नमः' का जाप करें
- अमावस्या पर दान करें
- बड़ों के पाँव छुएँ
- काले तिल और वस्त्र का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मघा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
मघा नक्षत्र का स्वामी केतु है। इसीलिए मघा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा केतु से शुरू होती है।
मघा नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा मघा नक्षत्र सिंह राशि में है — 0°0' से 13°20' तक।
मघा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से मा, मी, मू या मे। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
मघा नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
मघा का गण राक्षस और योनि मूषक (चूहा) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।