पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र
27 में से 11- स्वामी: शुक्र
- देवता: भग
- राशि में स्थान: सिंह
चंद्र इस नक्षत्र में
- 07-10-2026, 9:41 रात से 9:20 रात, 8 अक्तूबर तक
- 04-11-2026, 3:27 रात से 3:30 रात, 5 नवंबर तक
- 01-12-2026, 9:01 सुबह से 8:55 सुबह, 2 दिसंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीशुक्र
- देवताभग
- चिह्नपलंग के अगले पाए
- गणमनुष्य
- योनिमूषक (चूहा)
- तत्वअग्नि
- पुरुषार्थकाम
- दोषपित्त
- लिंगस्त्री
- राशि में स्थान13°20' – 26°40' सिंह
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के बारे में
पूर्वा फाल्गुनी के देवता भग हैं — सुख और भाग्य के देवता। इसका चिह्न पलंग है। यह नक्षत्र आराम, प्रेम और जीवन के रस का है।
मुख्य गुण
- ज़िंदादिल स्वभाव
- प्रेम और रिश्तों में मन
- कला और सजावट का शौक़
- मिलनसार
- आराम पसंद
- उदार हाथ
- हँसमुख
- सुंदर चीज़ों की परख
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- महफ़िल जमा लेते हैं
- रिश्ते निभाना आता है
- कला में सचमुच अच्छे
- दूसरों को ख़ुश रखते हैं
कमज़ोर पक्ष
- आलस आ जाता है
- ख़र्च ज़्यादा
- तारीफ़ की भूख
- मुश्किल काम टाल देते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | मो | सिंह |
| 2 | टा | कन्या |
| 3 | टी | तुला |
| 4 | टू | वृश्चिक |
काम-धंधा
- कला, संगीत, अभिनय
- फ़ैशन और सौंदर्य
- होटल और आयोजन
- विवाह और रिश्तों का काम
- सजावट और डिज़ाइन
सेहत में ध्यान
- दिल
- पीठ
- ज़्यादा खाने से पेट
नक्षत्र मंत्र
ॐ भगाय नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: शुक्रवार।
उपाय
- शुक्रवार को लक्ष्मी जी की पूजा करें
- 'ॐ शुं शुक्राय नमः' का जाप करें
- सफ़ेद और गुलाबी रंग पहनें
- मिठाई और वस्त्र का दान करें
- गाय की सेवा करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। इसीलिए पूर्वा फाल्गुनी में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा शुक्र से शुरू होती है।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र सिंह राशि में है — 13°20' से 26°40' तक।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से मो, टा, टी या टू। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
पूर्वा फाल्गुनी का गण मनुष्य और योनि मूषक (चूहा) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।