गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 51 शुभ दिन · लंदन · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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भाद्रपद में गृह प्रवेश नहीं
अक्तूबर 2026
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आश्विन में गृह प्रवेश नहीं
अप्रैल 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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चैत्र में गृह प्रवेश नहीं
अगस्त 2027
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श्रावण में गृह प्रवेश नहीं
सितंबर 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
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पितृ पक्ष
अक्तूबर 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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आश्विन में गृह प्रवेश नहीं
जुलाई 2028
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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आषाढ़ में गृह प्रवेश नहीं
अगस्त 2028
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | ||
| 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
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श्रावण में गृह प्रवेश नहीं
सितंबर 2028
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | |||||
| 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
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पितृ पक्ष
नवंबर 2026
अमृत 6:31 सुबह – 8:27 सुबह, 20 नवंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:23 सुबह – 7:24 सुबह1घं 1मिचर11:40 सुबह – 12:46 दोपहर1घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:03 दोपहर35मिलाभ12:46 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 5मिशुभ4:01 शाम – 5:06 शाम1घं 5मिगोधूलि मुहूर्त5:06 शाम – 5:37 शाम31मिअमृत5:06 शाम – 7:01 शाम1घं 55मिचर7:01 शाम – 8:56 रात1घं 55मिलाभ12:46 रात – 2:41 रात, 20 नवंबर1घं 55मिशुभ4:36 सुबह – 6:31 सुबह, 20 नवंबर1घं 55मिअमृत6:31 सुबह – 8:27 सुबह, 20 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:37 सुबह – 6:33 सुबह, 21 नवंबर7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:24 सुबह – 7:25 सुबह1घं 1मिचर8:27 सुबह – 9:31 सुबह1घं 5मिअमृत10:36 सुबह – 11:41 सुबह1घं 5मिशुभ12:46 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 5मिशुभ2:02 रात – 2:42 रात, 21 नवंबर40मिअमृत2:42 रात – 4:37 सुबह, 21 नवंबर1घं 55मिचर4:37 सुबह – 6:33 सुबह, 21 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:40 सुबह – 8:38 सुबह, 27 नवंबर9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:31 सुबह – 7:34 सुबह1घं 2मिचर11:45 सुबह – 12:48 दोपहर1घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 1:04 दोपहर34मिलाभ12:48 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 3मिशुभ3:56 दोपहर – 4:59 शाम1घं 3मिगोधूलि मुहूर्त4:59 शाम – 5:30 शाम31मिअमृत4:59 शाम – 6:56 शाम1घं 57मिशुभ5:19 सुबह – 6:40 सुबह, 27 नवंबर1घं 21मिअमृत6:40 सुबह – 8:38 सुबह, 27 नवंबर1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
दिसंबर 2026
चर 6:53 शाम – 8:52 रात5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 1
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त6:39 सुबह – 7:43 सुबह1घं 3मिचर6:53 शाम – 8:52 रात1घं 59मिलाभ12:51 रात – 2:50 रात, 4 दिसंबर1घं 59मिशुभ4:49 सुबह – 6:48 सुबह, 4 दिसंबर1घं 59मिअमृत6:48 सुबह – 8:47 सुबह, 4 दिसंबर1घं 59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
