गृह प्रवेश मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन
आगे 57 शुभ दिन · मुंबई · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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पितृ पक्ष
अक्तूबर 2026
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आश्विन में गृह प्रवेश नहीं
अगस्त 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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श्रावण में गृह प्रवेश नहीं
सितंबर 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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भाद्रपद में गृह प्रवेश नहीं
नवंबर 2026
शुभ 7:37 शाम – 9:12 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 4
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:02 सुबह – 5:53 सुबह51मिलाभ6:43 सुबह – 8:08 सुबह1घं 25मिविजय मुहूर्त2:15 दोपहर – 3:01 दोपहर45मिचर3:12 दोपहर – 4:37 शाम1घं 25मिलाभ4:37 शाम – 6:01 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:27 शाम25मिशुभ7:37 शाम – 9:12 रात1घं 35मिअमृत9:12 रात – 10:47 रात1घं 35मिचर10:47 रात – 12:23 रात, 12 नवंबर1घं 35मिलाभ3:33 रात – 5:09 सुबह, 12 नवंबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 9:12 रात – 10:47 रात11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:54 सुबह51मिशुभ8:09 सुबह – 9:34 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:45 दोपहर45मिचर12:23 दोपहर – 1:47 दोपहर1घं 24मिअमृत3:12 दोपहर – 4:36 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:26 शाम25मिलाभ6:01 शाम – 7:36 शाम1घं 36मिशुभ9:12 रात – 10:47 रात1घं 36मिअमृत10:47 रात – 12:23 रात, 15 नवंबर1घं 36मिचर12:23 रात – 1:59 रात, 15 नवंबर1घं 36मिलाभ5:10 सुबह – 6:46 सुबह, 15 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:00 शाम – 7:36 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:57 सुबह51मिचर11:00 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:01 दोपहर – 12:46 दोपहर45मिलाभ12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिशुभ4:36 शाम – 6:00 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:25 शाम26मिअमृत6:00 शाम – 7:36 शाम1घं 36मिचर7:36 शाम – 9:12 रात1घं 36मिलाभ12:24 रात – 2:00 रात, 20 नवंबर1घं 36मिशुभ3:36 रात – 5:12 सुबह, 20 नवंबर1घं 36मिअमृत5:12 सुबह – 6:48 सुबह, 20 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:48 सुबह – 8:12 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:57 सुबह51मिचर6:48 सुबह – 8:12 सुबह1घं 24मिअमृत9:36 सुबह – 11:00 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:46 दोपहर22मिशुभ12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिविजय मुहूर्त2:16 दोपहर – 3:01 दोपहर45मिचर4:36 शाम – 6:00 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:25 शाम26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:59 शाम – 7:36 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:58 सुबह51मिशुभ8:13 सुबह – 9:37 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:02 दोपहर – 12:47 दोपहर45मिचर12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिअमृत3:12 दोपहर – 4:36 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिलाभ5:59 शाम – 7:36 शाम1घं 36मिशुभ9:12 रात – 10:48 रात1घं 36मिअमृत10:48 रात – 12:24 रात, 22 नवंबर1घं 36मिचर12:24 रात – 2:01 रात, 22 नवंबर1घं 36मिलाभ5:13 सुबह – 6:50 सुबह, 22 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:12 रात – 10:49 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:08 सुबह – 6:00 सुबह51मिलाभ6:51 सुबह – 8:15 सुबह1घं 23मिविजय मुहूर्त2:17 दोपहर – 3:01 दोपहर45मिचर3:12 दोपहर – 4:36 शाम1घं 23मिलाभ4:36 शाम – 5:59 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिशुभ7:36 शाम – 9:12 रात1घं 37मिअमृत9:12 रात – 10:49 रात1घं 37मिचर10:49 रात – 12:26 रात, 26 नवंबर1घं 37मिलाभ3:39 रात – 5:15 सुबह, 26 नवंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:59 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 6:00 सुबह52मिचर11:02 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:03 दोपहर – 12:48 दोपहर44मिलाभ12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 23मिशुभ4:36 शाम – 5:59 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिअमृत5:59 शाम – 7:36 शाम1घं 37मिचर7:36 शाम – 9:13 रात1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
