पुत्रदा एकादशी 2034 — रविवार, 01-01-2034
पुत्रदा एकादशी 2034: रविवार, 01-01-2034। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): सोमवार, 02-01-2034, 7:14 सुबह से 7:46 सुबह तक।
पौष शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ12:36 दोपहर31-12-2033
तिथि समाप्त10:13 सुबह01-01-2034
पारण (व्रत खोलने का समय)7:14 सुबह – 7:46 सुबहसोमवार, 02-01-2034 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
पुत्रदा का मतलब है संतान देने वाली। संतान की इच्छा रखने वाले दंपति यह व्रत रखकर भगवान विष्णु से प्रार्थना करते हैं। साल में दो पुत्रदा एकादशी होती हैं: यह पौष में और एक सावन में। दक्षिण भारत में यह अक्सर वैकुंठ एकादशी के रूप में पड़ती है, जब विष्णु मंदिरों का वैकुंठ द्वार खोला जाता है। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 5:24 सुबह – 6:19 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:52 सुबह – 7:14 सुबह |
| Abhijit | 12:04 दोपहर – 12:45 दोपहर |
| Yamaganda | 12:25 दोपहर – 1:42 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:08 दोपहर – 2:50 दोपहर |
| Gulika | 3:00 दोपहर – 4:18 शाम |
| Rahu Kaal | 4:18 शाम – 5:36 शाम |
| Godhuli Muhurta | 5:36 शाम – 6:03 शाम |
| Sayahna Sandhya | 5:36 शाम – 6:57 शाम |
| Nishita Muhurta | 11:57 रात – 12:52 रात, 2 जनवरी |
पुत्रदा एकादशी दूसरे सालों में
| 2033 | मंगलवार, 11-01-2033 |
| 2034 | रविवार, 01-01-2034 |
| 2035 | शनिवार, 20-01-2035 |
| 2036 | बुधवार, 09-01-2036 |
| 2036 | सोमवार, 29-12-2036 |
| 2038 | रविवार, 17-01-2038 |