अमृत 2:51 रात – 4:50 सुबह, 5 दिसंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:40 सुबह – 7:44 सुबह1घं 4मिचर8:47 सुबह – 9:48 सुबह1घं 1मिअमृत10:49 सुबह – 11:50 सुबह1घं 1मिशुभ12:51 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 1मिविजय मुहूर्त2:12 दोपहर – 2:44 दोपहर32मिचर3:53 दोपहर – 4:54 शाम1घं 1मिगोधूलि मुहूर्त4:54 शाम – 5:26 शाम32मिलाभ8:52 रात – 10:52 रात1घं 59मिशुभ12:51 रात – 2:51 रात, 5 दिसंबर1घं 59मिअमृत2:51 रात – 4:50 सुबह, 5 दिसंबर1घं 59मिचर4:50 सुबह – 6:49 सुबह, 5 दिसंबर1घं 59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 8:53 रात – 10:54 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:47 सुबह – 7:51 सुबह1घं 4मिचर8:56 सुबह – 9:55 सुबह1घंअमृत10:55 सुबह – 11:54 सुबह1घंशुभ12:54 दोपहर – 1:53 दोपहर1घंविजय मुहूर्त2:13 दोपहर – 2:45 दोपहर32मिचर3:52 दोपहर – 4:52 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:24 शाम32मिलाभ8:53 रात – 10:54 रात2घं 1मिशुभ12:54 रात – 2:55 रात, 12 दिसंबर2घं 1मिअमृत2:55 रात – 4:55 सुबह, 12 दिसंबर2घं 1मिचर4:55 सुबह – 6:56 सुबह, 12 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जनवरी 2027
ब्रह्म मुहूर्त 6:57 सुबह – 8:01 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:57 सुबह – 8:01 सुबह1घं 4मिचर9:06 सुबह – 10:05 सुबह1घंअमृत11:05 सुबह – 12:04 दोपहर1घंशुभ1:04 दोपहर – 2:04 दोपहर1घंविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 2:55 दोपहर32मिचर4:03 शाम – 5:02 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त5:02 शाम – 5:34 शाम32मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 5:06 शाम – 7:06 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:57 सुबह – 8:01 सुबह1घं 4मिअमृत9:05 सुबह – 10:05 सुबह1घंशुभ11:05 सुबह – 12:05 दोपहर1घंलाभ3:06 दोपहर – 4:06 शाम1घंअमृत4:06 शाम – 5:06 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त5:06 शाम – 5:38 शाम32मिचर5:06 शाम – 7:06 शाम2घंलाभ11:05 रात – 1:05 रात, 5 जनवरी2घंशुभ3:05 रात – 5:05 सुबह, 5 जनवरी2घंअमृत5:05 सुबह – 7:05 सुबह, 5 जनवरी2घंचर7:05 सुबह – 9:05 सुबह, 5 जनवरी2घंसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
चर 7:55 शाम – 9:41 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:28 सुबह – 7:25 सुबह57मिचर12:02 दोपहर – 1:15 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त12:56 दोपहर – 1:35 दोपहर39मिलाभ1:15 दोपहर – 2:28 दोपहर1घं 13मिशुभ4:55 शाम – 6:08 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:37 शाम28मिअमृत6:08 शाम – 7:55 शाम1घं 47मिचर7:55 शाम – 9:41 रात1घं 47मिलाभ1:14 रात – 3:01 रात, 12 फ़रवरी1घं 47मिशुभ4:47 सुबह – 6:34 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिअमृत6:34 सुबह – 8:20 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:28 शाम – 8:09 रात11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:12 सुबह – 7:06 सुबह54मिअमृत8:01 सुबह – 9:19 सुबह1घं 18मिशुभ10:38 सुबह – 11:56 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिलाभ3:51 दोपहर – 5:10 शाम1घं 18मिअमृत5:10 शाम – 6:28 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त6:28 शाम – 6:55 शाम27मिचर6:28 शाम – 8:09 रात1घं 41मिलाभ11:32 रात – 1:13 रात, 23 फ़रवरी1घं 41मिशुभ2:55 रात – 4:36 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 41मिअमृत4:36 सुबह – 6:10 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 34मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:44 