दिसंबर 2026
शुभ 7:37 शाम – 9:14 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:04 सुबह52मिलाभ6:56 सुबह – 8:19 सुबह1घं 23मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:03 दोपहर44मिचर3:14 दोपहर – 4:37 शाम1घं 23मिलाभ4:37 शाम – 6:00 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिशुभ7:37 शाम – 9:14 रात1घं 37मिअमृत9:14 रात – 10:51 रात1घं 37मिचर10:51 रात – 12:28 रात, 3 दिसंबर1घं 37मिलाभ3:42 रात – 5:19 सुबह, 3 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:28 रात – 2:06 रात, 4 दिसंबर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:04 सुबह52मिलाभ12:28 रात – 2:06 रात, 4 दिसंबर1घं 37मिशुभ3:43 रात – 5:20 सुबह, 4 दिसंबर1घं 37मिअमृत5:20 सुबह – 6:57 सुबह, 4 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
शुभ 12:29 रात – 2:06 रात, 5 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:05 सुबह52मिचर6:57 सुबह – 8:20 सुबह1घं 23मिअमृत9:43 सुबह – 11:06 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 12:51 दोपहर22मिशुभ12:29 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:03 दोपहर44मिचर4:37 शाम – 6:00 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिलाभ9:14 रात – 10:52 रात1घं 37मिशुभ12:29 रात – 2:06 रात, 5 दिसंबर1घं 37मिअमृत2:06 रात – 3:43 रात, 5 दिसंबर1घं 37मिचर3:43 रात – 5:20 सुबह, 5 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 6:00 शाम – 7:38 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:06 सुबह52मिशुभ8:20 सुबह – 9:43 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:51 दोपहर44मिचर12:29 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 23मिअमृत3:15 दोपहर – 4:37 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिलाभ6:00 शाम – 7:38 शाम1घं 37मिशुभ9:15 रात – 10:52 रात1घं 37मिअमृत10:52 रात – 12:29 रात, 6 दिसंबर1घं 37मिचर12:29 रात – 2:06 रात, 6 दिसंबर1घं 37मिलाभ5:21 सुबह – 6:58 सुबह, 6 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:01 शाम – 7:38 शाम9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:07 सुबह52मिलाभ3:15 दोपहर – 4:38 शाम1घं 23मिअमृत4:38 शाम – 6:01 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:27 शाम26मिचर6:01 शाम – 7:38 शाम1घं 37मिलाभ10:53 रात – 12:30 रात, 8 दिसंबर1घं 37मिशुभ2:07 रात – 3:45 रात, 8 दिसंबर1घं 37मिअमृत3:45 रात – 5:22 सुबह, 8 दिसंबर1घं 37मिचर5:22 सुबह – 6:59 सुबह, 8 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:09 सुबह52मिचर7:01 सुबह – 8:24 सुबह1घं 23मिअमृत9:46 सुबह – 11:09 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 12:54 दोपहर22मिशुभ12:32 दोपहर – 1:54 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:06 दोपहर44मिचर4:39 शाम – 6:02 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिलाभ9:17 रात – 10:54 रात1घं 37मिशुभ12:32 रात – 2:09 रात, 12 दिसंबर1घं 37मिअमृत2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर1घं 37मिचर3:47 रात – 5:24 सुबह, 12 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 6:02 शाम – 7:40 शाम10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:10 सुबह52मिशुभ8:24 सुबह – 9:47 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:54 दोपहर44मिचर12:32 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 23मिअमृत3:17 दोपहर – 4:40 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिलाभ6:02 शाम – 7:40 शाम1घं 37मिशुभ9:17 रात – 10:55 रात1घं 