मुंडन मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 120 शुभ दिन · बेंगलुरु · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
अक्तूबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
नवंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
दिसंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
अगस्त 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
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सूर्य दक्षिणायन में
सितंबर 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
जनवरी 2027
चर 3:37 रात – 5:11 सुबह, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह50मिचर6:45 सुबह – 8:11 सुबह1घं 26मिअमृत9:37 सुबह – 11:03 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 12:52 दोपहर23मिशुभ12:29 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 26मिअमृत2:05 रात – 3:37 रात, 16 जनवरी1घं 33मिचर3:37 रात – 5:11 सुबह, 16 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 6:13 शाम – 7:47 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह50मिशुभ8:11 सुबह – 9:37 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:52 दोपहर46मिचर12:29 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 26मिअमृत3:21 दोपहर – 4:47 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:38 शाम25मिलाभ6:13 शाम – 7:47 शाम1घं 34मिशुभ9:21 रात – 10:55 रात1घं 34मिअमृत10:55 रात – 12:29 रात, 17 जनवरी1घं 34मिचर12:29 रात – 2:03 रात, 17 जनवरी1घं 34मिलाभ5:12 सुबह – 6:46 सुबह, 17 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:14 शाम – 7:48 शाम8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिअमृत6:46 सुबह – 8:12 सुबह1घं 26मिशुभ9:38 सुबह – 11:04 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:53 दोपहर23मिलाभ3:22 दोपहर – 4:48 शाम1घं 26मिअमृत4:48 शाम – 6:14 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:14 शाम – 6:39 शाम25मिचर6:14 शाम – 7:48 शाम1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 7:49 शाम – 9:22 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिलाभ11:04 सुबह – 12:30 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:30 दोपहर23मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:11 दोपहर46मिगोधूलि मुहूर्त6:15 शाम – 6:40 शाम25मिलाभ7:49 शाम – 9:22 रात1घं 34मिशुभ10:56 रात – 12:30 रात, 20 जनवरी1घं 34मिअमृत12:30 रात – 2:04 रात, 20 जनवरी1घं 34मिचर2:04 रात – 3:38 रात, 20 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
शुभ 7:49 शाम – 9:23 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिलाभ6:46 सुबह – 8:12 सुबह1घं 26मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:11 दोपहर46मिचर3:23 दोपहर – 4:49 शाम1घं 26मिलाभ4:49 शाम – 6:15 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:15 शाम – 6:40 शाम25मिशुभ7:49 शाम – 9:23 रात1घं 34मिअमृत9:23 रात – 10:57 रात1घं 34मिचर10:57 रात – 12:31 रात, 21 जनवरी1घं 34मिलाभ3:38 रात – 5:12 सुबह, 21 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 3:39 रात – 5:12 सुबह, 23 जनवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिचर7:38 सुबह – 8:12 सुबह34मिअमृत9:39 सुबह – 11:05 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 12:54 दोपहर23मिशुभ12:31 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:26 दोपहर – 3:12 दोपहर46मिचर4:50 शाम – 6:16 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:41 शाम25मिलाभ9:24 रात – 10:57 रात1घं 34मिशुभ12:31 रात – 2:05 रात, 23 जनवरी1घं 34मिअमृत2:05 रात – 3:39 रात, 23 जनवरी1घं 34मिचर3:39 रात – 5:12 सुबह, 23 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 10:58 रात – 12:31 रात, 24 जनवरी11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिशुभ8:12 सुबह – 9:39 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:54 दोपहर46मिचर12:31 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 26मिअमृत3:24 दोपहर – 4:50 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:17 शाम – 6:42 शाम25मिलाभ6:17 शाम – 7:50 शाम1घं 34मिशुभ9:24 रात – 10:58 रात1घं 34मिअमृत10:58 रात – 12:31 रात, 24 जनवरी1घं 34मिचर12:31 रात – 2:05 रात, 24 जनवरी1घं 34मिलाभ5:12 सुबह – 6:46 सुबह, 24 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 6:17 शाम – 7:51 शाम10 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मघापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिचर8:13 सुबह – 9:39 सुबह1घं 26मिलाभ9:39 सुबह – 11:05 सुबह1घं 26मिअमृत11:05 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:32 दोपहर23मिशुभ1:58 दोपहर – 3:24 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:13 दोपहर46मिगोधूलि मुहूर्त6:17 शाम – 6:42 शाम25मिशुभ6:17 शाम – 7:51 शाम1घं 34मिअमृत7:51 शाम – 9:24 रात1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:13 सुबह – 6:46 सुबह, 26 जनवरी11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिशुभ9:39 सुबह – 11:05 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 12:55 दोपहर23मिलाभ3:25 दोपहर – 4:51 शाम1घं 26मिअमृत4:51 शाम – 6:18 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिचर6:18 शाम – 7:51 शाम1घं 34मिलाभ10:58 रात – 12:32 रात, 26 जनवरी1घं 34मिशुभ2:05 रात – 3:39 रात, 26 जनवरी1घं 34मिअमृत3:39 रात – 5:13 सुबह, 26 जनवरी1घं 34मिचर5:13 सुबह – 6:46 सुबह, 26 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 7:52 शाम – 9:25 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिलाभ11:06 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:32 दोपहर23मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:14 दोपहर46मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिलाभ7:52 शाम – 9:25 रात1घं 34मिशुभ10:59 रात – 12:32 रात, 27 जनवरी1घं 34मिअमृत12:32 रात – 2:06 रात, 27 जनवरी1घं 34मिचर2:06 रात – 3:39 रात, 27 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:25 रात – 10:59 रात9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिलाभ6:46 सुबह – 8:13 सुबह1घं 27मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:14 दोपहर46मिचर3:25 दोपहर – 4:52 शाम1घं 27मिलाभ4:52 शाम – 6:19 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:19 शाम – 6:43 शाम25मिशुभ7:52 शाम – 9:25 रात1घं 33मिअमृत9:25 रात – 10:59 रात1घं 33मिचर10:59 रात – 12:32 रात, 28 जनवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:19 शाम – 7:52 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिशुभ4:52 शाम – 6:19 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:19 शाम – 6:44 शाम25मिअमृत6:19 शाम – 7:52 शाम1घं 33मिचर7:52 शाम – 9:26 रात1घं 33मिलाभ12:32 रात – 2:06 रात, 29 जनवरी1घं 33मिशुभ3:39 रात – 5:13 सुबह, 29 जनवरी1घं 33मिअमृत5:13 सुबह – 6:46 सुबह, 29 जनवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
शुभ 12:33 रात – 2:06 रात, 30 जनवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- शूल
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिचर6:46 सुबह – 8:13 सुबह1घं 27मिअमृत9:39 सुबह – 11:06 सुबह1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:56 दोपहर23मिशुभ12:33 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 27मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:14 दोपहर46मिचर4:53 शाम – 6:19 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:19 शाम – 6:44 शाम25मिलाभ9:26 रात – 10:59 रात1घं 33मिशुभ12:33 रात – 2:06 रात, 30 जनवरी1घं 33मिअमृत2:06 रात – 3:39 रात, 30 जनवरी1घं 33मिचर3:39 रात – 5:13 सुबह, 30 जनवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 11:06 सुबह – 12:33 दोपहर9 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिचर8:13 सुबह – 9:39 सुबह1घं 27मिलाभ9:39 सुबह – 11:06 सुबह1घं 27मिअमृत11:06 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:33 दोपहर23मिशुभ2:00 दोपहर – 3:27 दोपहर1घं 27मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:15 दोपहर46मिगोधूलि मुहूर्त6:20 शाम – 6:45 शाम25मिशुभ6:20 शाम – 7:35 शाम1घं 14मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