सुबह – 6:11 सुबह, 27 फ़रवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:06 सुबह – 6:59 सुबह53मिचर7:52 सुबह – 9:13 सुबह1घं 20मिअमृत10:33 सुबह – 11:53 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिशुभ1:14 दोपहर – 2:34 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त3:01 दोपहर – 3:44 दोपहर43मिचर4:44 सुबह – 6:11 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 27मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- षष्ठी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
मार्च 2027
चर 11:35 रात – 1:12 रात, 4 मार्च10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:58 सुबह – 6:50 सुबह52मिलाभ7:42 सुबह – 9:05 सुबह1घं 23मिविजय मुहूर्त3:03 दोपहर – 3:47 दोपहर44मिचर3:59 दोपहर – 5:21 शाम1घं 23मिलाभ5:21 शाम – 6:44 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:44 शाम – 7:10 शाम26मिशुभ8:21 रात – 9:58 रात1घं 37मिअमृत9:58 रात – 11:35 रात1घं 37मिचर11:35 रात – 1:12 रात, 4 मार्च1घं 37मिलाभ4:26 सुबह – 6:03 सुबह, 4 मार्च1घं 37मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:46 शाम – 8:22 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:56 सुबह – 6:48 सुबह52मिचर11:49 सुबह – 1:13 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:50 दोपहर – 1:35 दोपहर44मिलाभ1:13 दोपहर – 2:36 दोपहर1घं 23मिशुभ5:23 शाम – 6:46 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:46 शाम – 7:12 शाम26मिअमृत6:46 शाम – 8:22 रात1घं 36मिचर8:22 रात – 9:59 रात1घं 36मिलाभ1:12 रात – 2:48 रात, 5 मार्च1घं 36मिशुभ4:24 सुबह – 6:01 सुबह, 5 मार्च1घं 36मिअमृत6:01 सुबह – 7:37 सुबह, 5 मार्च1घं 36मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 8:30 रात – 10:03 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:46 सुबह – 6:36 सुबह50मिलाभ7:26 सुबह – 8:53 सुबह1घं 26मिविजय मुहूर्त3:06 दोपहर – 3:52 दोपहर46मिचर4:04 शाम – 5:30 शाम1घं 26मिलाभ5:30 शाम – 6:56 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:56 शाम – 7:21 शाम25मिशुभ8:30 रात – 10:03 रात1घं 33मिअमृत10:03 रात – 11:37 रात1घं 33मिचर11:37 रात – 1:10 रात, 11 मार्च1घं 33मिलाभ4:17 सुबह – 5:51 सुबह, 11 मार्च1घं 33मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
लाभ 6:55 सुबह – 8:28 सुबह6 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:08 सुबह46मिलाभ6:55 सुबह – 8:28 सुबह1घं 33मिविजय मुहूर्त3:12 दोपहर – 4:01 शाम50मिचर4:14 शाम – 5:47 शाम1घं 33मिलाभ5:47 शाम – 7:20 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त7:20 शाम – 7:43 शाम23मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
मई 2027
अमृत 5:06 सुबह – 7:04 सुबह11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:59 रात – 4:33 सुबह33मिअमृत5:06 सुबह – 7:04 सुबह1घं 58मिशुभ9:02 सुबह – 11:00 सुबह1घं 58मिअभिजित मुहूर्त12:57 दोपहर – 1:29 दोपहर31मिलाभ4:53 शाम – 6:51 शाम1घं 58मिअमृत6:51 शाम – 8:49 रात1घं 58मिचर8:49 रात – 9:51 रात1घं 2मिलाभ11:55 रात – 12:57 रात, 18 मई1घं 2मिशुभ1:59 रात – 3:01 रात, 18 मई1घं 2मिअमृत3:01 रात – 4:03 सुबह, 18 मई1घं 2मिचर4:03 सुबह – 5:05 सुबह, 18 मई1घं 2मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 8:54 सुबह – 10:56 सुबह11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:48 रात – 4:19 सुबह31मिअमृत5:33 सुबह – 6:52 सुबह1घं 19मिशुभ8:54 सुबह – 10:56 सुबह2घं 2मिअभिजित मुहूर्त12:59 दोपहर – 1:31 दोपहर33मिलाभ5:03 शाम – 7:05 शाम2घं 2मिअमृत7:05 शाम – 9:07 रात2घं 2मिचर9:07 रात – 10:05 रात58मिलाभ12:00 रात – 12:58 रात, 1 जून58मिशुभ1:56 रात – 2:54 रात, 1 जून58मिअमृत2:54 रात – 3:51 रात, 1 जून58मिचर3:51 रात – 4:49 सुबह, 1 जून58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2027