37मिअमृत10:55 रात – 12:32 रात, 13 दिसंबर1घं 37मिचर12:32 रात – 2:10 रात, 13 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:13 सुबह52मिचर11:13 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:12 दोपहर – 12:56 दोपहर44मिलाभ12:34 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिशुभ4:42 शाम – 6:04 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:04 शाम – 6:30 शाम26मिअमृत6:04 शाम – 7:42 शाम1घं 38मिचर7:42 शाम – 9:20 रात1घं 38मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 18 दिसंबर1घं 38मिशुभ3:50 रात – 5:28 सुबह, 18 दिसंबर1घं 38मिअमृत5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:13 सुबह52मिचर7:05 सुबह – 8:28 सुबह1घं 22मिअमृत9:50 सुबह – 11:12 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:57 दोपहर22मिशुभ12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:09 दोपहर44मिचर4:42 शाम – 6:05 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:31 शाम26मिलाभ9:20 रात – 10:58 रात1घं 38मिशुभ12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर1घं 38मिअमृत2:13 रात – 3:50 रात, 19 दिसंबर1घं 38मिचर3:50 रात – 5:28 सुबह, 19 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 6:05 शाम – 7:43 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:14 सुबह52मिशुभ8:28 सुबह – 9:51 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:57 दोपहर44मिचर12:35 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 22मिअमृत3:20 दोपहर – 4:43 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:31 शाम26मिलाभ6:05 शाम – 7:43 शाम1घं 38मिशुभ9:20 रात – 10:58 रात1घं 38मिअमृत10:58 रात – 12:36 रात, 20 दिसंबर1घं 38मिचर12:36 रात – 2:13 रात, 20 दिसंबर1घं 38मिलाभ5:29 सुबह – 7:06 सुबह, 20 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:22 रात – 11:00 रात6 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:16 सुबह52मिलाभ7:08 सुबह – 8:30 सुबह1घं 22मिशुभ8:54 रात – 9:22 रात29मिअमृत9:22 रात – 11:00 रात1घं 38मिचर11:00 रात – 12:38 रात, 24 दिसंबर1घं 38मिलाभ3:53 रात – 5:31 सुबह, 24 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 11:04 रात – 12:41 रात, 31 दिसंबर10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:19 सुबह52मिलाभ7:11 सुबह – 8:33 सुबह1घं 23मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:15 दोपहर44मिचर3:26 दोपहर – 4:49 शाम1घं 23मिलाभ4:49 शाम – 6:11 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:11 शाम – 6:37 शाम26मिशुभ7:49 शाम – 9:26 रात1घं 38मिअमृत9:26 रात – 11:04 रात1घं 38मिचर11:04 रात – 12:41 रात, 31 दिसंबर1घं 38मिलाभ3:56 रात – 5:34 सुबह, 31 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:12 शाम – 7:49 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 3
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:19 सुबह52मिचर11:19 सुबह – 12:41 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:19 दोपहर – 1:03 दोपहर44मिलाभ12:41 दोपहर – 2:04 दोपहर1घं 23मिशुभ4:49 शाम – 6:12 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:12 शाम – 6:38 शाम26मिअमृत6:12 शाम – 7:49 शाम1घं 37मिचर7:49 शाम – 9:27 रात1घं 37मिलाभ12:42 रात – 2:19 रात, 1 जनवरी1घं 37मिशुभ3:56 रात – 5:34 सुबह, 1 जनवरी1घं 37मिअमृत5:34 सुबह – 7:11 सुबह, 1 जनवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जनवरी 2027
