रोहिणी नक्षत्र
27 में से 4- स्वामी: चंद्र
- देवता: ब्रह्मा
- राशि में स्थान: वृषभ
चंद्र इस नक्षत्र में
- 01-10-2026, 6:03 सुबह से 4:27 सुबह, 2 अक्तूबर तक
- 28-10-2026, 1:26 दोपहर से 11:12 सुबह, 29 अक्तूबर तक
- 24-11-2026, 11:25 रात से 8:36 रात, 25 नवंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीचंद्र
- देवताब्रह्मा
- चिह्नबैलगाड़ी
- गणमनुष्य
- योनिसर्प (साँप)
- तत्वपृथ्वी
- पुरुषार्थमोक्ष
- दोषकफ
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान10°00' – 23°20' वृषभ
रोहिणी नक्षत्र के बारे में
रोहिणी चंद्र का सबसे प्रिय नक्षत्र मानी जाती है। इसके देवता ब्रह्मा हैं — रचने वाले। यहाँ जन्मे लोगों में सुंदरता, कला और चीज़ों को बढ़ाने का गुण होता है।
मुख्य गुण
- देखने में सुंदर और आकर्षक
- कला और संगीत में मन
- जो हाथ में लें वह बढ़ता है
- आराम और सुंदरता पसंद
- बात मीठी होती है
- ज़मीन और घर से लगाव
- स्थिर स्वभाव
- मन बहुत कोमल
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- लोग अपने आप खिंचे चले आते हैं
- पैसा और सामान जोड़ लेते हैं
- कला में सचमुच अच्छे
- घर-परिवार संभाल लेते हैं
कमज़ोर पक्ष
- मोह जल्दी हो जाता है
- ईर्ष्या मन में आती है
- आराम की आदत पड़ जाती है
- बात मन में लगा लेते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | ओ | मेष |
| 2 | वा | वृषभ |
| 3 | वी | मिथुन |
| 4 | वू | कर्क |
काम-धंधा
- कला, संगीत, फ़ैशन
- खेती और डेयरी
- होटल और खान-पान
- बैंक और वित्त
- सजावट और डिज़ाइन
सेहत में ध्यान
- गला और आवाज़
- मुँह और दाँत
- पैरों की पिंडली
नक्षत्र मंत्र
ॐ ब्रह्मणे नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: सोमवार।
उपाय
- सोमवार को शिव जी पर जल चढ़ाएँ
- 'ॐ सों सोमाय नमः' का जाप करें
- सफ़ेद रंग पहनें
- गाय को हरा चारा खिलाएँ
- चावल और दूध का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्र है। इसीलिए रोहिणी में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा चंद्र से शुरू होती है।
रोहिणी नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा रोहिणी नक्षत्र वृषभ राशि में है — 10°0' से 23°20' तक।
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से ओ, वा, वी या वू। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
रोहिणी नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
रोहिणी का गण मनुष्य और योनि सर्प (साँप) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।