पापांकुशा एकादशी 2034 — सोमवार, 23-10-2034
पापांकुशा एकादशी 2034: सोमवार, 23-10-2034। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): मंगलवार, 24-10-2034, 1:13 दोपहर से 3:27 दोपहर तक।
आश्विन शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ6:18 सुबह23-10-2034
तिथि समाप्त5:12 सुबह, 24 अक्तूबर24-10-2034
पारण (व्रत खोलने का समय)1:13 दोपहर – 3:27 दोपहरमंगलवार, 24-10-2034 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
दशहरे के ठीक बाद की एकादशी। पापांकुशा का मतलब है पापों को रोकने वाली, जैसे अंकुश हाथी को रोकता है। लोग भगवान विष्णु के पद्मनाभ रूप की पूजा करते हैं और दान देते हैं। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:45 सुबह – 5:36 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:10 सुबह – 6:27 सुबह |
| Rahu Kaal | 7:51 सुबह – 9:16 सुबह |
| Yamaganda | 10:41 सुबह – 12:05 दोपहर |
| Abhijit | 11:43 सुबह – 12:28 दोपहर |
| Gulika | 1:30 दोपहर – 2:55 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 1:58 दोपहर – 2:43 दोपहर |
| Godhuli Muhurta | 5:44 शाम – 6:09 शाम |
| Sayahna Sandhya | 5:44 शाम – 7:00 शाम |
| Nishita Muhurta | 11:40 रात – 12:31 रात, 24 अक्तूबर |
पापांकुशा एकादशी दूसरे सालों में
| 2033 | मंगलवार, 04-10-2033 |
| 2034 | सोमवार, 23-10-2034 |
| 2035 | शनिवार, 13-10-2035 |
| 2036 | बुधवार, 01-10-2036 |
| 2037 | सोमवार, 19-10-2037 |
| 2038 | शुक्रवार, 08-10-2038 |