मुंडन मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 26 शुभ दिन · दिल्ली · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
अक्तूबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
नवंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
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सूर्य दक्षिणायन में
दिसंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | ||
| 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
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सूर्य दक्षिणायन में
जनवरी 2027
अमृत 2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर7:15 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिअमृत9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:51 दोपहर21मिशुभ12:30 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 19मिअमृत2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी1घं 41मिचर3:53 रात – 5:34 सुबह, 16 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:49 शाम – 7:29 शाम8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिअमृत7:14 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिशुभ9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 12:53 दोपहर21मिलाभ3:10 दोपहर – 4:29 शाम1घं 19मिअमृत4:29 शाम – 5:49 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:49 शाम – 6:15 शाम27मिचर5:49 शाम – 7:29 शाम1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:31 शाम – 9:11 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिलाभ7:14 सुबह – 8:33 सुबह1घं 20मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:01 दोपहर42मिचर3:11 दोपहर – 4:31 शाम1घं 20मिलाभ4:31 शाम – 5:50 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:50 शाम – 6:17 शाम27मिशुभ7:31 शाम – 9:11 रात1घं 40मिअमृत9:11 रात – 10:52 रात1घं 40मिचर10:52 रात – 12:32 रात, 21 जनवरी1घं 40मिलाभ3:53 रात – 5:33 सुबह, 21 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 12:32 रात – 2:13 रात, 23 जनवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:20 सुबह53मिचर7:38 सुबह – 8:33 सुबह55मिअमृत9:53 सुबह – 11:13 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:54 दोपहर21मिशुभ12:33 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:02 दोपहर43मिचर4:32 शाम – 5:52 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:52 शाम – 6:19 शाम27मिलाभ9:12 रात – 10:52 रात1घं 40मिशुभ12:32 रात – 2:13 रात, 23 जनवरी1घं 40मिअमृत2:13 रात – 3:53 रात, 23 जनवरी1घं 40मिचर3:53 रात – 5:33 सुबह, 23 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:54 शाम – 7:34 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:19 सुबह53मिअमृत8:11 सुबह – 8:33 सुबह22मिशुभ9:53 सुबह – 11:13 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:55 दोपहर21मिलाभ3:14 दोपहर – 4:34 शाम1घं 20मिअमृत4:34 शाम – 5:54 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:21 शाम27मिचर5:54 शाम – 7:34 शाम1घं 40मिलाभ10:54 रात – 12:33 रात, 26 जनवरी1घं 40मिशुभ2:13 रात – 3:53 रात, 26 जनवरी1घं 40मिअमृत3:53 रात – 5:32 सुबह, 26 जनवरी1घं 40मिचर5:32 सुबह – 7:12 सुबह, 26 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 9:15 रात – 10:54 रात9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:19 सुबह53मिलाभ7:12 सुबह – 8:32 सुबह1घं 21मिविजय मुहूर्त2:21 दोपहर – 3:04 दोपहर43मिचर3:15 दोपहर – 4:36 शाम1घं 21मिलाभ4:36 शाम – 5:56 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:56 शाम – 6:23 शाम27मिशुभ7:35 शाम – 9:15 रात1घं 39मिअमृत9:15 रात – 10:54 रात1घं 39मिचर10:54 रात – 12:34 रात, 28 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:57 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिशुभ4:36 शाम – 5:57 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:57 शाम – 6:23 शाम26मिअमृत5:57 शाम – 7:36 शाम1घं 39मिचर7:36 शाम – 9:15 रात1घं 39मिलाभ12:34 रात – 2:13 रात, 29 जनवरी1घं 39मिशुभ3:52 रात – 5:32 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिअमृत5:32 सुबह – 7:11 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 9:16 रात – 10:55 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिचर7:11 सुबह – 8:32 सुबह1घं 21मिअमृत9:52 सुबह – 11:13 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:56 दोपहर22मिशुभ12:34 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 21मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:05 दोपहर43मिचर4:37 शाम – 5:58 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:58 शाम – 6:24 शाम26मिलाभ9:16 रात – 10:55 रात1घं 39मिशुभ12:34 रात – 2:13 रात, 30 जनवरी1घं 39मिअमृत2:13 रात – 3:52 रात, 30 जनवरी1घं 39मिचर3:52 रात – 5:31 सुबह, 30 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