फ़रवरी 2027
लाभ 11:00 रात – 12:33 रात, 2 फ़रवरी11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिशुभ9:39 सुबह – 11:06 सुबह1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:56 दोपहर23मिलाभ3:27 दोपहर – 4:54 शाम1घं 27मिअमृत4:54 शाम – 6:21 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:21 शाम – 6:46 शाम25मिचर6:21 शाम – 7:54 शाम1घं 33मिलाभ11:00 रात – 12:33 रात, 2 फ़रवरी1घं 33मिशुभ2:06 रात – 3:39 रात, 2 फ़रवरी1घं 33मिअमृत3:39 रात – 5:12 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 33मिचर5:12 सुबह – 6:46 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 7:54 शाम – 9:27 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिलाभ11:06 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:33 दोपहर23मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:16 दोपहर46मिगोधूलि मुहूर्त6:21 शाम – 6:46 शाम25मिलाभ7:54 शाम – 9:27 रात1घं 33मिशुभ11:00 रात – 12:33 रात, 3 फ़रवरी1घं 33मिअमृत12:33 रात – 2:06 रात, 3 फ़रवरी1घं 33मिचर2:06 रात – 3:39 रात, 3 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:54 शाम – 9:27 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिलाभ6:45 सुबह – 8:12 सुबह1घं 27मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:16 दोपहर46मिचर3:27 दोपहर – 4:54 शाम1घं 27मिलाभ4:54 शाम – 6:22 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:22 शाम – 6:46 शाम25मिशुभ7:54 शाम – 9:27 रात1घं 33मिअमृत9:27 रात – 11:00 रात1घं 33मिचर11:00 रात – 12:33 रात, 4 फ़रवरी1घं 33मिलाभ3:39 रात – 5:12 सुबह, 4 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 11:06 सुबह – 12:34 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिचर11:06 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिलाभ12:34 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 27मिअमृत5:50 सुबह – 6:45 सुबह, 5 फ़रवरी55मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 6:23 शाम – 7:56 शाम13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:55 सुबह49मिचर8:12 सुबह – 9:39 सुबह1घं 27मिलाभ9:39 सुबह – 11:06 सुबह1घं 27मिअमृत11:06 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:34 दोपहर23मिशुभ2:01 दोपहर – 3:28 दोपहर1घं 27मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर47मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:48 शाम25मिशुभ6:23 शाम – 7:56 शाम1घं 33मिअमृत7:56 शाम – 9:28 रात1घं 33मिचर9:28 रात – 11:01 रात1घं 33मिलाभ2:06 रात – 3:39 रात, 8 फ़रवरी1घं 33मिशुभ5:12 सुबह – 6:44 सुबह, 8 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
अमृत 3:39 रात – 5:11 सुबह, 9 फ़रवरी12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह49मिअमृत6:44 सुबह – 8:12 सुबह1घं 27मिशुभ9:39 सुबह – 11:06 सुबह1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर23मिलाभ3:29 दोपहर – 4:56 शाम1घं 27मिअमृत4:56 शाम – 6:23 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:48 शाम25मिचर6:23 शाम – 7:56 शाम1घं 33मिलाभ11:01 रात – 12:34 रात, 9 फ़रवरी1घं 33मिशुभ2:06 रात – 3:39 रात, 9 फ़रवरी1घं 33मिअमृत3:39 रात – 5:11 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 33मिचर5:11 सुबह – 6:44 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 11:01 रात – 12:34 रात, 10 फ़रवरी9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह49मिलाभ11:06 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:34 दोपहर23मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर47मिगोधूलि मुहूर्त6:24 शाम – 6:48 शाम25मिलाभ7:56 शाम – 9:29 रात1घं 32मिशुभ11:01 रात – 12:34 रात, 10 फ़रवरी1घं 32मिअमृत12:34 रात – 2:06 रात, 10 फ़रवरी1घं 32मिचर2:06 रात – 3:39 रात, 10 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:24 शाम – 7:57 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:54 सुबह49मिचर11:06 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर47मिलाभ12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिशुभ4:57 शाम – 6:24 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:24 शाम – 6:49 शाम25मिअमृत6:24 शाम – 7:57 शाम1घं 32मिचर7:57 शाम – 9:29 रात1घं 32मिलाभ12:34 रात – 2:06 रात, 12 फ़रवरी1घं 32मिशुभ3:38 रात – 5:11 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 32मिअमृत5:11 सुबह – 6:43 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 12:34 रात – 2:06 रात, 13 फ़रवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:54 सुबह49मिचर6:43 सुबह – 8:11 सुबह1घं 28मिअमृत9:38 सुबह – 11:06 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर23मिशुभ12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर47मिचर4:57 शाम – 6:25 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:25 शाम – 6:49 शाम25मिलाभ9:29 रात – 11:01 रात1घं 32मिशुभ12:34 रात – 2:06 रात, 13 फ़रवरी1घं 32मिअमृत2:06 रात – 3:38 रात, 13 फ़रवरी1घं 32मिचर3:38 रात – 5:11 सुबह, 13 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 6:25 शाम – 7:57 शाम10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:54 सुबह49मिशुभ8:11 सुबह – 9:38 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:57 दोपहर47मिचर12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिअमृत3:29 दोपहर – 4:57 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:25 शाम – 6:50 शाम25मिलाभ6:25 शाम – 7:57 शाम1घं 32मिशुभ9:29 रात – 11:02 रात1घं 32मिअमृत11:02 रात – 12:34 रात, 14 फ़रवरी1घं 32मिचर12:34 रात – 2:06 रात, 14 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
शुभ 6:25 शाम – 7:57 शाम9 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:53 सुबह49मिशुभ2:02 दोपहर – 3:30 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर47मिगोधूलि मुहूर्त6:25 शाम – 6:50 शाम25मिशुभ6:25 शाम – 7:57 शाम1घं 32मिअमृत7:57 शाम – 9:29 रात1घं 32मिचर9:29 रात – 11:02 रात1घं 32मिलाभ2:06 रात – 3:38 रात, 15 फ़रवरी1घं 32मिशुभ5:10 सुबह – 6:42 सुबह, 15 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 7:58 शाम – 9:30 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:53 सुबह49मिलाभ11:06 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:34 दोपहर23मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर47मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:50 शाम25मिलाभ7:58 शाम – 9:30 रात1घं 32मिशुभ11:02 रात – 12:34 रात, 17 फ़रवरी1घं 32मिअमृत12:34 रात – 2:06 रात, 17 फ़रवरी1घं 32मिचर2:06 रात – 3:37 रात, 17 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:02 रात – 12:34 रात, 18 फ़रवरी7 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:52 सुबह49मिलाभ5:32 शाम – 6:26 शाम54मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिशुभ7:58 शाम – 9:30 रात1घं 32मिअमृत9:30 रात – 11:02 रात1घं 32मिचर11:02 रात – 12:34 रात, 18 फ़रवरी1घं 32मिलाभ3:37 रात – 5:09 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