लाभ 9:27 रात – 11:05 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:19 सुबह52मिचर7:11 सुबह – 8:34 सुबह1घं 23मिअमृत9:57 सुबह – 11:19 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:42 दोपहर – 1:04 दोपहर22मिशुभ12:42 दोपहर – 2:04 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:16 दोपहर44मिचर4:50 शाम – 6:12 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:12 शाम – 6:38 शाम26मिलाभ9:27 रात – 11:05 रात1घं 37मिशुभ12:42 रात – 1:43 रात, 2 जनवरी1घं 1मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 2:21 रात – 3:58 रात, 5 जनवरी12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:29 सुबह – 6:20 सुबह52मिअमृत7:12 सुबह – 8:35 सुबह1घं 23मिशुभ9:58 सुबह – 11:21 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:43 दोपहर – 1:05 दोपहर22मिलाभ3:29 दोपहर – 4:51 शाम1घं 23मिअमृत4:51 शाम – 6:14 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:14 शाम – 6:40 शाम26मिचर6:14 शाम – 7:51 शाम1घं 37मिलाभ11:06 रात – 12:43 रात, 5 जनवरी1घं 37मिशुभ2:21 रात – 3:58 रात, 5 जनवरी1घं 37मिअमृत3:58 रात – 5:35 सुबह, 5 जनवरी1घं 37मिचर5:35 सुबह – 7:13 सुबह, 5 जनवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:16 शाम – 7:53 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:29 सुबह – 6:21 सुबह52मिचर11:22 सुबह – 12:45 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:22 दोपहर – 1:07 दोपहर44मिलाभ12:45 दोपहर – 2:07 दोपहर1घं 23मिशुभ4:53 शाम – 6:16 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:42 शाम26मिअमृत6:16 शाम – 7:53 शाम1घं 37मिचर7:53 शाम – 9:30 रात1घं 37मिलाभ12:45 रात – 2:22 रात, 8 जनवरी1घं 37मिशुभ3:59 रात – 5:36 सुबह, 8 जनवरी1घं 37मिअमृत5:36 सुबह – 7:13 सुबह, 8 जनवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
फ़रवरी 2027
लाभ 4:01 सुबह – 5:35 सुबह, 11 फ़रवरी3 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (3)
ब्रह्म मुहूर्त5:29 सुबह – 6:19 सुबह50मिलाभ7:09 सुबह – 8:35 सुबह1घं 26मिलाभ4:01 सुबह – 5:35 सुबह, 11 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 3 समय+6
लाभ 12:53 रात – 2:26 रात, 12 फ़रवरी11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:28 सुबह – 6:19 सुबह50मिचर11:27 सुबह – 12:53 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 1:16 दोपहर46मिलाभ12:53 दोपहर – 2:19 दोपहर1घं 26मिशुभ5:11 शाम – 6:37 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:37 शाम – 7:02 शाम25मिअमृत6:37 शाम – 8:11 रात1घं 34मिचर8:11 रात – 9:45 रात1घं 34मिलाभ12:53 रात – 2:26 रात, 12 फ़रवरी1घं 34मिशुभ4:00 सुबह – 5:34 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 34मिअमृत5:34 सुबह – 7:08 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:39 शाम – 8:12 रात12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:17 सुबह50मिअमृत7:07 सुबह – 8:33 सुबह1घं 26मिशुभ10:00 सुबह – 11:26 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:16 दोपहर23मिलाभ3:46 दोपहर – 5:12 शाम1घं 26मिअमृत5:12 शाम – 6:39 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:39 शाम – 7:04 शाम25मिचर6:39 शाम – 8:12 रात1घं 33मिलाभ11:19 रात – 12:52 रात, 16 फ़रवरी1घं 33मिशुभ2:26 रात – 3:59 रात, 16 फ़रवरी1घं 33मिअमृत3:59 रात – 5:33 सुबह, 16 फ़रवरी1घं 33मिचर5:33 सुबह – 7:06 सुबह, 16 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:42 शाम – 8:14 रात12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:13 सुबह49मिअमृत7:03 सुबह – 8:30 सुबह1घं 27मिशुभ9:57 सुबह – 11:25 सुबह1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:15 दोपहर23मिलाभ3:47 दोपहर – 5:14 शाम1घं 27मिअमृत5:14 शाम – 6:42 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:06 शाम25मिचर6:42 शाम – 8:14 रात1घं 33मिलाभ11:19 रात – 12:52 रात, 23 फ़रवरी1घं 33मिशुभ2:24 रात – 3:57 रात, 23 फ़रवरी1घं 33मिअमृत3:57 रात – 5:29 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 33मिचर5:29 सुबह – 7:02 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 8:15 रात – 9:47 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:12 सुबह49मिलाभ7:01 सुबह – 8:29 सुबह1घं 28मिविजय मुहूर्त2:49 दोपहर – 3:35 दोपहर47मिचर3:47 दोपहर – 5:15 शाम1घं 28मिलाभ5:15 शाम – 6:42 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:07 शाम25मिशुभ8:15 रात – 9:47 रात1घं 32मिअमृत9:47 रात – 11:19 रात1घं 32मिचर11:19 रात – 12:51 रात, 25 फ़रवरी1घं 32मिलाभ3:56 रात – 5:28 सुबह, 25 