श्रवण नक्षत्र
27 में से 22- स्वामी: चंद्र
- देवता: विष्णु
- राशि में स्थान: मकर
चंद्र इस नक्षत्र में
- 22-09-2026, 7:07 सुबह से 9:09 सुबह, 23 सितंबर तक
- 19-10-2026, 3:39 दोपहर से 6:02 शाम, 20 अक्तूबर तक
- 15-11-2026, 11:29 रात से 2:17 रात, 17 नवंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीचंद्र
- देवताविष्णु
- चिह्नतीन पग और कान
- गणदेव
- योनिवानर (बंदर)
- तत्वपृथ्वी
- पुरुषार्थअर्थ
- दोषकफ
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान10°00' – 23°20' मकर
श्रवण नक्षत्र के बारे में
श्रवण का अर्थ है 'सुनना'। इसके देवता विष्णु हैं। यह नक्षत्र सीखने का है — पर पढ़कर नहीं, सुनकर। यहाँ जन्मे लोग बहुत ध्यान से सुनते हैं।
मुख्य गुण
- सुनने में बहुत अच्छे
- ज्ञान इकट्ठा करते हैं
- बात याद रख लेते हैं
- धर्म और परंपरा से जुड़ाव
- सलाह देने में माहिर
- नाम कमाते हैं
- विनम्र स्वभाव
- भाषा पर पकड़
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- लोग इनसे मन की बात कह देते हैं
- सीखना कभी नहीं रुकता
- सलाह भरोसेमंद होती है
- नाम और इज़्ज़त बनती है
कमज़ोर पक्ष
- सुनी-सुनाई बात मान लेते हैं
- चुगली में पड़ जाते हैं
- फ़ैसला टालते हैं
- दूसरों की राय पर चलते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | जू | मेष |
| 2 | जे | वृषभ |
| 3 | जो | मिथुन |
| 4 | घा | कर्क |
काम-धंधा
- शिक्षा और अध्यापन
- मीडिया और प्रसारण
- भाषा और अनुवाद
- परामर्श और मार्गदर्शन
- धर्म और कथा
सेहत में ध्यान
- कान
- घुटने
- त्वचा
नक्षत्र मंत्र
ॐ विष्णवे नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: सोमवार।
उपाय
- सोमवार को विष्णु जी की पूजा करें
- 'ॐ सों सोमाय नमः' का जाप करें
- सफ़ेद और हल्का नीला रंग पहनें
- विष्णु सहस्रनाम सुनें
- दूध और चावल का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
श्रवण नक्षत्र का स्वामी कौन है?
श्रवण नक्षत्र का स्वामी चंद्र है। इसीलिए श्रवण में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा चंद्र से शुरू होती है।
श्रवण नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा श्रवण नक्षत्र मकर राशि में है — 10°0' से 23°20' तक।
श्रवण नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से जू, जे, जो या घा। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
श्रवण नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
श्रवण का गण देव और योनि वानर (बंदर) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।