दिन के आठ और रात के आठ — कुल सोलह चौघड़िया। अमृत, शुभ, लाभ और चर शुभ माने जाते हैं; काल, रोग और उद्वेग नहीं।
दिन का चौघड़िया
समय
नाम
स्वभाव
किसके लिए
6:45 सुबह – 8:07 सुबह
लाभ
उत्तम
व्यापार और लाभ के काम के लिए
8:07 सुबह – 9:28 सुबह
अमृत
सर्वोत्तम
हर शुभ काम के लिए सबसे अच्छा समय
9:28 सुबह – 10:50 सुबह
काल
अशुभ
कोई भी ज़रूरी काम न करें
10:50 सुबह – 12:11 दोपहर
शुभ
शुभ
मांगलिक और शुभ कामों के लिए
12:11 दोपहर – 1:32 दोपहर
रोग
बचें
इसमें रुकावट आती है
1:32 दोपहर – 2:54 दोपहर
उद्वेग
बचें
ज़रूरी काम इस समय शुरू न करें
2:54 दोपहर – 4:15 शाम
चर
मध्यम
यात्रा और चलने-फिरने के काम के लिए
4:15 शाम – 5:37 शाम
लाभ
उत्तम
व्यापार और लाभ के काम के लिए
रात का चौघड़िया
समय
नाम
स्वभाव
किसके लिए
5:37 शाम – 7:15 शाम
उद्वेग
बचें
ज़रूरी काम इस समय शुरू न करें
7:15 शाम – 8:54 रात
शुभ
शुभ
मांगलिक और शुभ कामों के लिए
8:54 रात – 10:33 रात
अमृत
सर्वोत्तम
हर शुभ काम के लिए सबसे अच्छा समय
10:33 रात – 12:11 रात
चर
मध्यम
यात्रा और चलने-फिरने के काम के लिए
12:11 रात – 1:50 रात
रोग
बचें
इसमें रुकावट आती है
1:50 रात – 3:29 रात
काल
अशुभ
कोई भी ज़रूरी काम न करें
3:29 रात – 5:07 सुबह
लाभ
उत्तम
व्यापार और लाभ के काम के लिए
5:07 सुबह – 6:46 सुबह
उद्वेग
बचें
ज़रूरी काम इस समय शुरू न करें
जालंधर में साल भर
जालंधर में साल भर दिन की लंबाई काफ़ी बदलती है। एक हिस्सा सबसे छोटा 1घं 16मि और सबसे बड़ा 1घं 46मि होता है — यानी उसी वार का वही समय जून और दिसंबर में एक बराबर नहीं रहता।