गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 15 शुभ दिन · न्यूयॉर्क · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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भाद्रपद में गृह प्रवेश नहीं
अक्तूबर 2026
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आश्विन में गृह प्रवेश नहीं
नवंबर 2026
लाभ 10:56 रात – 12:40 रात, 10 नवंबर12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:45 सुबह – 6:40 सुबह55मिअमृत7:36 सुबह – 8:52 सुबह1घं 16मिशुभ10:08 सुबह – 11:24 सुबह1घं 16मिअभिजित मुहूर्त12:40 दोपहर – 1:00 दोपहर20मिलाभ3:12 दोपहर – 4:28 शाम1घं 16मिअमृत4:28 शाम – 5:44 शाम1घं 16मिगोधूलि मुहूर्त5:44 शाम – 6:11 शाम28मिचर5:44 शाम – 7:28 शाम1घं 44मिलाभ10:56 रात – 12:40 रात, 10 नवंबर1घं 44मिशुभ2:24 रात – 4:08 सुबह, 10 नवंबर1घं 44मिअमृत4:08 सुबह – 5:53 सुबह, 10 नवंबर1घं 44मिचर5:53 सुबह – 7:37 सुबह, 10 नवंबर1घं 44मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 5:39 शाम – 7:25 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:49 सुबह – 6:45 सुबह56मिशुभ8:56 सुबह – 10:11 सुबह1घं 15मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 1:00 दोपहर40मिचर12:40 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 15मिअमृत3:10 दोपहर – 4:24 शाम1घं 15मिगोधूलि मुहूर्त5:39 शाम – 6:07 शाम28मिलाभ5:39 शाम – 7:25 शाम1घं 45मिशुभ9:10 रात – 10:55 रात1घं 45मिअमृत10:55 रात – 12:41 रात, 15 नवंबर1घं 45मिचर12:41 रात – 2:26 रात, 15 नवंबर1घं 45मिलाभ5:57 सुबह – 7:43 सुबह, 15 नवंबर1घं 45मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:22 शाम – 9:09 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:54 सुबह – 6:51 सुबह57मिचर11:28 सुबह – 12:41 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त12:22 दोपहर – 1:01 दोपहर39मिलाभ12:41 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 13मिशुभ4:22 शाम – 5:35 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:35 शाम – 6:04 शाम28मिअमृत5:35 शाम – 7:22 शाम1घं 47मिचर7:22 शाम – 9:09 रात1घं 47मिलाभ12:42 रात – 2:28 रात, 20 नवंबर1घं 47मिशुभ4:15 सुबह – 6:02 सुबह, 20 नवंबर1घं 47मिअमृत6:02 सुबह – 7:48 सुबह, 20 नवंबर1घं 47मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:08 रात – 10:55 रात6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:55 सुबह – 6:52 सुबह57मिचर7:48 सुबह – 9:02 सुबह1घं 13मिलाभ9:08 रात – 10:55 रात1घं 47मिशुभ12:42 रात – 2:29 रात, 21 नवंबर1घं 47मिअमृत2:29 रात – 4:16 सुबह, 21 नवंबर1घं 47मिचर4:16 सुबह – 6:03 सुबह, 21 नवंबर1घं 47मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:34 शाम – 7:21 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:56 सुबह – 6:53 सुबह57मिशुभ9:03 सुबह – 10:16 सुबह1घं 13मिअभिजित मुहूर्त12:22 दोपहर – 1:01 दोपहर39मिचर12:42 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 13मिअमृत3:08 दोपहर – 4:21 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:34 शाम – 6:02 शाम29मिलाभ5:34 शाम – 7:21 शाम1घं 47मिशुभ9:08 रात – 10:55 रात1घं 47मिअमृत10:55 रात – 12:42 रात, 22 नवंबर1घं 47मिचर12:42 रात – 2:29 रात, 22 नवंबर1घं 47मिलाभ6:04 सुबह – 7:51 सुबह, 22 नवंबर1घं 47मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:08 रात – 10:56 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:59 सुबह – 6:57 सुबह57मिलाभ7:54 सुबह – 9:06 सुबह1घं 12मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 2:58 दोपहर39मिचर3:07 दोपहर – 4:20 शाम1घं 12मिलाभ4:20 शाम – 5:32 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त5:32 शाम – 6:01 शाम29मिशुभ7:20 शाम – 9:08 रात1घं 48मिअमृत9:08 रात – 10:56 रात1घं 48मिचर10:56 रात – 12:43 रात, 26 नवंबर1घं 48मिलाभ4:19 सुबह – 6:07 सुबह, 26 नवंबर1घं 48मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 12:44 रात – 2:32 रात, 27 नवंबर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:00 सुबह – 6:58 सुबह58मिचर11:31 सुबह – 12:43 दोपहर1घं 12मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 1:02 दोपहर38मिलाभ12:43 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 12मिलाभ12:44 रात – 2:32 रात, 27 नवंबर1घं 48मिशुभ4:20 सुबह – 6:08 सुबह, 27 नवंबर1घं 48मिअमृत6:08 सुबह – 7:56 सुबह, 27 नवंबर1घं 48मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
