आर्द्रा नक्षत्र
27 में से 6- स्वामी: राहु
- देवता: रुद्र
- राशि में स्थान: मिथुन
चंद्र इस नक्षत्र में
- 03-10-2026, 2:55 रात से 1:30 रात, 4 अक्तूबर तक
- 30-10-2026, 9:05 सुबह से 7:12 सुबह, 31 अक्तूबर तक
- 26-11-2026, 5:47 शाम से 3:09 दोपहर, 27 नवंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीराहु
- देवतारुद्र
- चिह्नआँसू की बूँद
- गणमनुष्य
- योनिश्वान (कुत्ता)
- तत्ववायु
- पुरुषार्थअर्थ
- दोषवात
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान6°40' – 20°00' मिथुन
आर्द्रा नक्षत्र के बारे में
आर्द्रा के देवता रुद्र हैं — शिव का तेज़ रूप। इसका चिह्न आँसू है। यह नक्षत्र तूफ़ान के बाद की सफ़ाई जैसा है: पहले हिलाता है, फिर नया रास्ता खोलता है।
मुख्य गुण
- गहरी सोच रखते हैं
- बदलाव से नहीं घबराते
- मन में उथल-पुथल चलती रहती है
- सवाल जड़ तक पूछते हैं
- दूसरों का दुख समझते हैं
- तेज़ दिमाग़
- कभी-कभी बहुत अकेले
- मुश्किल के बाद निखरते हैं
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- कठिन समय में टिक जाते हैं
- जड़ तक पहुँचकर हल निकालते हैं
- दूसरों के दुख में साथ देते हैं
- पुरानी आदत छोड़ सकते हैं
कमज़ोर पक्ष
- मन बेचैन रहता है
- बात पकड़कर बैठ जाते हैं
- ग़ुस्सा भीतर जमा होता है
- अपने को अकेला कर लेते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | कु | धनु |
| 2 | घ | मकर |
| 3 | ङ | कुंभ |
| 4 | छ | मीन |
काम-धंधा
- शोध और विज्ञान
- मनोविज्ञान और परामर्श
- बिजली और मशीन का काम
- आपदा और राहत का काम
- आँकड़े और विश्लेषण
सेहत में ध्यान
- कान और गला
- साँस और दमा
- सिर दर्द
नक्षत्र मंत्र
ॐ रुद्राय नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: शनिवार।
उपाय
- शनिवार को शिव जी का अभिषेक करें
- 'ॐ रां राहवे नमः' का जाप करें
- गहरा नीला या धूसर रंग पहनें
- कंबल और तिल का दान करें
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है। इसीलिए आर्द्रा में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा राहु से शुरू होती है।
आर्द्रा नक्षत्र किस राशि में आता है?
पूरा आर्द्रा नक्षत्र मिथुन राशि में है — 6°40' से 20°0' तक।
आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से कु, घ, ङ या छ। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
आर्द्रा नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
आर्द्रा का गण मनुष्य और योनि श्वान (कुत्ता) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।