गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 24 शुभ दिन · दिल्ली · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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भाद्रपद में गृह प्रवेश नहीं
अक्तूबर 2026
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आश्विन में गृह प्रवेश नहीं
अगस्त 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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श्रावण में गृह प्रवेश नहीं
सितंबर 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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भाद्रपद में गृह प्रवेश नहीं
नवंबर 2026
अमृत 8:47 रात – 10:26 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 4
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:48 सुबह53मिलाभ6:40 सुबह – 8:01 सुबह1घं 21मिविजय मुहूर्त1:53 दोपहर – 2:36 दोपहर43मिचर2:47 दोपहर – 4:08 शाम1घं 21मिलाभ4:08 शाम – 5:30 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:30 शाम – 5:56 शाम26मिशुभ7:09 शाम – 8:47 रात1घं 39मिअमृत8:47 रात – 10:26 रात1घं 39मिचर10:26 रात – 12:05 रात, 12 नवंबर1घं 39मिलाभ3:23 रात – 5:02 सुबह, 12 नवंबर1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:47 सुबह – 8:07 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:54 सुबह53मिचर6:47 सुबह – 8:07 सुबह1घं 20मिअमृत9:27 सुबह – 10:47 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:28 दोपहर21मिशुभ12:07 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त1:53 दोपहर – 2:35 दोपहर43मिचर4:06 शाम – 5:26 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:26 शाम – 5:53 शाम27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:05 शाम – 8:46 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:58 सुबह54मिचर10:49 सुबह – 12:08 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त11:47 सुबह – 12:29 दोपहर42मिलाभ12:08 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 19मिशुभ4:05 शाम – 5:24 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिअमृत5:24 शाम – 7:05 शाम1घं 41मिचर7:05 शाम – 8:46 रात1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
दिसंबर 2026
लाभ 12:11 रात – 1:53 रात, 4 दिसंबर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 6:03 सुबह54मिलाभ12:11 रात – 1:53 रात, 4 दिसंबर1घं 42मिशुभ3:35 रात – 5:16 सुबह, 4 दिसंबर1घं 42मिअमृत5:16 सुबह – 6:58 सुबह, 4 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
लाभ 8:48 रात – 10:30 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:04 सुबह54मिचर6:58 सुबह – 8:16 सुबह1घं 18मिअमृत9:35 सुबह – 10:53 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:32 दोपहर21मिशुभ12:11 दोपहर – 1:29 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त1:55 दोपहर – 2:37 दोपहर42मिचर4:06 शाम – 5:24 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिलाभ8:48 रात – 10:30 रात1घं 42मिशुभ12:11 रात – 1:53 रात, 5 दिसंबर1घं 42मिअमृत1:53 रात – 3:35 रात, 5 दिसंबर1घं 42मिचर3:35 रात – 5:17 सुबह, 5 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 8:50 रात – 10:32 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:09 सुबह55मिचर7:03 सुबह – 8:21 सुबह1घं 18मिअमृत9:39 सुबह – 10:56 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:14 दोपहर – 12:35 दोपहर21मिशुभ12:14 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त1:58 दोपहर – 2:39 दोपहर41मिचर4:07 शाम – 5:25 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:25 शाम – 5:52 शाम27मिलाभ8:50 रात – 10:32 रात1घं 42मिशुभ12:14 रात – 1:57 रात, 12 दिसंबर1घं 42मिअमृत1:57 रात – 3:39 रात, 12 दिसंबर1घं 42मिचर3:39 रात – 5:22 सुबह, 12 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 8:59 रात – 10:41 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:18 सुबह55मिलाभ7:13 सुबह – 8:31 सुबह1घं 18मिविजय मुहूर्त2:07 दोपहर – 2:48 दोपहर41मिचर2:59 दोपहर – 4:16 शाम1घं 18मिलाभ4:16 शाम – 5:34 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:34 शाम – 6:01 शाम27मिशुभ7:16 शाम – 8:59 रात1घं 42मिअमृत8:59 रात – 10:41 रात1घं 42मिचर10:41 रात – 12:24 रात, 31 दिसंबर1घं 42मिलाभ3:48 रात – 5:31 सुबह, 31 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