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:43 शाम – 8:15 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:11 सुबह49मिचर11:24 सुबह – 12:52 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:15 दोपहर47मिलाभ12:52 दोपहर – 2:19 दोपहर1घं 28मिशुभ5:15 शाम – 6:43 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:43 शाम – 7:07 शाम25मिअमृत6:43 शाम – 8:15 रात1घं 32मिचर8:15 रात – 9:47 रात1घं 32मिलाभ12:51 रात – 2:24 रात, 26 फ़रवरी1घं 32मिशुभ3:56 रात – 5:28 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 32मिअमृत5:28 सुबह – 7:00 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 11:19 रात – 12:51 रात, 28 फ़रवरी11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:10 सुबह49मिशुभ9:14 सुबह – 9:55 सुबह41मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:15 दोपहर47मिचर12:51 दोपहर – 2:19 दोपहर1घं 28मिअमृत3:47 दोपहर – 5:15 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:43 शाम – 7:08 शाम25मिलाभ6:43 शाम – 8:15 रात1घं 32मिशुभ9:47 रात – 11:19 रात1घं 32मिअमृत11:19 रात – 12:51 रात, 28 फ़रवरी1घं 32मिचर12:51 रात – 2:23 रात, 28 फ़रवरी1घं 32मिलाभ5:27 सुबह – 6:59 सुबह, 28 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
मार्च 2027
चर 11:19 रात – 12:50 रात, 4 मार्च10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:08 सुबह49मिलाभ6:56 सुबह – 8:25 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त2:49 दोपहर – 3:36 दोपहर47मिचर3:48 दोपहर – 5:16 शाम1घं 29मिलाभ5:16 शाम – 6:45 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:45 शाम – 7:09 शाम24मिशुभ8:16 रात – 9:47 रात1घं 31मिअमृत9:47 रात – 11:19 रात1घं 31मिचर11:19 रात – 12:50 रात, 4 मार्च1घं 31मिलाभ3:53 रात – 5:24 सुबह, 4 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:45 शाम – 8:16 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:07 सुबह49मिचर11:22 सुबह – 12:50 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 1:14 दोपहर47मिलाभ12:50 दोपहर – 2:19 दोपहर1घं 29मिशुभ5:16 शाम – 6:45 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:45 शाम – 7:09 शाम24मिअमृत6:45 शाम – 8:16 रात1घं 31मिचर8:16 रात – 9:48 रात1घं 31मिलाभ12:50 रात – 2:21 रात, 5 मार्च1घं 31मिशुभ3:52 रात – 5:24 सुबह, 5 मार्च1घं 31मिअमृत5:24 सुबह – 6:55 सुबह, 5 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 8:17 रात – 9:48 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:03 सुबह48मिलाभ6:51 सुबह – 8:21 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त2:48 दोपहर – 3:36 दोपहर48मिचर3:48 दोपहर – 5:17 शाम1घं 29मिलाभ5:17 शाम – 6:47 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:11 शाम24मिशुभ8:17 रात – 9:48 रात1घं 30मिअमृत9:48 रात – 11:18 रात1घं 30मिचर11:18 रात – 12:49 रात, 11 मार्च1घं 30मिलाभ3:49 रात – 5:20 सुबह, 11 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 6:47 शाम – 8:17 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:02 सुबह48मिचर11:19 सुबह – 12:49 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 1:13 दोपहर48मिलाभ12:49 दोपहर – 2:18 दोपहर1घं 30मिशुभ5:18 शाम – 6:47 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:11 शाम24मिअमृत6:47 शाम – 8:17 रात1घं 30मिचर8:17 रात – 9:48 रात1घं 30मिलाभ12:48 रात – 2:19 रात, 12 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:47 सुबह – 8:17 सुबह7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:11 सुबह – 5:59 सुबह48मिअमृत6:47 सुबह – 8:17 सुबह1घं 30मिशुभ9:47 सुबह – 10:52 सुबह1घं 4मिलाभ11:17 रात – 12:47 रात, 16 मार्च1घं 30मिशुभ2:17 रात – 3:47 रात, 16 मार्च1घं 30मिअमृत3:47 रात – 5:16 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिचर5:16 सुबह – 6:46 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 9:43 सुबह – 11:14 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:54 