पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र
27 में से 20- स्वामी: शुक्र
- देवता: आपः (जल देवता)
- राशि में स्थान: धनु
चंद्र इस नक्षत्र में
- अभी चल रहा है20-09-2026, 1:43 रात से 4:35 सुबह, 21 सितंबर तक
- 17-10-2026, 9:47 सुबह से 12:49 दोपहर, 18 अक्तूबर तक
- 13-11-2026, 5:17 शाम से 8:25 रात, 14 नवंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीशुक्र
- देवताआपः (जल देवता)
- चिह्नहाथी का दाँत और पंखा
- गणमनुष्य
- योनिवानर (बंदर)
- तत्वअग्नि
- पुरुषार्थमोक्ष
- दोषपित्त
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान13°20' – 26°40' धनु
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के बारे में
पूर्वाषाढ़ा का अर्थ है 'पहली अजेय'। इसके देवता आपः हैं — जल। पानी की तरह यह नक्षत्र रास्ता बना ही लेता है — धीरे, पर रुकता नहीं।
मुख्य गुण
- हार नहीं मानते
- बात मनवा लेते हैं
- आत्मविश्वास भरपूर
- पानी और सफ़र से जुड़ाव
- भावनाएँ गहरी
- स्वतंत्र सोच
- दूसरों को प्रेरित करते हैं
- धीरे पर लगातार बढ़ते हैं
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- मुश्किल में झुकते नहीं
- बोलने में असरदार
- लंबी लड़ाई लड़ सकते हैं
- लोगों को साथ जोड़ लेते हैं
कमज़ोर पक्ष
- ज़िद पकड़ लेते हैं
- अपनी ही बात सही लगती है
- ख़र्च ज़्यादा
- सलाह सुनना भारी लगता है
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | भू | सिंह |
| 2 | धा | कन्या |
| 3 | फा | तुला |
| 4 | ढा | वृश्चिक |
काम-धंधा
- जल और नौवहन का काम
- वकालत और बहस
- कला और संगीत
- आयात-निर्यात
- प्रचार और जनसंपर्क
सेहत में ध्यान
- जांघ और कूल्हे
- फेफड़े
- पानी की कमी
नक्षत्र मंत्र
ॐ अद्भ्यो नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: शुक्रवार।
उपाय
- शुक्रवार को लक्ष्मी जी की पूजा करें
- 'ॐ शुं शुक्राय नमः' का जाप करें
- सफ़ेद रंग पहनें
- नदी या जलाशय में सफ़ाई का काम करें
- दही और चावल का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। इसीलिए पूर्वाषाढ़ा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा शुक्र से शुरू होती है।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र धनु राशि में है — 13°20' से 26°40' तक।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से भू, धा, फा या ढा। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
पूर्वाषाढ़ा का गण मनुष्य और योनि वानर (बंदर) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।