गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 17 शुभ दिन · मुंबई · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | ||
| 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
| 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 |
| 20 | 21 | 22 | 23 | 24 | 25 | 26 |
| 27 | 28 | 29 | 30 |
भाद्रपद में गृह प्रवेश नहीं
अक्तूबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | ||||
| 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
| 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 |
| 18 | 19 | 20 | 21 | 22 | 23 | 24 |
| 25 | 26 | 27 | 28 | 29 | 30 | 31 |
आश्विन में गृह प्रवेश नहीं
नवंबर 2026
शुभ 7:37 शाम – 9:12 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 4
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:02 सुबह – 5:53 सुबह51मिलाभ6:43 सुबह – 8:08 सुबह1घं 25मिविजय मुहूर्त2:15 दोपहर – 3:01 दोपहर45मिचर3:12 दोपहर – 4:37 शाम1घं 25मिलाभ4:37 शाम – 6:01 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:27 शाम25मिशुभ7:37 शाम – 9:12 रात1घं 35मिअमृत9:12 रात – 10:47 रात1घं 35मिचर10:47 रात – 12:23 रात, 12 नवंबर1घं 35मिलाभ3:33 रात – 5:09 सुबह, 12 नवंबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 9:12 रात – 10:47 रात11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:54 सुबह51मिशुभ8:09 सुबह – 9:34 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:45 दोपहर45मिचर12:23 दोपहर – 1:47 दोपहर1घं 24मिअमृत3:12 दोपहर – 4:36 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:26 शाम25मिलाभ6:01 शाम – 7:36 शाम1घं 36मिशुभ9:12 रात – 10:47 रात1घं 36मिअमृत10:47 रात – 12:23 रात, 15 नवंबर1घं 36मिचर12:23 रात – 1:59 रात, 15 नवंबर1घं 36मिलाभ5:10 सुबह – 6:46 सुबह, 15 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:00 शाम – 7:36 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:57 सुबह51मिचर11:00 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:01 दोपहर – 12:46 दोपहर45मिलाभ12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिशुभ4:36 शाम – 6:00 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:25 शाम26मिअमृत6:00 शाम – 7:36 शाम1घं 36मिचर7:36 शाम – 9:12 रात1घं 36मिलाभ12:24 रात – 2:00 रात, 20 नवंबर1घं 36मिशुभ3:36 रात – 5:12 सुबह, 20 नवंबर1घं 36मिअमृत5:12 सुबह – 6:48 सुबह, 20 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:48 सुबह – 8:12 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:57 सुबह51मिचर6:48 सुबह – 8:12 सुबह1घं 24मिअमृत9:36 सुबह – 11:00 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:46 दोपहर22मिशुभ12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिविजय मुहूर्त2:16 दोपहर – 3:01 दोपहर45मिचर4:36 शाम – 6:00 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:25 शाम26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:59 शाम – 7:36 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:58 सुबह51मिशुभ8:13 सुबह – 9:37 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:02 दोपहर – 12:47 दोपहर45मिचर12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिअमृत3:12 दोपहर – 4:36 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिलाभ5:59 शाम – 7:36 शाम1घं 36मिशुभ9:12 रात – 10:48 रात1घं 36मिअमृत10:48 रात – 12:24 रात, 22 नवंबर1घं 36मिचर12:24 रात – 2:01 रात, 22 नवंबर1घं 36मिलाभ5:13 सुबह – 6:50 सुबह, 22 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:12 रात – 10:49 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:08 सुबह – 6:00 सुबह51मिलाभ6:51 सुबह – 8:15 सुबह1घं 23मिविजय मुहूर्त2:17 दोपहर – 3:01 दोपहर45मिचर3:12 दोपहर – 4:36 शाम1घं 23मिलाभ4:36 शाम – 5:59 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिशुभ7:36 शाम – 9:12 रात1घं 37मिअमृत9:12 रात – 10:49 रात1घं 37मिचर10:49 रात – 12:26 रात, 26 नवंबर1घं 37मिलाभ3:39 रात – 5:15 सुबह, 26 नवंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:59 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 6:00 सुबह52मिचर11:02 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:03 दोपहर – 12:48 दोपहर44मिलाभ12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 23मिशुभ4:36 शाम – 5:59 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिअमृत5:59 शाम – 7:36 शाम1घं 37मिचर7:36 शाम – 9:13 रात1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
दिसंबर 2026
शुभ 7:37 शाम – 9:14 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:04 सुबह52मिलाभ6:56 सुबह – 8:19 सुबह1घं 23मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:03 दोपहर44मिचर3:14 दोपहर – 4:37 शाम1घं 23मिलाभ4:37 शाम – 6:00 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिशुभ7:37 शाम – 9:14 रात1घं 37मिअमृत9:14 रात – 10:51 रात1घं 37मिचर10:51 रात – 12:28 रात, 3 दिसंबर1घं 37मिलाभ3:42 रात – 5:19 सुबह, 3 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:28 रात – 2:06 रात, 4 दिसंबर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:04 सुबह52मिलाभ12:28 रात – 2:06 रात, 4 दिसंबर1घं 37मिशुभ3:43 रात – 5:20 सुबह, 4 दिसंबर1घं 37मिअमृत5:20 सुबह – 6:57 सुबह, 4 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