सुबह47मिअमृत6:41 सुबह – 8:12 सुबह1घं 31मिशुभ9:43 सुबह – 11:14 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:46 दोपहर – 1:10 दोपहर24मिलाभ3:48 दोपहर – 5:19 शाम1घं 31मिअमृत5:19 शाम – 6:50 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:14 शाम24मिचर6:50 शाम – 8:19 रात1घं 29मिलाभ11:16 रात – 12:45 रात, 23 मार्च1घं 29मिशुभ2:14 रात – 3:43 रात, 23 मार्च1घं 29मिअमृत3:43 रात – 5:12 सुबह, 23 मार्च1घं 29मिचर5:12 सुबह – 6:40 सुबह, 23 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 6:39 सुबह – 8:11 सुबह9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:52 सुबह47मिलाभ6:39 सुबह – 8:11 सुबह1घं 31मिविजय मुहूर्त2:47 दोपहर – 3:36 दोपहर49मिचर3:48 दोपहर – 5:19 शाम1घं 31मिलाभ5:19 शाम – 6:51 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:14 शाम24मिशुभ8:19 रात – 9:48 रात1घं 29मिअमृत9:48 रात – 11:16 रात1घं 29मिचर11:16 रात – 12:45 रात, 25 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चर 6:38 सुबह – 8:09 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:51 सुबह47मिचर6:38 सुबह – 8:09 सुबह1घं 32मिअमृत9:41 सुबह – 11:13 सुबह1घं 32मिअभिजित मुहूर्त12:44 दोपहर – 1:09 दोपहर24मिशुभ12:44 दोपहर – 2:16 दोपहर1घं 32मिविजय मुहूर्त2:47 दोपहर – 3:35 दोपहर49मिचर5:19 शाम – 6:51 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:15 शाम24मिलाभ9:47 रात – 11:16 रात1घं 28मिशुभ12:44 रात – 2:12 रात, 27 मार्च1घं 28मिअमृत2:12 रात – 3:40 रात, 27 मार्च1घं 28मिचर3:40 रात – 5:09 सुबह, 27 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 8:09 सुबह – 9:41 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:50 सुबह47मिशुभ8:09 सुबह – 9:41 सुबह1घं 32मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 1:09 दोपहर49मिचर12:44 दोपहर – 2:16 दोपहर1घं 32मिअमृत3:48 दोपहर – 5:19 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:15 शाम23मिलाभ6:51 शाम – 8:19 रात1घं 28मिशुभ9:47 रात – 11:16 रात1घं 28मिअमृत11:16 रात – 12:44 रात, 28 मार्च1घं 28मिचर12:44 रात – 2:12 रात, 28 मार्च1घं 28मिलाभ5:08 सुबह – 6:36 सुबह, 28 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 6:34 सुबह – 8:06 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:47 सुबह47मिलाभ6:34 सुबह – 8:06 सुबह1घं 32मिविजय मुहूर्त2:46 दोपहर – 3:35 दोपहर49मिचर3:48 दोपहर – 5:20 शाम1घं 32मिलाभ5:20 शाम – 6:52 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:52 शाम – 7:16 शाम23मिशुभ8:20 रात – 9:47 रात1घं 28मिअमृत9:47 रात – 11:15 रात1घं 28मिचर11:15 रात – 12:42 रात, 1 अप्रैल1घं 28मिलाभ3:38 रात – 5:05 सुबह, 1 अप्रैल1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अप्रैल 2027
अमृत 5:04 सुबह – 6:32 सुबह, 2 अप्रैल5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:46 सुबह47मिचर11:10 सुबह – 11:33 सुबह23मिलाभ12:46 रात – 2:10 रात, 2 अप्रैल1घं 24मिशुभ3:37 रात – 5:04 सुबह, 2 अप्रैल1घं 27मिअमृत5:04 सुबह – 6:32 सुबह, 2 अप्रैल1घं 27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
शुभ 2:08 रात – 3:35 रात, 6 अप्रैल8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:43 सुबह46मिअमृत5:37 शाम – 6:53 शाम1घं 16मिगोधूलि मुहूर्त6:53 शाम – 7:17 शाम23मिचर6:53 शाम – 8:20 रात1घं 27मिलाभ11:14 रात – 12:41 रात, 6 अप्रैल1घं 27मिशुभ2:08 रात – 3:35 रात, 6 अप्रैल1घं 27मिअमृत3:35 रात – 5:02 सुबह, 6 अप्रैल1घं 27मिचर5:02 सुबह – 6:29 सुबह, 6 अप्रैल1घं 27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
मई 2027