चर 6:00 शाम – 7:39 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:17 सुबह53मिशुभ9:52 सुबह – 11:13 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:56 दोपहर22मिलाभ3:17 दोपहर – 4:39 शाम1घं 21मिअमृत4:39 शाम – 6:00 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिचर6:00 शाम – 7:39 शाम1घं 39मिलाभ10:56 रात – 12:34 रात, 2 फ़रवरी1घं 39मिशुभ2:13 रात – 3:52 रात, 2 फ़रवरी1घं 39मिअमृत3:52 रात – 5:30 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 39मिचर5:30 सुबह – 7:09 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 7:40 शाम – 9:18 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:16 सुबह52मिलाभ7:08 सुबह – 8:30 सुबह1घं 22मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:07 दोपहर44मिचर3:18 दोपहर – 4:40 शाम1घं 22मिलाभ4:40 शाम – 6:02 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिशुभ7:40 शाम – 9:18 रात1घं 38मिअमृत9:18 रात – 10:56 रात1घं 38मिचर10:56 रात – 12:35 रात, 4 फ़रवरी1घं 38मिलाभ3:51 रात – 5:29 सुबह, 4 फ़रवरी1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 11:13 सुबह – 12:35 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:15 सुबह52मिचर11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:57 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिअमृत5:50 सुबह – 7:07 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:06 शाम – 7:43 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:13 सुबह52मिअमृत7:05 सुबह – 8:28 सुबह1घं 23मिशुभ9:50 सुबह – 11:13 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:57 दोपहर22मिलाभ3:21 दोपहर – 4:43 शाम1घं 23मिअमृत4:43 शाम – 6:06 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:32 शाम26मिचर6:06 शाम – 7:43 शाम1घं 37मिलाभ10:58 रात – 12:35 रात, 9 फ़रवरी1घं 37मिशुभ2:12 रात – 3:50 रात, 9 फ़रवरी1घं 37मिअमृत3:50 रात – 5:27 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 37मिचर5:27 सुबह – 7:04 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:45 शाम – 9:22 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:11 सुबह52मिचर11:12 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिशुभ4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिअमृत6:08 शाम – 7:45 शाम1घं 37मिचर7:45 शाम – 9:22 रात1घं 37मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:49 रात – 5:25 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:25 सुबह – 7:02 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 2:12 रात – 3:48 रात, 13 फ़रवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:10 सुबह52मिचर7:02 सुबह – 8:25 सुबह1घं 23मिअमृत9:49 सुबह – 11:12 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर22मिशुभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:11 दोपहर44मिचर4:46 शाम – 6:09 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:09 शाम – 6:35 शाम26मिलाभ9:22 रात – 10:59 रात1घं 37मिशुभ12:35 रात – 2:12 रात, 13 फ़रवरी1घं 37मिअमृत2:12 रात – 3:48 रात, 13 फ़रवरी1घं 37मिचर3:48 रात – 5:25 सुबह, 13 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:48 शाम – 9:24 रात7 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:07 सुबह51मिलाभ5:32 शाम – 6:13 शाम40मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:38 शाम25मिशुभ7:48 शाम – 9:24 रात1घं 36मिअमृत9:24 रात – 10:59 रात1घं 36मिचर10:59 रात – 12:35 रात, 18 फ़रवरी1घं 36मिलाभ3:46 रात – 5:21 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 7:49 शाम – 9:24 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:06 सुबह51मिचर11:11 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर45मिलाभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिशुभ4:49 शाम – 6:13 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:39 शाम25मिअमृत6:13 शाम – 7:49 शाम1घं 35मिचर7:49 शाम – 9:24 रात1घं 35मिलाभ12:35 रात – 2:10 रात, 19 फ़रवरी1घं 35मिशुभ3:45 रात – 5:21 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिअमृत5:21 सुबह – 6:56 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:24 रात – 10:59 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:05 सुबह51मिचर6:56 सुबह – 8:21 सुबह1घं 25मिअमृत9:46 सुबह – 11:10 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिशुभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:13 दोपहर45मिचर4:49 शाम – 6:14 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:14 शाम – 6:39 शाम25मिलाभ9:24 रात – 10:59 रात1घं 35मिशुभ12:35 रात – 2:10 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिअमृत2:10 रात – 3:45 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिचर3:45 रात – 5:20 सुबह, 20 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 6:16 शाम – 7:51 