हस्त नक्षत्र
27 में से 13- स्वामी: चंद्र
- देवता: सवितृ (सूर्य)
- राशि में स्थान: कन्या
चंद्र इस नक्षत्र में
- 09-10-2026, 9:20 रात से 9:43 रात, 10 अक्तूबर तक
- 06-11-2026, 3:56 रात से 4:44 सुबह, 7 नवंबर तक
- 03-12-2026, 9:24 सुबह से 10:23 सुबह, 4 दिसंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीचंद्र
- देवतासवितृ (सूर्य)
- चिह्नखुली हथेली
- गणदेव
- योनिमहिष (भैंसा)
- तत्वपृथ्वी
- पुरुषार्थधर्म
- दोषकफ
- लिंगस्त्री
- राशि में स्थान10°00' – 23°20' कन्या
हस्त नक्षत्र के बारे में
हस्त के देवता सवितृ हैं — सूर्य का वह रूप जो काम में लगाता है — और इसका चिह्न खुली हथेली है। यह हाथ के हुनर का नक्षत्र है — जो सोचा जाए, उसे हाथ से बना देना। यहाँ जन्मे लोगों के हाथ में सफ़ाई होती है।
मुख्य गुण
- हाथ का हुनर बहुत अच्छा
- बारीक काम में माहिर
- व्यावहारिक सोच
- हँसाने का गुण
- जल्दी सीख लेते हैं
- साफ़-सफ़ाई पसंद
- चतुर और चालाक
- मेहनती
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- जो सोचें वह बना लेते हैं
- छोटी-छोटी बात पर ध्यान
- मुश्किल काम हाथ से सुलझा लेते हैं
- माहौल हल्का कर देते हैं
कमज़ोर पक्ष
- मन चंचल
- चालाकी की तरफ़ झुकाव
- बेचैनी रहती है
- बहुत काम एक साथ पकड़ लेते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | पू | मेष |
| 2 | ष | वृषभ |
| 3 | ण | मिथुन |
| 4 | ठ | कर्क |
काम-धंधा
- हस्तकला और शिल्प
- सर्जरी और मालिश
- लेखन और संपादन
- व्यापार और दलाली
- ज्योतिष और हस्तरेखा
सेहत में ध्यान
- हाथ और कलाई
- पाचन
- घबराहट
नक्षत्र मंत्र
ॐ सवित्रे नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: सोमवार।
उपाय
- सोमवार को शिव जी पर जल चढ़ाएँ
- 'ॐ सों सोमाय नमः' का जाप करें
- सफ़ेद रंग पहनें
- अपने हाथ से बनाकर किसी को खिलाएँ
- चावल और चाँदी का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हस्त नक्षत्र का स्वामी कौन है?
हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्र है। इसीलिए हस्त में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा चंद्र से शुरू होती है।
हस्त नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा हस्त नक्षत्र कन्या राशि में है — 10°0' से 23°20' तक।
हस्त नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से पू, ष, ण या ठ। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
हस्त नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
हस्त का गण देव और योनि महिष (भैंसा) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।