अमृत 6:26 शाम – 7:58 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:52 सुबह49मिचर11:05 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:57 दोपहर47मिलाभ12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिशुभ4:58 शाम – 6:26 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:26 शाम – 7:58 शाम1घं 32मिचर7:58 शाम – 9:30 रात1घं 32मिलाभ12:33 रात – 2:05 रात, 19 फ़रवरी1घं 32मिशुभ3:37 रात – 5:09 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 32मिअमृत5:09 सुबह – 6:40 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:30 रात – 11:02 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:52 सुबह49मिचर6:40 सुबह – 8:09 सुबह1घं 28मिअमृत9:37 सुबह – 11:05 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर24मिशुभ12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर47मिचर4:58 शाम – 6:27 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिलाभ9:30 रात – 11:02 रात1घं 32मिशुभ12:33 रात – 2:05 रात, 20 फ़रवरी1घं 32मिअमृत2:05 रात – 3:37 रात, 20 फ़रवरी1घं 32मिचर3:37 रात – 5:08 सुबह, 20 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 6:27 शाम – 7:59 शाम13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मघापाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त5:02 सुबह – 5:51 सुबह49मिचर8:08 सुबह – 9:36 सुबह1घं 28मिलाभ9:36 सुबह – 11:05 सुबह1घं 28मिअमृत11:05 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:33 दोपहर24मिशुभ2:02 दोपहर – 3:30 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर47मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिशुभ6:27 शाम – 7:59 शाम1घं 32मिअमृत7:59 शाम – 9:30 रात1घं 32मिचर9:30 रात – 11:02 रात1घं 32मिलाभ2:05 रात – 3:36 रात, 22 फ़रवरी1घं 32मिशुभ5:08 सुबह – 6:39 सुबह, 22 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:27 शाम – 7:59 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:02 सुबह – 5:50 सुबह49मिअमृत6:39 सुबह – 8:08 सुबह1घं 29मिशुभ9:36 सुबह – 11:05 सुबह1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:57 दोपहर24मिलाभ3:30 दोपहर – 4:59 शाम1घं 29मिअमृत4:59 शाम – 6:27 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:52 शाम24मिचर6:27 शाम – 7:59 शाम1घं 31मिलाभ11:02 रात – 12:33 रात, 23 फ़रवरी1घं 31मिशुभ2:04 रात – 3:36 रात, 23 फ़रवरी1घं 31मिअमृत3:36 रात – 5:07 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 31मिचर5:07 सुबह – 6:39 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 2:04 रात – 3:36 रात, 24 फ़रवरी4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:01 सुबह – 5:50 सुबह49मिशुभ11:02 रात – 12:33 रात, 24 फ़रवरी1घं 31मिअमृत12:33 रात – 2:04 रात, 24 फ़रवरी1घं 31मिचर2:04 रात – 3:36 रात, 24 फ़रवरी1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:28 शाम – 7:59 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:49 सुबह49मिचर11:04 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:56 दोपहर47मिलाभ12:33 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 29मिशुभ4:59 शाम – 6:28 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:28 शाम – 6:52 शाम24मिअमृत6:28 शाम – 7:59 शाम1घं 31मिचर7:59 शाम – 9:30 रात1घं 31मिलाभ12:33 रात – 2:04 रात, 26 फ़रवरी1घं 31मिशुभ3:35 रात – 5:06 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 31मिअमृत5:06 सुबह – 6:37 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:37 सुबह – 8:06 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:49 सुबह49मिचर6:37 सुबह – 8:06 सुबह1घं 29मिअमृत9:35 सुबह – 11:04 सुबह1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:56 दोपहर24मिशुभ12:33 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 29मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:19 दोपहर47मिचर4:59 शाम – 6:28 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:28 शाम – 6:52 शाम24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 11:01 रात – 12:32 रात, 28 फ़रवरी11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:48 सुबह49मिशुभ9:14 सुबह – 9:35 सुबह21मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:56 दोपहर47मिचर12:32 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 29मिअमृत3:30 दोपहर – 4:59 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:28 शाम – 6:53 शाम24मिलाभ6:28 शाम – 7:59 शाम1घं 31मिशुभ9:30 रात – 11:01 रात1घं 31मिअमृत11:01 रात – 12:32 रात, 28 फ़रवरी1घं 31मिचर12:32 रात – 2:03 रात, 28 फ़रवरी1घं 31मिलाभ5:05 सुबह – 6:36 सुबह, 28 फ़रवरी1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 6:28 शाम – 7:59 शाम13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:48 सुबह49मिचर8:05 सुबह – 9:34 सुबह1घं 29मिलाभ9:34 सुबह – 11:03 सुबह1घं 29मिअमृत11:03 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:32 दोपहर24मिशुभ2:01 दोपहर – 3:30 दोपहर1घं 29मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर47मिगोधूलि मुहूर्त6:28 शाम – 6:53 शाम24मिशुभ6:28 शाम – 7:59 शाम1घं 31मिअमृत7:59 शाम – 9:30 रात1घं 31मिचर9:30 रात – 11:01 रात1घं 31मिलाभ2:03 रात – 3:34 रात, 1 मार्च1घं 31मिशुभ5:05 सुबह – 6:36 सुबह, 1 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
मार्च 2027
लाभ 11:03 सुबह – 12:32 दोपहर4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:47 सुबह48मिलाभ11:03 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:32 दोपहर24मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
शुभ 8:00 रात – 9:30 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:46 सुबह48मिलाभ6:34 सुबह – 8:04 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिचर3:30 दोपहर – 5:00 शाम1घं 29मिलाभ5:00 शाम – 6:29 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:29 शाम – 6:53 शाम24मिशुभ8:00 रात – 9:30 रात1घं 31मिअमृत9:30 रात – 11:01 रात1घं 31मिचर11:01 रात – 12:31 रात, 4 मार्च1घं 31मिलाभ3:33 रात – 5:03 सुबह, 4 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:29 शाम – 8:00 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:46 सुबह48मिचर11:02 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर48मिलाभ12:31 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 29मिशुभ5:00 शाम – 6:29 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:29 शाम – 6:53 शाम24मिअमृत6:29 शाम – 8:00 रात1घं 31मिचर8:00 रात – 9:30 रात1घं 31मिलाभ12:31 रात – 2:02 रात, 5 मार्च1घं 31मिशुभ3:32 रात – 5:03 सुबह, 5 मार्च1घं 31मिअमृत5:03 सुबह – 6:33 सुबह, 5 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:30 रात – 11:01 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:45 सुबह48मिचर6:33 सुबह – 8:03 सुबह1घं 29मिअमृत9:32 सुबह – 11:02 सुबह1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 12:55 दोपहर24मिशुभ12:31 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 29मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिचर5:00 शाम – 6:29 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:29 शाम – 6:53 शाम24मिलाभ9:30 रात – 11:01 रात1घं 30मिशुभ12:31 रात – 2:01 रात, 6 मार्च1घं 30मिअमृत2:01 रात – 3:32 रात, 6 मार्च1घं 30मिचर3:32 रात – 5:02 सुबह, 6 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:02 सुबह – 6:32 सुबह, 7 मार्च4 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:56 सुबह – 5:45 सुबह48मिशुभ8:02 सुबह – 9:32 सुबह1घं 30मिचर12:59 रात – 2:01 रात, 7 मार्च1घं 2मिलाभ5:02 सुबह – 6:32 सुबह, 7 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
लाभ 8:00 रात – 9:30 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:43 सुबह48मिलाभ11:00 सुबह – 12:30 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:30 दोपहर24मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिगोधूलि मुहूर्त6:30 शाम – 6:54 शाम24मिलाभ8:00 रात – 9:30 रात1घं 30मिशुभ11:00 रात – 12:30 रात, 10 मार्च1घं 30मिअमृत12:30 रात – 2:00 रात, 10 मार्च1घं 30मिचर2:00 रात – 3:30 रात, 10 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 9:30 रात – 11:00 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:54 सुबह – 5:42 सुबह48मिलाभ6:30 सुबह – 8:00 सुबह1घं 30मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिचर3:30 दोपहर – 5:00 शाम1घं 30मिलाभ5:00 शाम – 6:30 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:30 शाम – 6:54 शाम24मिशुभ8:00 रात – 9:30 रात1घं 30मिअमृत9:30 रात – 11:00 रात1घं 30मिचर11:00 रात – 12:30 रात, 11 मार्च1घं 30मिलाभ3:30 रात – 5:00 सुबह, 11 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 11:00 सुबह – 12:30 दोपहर9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:54 सुबह – 5:42 सुबह48मिचर11:00 सुबह – 12:30 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:54 दोपहर48मिलाभ12:30 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 30मिशुभ5:00 शाम – 6:30 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:30 शाम – 6:54 शाम24मिअमृत6:30 शाम – 8:00 रात1घं 30मिचर8:00 रात – 9:30 रात1घं 30मिलाभ12:30 रात – 1:59 रात, 12 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:59 सुबह – 9:29 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:53 