देवशयनी एकादशी 2034 — गुरुवार, 27-07-2034
देवशयनी एकादशी 2034: गुरुवार, 27-07-2034। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): शुक्रवार, 28-07-2034, 5:40 सुबह से 8:22 सुबह तक।
आषाढ़ शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ6:31 सुबह26-07-2034
तिथि समाप्त8:30 सुबह27-07-2034
पारण (व्रत खोलने का समय)5:40 सुबह – 8:22 सुबहशुक्रवार, 28-07-2034 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
वह दिन जब भगवान विष्णु चार महीने के लिए सो जाते हैं, और चातुर्मास शुरू होता है। आज से देव उठनी एकादशी तक शादी और गृह प्रवेश नहीं होते। महाराष्ट्र में यह आषाढ़ी एकादशी है, जब लाखों वारकरियों की वारी विट्ठल दर्शन के लिए पंढरपुर पहुँचती है। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
देवशयनी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:16 सुबह – 4:58 सुबह |
| Pratah Sandhya | 4:37 सुबह – 5:39 सुबह |
| Yamaganda | 5:39 सुबह – 7:21 सुबह |
| Gulika | 9:03 सुबह – 10:45 सुबह |
| Abhijit | 12:00 दोपहर – 12:55 दोपहर |
| Rahu Kaal | 2:10 दोपहर – 3:52 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:44 दोपहर – 3:38 दोपहर |
| Godhuli Muhurta | 7:16 शाम – 7:36 शाम |
| Sayahna Sandhya | 7:16 शाम – 8:18 रात |
| Nishita Muhurta | 12:07 रात – 12:49 रात, 28 जुलाई |
देवशयनी एकादशी दूसरे सालों में
| 2033 | शुक्रवार, 08-07-2033 |
| 2034 | गुरुवार, 27-07-2034 |
| 2035 | सोमवार, 16-07-2035 |
| 2036 | शुक्रवार, 04-07-2036 |
| 2037 | गुरुवार, 23-07-2037 |
| 2038 | सोमवार, 12-07-2038 |