विशाखा नक्षत्र
27 में से 16- स्वामी: गुरु
- देवता: इंद्र और अग्नि
- राशि में स्थान: तुला / वृश्चिक
चंद्र इस नक्षत्र में
- 12-10-2026, 11:52 रात से 1:43 रात, 14 अक्तूबर तक
- 09-11-2026, 7:24 सुबह से 9:19 सुबह, 10 नवंबर तक
- 06-12-2026, 1:38 दोपहर से 3:48 दोपहर, 7 दिसंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीगुरु
- देवताइंद्र और अग्नि
- चिह्नविजय का तोरण
- गणराक्षस
- योनिव्याघ्र (बाघ)
- तत्ववायु
- पुरुषार्थमोक्ष
- दोषवात
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान20°00' – 3°20' तुला / वृश्चिक
विशाखा नक्षत्र के बारे में
विशाखा के देवता इंद्र और अग्नि दोनों हैं। इसका चिह्न विजय का तोरण है। यह नक्षत्र लक्ष्य का है: जो ठान लिया, वहाँ तक पहुँचना।
मुख्य गुण
- लक्ष्य पर नज़र गड़ी रहती है
- मेहनत में कोई कमी नहीं
- जीतने की चाह तेज़
- दो रास्तों में उलझते भी हैं
- धैर्य से इंतज़ार कर लेते हैं
- प्रभावशाली बात
- महत्वाकांक्षी
- देर से पर बड़ी सफलता
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- लक्ष्य नहीं छोड़ते
- हार के बाद फिर लगते हैं
- लोगों को साथ ले लेते हैं
- देर तक टिके रहते हैं
कमज़ोर पक्ष
- बेचैनी बहुत रहती है
- दूसरों से तुलना करते हैं
- ईर्ष्या आ जाती है
- एक साथ दो चीज़ें चाहते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | ती | मेष |
| 2 | तू | वृषभ |
| 3 | ते | मिथुन |
| 4 | तो | कर्क |
काम-धंधा
- राजनीति और नेतृत्व
- बिक्री और विपणन
- बैंक और वित्त
- अनुसंधान और उच्च शिक्षा
- धर्म और प्रवचन
सेहत में ध्यान
- पेट के निचले हिस्से
- गुर्दे और मूत्राशय
- जोड़ों का दर्द
नक्षत्र मंत्र
ॐ इंद्राग्निभ्यां नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: गुरुवार।
उपाय
- गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम पढ़ें
- 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' का जाप करें
- पीला रंग पहनें
- केले के पेड़ को जल दें
- चने की दाल और हल्दी का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विशाखा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरु है। इसीलिए विशाखा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा गुरु से शुरू होती है।
विशाखा नक्षत्र किस राशि में आता है?
विशाखा नक्षत्र दो राशियों में फैला है — पहला हिस्सा तुला में और बाक़ी वृश्चिक में।
विशाखा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से ती, तू, ते या तो। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
विशाखा नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
विशाखा का गण राक्षस और योनि व्याघ्र (बाघ) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।