उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
27 में से 12- स्वामी: सूर्य
- देवता: अर्यमन
- राशि में स्थान: सिंह / कन्या
चंद्र इस नक्षत्र में
- 08-10-2026, 9:20 रात से 9:20 रात, 9 अक्तूबर तक
- 05-11-2026, 3:30 रात से 3:56 रात, 6 नवंबर तक
- 02-12-2026, 8:55 सुबह से 9:24 सुबह, 3 दिसंबर तक
समय भारतीय समय (IST) में है। चंद्र का नक्षत्र बदलना एक ही पल है — हर शहर में वही पल, सिर्फ़ घड़ी का समय अलग नहीं होता।
एक नज़र में
- स्वामीसूर्य
- देवताअर्यमन
- चिह्नपलंग के पिछले पाए
- गणमनुष्य
- योनिगौ (गाय)
- तत्वअग्नि
- पुरुषार्थमोक्ष
- दोषकफ
- लिंगपुरुष
- राशि में स्थान26°40' – 10°00' सिंह / कन्या
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के बारे में
उत्तरा फाल्गुनी के देवता अर्यमन हैं — वचन और मित्रता के देवता। जहाँ पूर्वा फाल्गुनी सुख देती है, वहाँ उत्तरा उसे टिकाऊ बनाती है: विवाह, अनुबंध, और निभाया हुआ वादा।
मुख्य गुण
- वादे के पक्के
- मदद करने वाले
- रिश्ते लंबे चलते हैं
- काम में भरोसेमंद
- शांत और स्थिर
- दान-पुण्य में रुचि
- संगठन बनाना आता है
- बड़प्पन का भाव
मज़बूत पक्ष / कमज़ोर पक्ष
मज़बूत पक्ष
- साथ नहीं छोड़ते
- समझौता करा देते हैं
- काम व्यवस्थित रखते हैं
- बिना जताए मदद करते हैं
कमज़ोर पक्ष
- अकेले काम करना भारी लगता है
- दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं
- मान की चाह
- बदलाव धीरे स्वीकारते हैं
पद और नामाक्षर
| पद | नामाक्षर | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | टे | धनु |
| 2 | टो | मकर |
| 3 | पा | कुंभ |
| 4 | पी | मीन |
काम-धंधा
- समाज सेवा और संस्था
- क़ानून और अनुबंध
- विवाह और परामर्श
- सरकारी सेवा
- प्रबंधन और मानव संसाधन
सेहत में ध्यान
- पेट और आँतें
- पीठ के निचले हिस्से
- दिल
नक्षत्र मंत्र
ॐ अर्यम्णे नमः
रोज़ 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा दिन: रविवार।
उपाय
- रविवार को सूर्य को अर्घ्य दें
- 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' का जाप करें
- नारंगी और सुनहरा रंग पहनें
- मित्रों और ज़रूरतमंदों की मदद करें
- गुड़ और गेहूँ का दान करें
नक्षत्र मिलान
नक्षत्र से 36 में से 21 गुण ही तय होते हैं — तारा, योनि, गण और नाड़ी। बाकी 15 के लिए दोनों की चंद्र राशि चाहिए, जो नक्षत्र से तय नहीं होती।
सबसे अच्छा मेल
सबसे कम मेल
पूरा गुण मिलान करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। इसीलिए उत्तरा फाल्गुनी में जन्मे व्यक्ति की विंशोत्तरी दशा सूर्य से शुरू होती है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र किस राशि में आता है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र दो राशियों में फैला है — पहला हिस्सा सिंह में और बाक़ी कन्या में।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
पद के हिसाब से टे, टो, पा या पी। जन्म के समय चंद्र किस पद में था, उसी का अक्षर लिया जाता है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का गण और योनि क्या है?
उत्तरा फाल्गुनी का गण मनुष्य और योनि गौ (गाय) है। विवाह मिलान में गण से 6 और नाड़ी से 8 गुण तय होते हैं।