अमृत 3:49 दोपहर – 5:26 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:38 सुबह – 5:23 सुबह44मिशुभ7:44 सुबह – 9:21 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 1:01 दोपहर52मिचर12:35 दोपहर – 2:12 दोपहर1घं 37मिअमृत3:49 दोपहर – 5:26 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त7:03 शाम – 7:25 शाम22मिलाभ7:03 शाम – 8:26 रात1घं 23मिशुभ9:49 रात – 11:12 रात1घं 23मिअमृत11:12 रात – 12:35 रात, 9 मई1घं 23मिचर12:35 रात – 1:58 रात, 9 मई1घं 23मिलाभ4:44 सुबह – 6:06 सुबह, 9 मई1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:42 सुबह – 9:19 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:20 सुबह44मिशुभ7:42 सुबह – 9:19 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 1:01 दोपहर52मिचर12:35 दोपहर – 2:13 दोपहर1घं 38मिअमृत3:50 दोपहर – 5:28 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त7:06 शाम – 7:28 शाम22मिलाभ7:06 शाम – 8:28 रात1घं 22मिशुभ9:50 रात – 11:13 रात1घं 22मिअमृत11:13 रात – 12:35 रात, 16 मई1घं 22मिचर12:35 रात – 1:57 रात, 16 मई1घं 22मिलाभ4:41 सुबह – 5:44 सुबह, 16 मई1घं 2मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 9:19 सुबह – 10:57 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:19 सुबह44मिअमृत6:03 सुबह – 7:41 सुबह1घं 38मिशुभ9:19 सुबह – 10:57 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:01 दोपहर26मिलाभ3:51 दोपहर – 5:29 शाम1घं 38मिअमृत5:29 शाम – 7:07 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त7:07 शाम – 7:29 शाम22मिचर7:07 शाम – 8:29 रात1घं 22मिलाभ11:13 रात – 12:35 रात, 18 मई1घं 22मिशुभ1:57 रात – 3:19 रात, 18 मई1घं 22मिअमृत3:19 रात – 4:41 सुबह, 18 मई1घं 22मिचर4:41 सुबह – 6:03 सुबह, 18 मई1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:57 सुबह – 12:35 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:19 सुबह44मिचर10:57 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 1:01 दोपहर52मिलाभ12:35 दोपहर – 2:13 दोपहर1घं 38मिशुभ5:30 शाम – 7:08 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त7:08 शाम – 7:30 शाम22मिअमृत7:08 शाम – 8:30 रात1घं 22मिचर8:30 रात – 9:51 रात1घं 22मिलाभ12:35 रात – 1:57 रात, 21 मई1घं 22मिशुभ3:18 रात – 4:40 सुबह, 21 मई1घं 22मिअमृत4:40 सुबह – 6:02 सुबह, 21 मई1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:02 सुबह – 7:40 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:18 सुबह44मिचर6:02 सुबह – 7:40 सुबह1घं 38मिअमृत9:19 सुबह – 10:57 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:01 दोपहर26मिशुभ12:35 दोपहर – 2:13 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त2:46 दोपहर – 3:39 दोपहर52मिचर5:30 शाम – 7:08 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त7:08 शाम – 7:30 शाम22मिलाभ9:52 रात – 11:13 रात1घं 22मिशुभ12:35 रात – 1:57 रात, 22 मई1घं 22मिअमृत1:57 रात – 3:18 रात, 22 मई1घं 22मिचर3:18 रात – 4:40 सुबह, 22 मई1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:01 सुबह – 7:40 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:18 सुबह43मिअमृत6:01 सुबह – 7:40 सुबह1घं 39मिशुभ9:18 सुबह – 10:57 सुबह1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:02 दोपहर26मिलाभ3:52 दोपहर – 5:31 शाम1घं 39मिअमृत5:31 शाम – 7:09 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त7:09 शाम – 7:31 शाम22मिचर7:09 शाम – 8:31 रात1घं 21मिलाभ11:14 रात – 12:35 रात, 25 मई1घं 21मिशुभ1:57 रात – 3:18 रात, 25 मई1घं 21मिअमृत3:18 रात – 4:40 सुबह, 25 मई1घं 21मिचर4:40 सुबह – 6:01 सुबह, 25 मई1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 3:54 दोपहर – 5:33 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:17 सुबह43मिशुभ10:03 सुबह – 10:57 सुबह54मिअभिजित मुहूर्त12:36 दोपहर – 1:03 दोपहर26मिलाभ3:54 दोपहर – 5:33 शाम1घं 39मिअमृत5:33 शाम – 7:12 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त7:12 शाम – 7:34 शाम22मिचर7:12 शाम – 8:33 रात1घं 21मिलाभ11:15 रात – 12:36 रात, 1 जून1घं 21मिशुभ1:57 रात – 3:18 रात, 1 जून1घं 21मिअमृत3:18 रात – 4:39 सुबह, 1 जून1घं 21मिचर4:39 सुबह – 6:00 सुबह, 1 जून1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2027
