चित्रा नक्षत्र
27 में से 14- स्वामी: मंगल
- देवता: विश्वकर्मा
- राशि में स्थान: कन्या / तुला
चंद्र इस नक्षत्र में
- 10-10-2026, 9:43 रात से 10:33 रात, 11 अक्तूबर तक
- 07-11-2026, 4:44 सुबह से 5:53 सुबह, 8 नवंबर तक
- 04-12-2026, 10:23 सुबह से 11:49 सुबह, 5 दिसंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीमंगल
- देवताविश्वकर्मा
- चिह्नचमकता रत्न
- गणराक्षस
- योनिव्याघ्र (बाघ)
- तत्वपृथ्वी
- पुरुषार्थअर्थ
- दोषकफ
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान23°20' – 6°40' कन्या / तुला
चित्रा नक्षत्र के बारे में
चित्रा के देवता विश्वकर्मा हैं — देवताओं के शिल्पी। इसका चिह्न चमकता रत्न है। यह नक्षत्र रचने का है: जो बनाया जाए, वह देखने लायक़ हो।
मुख्य गुण
- सुंदर चीज़ें बनाने का गुण
- देखने में आकर्षक
- सजने-सँवरने का शौक़
- कल्पना बहुत तेज़
- बारीक नज़र
- अलग दिखना पसंद
- मेहनत से नाम बनाते हैं
- स्वतंत्र सोच
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- डिज़ाइन और बनावट में कमाल
- भीड़ में अलग दिखते हैं
- काम में सुंदरता लाते हैं
- अपने दम पर खड़े होते हैं
कमज़ोर पक्ष
- दिखावे की तरफ़ झुकाव
- अहंकार आ जाता है
- मन जल्दी ऊब जाता है
- तारीफ़ की ज़रूरत
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | पे | सिंह |
| 2 | पो | कन्या |
| 3 | रा | तुला |
| 4 | री | वृश्चिक |
काम-धंधा
- वास्तुकला और इंजीनियरिंग
- डिज़ाइन और फ़ैशन
- गहने और रत्न
- फ़ोटोग्राफ़ी और सिनेमा
- निर्माण और ठेकेदारी
सेहत में ध्यान
- पेट और गुर्दे
- माथा
- चोट लगने का ख़तरा
नक्षत्र मंत्र
ॐ विश्वकर्मणे नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: मंगलवार।
उपाय
- मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें
- 'ॐ अं अंगारकाय नमः' का जाप करें
- लाल रंग पहनें
- विश्वकर्मा पूजा में शामिल हों
- मसूर और तांबे का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चित्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
चित्रा नक्षत्र का स्वामी मंगल है। इसीलिए चित्रा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा मंगल से शुरू होती है।
चित्रा नक्षत्र किस राशि में आता है?
चित्रा नक्षत्र दो राशियों में फैला है — पहला हिस्सा कन्या में और बाक़ी तुला में।
चित्रा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से पे, पो, रा या री। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
चित्रा नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
चित्रा का गण राक्षस और योनि व्याघ्र (बाघ) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।