सर्व पितृ अमावस्या 2034 — गुरुवार, 12-10-2034
सर्व पितृ अमावस्या 2034: गुरुवार, 12-10-2034।
आश्विन कृष्ण अमावस्या (अमांत पंचांग में भाद्रपद)।
तिथि आरंभ11:23 सुबह11-10-2034
तिथि समाप्त1:03 दोपहर12-10-2034
क्या किया जाता है
पितृ पक्ष का आख़िरी दिन, जो पितरों का पखवाड़ा है। इस दिन हर पूर्वज का श्राद्ध किया जा सकता है, उनका भी जिनकी तिथि पता नहीं या पखवाड़े में पहले छूट गई। परिवार जल और तिल से तर्पण करते हैं, पितरों के लिए भोजन बनाते हैं, और ब्राह्मण, गाय, कौवे और कुत्ते को खिलाते हैं। इसके ठीक बाद शारदीय नवरात्रि शुरू होती है।
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:41 सुबह – 5:30 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:05 सुबह – 6:20 सुबह |
| Yamaganda | 6:20 सुबह – 7:47 सुबह |
| Gulika | 9:14 सुबह – 10:40 सुबह |
| Abhijit | 11:44 सुबह – 12:31 दोपहर |
| Rahu Kaal | 1:34 दोपहर – 3:01 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:03 दोपहर – 2:50 दोपहर |
| Godhuli Muhurta | 5:55 शाम – 6:20 शाम |
| Sayahna Sandhya | 5:55 शाम – 7:10 शाम |