पूर्व भाद्रपद नक्षत्र
27 में से 25- स्वामी: गुरु
- देवता: अज एकपाद
- राशि में स्थान: कुंभ / मीन
चंद्र इस नक्षत्र में
- 25-09-2026, 11:23 सुबह से 11:32 सुबह, 26 सितंबर तक
- 22-10-2026, 8:49 रात से 9:03 रात, 23 अक्तूबर तक
- 19-11-2026, 6:11 सुबह से 6:57 सुबह, 20 नवंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीगुरु
- देवताअज एकपाद
- चिह्नअर्थी के अगले पाए
- गणमनुष्य
- योनिसिंह (शेर)
- तत्ववायु
- पुरुषार्थधर्म
- दोषवात
- लिंगस्त्री
- राशि में स्थान20°00' – 3°20' कुंभ / मीन
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के बारे में
पूर्वा भाद्रपदा के देवता अज एकपाद हैं। यह नक्षत्र तप का है — भीतर की आग का, जो जलाती भी है और शुद्ध भी करती है। यहाँ जन्मे लोग साधारण नहीं होते।
मुख्य गुण
- गहरी और तीखी सोच
- अध्यात्म की ओर झुकाव
- सांसारिक मोह कम
- अपनी बात पर अड़े
- भीतर आग जैसी बेचैनी
- दूसरों को झकझोर देते हैं
- अलग रास्ता चुनते हैं
- त्याग का भाव
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- सच के लिए खड़े हो जाते हैं
- गहरी साधना कर सकते हैं
- डर कम लगता है
- दूसरों को जगा देते हैं
कमज़ोर पक्ष
- ग़ुस्सा तेज़
- बात कठोर हो जाती है
- मन में उदासी
- रिश्तों में दूरी
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | से | मेष |
| 2 | सो | वृषभ |
| 3 | दा | मिथुन |
| 4 | दी | कर्क |
काम-धंधा
- अध्यात्म और साधना
- शोध और दर्शन
- अंतिम संस्कार और सेवा कार्य
- ज्योतिष और तंत्र
- लेखन और पत्रकारिता
सेहत में ध्यान
- पैर और टखने
- पेट के किनारे
- दिल
नक्षत्र मंत्र
ॐ अजैकपादे नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: गुरुवार।
उपाय
- गुरुवार को शिव जी की पूजा करें
- 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' का जाप करें
- पीला रंग पहनें
- साधु-संतों की सेवा करें
- हल्दी और चने की दाल का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी कौन है?
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी गुरु है। इसीलिए पूर्व भाद्रपद में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा गुरु से शुरू होती है।
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र दो राशियों में फैला है — पहला हिस्सा कुंभ में और बाक़ी मीन में।
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से से, सो, दा या दी। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
पूर्व भाद्रपद का गण मनुष्य और योनि सिंह (शेर) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।