अमृत 4:43 सुबह – 6:47 सुबह8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त3:43 रात – 4:13 सुबह30मिअमृत4:43 सुबह – 6:47 सुबह2घं 5मिशुभ8:52 सुबह – 9:37 सुबह45मिचर9:38 रात – 10:15 रात36मिलाभ12:05 रात – 1:01 रात, 15 जून55मिशुभ1:56 रात – 2:52 रात, 15 जून55मिअमृत2:52 रात – 3:47 रात, 15 जून55मिचर3:47 रात – 4:42 सुबह, 15 जून55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 4:42 सुबह – 6:47 सुबह9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त3:43 रात – 4:13 सुबह30मिलाभ4:42 सुबह – 6:47 सुबह2घं 5मिविजय मुहूर्त3:48 दोपहर – 4:54 शाम1घं 7मिचर5:11 शाम – 7:15 शाम2घं 5मिलाभ7:15 शाम – 9:20 रात2घं 5मिशुभ10:15 रात – 11:11 रात55मिअमृत11:11 रात – 12:06 रात, 17 जून55मिचर12:06 रात – 1:01 रात, 17 जून55मिलाभ2:52 रात – 3:47 रात, 17 जून55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 4:43 सुबह – 6:48 सुबह5 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त3:44 रात – 4:13 सुबह29मिअमृत4:43 सुबह – 6:48 सुबह2घं 5मिशुभ8:52 सुबह – 10:57 सुबह2घं 5मिअभिजित मुहूर्त1:02 दोपहर – 1:36 दोपहर33मिलाभ5:12 शाम – 7:17 शाम2घं 5मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जुलाई 2027
चर 4:48 सुबह – 6:52 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त3:48 रात – 4:18 सुबह30मिचर4:48 सुबह – 6:52 सुबह2घं 4मिअमृत8:56 सुबह – 10:54 सुबह1घं 58मिलाभ11:13 रात – 12:09 रात, 3 जुलाई56मिशुभ1:05 रात – 2:01 रात, 3 जुलाई56मिअमृत2:01 रात – 2:57 रात, 3 जुलाई56मिचर2:57 रात – 3:53 रात, 3 जुलाई56मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
नवंबर 2027
अमृत 5:29 शाम – 7:18 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:03 सुबह – 7:01 सुबह58मिचर11:32 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 11मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 1:03 दोपहर38मिलाभ12:44 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 11मिशुभ4:18 शाम – 5:29 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:58 शाम29मिअमृत5:29 शाम – 7:18 शाम1घं 49मिचर7:18 शाम – 9:07 रात1घं 49मिलाभ12:45 रात – 2:34 रात, 5 नवंबर1घं 49मिशुभ4:22 सुबह – 6:11 सुबह, 5 नवंबर1घं 49मिअमृत6:11 सुबह – 8:00 सुबह, 5 नवंबर1घं 49मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- षष्ठी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 8:00 सुबह – 9:11 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:04 सुबह – 7:02 सुबह58मिचर8:00 सुबह – 9:11 सुबह1घं 11मिअमृत10:22 सुबह – 11:33 सुबह1घं 11मिशुभ12:44 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 11मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 2:56 दोपहर38मिचर4:16 शाम – 5:27 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त5:27 शाम – 5:56 शाम29मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:02 रात – 10:54 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:11 सुबह – 7:10 सुबह59मिलाभ8:09 सुबह – 9:18 सुबह1घं 9मिविजय मुहूर्त2:16 दोपहर – 2:52 दोपहर37मिचर3:02 दोपहर – 4:10 शाम1घं 9मिलाभ4:10 शाम – 5:19 शाम1घं 9मिगोधूलि मुहूर्त5:19 शाम – 5:49 शाम30मिशुभ7:11 शाम – 9:02 रात1घं 51मिअमृत9:02 रात – 10:54 रात1घं 51मिचर10:54 रात – 12:45 रात, 11 नवंबर1घं 