चर 5:37 शाम – 7:20 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:20 सुबह54मिअमृत7:14 सुबह – 8:32 सुबह1घं 18मिशुभ9:50 सुबह – 11:08 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:47 दोपहर21मिलाभ3:02 दोपहर – 4:20 शाम1घं 18मिअमृत4:20 शाम – 5:37 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:37 शाम – 6:05 शाम27मिचर5:37 शाम – 7:20 शाम1घं 42मिलाभ10:44 रात – 12:26 रात, 5 जनवरी1घं 42मिशुभ2:08 रात – 3:50 रात, 5 जनवरी1घं 42मिअमृत3:50 रात – 5:32 सुबह, 5 जनवरी1घं 42मिचर5:32 सुबह – 7:14 सुबह, 5 जनवरी1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
चर 7:45 शाम – 9:22 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:11 सुबह52मिचर11:12 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिशुभ4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिअमृत6:08 शाम – 7:45 शाम1घं 37मिचर7:45 शाम – 9:22 रात1घं 37मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:49 रात – 5:25 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:25 सुबह – 7:02 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:16 शाम – 7:51 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:03 सुबह51मिअमृत6:53 सुबह – 8:19 सुबह1घं 25मिशुभ9:44 सुबह – 11:09 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिलाभ3:25 दोपहर – 4:51 शाम1घं 25मिअमृत4:51 शाम – 6:16 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:41 शाम25मिचर6:16 शाम – 7:51 शाम1घं 35मिलाभ11:00 रात – 12:34 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिशुभ2:09 रात – 3:43 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिअमृत3:43 रात – 5:18 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिचर5:18 सुबह – 6:52 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 6:18 शाम – 7:52 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:00 सुबह50मिचर11:08 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिलाभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिशुभ4:52 शाम – 6:18 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिअमृत6:18 शाम – 7:52 शाम1घं 34मिचर7:52 शाम – 9:26 रात1घं 34मिलाभ12:34 रात – 2:08 रात, 26 फ़रवरी1घं 34मिशुभ3:42 रात – 5:16 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिअमृत5:16 सुबह – 6:50 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
मार्च 2027
अमृत 9:27 रात – 11:00 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह50मिलाभ6:44 सुबह – 8:12 सुबह1घं 27मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:16 दोपहर47मिचर3:28 दोपहर – 4:55 शाम1घं 27मिलाभ4:55 शाम – 6:22 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:22 शाम – 6:47 शाम25मिशुभ7:55 शाम – 9:27 रात1घं 33मिअमृत9:27 रात – 11:00 रात1घं 33मिचर11:00 रात – 12:33 रात, 4 मार्च1घं 33मिलाभ3:38 रात – 5:11 सुबह, 4 मार्च1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:54 सुबह49मिचर11:06 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:56 दोपहर47मिलाभ12:33 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 27मिशुभ4:55 शाम – 6:23 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:47 शाम25मिअमृत6:23 शाम – 7:55 शाम1घं 32मिचर7:55 शाम – 9:28 रात1घं 32मिलाभ12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च1घं 32मिशुभ3:37 रात – 5:10 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिअमृत5:10 सुबह – 6:42 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 7:58 शाम – 9:29 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:48 सुबह49मिलाभ6:37 सुबह – 8:06 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर47मिचर3:29 दोपहर – 4:58 शाम1घं 29मिलाभ4:58 शाम – 6:26 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिशुभ7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिअमृत9:29 रात – 11:00 रात1घं 31मिचर11:00 रात – 12:31 रात, 11 मार्च1घं 31मिलाभ3:33 रात – 5:05 सुबह, 11 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 7:58 शाम – 9:29 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:47 सुबह49मिचर11:02 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर47मिलाभ12:31 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 29मिशुभ4:58 शाम – 6:27 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:27 शाम – 7:58 शाम1घं 31मिचर7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिलाभ12:31 रात – 2:02 रात, 12 