सुबह – 5:41 सुबह48मिशुभ7:59 सुबह – 9:29 सुबह1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:53 दोपहर48मिचर12:29 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 30मिअमृत3:30 दोपहर – 5:00 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:30 शाम – 6:54 शाम24मिलाभ6:30 शाम – 8:00 रात1घं 30मिशुभ9:30 रात – 10:59 रात1घं 30मिअमृत10:59 रात – 12:29 रात, 14 मार्च1घं 30मिचर12:29 रात – 1:59 रात, 14 मार्च1घं 30मिलाभ4:58 सुबह – 6:28 सुबह, 14 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:58 सुबह – 9:28 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:52 सुबह – 5:40 सुबह48मिचर7:58 सुबह – 9:28 सुबह1घं 30मिलाभ9:28 सुबह – 10:59 सुबह1घं 30मिअमृत10:59 सुबह – 12:29 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:29 दोपहर24मिशुभ1:59 दोपहर – 3:30 दोपहर1घं 30मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिगोधूलि मुहूर्त6:30 शाम – 6:54 शाम24मिशुभ6:30 शाम – 8:00 रात1घं 30मिअमृत8:00 रात – 9:29 रात1घं 30मिचर9:29 रात – 10:59 रात1घं 30मिलाभ1:58 रात – 3:28 रात, 15 मार्च1घं 30मिशुभ4:58 सुबह – 6:27 सुबह, 15 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:27 सुबह – 7:58 सुबह7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:52 सुबह – 5:39 सुबह48मिअमृत6:27 सुबह – 7:58 सुबह1घं 30मिशुभ9:28 सुबह – 10:52 सुबह1घं 24मिलाभ10:59 रात – 12:28 रात, 16 मार्च1घं 30मिशुभ1:58 रात – 3:28 रात, 16 मार्च1घं 30मिअमृत3:28 रात – 4:57 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिचर4:57 सुबह – 6:27 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अप्रैल 2027
चर 6:07 सुबह – 7:40 सुबह9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:20 सुबह46मिचर6:07 सुबह – 7:40 सुबह1घं 33मिअमृत9:13 सुबह – 10:46 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:44 दोपहर25मिशुभ12:20 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:14 दोपहर50मिचर4:59 शाम – 6:33 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिलाभ9:26 रात – 10:24 रात58मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 12:19 दोपहर – 1:53 दोपहर10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- मघापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:20 सुबह46मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:44 दोपहर50मिचर12:19 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 33मिअमृत3:26 दोपहर – 4:59 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिलाभ6:33 शाम – 7:59 शाम1घं 27मिशुभ9:26 रात – 10:53 रात1घं 27मिअमृत10:53 रात – 12:19 रात, 18 अप्रैल1घं 27मिचर12:19 रात – 1:46 रात, 18 अप्रैल1घं 27मिलाभ4:39 सुबह – 6:06 सुबह, 18 अप्रैल1घं 27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 10:46 सुबह – 12:19 दोपहर13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:19 सुबह46मिचर7:39 सुबह – 9:12 सुबह1घं 33मिलाभ9:12 सुबह – 10:46 सुबह1घं 33मिअमृत10:46 सुबह – 12:19 दोपहर1घं 33मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:19 दोपहर25मिशुभ1:53 दोपहर – 3:26 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:14 दोपहर50मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिशुभ6:33 शाम – 7:59 शाम1घं 27मिअमृत7:59 शाम – 9:26 रात1घं 27मिचर9:26 रात – 10:52 रात1घं 27मिलाभ1:45 रात – 3:12 रात, 19 अप्रैल1घं 27मिशुभ4:38 सुबह – 6:05 सुबह, 19 अप्रैल1घं 27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:05 सुबह – 7:38 सुबह11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:19 सुबह46मिअमृत6:05 सुबह – 7:38 सुबह1घं 33मिशुभ9:12 सुबह – 10:45 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:19 दोपहर – 12:44 दोपहर25मिलाभ3:26 दोपहर – 4:59 शाम1घं 33मिअमृत4:59 शाम – 6:33 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिचर6:33 शाम – 7:59 शाम1घं 26मिलाभ10:52 रात – 12:19 रात, 20 अप्रैल1घं 26मिशुभ1:45 रात – 3:12 रात, 20 अप्रैल1घं 26मिअमृत3:12 रात – 4:38 सुबह, 20 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 7:59 शाम – 9:26 रात6 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- चित्रापाद 1
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:32 सुबह – 5:18 सुबह46मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिलाभ7:59 शाम – 9:26 रात1घं 26मिशुभ10:52 रात – 12:18 रात, 21 अप्रैल1घं 26मिअमृत12:18 रात – 1:45 रात, 21 अप्रैल1घं 26मिचर1:45 रात – 3:11 रात, 21 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
लाभ 6:04 सुबह – 7:38 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:32 सुबह – 5:18 सुबह46मिलाभ6:04 सुबह – 7:38 सुबह1घं 34मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर50मिचर3:26 दोपहर – 5:00 शाम1घं 34मिलाभ5:00 शाम – 6:33 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिशुभ7:59 शाम – 9:26 रात1घं 26मिअमृत9:26 रात – 10:52 रात1घं 26मिचर10:52 रात – 12:18 रात, 22 अप्रैल1घं 26मिलाभ3:11 रात – 4:37 सुबह, 22 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:45 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:17 सुबह46मिचर10:45 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:43 दोपहर50मिलाभ12:18 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 34मिशुभ5:00 शाम – 6:33 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिअमृत6:33 शाम – 7:59 शाम1घं 26मिचर7:59 शाम – 9:26 रात1घं 26मिलाभ12:18 रात – 1:44 रात, 23 अप्रैल1घं 26मिशुभ3:10 रात – 4:37 सुबह, 23 अप्रैल1घं 26मिअमृत4:37 सुबह – 6:03 सुबह, 23 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:03 सुबह – 7:37 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:17 सुबह46मिचर6:03 सुबह – 7:37 सुबह1घं 34मिअमृत9:10 सुबह – 10:44 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:43 दोपहर25मिशुभ12:18 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर50मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:36 सुबह – 9:10 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:16 सुबह46मिचर7:36 सुबह – 9:10 सुबह1घं 34मिलाभ9:10 सुबह – 10:44 सुबह1घं 34मिअमृत10:44 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:18 दोपहर25मिशुभ1:52 दोपहर – 3:26 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर50मिगोधूलि मुहूर्त6:34 शाम – 6:57 शाम23मिशुभ6:34 शाम – 8:00 रात1घं 26मिअमृत8:00 रात – 9:26 रात1घं 26मिचर9:26 रात – 10:52 रात1घं 26मिलाभ1:43 रात – 3:09 रात, 26 अप्रैल1घं 26मिशुभ4:35 सुबह – 6:01 सुबह, 26 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 9:09 सुबह – 10:44 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:15 सुबह46मिअमृत6:01 सुबह – 7:35 सुबह1घं 34मिशुभ9:09 सुबह – 10:44 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:43 दोपहर25मिलाभ3:26 दोपहर – 5:00 शाम1घं 34मिअमृत5:00 शाम – 6:34 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:34 शाम – 6:57 शाम23मिचर6:34 शाम – 8:00 रात1घं 26मिलाभ10:51 रात – 12:17 रात, 27 अप्रैल1घं 26मिशुभ1:43 रात – 3:09 रात, 27 अप्रैल1घं 26मिअमृत3:09 रात – 4:35 सुबह, 27 अप्रैल1घं 26मिचर4:35 सुबह – 6:01 सुबह, 27 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 12:17 रात – 1:43 रात, 28 अप्रैल4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:29 सुबह – 5:15 सुबह46मिशुभ11:14 रात – 12:17 रात, 28 अप्रैल1घं 3मिअमृत12:17 रात – 1:43 रात, 28 अप्रैल1घं 26मिचर1:43 रात – 3:09 रात, 28 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
लाभ 6:00 सुबह – 7:35 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:29 सुबह – 5:15 सुबह46मिलाभ6:00 सुबह – 7:35 सुबह1घं 34मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर50मिचर3:26 दोपहर – 5:00 शाम1घं 34मिलाभ5:00 शाम – 6:34 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:34 शाम – 6:57 शाम23मिशुभ8:00 रात – 9:26 रात1घं 26मिअमृत9:26 रात – 10:51 रात1घं 26मिचर10:51 रात – 12:17 रात, 29 अप्रैल1घं 26मिलाभ3:08 रात – 4:34 सुबह, 29 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