51मिलाभ4:28 सुबह – 6:19 सुबह, 11 नवंबर1घं 51मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 5:18 शाम – 7:09 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:12 सुबह – 7:11 सुबह59मिचर11:36 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:02 दोपहर36मिलाभ12:44 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 8मिशुभ4:09 शाम – 5:18 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:18 शाम – 5:47 शाम30मिअमृत5:18 शाम – 7:09 शाम1घं 52मिचर7:09 शाम – 9:01 रात1घं 52मिलाभ12:45 रात – 2:37 रात, 12 नवंबर1घं 52मिशुभ4:29 सुबह – 6:21 सुबह, 12 नवंबर1घं 52मिअमृत6:21 सुबह – 8:12 सुबह, 12 नवंबर1घं 52मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:12 शाम – 7:05 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:17 सुबह – 7:17 सुबह1घंअमृत8:18 सुबह – 9:24 सुबह1घं 7मिशुभ10:31 सुबह – 11:38 सुबह1घं 7मिलाभ2:58 दोपहर – 4:05 शाम1घं 7मिअमृत4:05 शाम – 5:12 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त5:12 शाम – 5:42 शाम30मिचर5:12 शाम – 7:05 शाम1घं 53मिलाभ10:52 रात – 12:46 रात, 16 नवंबर1घं 53मिशुभ2:39 रात – 4:32 सुबह, 16 नवंबर1घं 53मिअमृत4:32 सुबह – 6:26 सुबह, 16 नवंबर1घं 53मिचर6:26 सुबह – 8:19 सुबह, 16 नवंबर1घं 53मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 6:58 शाम – 8:54 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:28 सुबह – 7:31 सुबह1घं 2मिलाभ8:33 सुबह – 9:36 सुबह1घं 4मिविजय मुहूर्त2:12 दोपहर – 2:46 दोपहर34मिचर2:54 दोपहर – 3:58 दोपहर1घं 4मिलाभ3:58 दोपहर – 5:01 शाम1घं 4मिगोधूलि मुहूर्त5:01 शाम – 5:32 शाम31मिशुभ6:58 शाम – 8:54 रात1घं 57मिअमृत8:54 रात – 10:51 रात1घं 57मिचर10:51 रात – 12:48 रात, 25 नवंबर1घं 57मिलाभ4:41 सुबह – 6:37 सुबह, 25 नवंबर1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:00 शाम – 6:57 शाम10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:30 सुबह – 7:32 सुबह1घं 2मिचर11:44 सुबह – 12:47 दोपहर1घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 1:04 दोपहर34मिलाभ12:47 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 3मिशुभ3:57 दोपहर – 5:00 शाम1घं 3मिगोधूलि मुहूर्त5:00 शाम – 5:31 शाम31मिअमृत5:00 शाम – 6:57 शाम1घं 57मिचर6:57 शाम – 8:54 रात1घं 57मिलाभ12:48 रात – 2:45 रात, 26 नवंबर1घं 57मिशुभ4:42 सुबह – 5:18 सुबह, 26 नवंबर37मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
दिसंबर 2027
शुभ 6:52 शाम – 8:53 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:44 सुबह – 7:48 सुबह1घं 4मिलाभ8:52 सुबह – 9:52 सुबह1घंविजय मुहूर्त2:12 दोपहर – 2:44 दोपहर32मिचर2:52 दोपहर – 3:52 दोपहर1घंलाभ3:52 दोपहर – 4:52 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:24 शाम32मिशुभ6:52 शाम – 8:53 रात2घंअमृत8:53 रात – 10:53 रात2घंचर10:53 रात – 12:53 रात, 9 दिसंबर2घंलाभ4:53 सुबह – 6:53 सुबह, 9 दिसंबर2घंसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:53 रात – 2:53 रात, 10 दिसंबर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त6:45 सुबह – 7:49 सुबह1घं 4मिलाभ12:53 रात – 2:53 रात, 10 दिसंबर2घंशुभ4:54 सुबह – 6:54 सुबह, 10 दिसंबर2घंअमृत6:54 सुबह – 8:54 सुबह, 10 दिसंबर2घंसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 8:57 रात – 10:58 रात5 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त6:54 सुबह – 7:59 सुबह1घं 5मिशुभ7:11 शाम – 8:57 रात1घं 45मिअमृत8:57 रात – 10:58 रात2घं 1मिचर10:58 रात – 12:59 रात, 23 दिसंबर2घं 1मिलाभ5:02 सुबह – 7:03 सुबह, 23 