वट सावित्री 2031 — बुधवार, 21-05-2031
वट सावित्री 2031: बुधवार, 21-05-2031।
ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या (अमांत पंचांग में वैशाख)।
तिथि आरंभ11:15 सुबह20-05-2031
तिथि समाप्त12:47 दोपहर21-05-2031
क्या किया जाता है
सुहागिन महिलाएँ पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और वट (बरगद) के पेड़ की पूजा करती हैं। वे पेड़ की परिक्रमा करते हुए उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, और सावित्री की कथा सुनती हैं, जो अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस ले आई थीं। उत्तर भारत में यह ज्येष्ठ की इसी अमावस्या को होता है। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण में यही व्रत पंद्रह दिन बाद, ज्येष्ठ पूर्णिमा को, वट पूर्णिमा के रूप में रखा जाता है।
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:05 सुबह – 4:46 सुबह |
| Pratah Sandhya | 4:25 सुबह – 5:27 सुबह |
| Yamaganda | 7:10 सुबह – 8:53 सुबह |
| Gulika | 10:35 सुबह – 12:18 दोपहर |
| Rahu Kaal | 12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:35 दोपहर – 3:29 दोपहर |
| Godhuli Muhurta | 7:08 शाम – 7:29 शाम |
| Sayahna Sandhya | 7:08 शाम – 8:10 रात |
| Nishita Muhurta |