परिवर्तिनी / पार्श्व एकादशी 2034 — रविवार, 24-09-2034
परिवर्तिनी / पार्श्व एकादशी 2034: रविवार, 24-09-2034। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): सोमवार, 25-09-2034, 6:11 सुबह से 8:35 सुबह तक।
भाद्रपद शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ3:15 दोपहर23-09-2034
तिथि समाप्त3:15 दोपहर24-09-2034
पारण (व्रत खोलने का समय)6:11 सुबह – 8:35 सुबहसोमवार, 25-09-2034 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
वह दिन जब चातुर्मास में सोए भगवान विष्णु करवट बदलते हैं, इसीलिए इसे परिवर्तिनी या पार्श्व एकादशी कहते हैं। आज भगवान विष्णु के वामन अवतार की भी पूजा होती है। यह गणेशोत्सव के दिनों में पड़ती है। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:35 सुबह – 5:23 सुबह |
| Pratah Sandhya | 4:59 सुबह – 6:10 सुबह |
| Abhijit | 11:49 सुबह – 12:37 दोपहर |
| Yamaganda | 12:13 दोपहर – 1:44 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:14 दोपहर – 3:02 दोपहर |
| Gulika | 3:14 दोपहर – 4:45 शाम |
| Rahu Kaal | 4:45 शाम – 6:16 शाम |
| Godhuli Muhurta | 6:16 शाम – 6:40 शाम |
| Sayahna Sandhya | 6:16 शाम – 7:27 शाम |
| Nishita Muhurta | 11:49 रात – 12:37 रात, 25 सितंबर |
परिवर्तिनी / पार्श्व एकादशी दूसरे सालों में
| 2033 | सोमवार, 05-09-2033 |
| 2034 | रविवार, 24-09-2034 |
| 2035 | गुरुवार, 13-09-2035 |
| 2036 | सोमवार, 01-09-2036 |
| 2037 | रविवार, 20-09-2037 |
| 2038 | गुरुवार, 09-09-2038 |