लाभ 12:17 दोपहर – 1:51 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:14 सुबह46मिचर10:43 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:42 दोपहर50मिलाभ12:17 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 34मिशुभ5:00 शाम – 6:34 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:34 शाम – 6:57 शाम23मिअमृत6:34 शाम – 8:00 रात1घं 26मिचर8:00 रात – 9:26 रात1घं 26मिलाभ12:17 रात – 1:43 रात, 30 अप्रैल1घं 26मिशुभ3:08 रात – 4:34 सुबह, 30 अप्रैल1घं 26मिअमृत4:34 सुबह – 5:59 सुबह, 30 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
मई 2027
शुभ 9:26 रात – 10:51 रात6 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:13 सुबह46मिलाभ6:54 शाम – 8:00 रात1घं 6मिशुभ9:26 रात – 10:51 रात1घं 25मिअमृत10:51 रात – 12:17 रात, 2 मई1घं 25मिचर12:17 रात – 1:42 रात, 2 मई1घं 25मिलाभ4:33 सुबह – 5:59 सुबह, 2 मई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
अमृत 10:42 सुबह – 12:17 दोपहर13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:13 सुबह46मिचर7:33 सुबह – 9:08 सुबह1घं 35मिलाभ9:08 सुबह – 10:42 सुबह1घं 35मिअमृत10:42 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:17 दोपहर25मिशुभ1:51 दोपहर – 3:26 दोपहर1घं 35मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर50मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:58 शाम23मिशुभ6:35 शाम – 8:00 रात1घं 25मिअमृत8:00 रात – 9:26 रात1घं 25मिचर9:26 रात – 10:51 रात1घं 25मिलाभ1:42 रात – 3:07 रात, 3 मई1घं 25मिशुभ4:33 सुबह – 5:58 सुबह, 3 मई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 9:07 सुबह – 10:42 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:13 सुबह46मिअमृत5:58 सुबह – 7:33 सुबह1घं 35मिशुभ9:07 सुबह – 10:42 सुबह1घं 35मिअभिजित मुहूर्त12:17 दोपहर – 12:42 दोपहर25मिलाभ3:26 दोपहर – 5:00 शाम1घं 35मिअमृत5:00 शाम – 6:35 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:58 शाम23मिचर6:35 शाम – 8:00 रात1घं 25मिलाभ10:51 रात – 12:16 रात, 4 मई1घं 25मिशुभ1:42 रात – 3:07 रात, 4 मई1घं 25मिअमृत3:07 रात – 4:32 सुबह, 4 मई1घं 25मिचर4:32 सुबह – 5:58 सुबह, 4 मई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 10:42 सुबह – 12:17 दोपहर5 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:12 सुबह46मिलाभ10:42 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:17 दोपहर25मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:58 शाम23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:57 सुबह – 7:32 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:11 सुबह45मिचर5:57 सुबह – 7:32 सुबह1घं 35मिअमृत9:06 सुबह – 10:41 सुबह1घं 35मिअभिजित मुहूर्त12:16 दोपहर – 12:42 दोपहर25मिशुभ12:16 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 35मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर51मिचर5:01 शाम – 6:36 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:36 शाम – 6:59 शाम23मिलाभ9:26 रात – 10:51 रात1घं 25मिशुभ12:16 रात – 1:41 रात, 8 मई1घं 25मिअमृत1:41 रात – 3:06 रात, 8 मई1घं 25मिचर3:06 रात – 4:31 सुबह, 8 मई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 7:31 सुबह – 9:06 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:11 सुबह45मिशुभ7:31 सुबह – 9:06 सुबह1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:42 दोपहर51मिचर12:16 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 35मिअमृत3:26 दोपहर – 5:01 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:36 शाम – 6:59 शाम23मिलाभ6:36 शाम – 8:01 रात1घं 25मिशुभ9:26 रात – 10:51 रात1घं 25मिअमृत10:51 रात – 12:16 रात, 9 मई1घं 25मिचर12:16 रात – 1:41 रात, 9 मई1घं 25मिलाभ4:31 सुबह – 5:56 सुबह, 9 मई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:06 सुबह – 10:41 सुबह9 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:11 सुबह45मिचर7:31 सुबह – 9:06 सुबह1घं 35मिलाभ9:06 सुबह – 10:41 सुबह1घं 35मिअमृत10:41 सुबह – 12:16 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:16 दोपहर25मिशुभ1:51 दोपहर – 3:26 दोपहर1घं 35मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:14 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:36 शाम – 6:59 शाम23मिशुभ6:36 शाम – 7:43 शाम1घं 7मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 10:41 सुबह – 12:16 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- शूल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:10 सुबह45मिलाभ10:41 सुबह – 12:16 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:16 दोपहर25मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:14 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:37 शाम – 6:59 शाम23मिलाभ8:02 रात – 9:26 रात1घं 25मिशुभ10:51 रात – 12:16 रात, 12 मई1घं 25मिअमृत12:16 रात – 1:41 रात, 12 मई1घं 25मिचर1:41 रात – 3:05 रात, 12 मई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:55 सुबह – 7:30 सुबह9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:10 सुबह45मिलाभ5:55 सुबह – 7:30 सुबह1घं 35मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:14 दोपहर51मिचर3:27 दोपहर – 5:02 शाम1घं 35मिलाभ5:02 शाम – 6:37 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:37 शाम – 7:00 शाम23मिशुभ8:02 रात – 9:27 रात1घं 25मिअमृत9:27 रात – 10:51 रात1घं 25मिचर10:51 रात – 11:14 रात22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:41 सुबह – 12:16 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:10 सुबह45मिचर10:41 सुबह – 12:16 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:41 दोपहर51मिलाभ12:16 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 35मिशुभ5:02 शाम – 6:37 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:37 शाम – 7:00 शाम23मिअमृत6:37 शाम – 8:02 रात1घं 25मिचर8:02 रात – 9:27 रात1घं 25मिलाभ12:16 रात – 1:41 रात, 14 मई1घं 25मिशुभ3:05 रात – 4:30 सुबह, 14 मई1घं 25मिअमृत4:30 सुबह – 5:54 सुबह, 14 मई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 12:16 दोपहर – 1:52 दोपहर11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह45मिशुभ7:30 सुबह – 9:05 सुबह1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:42 दोपहर51मिचर12:16 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 35मिअमृत3:27 दोपहर – 5:02 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:38 शाम – 7:00 शाम23मिलाभ6:38 शाम – 8:02 रात1घं 25मिशुभ9:27 रात – 10:51 रात1घं 25मिअमृत10:51 रात – 12:16 रात, 16 मई1घं 25मिचर12:16 रात – 1:40 रात, 16 मई1घं 25मिलाभ4:29 सुबह – 5:44 सुबह, 16 मई1घं 14मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 6:38 शाम – 8:03 रात7 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह45मिगोधूलि मुहूर्त6:38 शाम – 7:01 शाम23मिशुभ6:38 शाम – 8:03 रात1घं 24मिअमृत8:03 रात – 9:27 रात1घं 24मिचर9:27 रात – 10:52 रात1घं 24मिलाभ1:40 रात – 3:05 रात, 17 मई1घं 24मिशुभ4:29 सुबह – 5:54 सुबह, 17 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:03 शाम – 6:38 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह45मिअमृत5:54 सुबह – 7:29 सुबह1घं 36मिशुभ9:05 सुबह – 10:41 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:16 दोपहर – 12:42 दोपहर25मिलाभ3:27 दोपहर – 5:03 शाम1घं 36मिअमृत5:03 शाम – 6:38 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:38 शाम – 7:01 शाम23मिचर6:38 शाम – 8:03 रात1घं 24मिलाभ10:52 रात – 12:16 रात, 18 मई1घं 24मिशुभ1:40 रात – 3:05 रात, 18 मई1घं 24मिअमृत3:05 रात – 4:29 सुबह, 18 मई1घं 24मिचर4:29 सुबह – 5:54 सुबह, 18 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 10:40 सुबह – 12:16 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह45मिलाभ10:40 सुबह – 12:16 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:16 दोपहर26मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:15 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:39 शाम – 7:01 शाम22मिलाभ8:03 रात – 9:27 रात1घं 24मिशुभ10:52 रात – 12:16 रात, 19 मई1घं 24मिअमृत12:16 रात – 1:40 रात, 19 मई1घं 24मिचर1:40 रात – 3:05 रात, 19 