उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
27 में से 21- स्वामी: सूर्य
- देवता: विश्वेदेवा
- राशि में स्थान: धनु / मकर
चंद्र इस नक्षत्र में
- 21-09-2026, 4:35 सुबह से 7:07 सुबह, 22 सितंबर तक
- 18-10-2026, 12:49 दोपहर से 3:39 दोपहर, 19 अक्तूबर तक
- 14-11-2026, 8:25 रात से 11:29 रात, 15 नवंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीसूर्य
- देवताविश्वेदेवा
- चिह्नहाथी का दाँत
- गणमनुष्य
- योनिनकुल (नेवला)
- तत्वअग्नि
- पुरुषार्थधर्म
- दोषकफ
- लिंगस्त्री
- राशि में स्थान26°40' – 10°00' धनु / मकर
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के बारे में
उत्तराषाढ़ा 'बाद की अजेय' है। इसके देवता विश्वेदेवा हैं। यह नक्षत्र उस जीत का है जो टिकती है — जल्दी नहीं मिलती, पर मिलने के बाद जाती भी नहीं।
मुख्य गुण
- सिद्धांत पर चलते हैं
- धीरे पर पक्का काम
- वादा नहीं तोड़ते
- नेतृत्व में ईमानदारी
- बड़ा सोचते हैं
- मेहनत से डरते नहीं
- शांत और गंभीर
- देर से पर पक्की सफलता
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- भरोसे के पक्के
- लंबी दौड़ के खिलाड़ी
- सिद्धांत नहीं छोड़ते
- बड़ी ज़िम्मेदारी संभाल लेते हैं
कमज़ोर पक्ष
- शुरू करने में देर
- अकड़ आ जाती है
- अकेले काम करने लगते हैं
- आराम नहीं करते
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | भे | धनु |
| 2 | भो | मकर |
| 3 | जा | कुंभ |
| 4 | जी | मीन |
काम-धंधा
- सरकारी और प्रशासनिक सेवा
- क़ानून और न्याय
- शिक्षा और शोध
- रक्षा सेवा
- बड़ी परियोजनाओं का प्रबंधन
सेहत में ध्यान
- जांघ और घुटने
- पेट
- कमर दर्द
नक्षत्र मंत्र
ॐ विश्वेभ्यो देवेभ्यो नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: रविवार।
उपाय
- रविवार को सूर्य को अर्घ्य दें
- 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' का जाप करें
- नारंगी और लाल रंग पहनें
- पिता और बड़ों की सेवा करें
- गेहूँ और गुड़ का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। इसीलिए उत्तराषाढ़ा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा सूर्य से शुरू होती है।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र किस राशि में आता है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दो राशियों में फैला है — पहला हिस्सा धनु में और बाक़ी मकर में।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से भे, भो, जा या जी। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
उत्तराषाढ़ा का गण मनुष्य और योनि नकुल (नेवला) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।