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:58 रात – 10:59 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:55 सुबह – 8:00 सुबह1घं 5मिचर9:05 सुबह – 10:03 सुबह59मिअमृत11:02 सुबह – 12:01 दोपहर59मिशुभ1:00 दोपहर – 1:59 दोपहर59मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 2:50 दोपहर31मिचर3:56 दोपहर – 4:55 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:55 शाम – 5:28 शाम32मिलाभ8:58 रात – 10:59 रात2घं 1मिशुभ1:00 रात – 3:01 रात, 25 दिसंबर2घं 1मिअमृत3:01 रात – 5:03 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिचर5:03 सुबह – 7:04 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2028
चर 5:48 शाम – 7:39 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:41 सुबह – 7:41 सुबह1घंअमृत8:41 सुबह – 9:49 सुबह1घं 8मिशुभ10:57 सुबह – 12:06 दोपहर1घं 8मिलाभ3:31 दोपहर – 4:39 शाम1घं 8मिअमृत4:39 शाम – 5:48 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:48 शाम – 6:17 शाम30मिचर5:48 शाम – 7:39 शाम1घं 51मिलाभ11:22 रात – 1:13 रात, 1 फ़रवरी1घं 51मिशुभ3:05 रात – 4:56 सुबह, 1 फ़रवरी1घं 51मिअमृत4:56 सुबह – 6:48 सुबह, 1 फ़रवरी1घं 51मिचर6:48 सुबह – 8:39 सुबह, 1 फ़रवरी1घं 51मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
फ़रवरी 2028
चर 6:13 शाम – 7:58 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:24 सुबह – 7:21 सुबह56मिअमृत8:17 सुबह – 9:31 सुबह1घं 15मिशुभ10:46 सुबह – 12:01 दोपहर1घं 15मिलाभ3:44 दोपहर – 4:59 शाम1घं 15मिअमृत4:59 शाम – 6:13 शाम1घं 15मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:41 शाम28मिचर6:13 शाम – 7:58 शाम1घं 45मिलाभ11:29 रात – 1:14 रात, 15 फ़रवरी1घं 45मिशुभ2:59 रात – 4:45 सुबह, 15 फ़रवरी1घं 45मिअमृत4:45 सुबह – 6:30 सुबह, 15 फ़रवरी1घं 45मिचर6:30 सुबह – 8:15 सुबह, 15 फ़रवरी1घं 45मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:30 रात – 1:14 रात, 17 फ़रवरी9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:21 सुबह – 7:17 सुबह56मिविजय मुहूर्त2:56 दोपहर – 3:36 दोपहर40मिचर3:46 दोपहर – 5:01 शाम1घं 15मिलाभ5:01 शाम – 6:17 शाम1घं 15मिगोधूलि मुहूर्त6:17 शाम – 6:45 शाम28मिशुभ8:01 रात – 9:45 रात1घं 44मिअमृत9:45 रात – 11:30 रात1घं 44मिचर11:30 रात – 1:14 रात, 17 फ़रवरी1घं 44मिलाभ4:43 सुबह – 6:27 सुबह, 17 फ़रवरी1घं 44मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 11:32 रात – 1:14 रात, 22 फ़रवरी12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:14 सुबह – 7:09 सुबह55मिअमृत8:03 सुबह – 9:21 सुबह1घं 18मिशुभ10:39 सुबह – 11:57 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिलाभ3:50 दोपहर – 5:08 शाम1घं 18मिअमृत5:08 शाम – 6:26 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:53 शाम27मिचर6:26 शाम – 8:08 रात1घं 42मिलाभ11:32 रात – 1:14 रात, 22 फ़रवरी1घं 42मिशुभ2:55 रात – 4:37 सुबह, 22 फ़रवरी1घं 42मिअमृत4:37 सुबह – 6:19 सुबह, 22 फ़रवरी1घं 42मिचर6:19 सुबह – 8:01 सुबह, 22 फ़रवरी1घं 42मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:38 शाम – 8:17 रात12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:03 सुबह – 6:56 सुबह53मिअमृत7:49 सुबह – 9:10 सुबह1घं 21मिशुभ10:31 सुबह – 11:52 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:35 दोपहर22मिलाभ3:56 दोपहर – 5:17 शाम1घं 21मिअमृत5:17 शाम – 6:38 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त6:38 शाम – 7:05 शाम26मिचर6:38 शाम – 8:17 रात1घं 39मिलाभ11:34 रात – 1:12 रात, 29 फ़रवरी1घं 39मिशुभ2:51 रात – 4:30 सुबह, 29 फ़रवरी1घं 39मिअमृत4:30 सुबह – 6:08 सुबह, 29 फ़रवरी1घं 39मिचर6:08 सुबह – 7:26 सुबह, 29 फ़रवरी1घं 18मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
