कृत्तिका नक्षत्र
27 में से 3- स्वामी: सूर्य
- देवता: अग्नि
- राशि में स्थान: मेष / वृषभ
चंद्र इस नक्षत्र में
- 30-09-2026, 7:37 सुबह से 6:03 सुबह, 1 अक्तूबर तक
- 27-10-2026, 3:39 दोपहर से 1:26 दोपहर, 28 अक्तूबर तक
- 24-11-2026, 2:02 रात से 11:25 रात तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीसूर्य
- देवताअग्नि
- चिह्नउस्तरा और लौ
- गणराक्षस
- योनिमेष (भेड़)
- तत्वअग्नि
- पुरुषार्थकाम
- दोषकफ
- लिंगस्त्री
- राशि में स्थान26°40' – 10°00' मेष / वृषभ
कृत्तिका नक्षत्र के बारे में
कृत्तिका के देवता अग्नि हैं। आग जलाती भी है और साफ़ भी करती है — यही इस नक्षत्र का स्वभाव है। यहाँ जन्मे लोग सीधी बात करते हैं और ग़लत को ग़लत कहने से नहीं डरते।
मुख्य गुण
- सीधी और साफ़ बात
- ग़लत बर्दाश्त नहीं होता
- भूख और लगन दोनों तेज़
- काम में सफ़ाई रखते हैं
- नेतृत्व अपने आप आ जाता है
- तर्क मज़बूत
- जल्दी नाराज़, जल्दी शांत
- भीतर से साफ़ मन
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- सच बोलते हैं, चाहे कड़वा हो
- काम पूरा करके छोड़ते हैं
- दूसरों की ग़लती सुधार देते हैं
- भूख और मेहनत दोनों में आगे
कमज़ोर पक्ष
- बात चुभ जाती है
- ग़ुस्सा तेज़ है
- आलोचना ज़्यादा करते हैं
- सब्र कम
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | अ | धनु |
| 2 | ई | मकर |
| 3 | उ | कुंभ |
| 4 | ए | मीन |
काम-धंधा
- खाना-पकाना और होटल
- फ़ौज और पुलिस
- धातु, आग और मशीन का काम
- पढ़ाना और मार्गदर्शन
- सर्जरी और दाँत का इलाज
सेहत में ध्यान
- सिर और आँखें
- गला और गर्दन
- पेट की जलन
नक्षत्र मंत्र
ॐ अग्नये नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: रविवार।
उपाय
- रविवार को सूर्य को जल चढ़ाएँ
- 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' का जाप करें
- लाल और नारंगी रंग पहनें
- गेहूँ और गुड़ का दान करें
- अग्नि में घी की आहुति दें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी कौन है?
कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। इसीलिए कृत्तिका में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा सूर्य से शुरू होती है।
कृत्तिका नक्षत्र किस राशि में आता है?
कृत्तिका नक्षत्र दो राशियों में फैला है — पहला हिस्सा मेष में और बाक़ी वृषभ में।
कृत्तिका नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से अ, ई, उ या ए। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
कृत्तिका नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
कृत्तिका का गण राक्षस और योनि मेष (भेड़) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।