मुंडन मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन
आगे 120 शुभ दिन · दिल्ली · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
अक्तूबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
नवंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
दिसंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
अगस्त 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
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सूर्य दक्षिणायन में
सितंबर 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
जनवरी 2027
अमृत 2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर7:15 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिअमृत9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:51 दोपहर21मिशुभ12:30 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 19मिअमृत2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी1घं 41मिचर3:53 रात – 5:34 सुबह, 16 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 5:47 शाम – 7:28 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिशुभ8:34 सुबह – 9:53 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:52 दोपहर42मिचर12:31 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 19मिअमृत3:09 दोपहर – 4:28 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:47 शाम – 6:14 शाम27मिलाभ5:47 शाम – 7:28 शाम1घं 41मिशुभ9:09 रात – 10:50 रात1घं 41मिअमृत10:50 रात – 12:31 रात, 17 जनवरी1घं 41मिचर12:31 रात – 2:12 रात, 17 जनवरी1घं 41मिलाभ5:34 सुबह – 7:15 सुबह, 17 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:49 शाम – 7:29 शाम8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिअमृत7:14 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिशुभ9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 12:53 दोपहर21मिलाभ3:10 दोपहर – 4:29 शाम1घं 19मिअमृत4:29 शाम – 5:49 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:49 शाम – 6:15 शाम27मिचर5:49 शाम – 7:29 शाम1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 7:30 शाम – 9:11 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिलाभ11:12 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:32 दोपहर21मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:00 दोपहर42मिगोधूलि मुहूर्त5:49 शाम – 6:16 शाम27मिलाभ7:30 शाम – 9:11 रात1घं 41मिशुभ10:51 रात – 12:32 रात, 20 जनवरी1घं 41मिअमृत12:32 रात – 2:12 रात, 20 जनवरी1घं 41मिचर2:12 रात – 3:53 रात, 20 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
शुभ 7:31 शाम – 9:11 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिलाभ7:14 सुबह – 8:33 सुबह1घं 20मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:01 दोपहर42मिचर3:11 दोपहर – 4:31 शाम1घं 20मिलाभ4:31 शाम – 5:50 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:50 शाम – 6:17 शाम27मिशुभ7:31 शाम – 9:11 रात1घं 40मिअमृत9:11 रात – 10:52 रात1घं 40मिचर10:52 रात – 12:32 रात, 21 जनवरी1घं 40मिलाभ3:53 रात – 5:33 सुबह, 21 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 12:32 रात – 2:13 रात, 23 जनवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:20 सुबह53मिचर7:38 सुबह – 8:33 सुबह55मिअमृत9:53 सुबह – 11:13 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:54 दोपहर21मिशुभ12:33 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:02 दोपहर43मिचर4:32 शाम – 5:52 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:52 शाम – 6:19 शाम27मिलाभ9:12 रात – 10:52 रात1घं 40मिशुभ12:32 रात – 2:13 रात, 23 जनवरी1घं 40मिअमृत2:13 रात – 3:53 रात, 23 जनवरी1घं 40मिचर3:53 रात – 5:33 सुबह, 23 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 10:53 रात – 12:33 रात, 24 जनवरी11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:20 सुबह53मिशुभ8:33 सुबह – 9:53 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:12 दोपहर – 12:54 दोपहर43मिचर12:33 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 20मिअमृत3:13 दोपहर – 4:33 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:53 शाम – 6:19 शाम27मिलाभ5:53 शाम – 7:33 शाम1घं 40मिशुभ9:13 रात – 10:53 रात1घं 40मिअमृत10:53 रात – 12:33 रात, 24 जनवरी1घं 40मिचर12:33 रात – 2:13 रात, 24 जनवरी1घं 40मिलाभ5:33 सुबह – 7:13 सुबह, 24 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 5:54 शाम – 7:33 शाम10 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मघापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:19 सुबह53मिचर8:33 सुबह – 9:53 सुबह1घं 20मिलाभ9:53 सुबह – 11:13 सुबह1घं 20मिअमृत11:13 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:12 दोपहर – 12:33 दोपहर21मिशुभ1:53 दोपहर – 3:13 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:20 दोपहर – 3:03 दोपहर43मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:20 शाम27मिशुभ5:54 शाम – 7:33 शाम1घं 40मिअमृत7:33 शाम – 9:13 रात1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:54 शाम – 7:34 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:19 सुबह53मिअमृत8:11 सुबह – 8:33 सुबह22मिशुभ9:53 सुबह – 11:13 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:55 दोपहर21मिलाभ3:14 दोपहर – 4:34 शाम1घं 20मिअमृत4:34 शाम – 5:54 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:21 शाम27मिचर5:54 शाम – 7:34 शाम1घं 40मिलाभ10:54 रात – 12:33 रात, 26 जनवरी1घं 40मिशुभ2:13 रात – 3:53 रात, 26 जनवरी1घं 40मिअमृत3:53 रात – 5:32 सुबह, 26 जनवरी1घं 40मिचर5:32 सुबह – 7:12 सुबह, 26 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 7:35 शाम – 9:14 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:19 सुबह53मिलाभ11:13 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:12 