मार्च 2028
चर 7:03 शाम – 8:34 रात9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:40 सुबह – 6:29 सुबह49मिलाभ4:10 शाम – 5:35 शाम1घं 25मिअमृत5:35 शाम – 7:03 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त7:03 शाम – 7:27 शाम24मिचर7:03 शाम – 8:34 रात1घं 32मिलाभ11:38 रात – 1:09 रात, 14 मार्च1घं 32मिशुभ2:41 रात – 4:12 सुबह, 14 मार्च1घं 32मिअमृत4:12 सुबह – 5:44 सुबह, 14 मार्च1घं 32मिचर5:44 सुबह – 7:16 सुबह, 14 मार्च1घं 32मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 4:10 सुबह – 5:40 सुबह, 16 मार्च10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:36 सुबह – 6:25 सुबह49मिलाभ7:13 सुबह – 8:42 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त3:09 दोपहर – 3:56 दोपहर48मिचर4:08 शाम – 5:37 शाम1घं 29मिलाभ5:37 शाम – 7:06 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त7:06 शाम – 7:30 शाम24मिशुभ8:37 रात – 10:07 रात1घं 31मिअमृत10:07 रात – 11:38 रात1घं 31मिचर11:38 रात – 1:09 रात, 16 मार्च1घं 31मिलाभ4:10 सुबह – 5:40 सुबह, 16 मार्च1घं 31मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 1:08 रात – 2:38 रात, 17 मार्च4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:34 सुबह – 6:23 सुबह48मिलाभ1:08 रात – 2:38 रात, 17 मार्च1घं 30मिशुभ4:09 सुबह – 5:39 सुबह, 17 मार्च1घं 30मिअमृत5:39 सुबह – 7:09 सुबह, 17 मार्च1घं 30मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- षष्ठी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:43 शाम – 7:15 शाम9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:15 सुबह47मिलाभ5:07 शाम – 5:43 शाम36मिअमृत5:43 शाम – 7:15 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त7:15 शाम – 7:38 शाम23मिचर7:15 शाम – 8:43 रात1घं 28मिलाभ11:39 रात – 1:07 रात, 21 मार्च1घं 28मिशुभ2:35 रात – 4:03 सुबह, 21 मार्च1घं 28मिअमृत4:03 सुबह – 5:32 सुबह, 21 मार्च1घं 28मिचर5:32 सुबह – 7:00 सुबह, 21 मार्च1घं 28मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अप्रैल 2028
चर 11:09 सुबह – 12:59 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:01 सुबह37मिचर11:09 सुबह – 12:59 दोपहर1घं 50मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 1:28 दोपहर59मिलाभ12:59 दोपहर – 2:49 दोपहर1घं 50मिशुभ6:28 शाम – 8:18 रात1घं 50मिअमृत8:18 रात – 9:28 रात1घं 10मिचर9:28 रात – 10:38 रात1घं 10मिलाभ12:58 रात – 2:07 रात, 28 अप्रैल1घं 10मिशुभ3:17 रात – 4:27 सुबह, 28 अप्रैल1घं 10मिअमृत4:27 सुबह – 5:37 सुबह, 28 अप्रैल1घं 10मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
मई 2028
चर 11:05 सुबह – 12:58 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:14 सुबह – 4:50 सुबह36मिचर11:05 सुबह – 12:58 दोपहर1घं 53मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:28 दोपहर1घंलाभ12:58 दोपहर – 2:51 दोपहर1घं 53मिशुभ6:37 शाम – 8:24 रात1घं 48मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