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:43 सुबह48मिअमृत6:31 सुबह – 8:01 सुबह1घं 30मिशुभ9:31 सुबह – 10:52 सुबह1घं 21मिलाभ11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिशुभ2:00 रात – 3:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिअमृत3:30 रात – 5:00 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिचर5:00 सुबह – 6:30 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 3:31 दोपहर – 5:03 शाम9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:47 सुबह – 5:34 सुबह47मिलाभ6:21 सुबह – 7:53 सुबह1घं 32मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:19 दोपहर49मिचर3:31 दोपहर – 5:03 शाम1घं 32मिलाभ5:03 शाम – 6:35 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:58 शाम24मिशुभ8:03 रात – 9:31 रात1घं 28मिअमृत9:31 रात – 10:59 रात1घं 28मिचर10:59 रात – 12:27 रात, 25 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
अप्रैल 2027
अमृत 4:44 सुबह – 6:10 सुबह, 2 अप्रैल5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:25 सुबह46मिचर10:52 सुबह – 11:33 सुबह41मिलाभ12:46 रात – 1:51 रात, 2 अप्रैल1घं 5मिशुभ3:18 रात – 4:44 सुबह, 2 अप्रैल1घं 26मिअमृत4:44 सुबह – 6:10 सुबह, 2 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
मई 2027
अमृत 5:29 सुबह – 7:11 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:48 सुबह42मिअमृत5:29 सुबह – 7:11 सुबह1घं 42मिशुभ8:53 सुबह – 10:36 सुबह1घं 42मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिलाभ3:42 दोपहर – 5:24 शाम1घं 42मिअमृत5:24 शाम – 7:06 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:06 शाम – 7:27 शाम21मिचर7:06 शाम – 8:24 रात1घं 18मिलाभ11:00 रात – 12:17 रात, 18 मई1घं 18मिशुभ1:35 रात – 2:53 रात, 18 मई1घं 18मिअमृत2:53 रात – 4:11 सुबह, 18 मई1घं 18मिचर4:11 सुबह – 5:29 सुबह, 18 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 3:46 दोपहर – 5:30 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह41मिशुभ10:03 सुबह – 10:35 सुबह32मिअभिजित मुहूर्त12:19 दोपहर – 12:46 दोपहर28मिलाभ3:46 दोपहर – 5:30 शाम1घं 44मिअमृत5:30 शाम – 7:14 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:14 शाम – 7:34 शाम20मिचर7:14 शाम – 8:30 रात1घं 16मिलाभ11:03 रात – 12:19 रात, 1 जून1घं 16मिशुभ1:35 रात – 2:51 रात, 1 जून1घं 16मिअमृत2:51 रात – 4:07 सुबह, 1 जून1घं 16मिचर4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 1 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2027
अमृत 5:22 सुबह – 7:07 सुबह7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिअमृत5:22 सुबह – 7:07 सुबह1घं 45मिशुभ8:52 सुबह – 10:37 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:49 दोपहर28मिशुभ2:08 रात – 2:52 रात, 15 जून43मिअमृत2:52 रात – 4:07 सुबह, 15 जून1घं 15मिचर4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 15 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 3:51 दोपहर – 5:36 शाम10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह40मिलाभ5:23 सुबह – 7:07 सुबह1घं 45मिविजय मुहूर्त2:41 दोपहर – 3:37 दोपहर56मिचर3:51 दोपहर – 5:36 शाम1घं 45मिलाभ5:36 शाम – 7:21 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिशुभ8:36 रात – 9:51 रात1घं 15मिअमृत9:51 रात – 11:07 रात1घं 15मिचर11:07 रात – 12:22 रात, 17 जून1घं 15मिलाभ2:52 रात – 4:08 सुबह, 17 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:23 सुबह – 7:08 सुबह9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह40मिअमृत5:23 सुबह – 7:08 सुबह1घं 45मिशुभ8:53 सुबह – 10:38 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:23 दोपहर – 12:51 दोपहर28मिलाभ3:52 दोपहर – 5:37 शाम1घं 45मिअमृत5:37 शाम – 7:22 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:42 शाम20मिचर7:22 शाम – 8:37 रात1घं 15मिलाभ11:08 रात – 11:51 रात43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जुलाई 2027
चर 5:27 सुबह – 7:11 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:47 सुबह40मिचर5:27 सुबह – 7:11 सुबह1घं 45मिअमृत8:56 सुबह – 10:40 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:53 दोपहर28मिशुभ12:25 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:24 दोपहर39मिअमृत1:48 रात – 2:56 रात, 3 जुलाई1घं 9मिचर2:56 रात – 4:12 सुबह, 3 जुलाई1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Griha Pravesh Muhurat — auspicious dates for house warming"