वरूथिनी एकादशी 2034 — शनिवार, 15-04-2034
वरूथिनी एकादशी 2034: शनिवार, 15-04-2034। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): रविवार, 16-04-2034, 5:55 सुबह से 8:29 सुबह तक।
वैशाख कृष्ण एकादशी (अमांत पंचांग में चैत्र)।
तिथि आरंभ3:11 दोपहर14-04-2034
तिथि समाप्त1:26 दोपहर15-04-2034
पारण (व्रत खोलने का समय)5:55 सुबह – 8:29 सुबहरविवार, 16-04-2034 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
वरूथिनी का मतलब है रक्षा करने वाली, कवच की तरह। इस एकादशी में दान का बड़ा महत्व है: ज़रूरतमंदों को अन्न, जल और तिल दिए जाते हैं। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
वरूथिनी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:26 सुबह – 5:11 सुबह |
| Pratah Sandhya | 4:49 सुबह – 5:56 सुबह |
| Gulika | 5:56 सुबह – 7:32 सुबह |
| Rahu Kaal | 9:09 सुबह – 10:45 सुबह |
| Abhijit |