धनतेरस 2021 — मंगलवार, 02-11-2021
धनतेरस 2021: मंगलवार, 02-11-2021। दिल्ली में पूजा का समय: 5:35 शाम से 7:59 शाम तक (प्रदोष काल)।
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (अमांत पंचांग में आश्विन)।
पूजा का समय — प्रदोष काल5:35 शाम – 7:59 शामदिल्ली में
तिथि आरंभ11:31 सुबह02-11-2021
तिथि समाप्त9:02 सुबह, 3 नवंबर03-11-2021
प्रमुख शहरों में प्रदोष काल
| शहर | समय |
|---|---|
| दिल्ली | 5:35 शाम – 7:59 शाम |
| मुंबई | 6:05 शाम – 8:29 रात |
| कोलकाता | 4:59 शाम – 7:23 शाम |
| चेन्नई | 5:42 शाम – 8:06 रात |
| बेंगलुरु | 5:53 शाम – 8:17 रात |
| हैदराबाद | 5:44 शाम – 8:08 रात |
| अहमदाबाद | 6:01 शाम – 8:25 रात |
| पुणे | 6:02 शाम – 8:26 रात |
| जयपुर | 5:43 शाम – 8:07 रात |
| लखनऊ | 5:23 शाम – 7:47 शाम |
| पटना | 5:08 शाम – 7:32 शाम |
| चंडीगढ़ | 5:34 शाम – 7:58 शाम |
ऊपर दी गई तारीख पर हर शहर का अपना समय। यह शहर के सूर्यास्त, मध्याह्न या चंद्रोदय के साथ बदलता है।
क्या किया जाता है
दीवाली के पाँच दिनों में पहला दिन। लोग सोना, चाँदी या नए बर्तन ख़रीदते हैं, क्योंकि इसे घर में नई चीज़ लाने का शुभ दिन माना जाता है। घर साफ़ होते हैं और पहले दीये जलते हैं। शाम को दरवाज़े के बाहर दक्षिण की ओर यमराज के लिए दीया जलाया जाता है, जिसे यम दीपम कहते हैं। शाम की पूजा प्रदोष काल में होती है।
धनतेरस की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:50 सुबह – 5:42 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:16 सुबह – 6:34 सुबह |
| Yamaganda | 9:19 सुबह – 10:42 सुबह |
| Abhijit | 11:42 सुबह – 12:27 दोपहर |
| Gulika | 12:04 दोपहर – 1:27 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 1:55 दोपहर – 2:39 दोपहर |
| Rahu Kaal | 2:50 दोपहर – 4:13 शाम |
| Godhuli Muhurta | 5:35 शाम – 6:01 शाम |
| Sayahna Sandhya | 5:35 शाम – 6:53 शाम |
| Nishita Muhurta | 11:39 रात – 12:31 रात, 3 नवंबर |
धनतेरस दूसरे सालों में
| 2020 | शुक्रवार, 13-11-2020 |
| 2021 | मंगलवार, 02-11-2021 |
| 2022 | रविवार, 23-10-2022 |
| 2023 | शुक्रवार, 10-11-2023 |
| 2024 | मंगलवार, 29-10-2024 |
| 2025 | शनिवार, 18-10-2025 |