चर 5:37 शाम – 7:16 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:17 सुबह43मिचर5:37 शाम – 7:16 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त7:16 शाम – 7:38 शाम21मिलाभ9:57 रात – 11:18 रात1घं 21मिशुभ12:38 रात – 1:59 रात, 12 जून1घं 21मिअमृत1:59 रात – 3:19 रात, 12 जून1घं 21मिचर3:19 रात – 4:40 सुबह, 12 जून1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:00 सुबह – 7:40 सुबह7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:17 सुबह43मिअमृत6:00 सुबह – 7:40 सुबह1घं 40मिशुभ9:20 सुबह – 10:59 सुबह1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:39 दोपहर – 1:05 दोपहर27मिशुभ2:08 रात – 3:20 रात, 15 जून1घं 11मिअमृत3:20 रात – 4:40 सुबह, 15 जून1घं 20मिचर4:40 सुबह – 6:01 सुबह, 15 जून1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
लाभ 6:01 सुबह – 7:40 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:18 सुबह43मिलाभ6:01 सुबह – 7:40 सुबह1घं 40मिविजय मुहूर्त2:52 दोपहर – 3:45 दोपहर53मिचर3:58 दोपहर – 5:38 शाम1घं 40मिलाभ5:38 शाम – 7:18 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:39 शाम21मिशुभ8:38 रात – 9:58 रात1घं 20मिअमृत9:58 रात – 11:19 रात1घं 20मिचर11:19 रात – 12:39 रात, 17 जून1घं 20मिलाभ3:20 रात – 4:40 सुबह, 17 जून1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 11:00 सुबह – 12:39 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:18 सुबह43मिचर11:00 सुबह – 12:39 दोपहर1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 1:06 दोपहर53मिलाभ12:39 दोपहर – 2:19 दोपहर1घं 40मिशुभ5:38 शाम – 7:18 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:39 शाम21मिअमृत7:18 शाम – 8:38 रात1घं 20मिचर8:38 रात – 9:59 रात1घं 20मिलाभ12:39 रात – 2:00 रात, 18 जून1घं 20मिशुभ3:20 रात – 4:35 सुबह, 18 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:39 शाम – 7:19 शाम9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:19 सुबह43मिअमृत6:02 सुबह – 7:41 सुबह1घं 40मिशुभ9:21 सुबह – 11:01 सुबह1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:40 दोपहर – 1:07 दोपहर27मिलाभ4:00 शाम – 5:39 शाम1घं 40मिअमृत5:39 शाम – 7:19 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:19 शाम – 7:40 शाम21मिचर7:19 शाम – 8:39 रात1घं 20मिलाभ11:20 रात – 11:51 रात31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 12:41 दोपहर – 2:21 दोपहर10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:37 सुबह – 5:20 सुबह43मिअभिजित मुहूर्त12:15 दोपहर – 1:08 दोपहर53मिचर12:41 दोपहर – 2:21 दोपहर1घं 40मिअमृत4:00 शाम – 5:40 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:20 शाम – 7:41 शाम21मिलाभ7:20 शाम – 8:40 रात1घं 20मिशुभ10:01 रात – 11:21 रात1घं 20मिअमृत11:21 रात – 12:41 रात, 27 जून1घं 20मिचर12:41 रात – 2:02 रात, 27 जून1घं 20मिलाभ4:43 सुबह – 6:03 सुबह, 27 जून1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 6:03 सुबह – 7:43 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:38 सुबह – 5:20 सुबह43मिअमृत6:03 सुबह – 7:43 सुबह1घं 40मिशुभ9:22 सुबह – 11:02 सुबह1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:42 दोपहर – 1:08 दोपहर27मिलाभ4:01 शाम – 5:40 शाम1घं 40मिअमृत5:40 शाम – 7:20 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:20 शाम – 7:41 शाम21मिचर7:20 शाम – 8:40 रात1घं 20मिलाभ11:21 रात – 12:42 रात, 29 जून1घं 20मिशुभ2:02 रात – 3:23 रात, 29 जून1घं 20मिअमृत3:23 रात – 4:43 सुबह, 29 जून1घं 20मिचर4:43 सुबह – 6:04 सुबह, 29 जून1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
जुलाई 2027
चर 6:04 सुबह – 7:44 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:22 सुबह43मिचर6:04 सुबह – 7:44 सुबह1घं 39मिअमृत9:23 सुबह – 11:03 सुबह1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:42 दोपहर – 1:09 दोपहर27मिशुभ12:42 दोपहर – 2:22 दोपहर1घं 39मिविजय मुहूर्त2:55 दोपहर – 3:24 दोपहर29मिअमृत2:03 रात – 3:24 रात, 3 जुलाई1घं 21मिचर3:24 रात – 4:44 सुबह, 3 जुलाई1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Griha Pravesh Muhurat — auspicious dates for house warming"