शरद पूर्णिमा 2034 — शुक्रवार, 27-10-2034
शरद पूर्णिमा 2034: शुक्रवार, 27-10-2034।
आश्विन शुक्ल पूर्णिमा।
तिथि आरंभ9:41 रात26-10-2034
तिथि समाप्त6:13 शाम27-10-2034
क्या किया जाता है
नवरात्रि के बाद की पूर्णिमा, जिसे साल का सबसे उजला चाँद माना जाता है। बहुत से परिवार खीर बनाकर रात भर चाँदनी में रखते हैं, और अगली सुबह प्रसाद के रूप में खाते हैं। बंगाल, असम और मिथिला में यह कोजागरी लक्ष्मी पूजा है, और लोग माँ लक्ष्मी के लिए रात भर जागते हैं।
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:47 सुबह – 5:38 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:12 सुबह – 6:29 सुबह |
| Gulika | 7:53 सुबह – 9:17 सुबह |
| Rahu Kaal | 10:41 सुबह – 12:05 दोपहर |
| Abhijit | 11:42 सुबह – 12:27 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 1:57 दोपहर – 2:41 दोपहर |
| Yamaganda | 2:53 दोपहर – 4:16 शाम |
| Godhuli Muhurta | 5:40 शाम – 6:06 शाम |
| Sayahna Sandhya | 5:40 शाम – 6:57 शाम |
| Nishita Muhurta |