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:16 दोपहर – 1:52 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिचर10:40 सुबह – 12:16 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:42 दोपहर51मिलाभ12:16 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 36मिशुभ5:03 शाम – 6:39 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:39 शाम – 7:02 शाम22मिअमृत6:39 शाम – 8:03 रात1घं 24मिचर8:03 रात – 9:28 रात1घं 24मिलाभ12:16 रात – 1:40 रात, 21 मई1घं 24मिशुभ3:05 रात – 4:29 सुबह, 21 मई1घं 24मिअमृत4:29 सुबह – 5:53 सुबह, 21 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:05 सुबह – 10:40 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिचर5:53 सुबह – 7:29 सुबह1घं 36मिअमृत9:05 सुबह – 10:40 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:16 दोपहर – 12:42 दोपहर26मिशुभ12:16 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:15 दोपहर51मिचर5:04 शाम – 6:40 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:40 शाम – 7:02 शाम22मिलाभ9:28 रात – 10:52 रात1घं 24मिशुभ12:16 रात – 1:40 रात, 22 मई1घं 24मिअमृत1:40 रात – 3:05 रात, 22 मई1घं 24मिचर3:05 रात – 4:29 सुबह, 22 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:29 सुबह – 9:05 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिशुभ7:29 सुबह – 9:05 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:42 दोपहर51मिचर12:16 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 36मिअमृत3:28 दोपहर – 5:04 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:40 शाम – 7:02 शाम22मिलाभ6:40 शाम – 8:04 रात1घं 24मिशुभ9:28 रात – 10:52 रात1घं 24मिअमृत10:52 रात – 12:16 रात, 23 मई1घं 24मिचर12:16 रात – 1:40 रात, 23 मई1घं 24मिलाभ4:29 सुबह – 5:53 सुबह, 23 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 9:28 रात – 10:52 रात5 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिअमृत8:42 रात – 9:28 रात46मिचर9:28 रात – 10:52 रात1घं 24मिलाभ1:40 रात – 3:04 रात, 24 मई1घं 24मिशुभ4:29 सुबह – 5:53 सुबह, 24 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 10:41 सुबह – 12:17 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिलाभ10:41 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:17 दोपहर26मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:16 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:41 शाम – 7:03 शाम22मिलाभ8:05 रात – 9:29 रात1घं 24मिशुभ10:53 रात – 12:17 रात, 26 मई1घं 24मिअमृत12:17 रात – 1:40 रात, 26 मई1घं 24मिचर1:40 रात – 3:04 रात, 26 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 5:52 सुबह – 7:28 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिलाभ5:52 सुबह – 7:28 सुबह1घं 36मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:16 दोपहर51मिचर3:29 दोपहर – 5:05 शाम1घं 36मिलाभ5:05 शाम – 6:41 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:41 शाम – 7:03 शाम22मिशुभ8:05 रात – 9:29 रात1घं 24मिअमृत9:29 रात – 10:53 रात1घं 24मिचर10:53 रात – 12:17 रात, 27 मई1घं 24मिलाभ3:04 रात – 4:05 सुबह, 27 मई1घं 1मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 6:41 शाम – 8:05 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिशुभ5:18 शाम – 6:41 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:41 शाम – 7:04 शाम22मिअमृत6:41 शाम – 8:05 रात1घं 24मिचर8:05 रात – 9:29 रात1घं 24मिलाभ12:17 रात – 1:41 रात, 28 मई1घं 24मिशुभ3:05 रात – 4:28 सुबह, 28 मई1घं 24मिअमृत4:28 सुबह – 5:52 सुबह, 28 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 5:52 सुबह – 7:28 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिचर5:52 सुबह – 7:28 सुबह1घं 36मिअमृत9:05 सुबह – 10:41 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:17 दोपहर – 12:43 दोपहर26मिशुभ12:17 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:16 दोपहर51मिचर5:05 शाम – 6:42 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:04 शाम22मिलाभ9:29 रात – 10:53 रात1घं 24मिशुभ12:17 रात – 1:41 रात, 29 मई1घं 24मिअमृत1:41 रात – 3:05 रात, 29 मई1घं 24मिचर3:05 रात – 4:28 सुबह, 29 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:28 सुबह – 9:05 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:07 सुबह45मिशुभ7:28 सुबह – 9:05 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:43 दोपहर51मिचर12:17 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 36मिअमृत3:29 दोपहर – 5:06 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:04 शाम22मिलाभ6:42 शाम – 8:06 रात1घं 24मिशुभ9:29 रात – 10:53 रात1घं 24मिअमृत10:53 रात – 12:17 रात, 30 मई1घं 24मिचर12:17 रात – 1:41 रात, 30 मई1घं 24मिलाभ4:28 सुबह – 5:52 सुबह, 30 मई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 3:30 दोपहर – 5:06 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:07 सुबह45मिशुभ10:03 सुबह – 10:41 सुबह38मिअभिजित मुहूर्त12:17 दोपहर – 12:43 दोपहर26मिलाभ3:30 दोपहर – 5:06 शाम1घं 36मिअमृत5:06 शाम – 6:42 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:05 शाम22मिचर6:42 शाम – 8:06 रात1घं 24मिलाभ10:54 रात – 12:17 रात, 1 जून1घं 24मिशुभ1:41 रात – 3:05 रात, 1 जून1घं 24मिअमृत3:05 रात – 4:28 सुबह, 1 जून1घं 24मिचर4:28 सुबह – 5:52 सुबह, 1 जून1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2027
लाभ 10:41 सुबह – 12:17 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:07 सुबह45मिलाभ10:41 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:17 दोपहर26मिविजय मुहूर्त2:26 दोपहर – 3:17 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:43 शाम – 7:05 शाम22मिलाभ8:06 रात – 9:30 रात1घं 24मिशुभ10:54 रात – 12:17 रात, 2 जून1घं 24मिअमृत12:17 रात – 1:41 रात, 2 जून1घं 24मिचर1:41 रात – 3:05 रात, 2 जून1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 3:30 दोपहर – 5:07 शाम10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 3
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिलाभ5:52 सुबह – 7:29 सुबह1घं 36मिविजय मुहूर्त2:26 दोपहर – 3:17 दोपहर51मिचर3:30 दोपहर – 5:07 शाम1घं 36मिलाभ5:07 शाम – 6:43 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:43 शाम – 7:05 शाम22मिशुभ8:07 रात – 9:30 रात1घं 24मिअमृत9:30 रात – 10:54 रात1घं 24मिचर10:54 रात – 12:18 रात, 3 जून1घं 24मिलाभ3:05 रात – 4:29 सुबह, 3 जून1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 6:43 शाम – 8:07 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 4
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिशुभ5:24 शाम – 6:43 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त6:43 शाम – 7:06 शाम22मिअमृत6:43 शाम – 8:07 रात1घं 24मिचर8:07 रात – 9:31 रात1घं 24मिलाभ12:18 रात – 1:41 रात, 4 जून1घं 24मिशुभ3:05 रात – 4:29 सुबह, 4 जून1घं 24मिअमृत4:29 सुबह – 5:52 सुबह, 4 जून1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:29 सुबह – 9:05 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिशुभ7:29 सुबह – 9:05 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:44 दोपहर51मिचर12:18 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 36मिअमृत3:31 दोपहर – 5:08 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:44 शाम – 7:06 शाम22मिलाभ6:44 शाम – 8:08 रात1घं 24मिशुभ9:31 रात – 10:55 रात1घं 24मिअमृत10:55 रात – 12:18 रात, 6 जून1घं 24मिचर12:18 रात – 1:42 रात, 6 जून1घं 24मिलाभ4:29 सुबह – 5:52 सुबह, 6 जून1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:29 सुबह – 9:05 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- शूल