अमृत 9:11 सुबह – 11:04 सुबह10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:13 सुबह – 4:48 सुबह36मिअमृत9:11 सुबह – 11:04 सुबह1घं 53मिअभिजित मुहूर्त12:58 दोपहर – 1:28 दोपहर30मिशुभ12:58 दोपहर – 2:51 दोपहर1घं 53मिविजय मुहूर्त3:29 दोपहर – 4:29 शाम1घंचर6:38 शाम – 8:31 रात1घं 53मिलाभ10:44 रात – 11:50 रात1घं 6मिशुभ12:57 रात – 2:03 रात, 6 मई1घं 6मिअमृत2:03 रात – 3:10 रात, 6 मई1घं 6मिचर3:10 रात – 4:16 सुबह, 6 मई1घं 6मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:15 सुबह – 7:11 सुबह9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:41 सुबह35मिलाभ5:15 सुबह – 7:11 सुबह1घं 55मिविजय मुहूर्त3:31 दोपहर – 4:33 शाम1घं 2मिचर4:48 शाम – 6:44 शाम1घं 55मिलाभ6:44 शाम – 8:39 रात1घं 55मिशुभ9:44 रात – 10:48 रात1घं 4मिअमृत10:48 रात – 11:52 रात1घं 4मिचर11:52 रात – 12:57 रात, 11 मई1घं 4मिलाभ3:05 रात – 4:10 सुबह, 11 मई1घं 4मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:57 दोपहर – 2:56 दोपहर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त3:58 रात – 4:31 सुबह33मिचर10:59 सुबह – 12:57 दोपहर1घं 58मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:29 दोपहर1घं 3मिलाभ12:57 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:54 शाम – 8:53 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:57 रात – 4:29 सुबह33मिचर5:41 सुबह – 7:01 सुबह1घं 20मिअमृत9:00 सुबह – 10:59 सुबह1घं 59मिअभिजित मुहूर्त12:57 दोपहर – 1:29 दोपहर32मिशुभ12:57 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 59मिविजय मुहूर्त3:36 दोपहर – 4:39 शाम1घं 3मिचर6:54 शाम – 8:53 रात1घं 59मिलाभ10:55 रात – 11:56 रात1घं 1मिशुभ12:57 रात – 1:58 रात, 20 मई1घं 1मिअमृत1:58 रात – 2:59 रात, 20 मई1घं 1मिचर2:59 रात – 4:00 सुबह, 20 मई1घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 4:54 सुबह – 6:55 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:51 रात – 4:22 सुबह32मिचर4:54 सुबह – 6:55 सुबह2घं 1मिअमृत8:56 सुबह – 10:57 सुबह2घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:58 दोपहर – 1:30 दोपहर32मिशुभ12:58 दोपहर – 2:59 दोपहर2घं 1मिविजय मुहूर्त3:39 दोपहर – 4:44 शाम1घं 5मिचर7:01 शाम – 9:02 रात2घं 1मिलाभ11:00 रात – 11:59 रात59मिशुभ12:58 रात – 1:56 रात, 27 मई59मिअमृत1:56 रात – 2:55 रात, 27 मई59मिचर2:55 रात – 3:54 रात, 27 मई59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2028
चर 7:07 शाम – 9:10 रात9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त3:46 रात – 4:17 सुबह31मिचर4:48 सुबह – 6:50 सुबह2घं 3मिअमृत8:53 सुबह – 10:56 सुबह2घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:59 दोपहर – 1:32 दोपहर33मिशुभ12:59 दोपहर – 3:02 दोपहर2घं 3मिविजय मुहूर्त3:43 दोपहर – 4:48 शाम1घं 6मिचर7:07 शाम – 9:10 रात2घं 3मिलाभ11:04 रात – 12:01 रात, 3 जून57मिशुभ12:59 रात – 1:56 रात, 3 जून57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
अमृत 7:10 शाम – 9:13 रात11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:45 रात – 4:15 सुबह30मिअमृत4:46 सुबह – 6:49 सुबह2घं 3मिशुभ8:53 सुबह – 10:56 सुबह2घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:59 दोपहर – 1:32 दोपहर33मिलाभ5:06 शाम – 7:10 शाम2घं 3मिअमृत7:10 शाम – 9:13 रात2घं 3मिचर9:13 रात – 10:10 रात56मिलाभ12:03 रात – 12:59 रात, 6 जून56मिशुभ1:56 रात – 2:52 रात, 6 जून56मिअमृत2:52 रात – 3:49 रात, 6 जून56मिचर3:49 रात – 4:45 सुबह, 6 जून56मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 4:44 सुबह – 6:48 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त3:44 रात – 4:14 सुबह30मिचर4:44 सुबह – 6:48 सुबह2घं 4मिअमृत8:52 सुबह – 10:56 सुबह2घं 4मिअभिजित मुहूर्त1:00 दोपहर – 1:33 दोपहर33मिशुभ1:00 दोपहर – 3:04 दोपहर2घं 4मिविजय मुहूर्त3:46 दोपहर – 4:52 शाम1घं 6मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Griha Pravesh Muhurat — auspicious dates for house warming"