ज्येष्ठा नक्षत्र
27 में से 18- स्वामी: बुध
- देवता: इंद्र
- राशि में स्थान: वृश्चिक
चंद्र इस नक्षत्र में
- 15-10-2026, 4:03 सुबह से 6:48 सुबह, 16 अक्तूबर तक
- 11-11-2026, 11:38 सुबह से 2:19 दोपहर, 12 नवंबर तक
- 08-12-2026, 6:16 शाम से 9:01 रात, 9 दिसंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीबुध
- देवताइंद्र
- चिह्नकुंडल और छत्र
- गणराक्षस
- योनिमृग (हिरण)
- तत्वजल
- पुरुषार्थअर्थ
- दोषकफ
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान16°40' – 0°00' वृश्चिक
ज्येष्ठा नक्षत्र के बारे में
ज्येष्ठा का अर्थ है 'सबसे बड़ा'। इसके देवता इंद्र हैं — देवताओं के राजा। यह नक्षत्र बड़प्पन का है, और उस बोझ का भी जो बड़े होने के साथ आता है।
मुख्य गुण
- बड़प्पन का भाव
- ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ले लेते हैं
- अनुभव से बोलते हैं
- अकेले संभाल लेते हैं
- स्वाभिमानी
- दूसरों की रक्षा करते हैं
- गहरी समझ
- कड़वा सच कह देते हैं
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- संकट में नेतृत्व करते हैं
- अनुभव बहुत काम आता है
- अपनों की रक्षा करते हैं
- अकेले भी डटे रहते हैं
कमज़ोर पक्ष
- अकेलापन महसूस होता है
- घमंड आ जाता है
- ग़ुस्सा भीतर रखते हैं
- मदद माँगना नहीं आता
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | नो | धनु |
| 2 | या | मकर |
| 3 | यी | कुंभ |
| 4 | यू | मीन |
काम-धंधा
- प्रशासन और उच्च पद
- फ़ौज और पुलिस
- इंजीनियरिंग और तकनीक
- लेखा और अंकेक्षण
- मंच और वक्तृत्व
सेहत में ध्यान
- गर्दन और कंधा
- पेट के निचले हिस्से
- मानसिक थकान
नक्षत्र मंत्र
ॐ इंद्राय नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: बुधवार।
उपाय
- बुधवार को गणेश जी की पूजा करें
- 'ॐ बुं बुधाय नमः' का जाप करें
- हरा रंग पहनें
- बड़ों और गुरुजनों की सेवा करें
- मूँग की दाल का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी बुध है। इसीलिए ज्येष्ठा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा बुध से शुरू होती है।
ज्येष्ठा नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा ज्येष्ठा नक्षत्र वृश्चिक राशि में है — 16°40' से 0°0' तक।
ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से नो, या, यी या यू। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
ज्येष्ठा नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
ज्येष्ठा का गण राक्षस और योनि मृग (हिरण) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।