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिचर7:29 सुबह – 9:05 सुबह1घं 36मिलाभ9:05 सुबह – 10:42 सुबह1घं 36मिअमृत10:42 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:18 दोपहर26मिशुभ1:55 दोपहर – 3:31 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:18 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:44 शाम – 7:07 शाम22मिशुभ6:44 शाम – 8:08 रात1घं 24मिअमृत8:08 रात – 9:31 रात1घं 24मिचर9:31 रात – 10:55 रात1घं 24मिलाभ1:42 रात – 3:05 रात, 7 जून1घं 24मिशुभ4:29 सुबह – 5:52 सुबह, 7 जून1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 9:05 सुबह – 10:42 सुबह9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह45मिअमृत5:52 सुबह – 7:29 सुबह1घं 37मिशुभ9:05 सुबह – 10:42 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:44 दोपहर26मिलाभ3:32 दोपहर – 5:08 शाम1घं 37मिअमृत5:08 शाम – 6:45 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:45 शाम – 7:07 शाम22मिचर6:45 शाम – 8:08 रात1घं 23मिलाभ10:55 रात – 12:19 रात, 8 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 5:53 सुबह – 7:29 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:08 सुबह45मिलाभ5:53 सुबह – 7:29 सुबह1घं 37मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:19 दोपहर52मिचर3:32 दोपहर – 5:09 शाम1घं 37मिलाभ5:09 शाम – 6:45 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:45 शाम – 7:07 शाम22मिशुभ8:09 रात – 9:32 रात1घं 23मिअमृत9:32 रात – 10:55 रात1घं 23मिचर10:55 रात – 12:19 रात, 10 जून1घं 23मिलाभ3:06 रात – 4:29 सुबह, 10 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:19 दोपहर – 1:56 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:08 सुबह44मिचर10:42 सुबह – 12:19 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:45 दोपहर52मिलाभ12:19 दोपहर – 1:56 दोपहर1घं 37मिशुभ5:09 शाम – 6:45 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:45 शाम – 7:08 शाम22मिअमृत6:45 शाम – 8:09 रात1घं 23मिचर8:09 रात – 9:32 रात1घं 23मिलाभ12:19 रात – 1:43 रात, 11 जून1घं 23मिशुभ3:06 रात – 4:29 सुबह, 11 जून1घं 23मिअमृत4:29 सुबह – 5:14 सुबह, 11 जून45मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:09 शाम – 6:46 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:08 सुबह44मिचर5:09 शाम – 6:46 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:46 शाम – 7:08 शाम22मिलाभ9:33 रात – 10:56 रात1घं 23मिशुभ12:19 रात – 1:43 रात, 12 जून1घं 23मिअमृत1:43 रात – 3:06 रात, 12 जून1घं 23मिचर3:06 रात – 4:29 सुबह, 12 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:30 सुबह – 9:06 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह44मिचर7:30 सुबह – 9:06 सुबह1घं 37मिलाभ9:06 सुबह – 10:43 सुबह1घं 37मिअमृत10:43 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:20 दोपहर26मिशुभ1:56 दोपहर – 3:33 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:20 दोपहर52मिगोधूलि मुहूर्त6:46 शाम – 7:09 शाम22मिशुभ6:46 शाम – 8:10 रात1घं 23मिअमृत8:10 रात – 9:33 रात1घं 23मिचर9:33 रात – 10:56 रात1घं 23मिलाभ1:43 रात – 3:06 रात, 14 जून1घं 23मिशुभ4:30 सुबह – 5:53 सुबह, 14 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:53 सुबह – 7:30 सुबह7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह44मिअमृत5:53 सुबह – 7:30 सुबह1घं 37मिशुभ9:07 सुबह – 10:43 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिशुभ2:08 रात – 3:07 रात, 15 जून58मिअमृत3:07 रात – 4:30 सुबह, 15 जून1घं 23मिचर4:30 सुबह – 5:53 सुबह, 15 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
लाभ 10:43 सुबह – 12:20 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह44मिलाभ10:43 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:20 दोपहर26मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:21 दोपहर52मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:09 शाम22मिलाभ8:10 रात – 9:33 रात1घं 23मिशुभ10:57 रात – 12:20 रात, 16 जून1घं 23मिअमृत12:20 रात – 1:43 रात, 16 जून1घं 23मिचर1:43 रात – 3:07 रात, 16 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:53 सुबह – 7:30 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:09 सुबह44मिलाभ5:53 सुबह – 7:30 सुबह1घं 37मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:21 दोपहर52मिचर3:34 दोपहर – 5:10 शाम1घं 37मिलाभ5:10 शाम – 6:47 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:09 शाम22मिशुभ8:10 रात – 9:34 रात1घं 23मिअमृत9:34 रात – 10:57 रात1घं 23मिचर10:57 रात – 12:20 रात, 17 जून1घं 23मिलाभ3:07 रात – 4:30 सुबह, 17 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:22 शाम – 6:48 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:09 सुबह44मिचर5:22 शाम – 6:48 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:10 शाम22मिलाभ9:34 रात – 10:57 रात1घं 23मिशुभ12:21 रात – 1:44 रात, 19 जून1घं 23मिअमृत1:44 रात – 3:07 रात, 19 जून1घं 23मिचर3:07 रात – 4:31 सुबह, 19 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
शुभ 7:31 सुबह – 9:07 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:10 सुबह44मिशुभ7:31 सुबह – 9:07 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:47 दोपहर52मिचर12:21 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 37मिअमृत3:34 दोपहर – 5:11 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:10 शाम22मिलाभ6:48 शाम – 8:11 रात1घं 23मिशुभ9:34 रात – 10:58 रात1घं 23मिअमृत10:58 रात – 12:21 रात, 20 जून1घं 23मिचर12:21 रात – 1:44 रात, 20 जून1घं 23मिलाभ4:31 सुबह – 5:54 सुबह, 20 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 7:31 सुबह – 9:08 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:10 सुबह44मिचर7:31 सुबह – 9:08 सुबह1घं 37मिलाभ9:08 सुबह – 10:44 सुबह1घं 37मिअमृत10:44 सुबह – 12:21 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:21 दोपहर26मिशुभ1:58 दोपहर – 3:35 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:22 दोपहर52मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:10 शाम22मिशुभ6:48 शाम – 8:11 रात1घं 23मिअमृत8:11 रात – 9:35 रात1घं 23मिचर9:35 रात – 10:58 रात1घं 23मिलाभ1:45 रात – 3:08 रात, 21 जून1घं 23मिशुभ4:31 सुबह – 5:54 सुबह, 21 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:12 शाम – 6:48 शाम9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:10 सुबह44मिअमृत5:54 सुबह – 7:31 सुबह1घं 37मिशुभ9:08 सुबह – 10:45 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:47 दोपहर26मिलाभ3:35 दोपहर – 5:12 शाम1घं 37मिअमृत5:12 शाम – 6:48 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:10 शाम22मिचर6:48 शाम – 8:12 रात1घं 23मिलाभ10:58 रात – 11:51 रात53मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:12 रात – 9:35 रात7 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 4
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:10 सुबह44मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:22 दोपहर52मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:11 शाम22मिलाभ8:12 रात – 9:35 रात1घं 23मिशुभ10:58 रात – 12:22 रात, 23 जून1घं 23मिअमृत12:22 रात – 1:45 रात, 23 जून1घं 23मिचर1:45 रात – 3:08 रात, 23 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 10:45 सुबह – 12:22 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 3
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:11 सुबह44मिचर10:45 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:56 सुबह – 12:48 दोपहर52मिलाभ12:22 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 37मिशुभ5:12 शाम – 6:49 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिअमृत6:49 शाम – 8:12 रात1घं 23मिचर8:12 रात – 9:35 रात1घं 23मिलाभ12:22 रात – 1:45 रात, 25 जून1घं 23मिशुभ3:09 रात – 4:32 सुबह, 25 जून1घं 23मिअमृत4:32 सुबह – 5:55 सुबह, 25 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:12 शाम – 6:49 शाम8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:11 सुबह44मिचर5:55 सुबह – 7:32 सुबह1घं 37मिअमृत9:09 सुबह – 10:45 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:22 दोपहर – 12:48 दोपहर26मिशुभ12:22 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:23 दोपहर52मिचर5:12 शाम – 6:49 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 12:22 दोपहर – 1:59 दोपहर10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:11 सुबह44मिअभिजित मुहूर्त11:57 सुबह – 12:48 दोपहर52मिचर12:22 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 37मिअमृत3:36 दोपहर – 5:13 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिलाभ6:49 