शुभ 12:29 रात – 2:06 रात, 5 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:05 सुबह52मिचर6:57 सुबह – 8:20 सुबह1घं 23मिअमृत9:43 सुबह – 11:06 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 12:51 दोपहर22मिशुभ12:29 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:03 दोपहर44मिचर4:37 शाम – 6:00 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिलाभ9:14 रात – 10:52 रात1घं 37मिशुभ12:29 रात – 2:06 रात, 5 दिसंबर1घं 37मिअमृत2:06 रात – 3:43 रात, 5 दिसंबर1घं 37मिचर3:43 रात – 5:20 सुबह, 5 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 6:00 शाम – 7:38 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:06 सुबह52मिशुभ8:20 सुबह – 9:43 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:51 दोपहर44मिचर12:29 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 23मिअमृत3:15 दोपहर – 4:37 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिलाभ6:00 शाम – 7:38 शाम1घं 37मिशुभ9:15 रात – 10:52 रात1घं 37मिअमृत10:52 रात – 12:29 रात, 6 दिसंबर1घं 37मिचर12:29 रात – 2:06 रात, 6 दिसंबर1घं 37मिलाभ5:21 सुबह – 6:58 सुबह, 6 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:01 शाम – 7:38 शाम9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:07 सुबह52मिलाभ3:15 दोपहर – 4:38 शाम1घं 23मिअमृत4:38 शाम – 6:01 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:27 शाम26मिचर6:01 शाम – 7:38 शाम1घं 37मिलाभ10:53 रात – 12:30 रात, 8 दिसंबर1घं 37मिशुभ2:07 रात – 3:45 रात, 8 दिसंबर1घं 37मिअमृत3:45 रात – 5:22 सुबह, 8 दिसंबर1घं 37मिचर5:22 सुबह – 6:59 सुबह, 8 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:09 सुबह52मिचर7:01 सुबह – 8:24 सुबह1घं 23मिअमृत9:46 सुबह – 11:09 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 12:54 दोपहर22मिशुभ12:32 दोपहर – 1:54 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:06 दोपहर44मिचर4:39 शाम – 6:02 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिलाभ9:17 रात – 10:54 रात1घं 37मिशुभ12:32 रात – 2:09 रात, 12 दिसंबर1घं 37मिअमृत2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर1घं 37मिचर3:47 रात – 5:24 सुबह, 12 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 6:02 शाम – 7:40 शाम10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:10 सुबह52मिशुभ8:24 सुबह – 9:47 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:54 दोपहर44मिचर12:32 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 23मिअमृत3:17 दोपहर – 4:40 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिलाभ6:02 शाम – 7:40 शाम1घं 37मिशुभ9:17 रात – 10:55 रात1घं 37मिअमृत10:55 रात – 12:32 रात, 13 दिसंबर1घं 37मिचर12:32 रात – 2:10 रात, 13 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:13 सुबह52मिचर11:13 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:12 दोपहर – 12:56 दोपहर44मिलाभ12:34 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिशुभ4:42 शाम – 6:04 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:04 शाम – 6:30 शाम26मिअमृत6:04 शाम – 7:42 शाम1घं 38मिचर7:42 शाम – 9:20 रात1घं 38मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 18 दिसंबर1घं 38मिशुभ3:50 रात – 5:28 सुबह, 18 दिसंबर1घं 38मिअमृत5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:13 सुबह52मिचर7:05 सुबह – 8:28 सुबह1घं 22मिअमृत9:50 सुबह – 11:12 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:57 दोपहर22मिशुभ12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:09 दोपहर44मिचर4:42 शाम – 6:05 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:31 शाम26मिलाभ9:20 रात – 10:58 रात1घं 38मिशुभ12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर1घं 38मिअमृत2:13 रात – 3:50 रात, 19 दिसंबर1घं 38मिचर3:50 रात – 5:28 सुबह, 19 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 6:05 शाम – 7:43 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:14 सुबह52मिशुभ8:28 सुबह – 9:51 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:57 दोपहर44मिचर12:35 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 22मिअमृत3:20 दोपहर – 4:43 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:31 शाम26मिलाभ6:05 शाम – 7:43 शाम1घं 38मिशुभ9:20 रात – 10:58 रात1घं 38मिअमृत10:58 रात – 12:36 रात, 20 दिसंबर1घं 38मिचर12:36 रात – 2:13 रात, 20 दिसंबर1घं 38मिलाभ5:29 सुबह – 7:06 सुबह, 20 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Griha Pravesh Muhurat — auspicious dates for house warming"