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:03 सुबह51मिअमृत6:53 सुबह – 8:19 सुबह1घं 25मिशुभ9:44 सुबह – 11:09 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिलाभ3:25 दोपहर – 4:51 शाम1घं 25मिअमृत4:51 शाम – 6:16 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:41 शाम25मिचर6:16 शाम – 7:51 शाम1घं 35मिलाभ11:00 रात – 12:34 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिशुभ2:09 रात – 3:43 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिअमृत3:43 रात – 5:18 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिचर5:18 सुबह – 6:52 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 6:18 शाम – 7:52 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:00 सुबह50मिचर11:08 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिलाभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिशुभ4:52 शाम – 6:18 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिअमृत6:18 शाम – 7:52 शाम1घं 34मिचर7:52 शाम – 9:26 रात1घं 34मिलाभ12:34 रात – 2:08 रात, 26 फ़रवरी1घं 34मिशुभ3:42 रात – 5:16 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिअमृत5:16 सुबह – 6:50 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 5:59 सुबह50मिचर6:50 सुबह – 8:16 सुबह1घं 26मिअमृत9:42 सुबह – 11:08 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर23मिशुभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:15 दोपहर46मिचर4:53 शाम – 6:19 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:19 शाम – 6:44 शाम25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
मार्च 2027
अमृत 9:27 रात – 11:00 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह50मिलाभ6:44 सुबह – 8:12 सुबह1घं 27मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:16 दोपहर47मिचर3:28 दोपहर – 4:55 शाम1घं 27मिलाभ4:55 शाम – 6:22 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:22 शाम – 6:47 शाम25मिशुभ7:55 शाम – 9:27 रात1घं 33मिअमृत9:27 रात – 11:00 रात1घं 33मिचर11:00 रात – 12:33 रात, 4 मार्च1घं 33मिलाभ3:38 रात – 5:11 सुबह, 4 मार्च1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:54 सुबह49मिचर11:06 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:56 दोपहर47मिलाभ12:33 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 27मिशुभ4:55 शाम – 6:23 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:47 शाम25मिअमृत6:23 शाम – 7:55 शाम1घं 32मिचर7:55 शाम – 9:28 रात1घं 32मिलाभ12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च1घं 32मिशुभ3:37 रात – 5:10 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिअमृत5:10 सुबह – 6:42 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 3:37 रात – 5:09 सुबह, 6 मार्च12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:53 सुबह49मिचर6:42 सुबह – 8:10 सुबह1घं 28मिअमृत9:38 सुबह – 11:05 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:56 दोपहर23मिशुभ12:33 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:16 दोपहर47मिचर4:56 शाम – 6:23 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:48 शाम25मिलाभ9:28 रात – 11:00 रात1घं 32मिशुभ12:32 रात – 2:05 रात, 6 मार्च1घं 32मिअमृत2:05 रात – 3:37 रात, 6 मार्च1घं 32मिचर3:37 रात – 5:09 सुबह, 6 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:58 शाम – 9:29 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:48 सुबह49मिलाभ6:37 सुबह – 8:06 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर47मिचर3:29 दोपहर – 4:58 शाम1घं 29मिलाभ4:58 शाम – 6:26 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिशुभ7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिअमृत9:29 रात – 11:00 रात1घं 31मिचर11:00 रात – 12:31 रात, 11 मार्च1घं 31मिलाभ3:33 रात – 5:05 सुबह, 11 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 7:58 शाम – 9:29 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:47 सुबह49मिचर11:02 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर47मिलाभ12:31 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 29मिशुभ4:58 शाम – 6:27 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:27 शाम – 7:58 शाम1घं 31मिचर7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिलाभ12:31 रात – 2:02 रात, 12 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:43 सुबह48मिअमृत6:31 सुबह – 8:01 सुबह1घं 30मिशुभ9:31 सुबह – 10:52 सुबह1घं 21मिलाभ11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिशुभ2:00 रात – 3:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिअमृत3:30 रात – 5:00 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिचर5:00 सुबह – 6:30 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Bhaktimala, "Mundan Muhurat — auspicious dates for the first tonsure"