शाम – 8:13 रात1घं 23मिशुभ9:36 रात – 10:59 रात1घं 23मिअमृत10:59 रात – 12:23 रात, 27 जून1घं 23मिचर12:23 रात – 1:46 रात, 27 जून1घं 23मिलाभ4:33 सुबह – 5:56 सुबह, 27 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 10:46 सुबह – 12:23 दोपहर13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:11 सुबह44मिचर7:33 सुबह – 9:09 सुबह1घं 37मिलाभ9:09 सुबह – 10:46 सुबह1घं 37मिअमृत10:46 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:57 सुबह – 12:23 दोपहर26मिशुभ1:59 दोपहर – 3:36 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:23 दोपहर52मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:12 शाम22मिशुभ6:49 शाम – 8:13 रात1घं 23मिअमृत8:13 रात – 9:36 रात1घं 23मिचर9:36 रात – 10:59 रात1घं 23मिलाभ1:46 रात – 3:09 रात, 28 जून1घं 23मिशुभ4:33 सुबह – 5:56 सुबह, 28 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 11:00 रात – 12:23 रात, 30 जून4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:12 सुबह44मिशुभ11:00 रात – 12:23 रात, 30 जून1घं 23मिअमृत12:23 रात – 1:47 रात, 30 जून1घं 23मिचर1:47 रात – 3:10 रात, 30 जून1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:57 सुबह – 7:33 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:12 सुबह44मिलाभ5:57 सुबह – 7:33 सुबह1घं 37मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:24 दोपहर52मिचर3:37 दोपहर – 5:13 शाम1घं 37मिलाभ5:13 शाम – 6:50 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:12 शाम22मिशुभ8:13 रात – 9:37 रात1घं 23मिअमृत9:37 रात – 11:00 रात1घं 23मिचर11:00 रात – 12:23 रात, 1 जुलाई1घं 23मिलाभ3:10 रात – 4:33 सुबह, 1 जुलाई1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जुलाई 2027
लाभ 12:23 दोपहर – 2:00 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:12 सुबह44मिचर10:47 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:49 दोपहर52मिलाभ12:23 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 37मिशुभ5:13 शाम – 6:50 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:12 शाम22मिअमृत6:50 शाम – 8:13 रात1घं 23मिचर8:13 रात – 9:37 रात1घं 23मिलाभ12:24 रात – 1:47 रात, 2 जुलाई1घं 23मिशुभ3:10 रात – 4:34 सुबह, 2 जुलाई1घं 23मिअमृत4:34 सुबह – 5:57 सुबह, 2 जुलाई1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:57 सुबह – 7:34 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:13 सुबह44मिचर5:57 सुबह – 7:34 सुबह1घं 37मिअमृत9:10 सुबह – 10:47 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:49 दोपहर26मिशुभ12:24 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:24 दोपहर51मिअमृत1:48 रात – 3:11 रात, 3 जुलाई1घं 23मिचर3:11 रात – 4:34 सुबह, 3 जुलाई1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:14 शाम – 6:50 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:29 सुबह – 5:13 सुबह45मिअमृत5:58 सुबह – 7:35 सुबह1घं 37मिशुभ9:11 सुबह – 10:48 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:50 दोपहर26मिलाभ3:37 दोपहर – 5:14 शाम1घं 37मिअमृत5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिचर6:50 शाम – 8:14 रात1घं 23मिलाभ11:01 रात – 12:24 रात, 6 जुलाई1घं 23मिशुभ1:48 रात – 3:11 रात, 6 जुलाई1घं 23मिअमृत3:11 रात – 4:35 सुबह, 6 जुलाई1घं 23मिचर4:35 सुबह – 5:58 सुबह, 6 जुलाई1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 10:48 सुबह – 12:24 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:29 सुबह – 5:14 सुबह45मिलाभ10:48 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:24 दोपहर26मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:24 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिलाभ8:14 रात – 9:37 रात1घं 24मिशुभ11:01 रात – 12:24 रात, 7 जुलाई1घं 24मिअमृत12:24 रात – 1:48 रात, 7 जुलाई1घं 24मिचर1:48 रात – 3:12 रात, 7 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:48 सुबह – 12:25 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:14 सुबह45मिचर10:48 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:50 दोपहर51मिलाभ12:25 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 36मिशुभ5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिअमृत6:50 शाम – 8:14 रात1घं 24मिचर8:14 रात – 9:38 रात1घं 24मिलाभ12:25 रात – 1:48 रात, 9 जुलाई1घं 24मिशुभ3:12 रात – 4:36 सुबह, 9 जुलाई1घं 24मिअमृत4:36 सुबह – 5:59 सुबह, 9 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:59 सुबह – 7:36 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:15 सुबह45मिचर5:59 सुबह – 7:36 सुबह1घं 36मिअमृत9:12 सुबह – 10:48 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:51 दोपहर26मिशुभ12:25 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:25 दोपहर51मिचर5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिलाभ9:38 रात – 11:01 रात1घं 24मिशुभ12:25 रात – 1:49 रात, 10 जुलाई1घं 24मिअमृत1:49 रात – 3:12 रात, 10 जुलाई1घं 24मिचर3:12 रात – 4:36 सुबह, 10 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 7:36 सुबह – 9:12 सुबह5 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:15 सुबह45मिशुभ7:36 सुबह – 9:12 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:38 दोपहर38मिचर12:25 रात – 1:49 रात, 11 जुलाई1घं 24मिलाभ4:36 सुबह – 6:00 सुबह, 11 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:36 सुबह – 9:12 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:15 सुबह45मिचर7:36 सुबह – 9:12 सुबह1घं 36मिलाभ9:12 सुबह – 10:49 सुबह1घं 36मिअमृत10:49 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:25 दोपहर26मिशुभ2:01 दोपहर – 3:38 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:34 दोपहर – 3:25 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिशुभ6:50 शाम – 8:14 रात1घं 24मिअमृत8:14 रात – 9:38 रात1घं 24मिचर9:38 रात – 11:02 रात1घं 24मिलाभ1:49 रात – 3:13 रात, 12 जुलाई1घं 24मिशुभ4:36 सुबह – 6:00 सुबह, 12 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 10:49 सुबह – 12:25 दोपहर7 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:16 सुबह45मिलाभ10:49 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:25 दोपहर26मिविजय मुहूर्त2:34 दोपहर – 3:25 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिलाभ8:14 रात – 9:38 रात1घं 24मिशुभ11:02 रात – 12:25 रात, 14 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 3:38 दोपहर – 5:14 शाम9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:16 सुबह45मिविजय मुहूर्त2:34 दोपहर – 3:25 दोपहर51मिचर3:38 दोपहर – 5:14 शाम1घं 36मिलाभ5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिशुभ8:14 रात – 9:38 रात1घं 24मिअमृत9:38 रात – 11:02 रात1घं 24मिचर11:02 रात – 12:26 रात, 15 जुलाई1घं 24मिलाभ3:13 रात – 4:37 सुबह, 15 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:49 सुबह – 12:26 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:16 सुबह45मिचर10:49 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:51 दोपहर51मिलाभ12:26 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 36मिशुभ5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिअमृत6:50 शाम – 8:14 रात1घं 24मिचर8:14 रात – 9:38 रात1घं 24मिलाभ12:26 रात – 1:50 रात, 16 जुलाई1घं 24मिशुभ3:13 रात – 4:37 सुबह, 16 जुलाई1घं 24मिअमृत4:37 सुबह – 6:01 सुबह, 16 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:13 सुबह – 10:50 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:32 सुबह – 5:16 सुबह45मिचर6:01 सुबह – 7:37 सुबह1घं 36मिअमृत9:13 सुबह – 10:50 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:51 दोपहर26मिशुभ12:26 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:34 दोपहर – 3:25 दोपहर51मिचर5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिलाभ9:38 रात – 11:02 रात1घं 24मिशुभ12:26 रात – 1:50 रात, 17 जुलाई1घं 24मिअमृत1:50 रात – 3:14 रात, 17 जुलाई1घं 24मिचर3:14 रात – 4:37 सुबह, 17 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Bhaktimala, "Mundan Muhurat — auspicious dates for the first tonsure"