अमृत 9:08 रात – 10:57 रात9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:05 सुबह – 7:03 सुबह58मिलाभ8:01 सुबह – 9:12 सुबह1घं 11मिविजय मुहूर्त2:20 दोपहर – 2:58 दोपहर38मिचर3:07 दोपहर – 4:18 शाम1घं 11मिलाभ4:18 शाम – 5:29 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:58 शाम29मिशुभ7:18 शाम – 9:08 रात1घं 49मिअमृत9:08 रात – 10:57 रात1घं 49मिचर10:57 रात – 12:46 रात, 3 दिसंबर1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:18 शाम – 9:08 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:06 सुबह – 7:04 सुबह58मिलाभ1:34 दोपहर – 1:57 दोपहर23मिशुभ4:18 शाम – 5:29 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:58 शाम29मिअमृत5:29 शाम – 7:18 शाम1घं 49मिचर7:18 शाम – 9:08 रात1घं 49मिलाभ12:46 रात – 2:36 रात, 4 दिसंबर1घं 49मिशुभ4:25 सुबह – 6:14 सुबह, 4 दिसंबर1घं 49मिअमृत6:14 सुबह – 8:03 सुबह, 4 दिसंबर1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 9:08 रात – 10:57 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:07 सुबह – 7:05 सुबह58मिचर8:03 सुबह – 9:14 सुबह1घं 11मिअमृत10:25 सुबह – 11:35 सुबह1घं 11मिशुभ12:46 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 11मिविजय मुहूर्त2:20 दोपहर – 2:58 दोपहर38मिचर4:18 शाम – 5:29 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:58 शाम29मिलाभ9:08 रात – 10:57 रात1घं 49मिशुभ12:47 रात – 2:36 रात, 5 दिसंबर1घं 49मिअमृत2:36 रात – 4:26 सुबह, 5 दिसंबर1घं 49मिचर4:26 सुबह – 6:15 सुबह, 5 दिसंबर1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:29 शाम – 7:19 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:09 सुबह – 7:08 सुबह58मिअमृत8:06 सुबह – 9:17 सुबह1घं 10मिशुभ10:27 सुबह – 11:37 सुबह1घं 10मिलाभ3:08 दोपहर – 4:18 शाम1घं 10मिअमृत4:18 शाम – 5:29 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:58 शाम29मिचर5:29 शाम – 7:19 शाम1घं 50मिलाभ10:58 रात – 12:48 रात, 8 दिसंबर1घं 50मिशुभ2:38 रात – 4:28 सुबह, 8 दिसंबर1घं 50मिअमृत4:28 सुबह – 6:17 सुबह, 8 दिसंबर1घं 50मिचर6:17 सुबह – 8:07 सुबह, 8 दिसंबर1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 12:50 रात – 2:40 रात, 12 दिसंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:12 सुबह – 7:11 सुबह59मिचर8:10 सुबह – 9:20 सुबह1घं 10मिअमृत10:29 सुबह – 11:39 सुबह1घं 10मिशुभ12:49 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:00 दोपहर37मिचर4:19 शाम – 5:29 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:58 शाम29मिलाभ9:09 रात – 10:59 रात1घं 50मिशुभ12:50 रात – 2:40 रात, 12 दिसंबर1घं 50मिअमृत2:40 रात – 4:30 सुबह, 12 दिसंबर1घं 50मिचर4:30 सुबह – 6:20 सुबह, 12 दिसंबर1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 4:33 सुबह – 6:23 सुबह, 17 दिसंबर3 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (3)
ब्रह्म मुहूर्त6:16 सुबह – 7:14 सुबह59मिलाभ8:13 सुबह – 9:23 सुबह1घं 10मिलाभ4:33 सुबह – 6:23 सुबह, 17 दिसंबर1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 3 समय+6
चर 7:21 शाम – 9:11 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:16 सुबह – 7:15 सुबह59मिचर11:43 सुबह – 12:52 दोपहर1घं 10मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 1:11 दोपहर37मिलाभ12:52 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 10मिशुभ4:21 शाम – 5:30 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त5:30 शाम – 6:00 शाम29मिअमृत5:30 शाम – 7:21 शाम1घं 51मिचर7:21 शाम – 9:11 रात1घं 51मिलाभ12:53 रात – 2:43 रात, 18 दिसंबर1घं 51मिशुभ4:34 सुबह – 6:24 सुबह, 18 दिसंबर1घं 51मिअमृत6:24 सुबह – 8:15 सुबह, 18 दिसंबर1घं 51मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 2:44 रात – 4:34 सुबह, 19 दिसंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:17 सुबह – 7:16 सुबह59मिचर8:15 सुबह – 9:24 सुबह1घं 10मिअमृत10:34 सुबह – 11:43 सुबह1घं 10मिशुभ12:53 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:02 दोपहर37मिचर4:21 शाम – 5:31 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त5:31 शाम – 6:00 शाम29मिलाभ9:12 रात – 11:02 रात1घं 51मिशुभ12:53 रात – 2:44 रात, 19 दिसंबर1घं 51मिअमृत2:44 रात – 4:34 सुबह, 19 दिसंबर1घं 51मिचर4:34 सुबह – 6:25 सुबह, 19 दिसंबर1घं 51मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Griha Pravesh Muhurat — auspicious dates for house warming"