दोपहर – 12:34 दोपहर21मिविजय मुहूर्त2:21 दोपहर – 3:04 दोपहर43मिगोधूलि मुहूर्त5:55 शाम – 6:22 शाम27मिलाभ7:35 शाम – 9:14 रात1घं 40मिशुभ10:54 रात – 12:33 रात, 27 जनवरी1घं 40मिअमृत12:33 रात – 2:13 रात, 27 जनवरी1घं 40मिचर2:13 रात – 3:53 रात, 27 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:15 रात – 10:54 रात9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:19 सुबह53मिलाभ7:12 सुबह – 8:32 सुबह1घं 21मिविजय मुहूर्त2:21 दोपहर – 3:04 दोपहर43मिचर3:15 दोपहर – 4:36 शाम1घं 21मिलाभ4:36 शाम – 5:56 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:56 शाम – 6:23 शाम27मिशुभ7:35 शाम – 9:15 रात1घं 39मिअमृत9:15 रात – 10:54 रात1घं 39मिचर10:54 रात – 12:34 रात, 28 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:57 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिशुभ4:36 शाम – 5:57 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:57 शाम – 6:23 शाम26मिअमृत5:57 शाम – 7:36 शाम1घं 39मिचर7:36 शाम – 9:15 रात1घं 39मिलाभ12:34 रात – 2:13 रात, 29 जनवरी1घं 39मिशुभ3:52 रात – 5:32 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिअमृत5:32 सुबह – 7:11 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 9:16 रात – 10:55 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिचर7:11 सुबह – 8:32 सुबह1घं 21मिअमृत9:52 सुबह – 11:13 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:56 दोपहर22मिशुभ12:34 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 21मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:05 दोपहर43मिचर4:37 शाम – 5:58 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:58 शाम – 6:24 शाम26मिलाभ9:16 रात – 10:55 रात1घं 39मिशुभ12:34 रात – 2:13 रात, 30 जनवरी1घं 39मिअमृत2:13 रात – 3:52 रात, 30 जनवरी1घं 39मिचर3:52 रात – 5:31 सुबह, 30 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 5:59 शाम – 7:35 शाम9 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:17 सुबह53मिचर8:31 सुबह – 9:52 सुबह1घं 21मिलाभ9:52 सुबह – 11:13 सुबह1घं 21मिअमृत11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:35 दोपहर22मिशुभ1:56 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 21मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:06 दोपहर43मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:26 शाम26मिशुभ5:59 शाम – 7:35 शाम1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
फ़रवरी 2027
चर 6:00 शाम – 7:39 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:17 सुबह53मिशुभ9:52 सुबह – 11:13 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:56 दोपहर22मिलाभ3:17 दोपहर – 4:39 शाम1घं 21मिअमृत4:39 शाम – 6:00 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिचर6:00 शाम – 7:39 शाम1घं 39मिलाभ10:56 रात – 12:34 रात, 2 फ़रवरी1घं 39मिशुभ2:13 रात – 3:52 रात, 2 फ़रवरी1घं 39मिअमृत3:52 रात – 5:30 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 39मिचर5:30 सुबह – 7:09 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 7:39 शाम – 9:18 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:16 सुबह53मिलाभ11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:35 दोपहर22मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:07 दोपहर43मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:27 शाम26मिलाभ7:39 शाम – 9:18 रात1घं 38मिशुभ10:56 रात – 12:35 रात, 3 फ़रवरी1घं 38मिअमृत12:35 रात – 2:13 रात, 3 फ़रवरी1घं 38मिचर2:13 रात – 3:51 रात, 3 फ़रवरी1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:40 शाम – 9:18 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:16 सुबह52मिलाभ7:08 सुबह – 8:30 सुबह1घं 22मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:07 दोपहर44मिचर3:18 दोपहर – 4:40 शाम1घं 22मिलाभ4:40 शाम – 6:02 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिशुभ7:40 शाम – 9:18 रात1घं 38मिअमृत9:18 रात – 10:56 रात1घं 38मिचर10:56 रात – 12:35 रात, 4 फ़रवरी1घं 38मिलाभ3:51 रात – 5:29 सुबह, 4 फ़रवरी1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 11:13 सुबह – 12:35 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:15 सुबह52मिचर11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:57 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिअमृत5:50 सुबह – 7:07 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 6:05 शाम – 7:43 शाम13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:14 सुबह52मिचर8:28 सुबह – 9:50 सुबह1घं 22मिलाभ9:50 सुबह – 11:13 सुबह1घं 22मिअमृत11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:35 दोपहर22मिशुभ1:58 दोपहर – 3:20 दोपहर1घं 22मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:09 दोपहर44मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:31 शाम26मिशुभ6:05 शाम – 7:43 शाम1घं 37मिअमृत7:43 शाम – 9:20 रात1घं 37मिचर9:20 रात – 10:57 रात1घं 37मिलाभ2:12 रात – 3:50 रात, 8 फ़रवरी1घं 37मिशुभ5:27 सुबह – 7:05 सुबह, 8 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
चर 6:06 शाम – 7:43 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:13 सुबह52मिअमृत7:05 सुबह – 8:28 सुबह1घं 23मिशुभ9:50 सुबह – 11:13 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:57 दोपहर22मिलाभ3:21 दोपहर – 4:43 शाम1घं 23मिअमृत4:43 शाम – 6:06 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:32 शाम26मिचर6:06 शाम – 7:43 शाम1घं 37मिलाभ10:58 रात – 12:35 रात, 9 फ़रवरी1घं 37मिशुभ2:12 रात – 3:50 रात, 9 फ़रवरी1घं 37मिअमृत3:50 रात – 5:27 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 37मिचर5:27 सुबह – 7:04 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 7:44 शाम – 9:21 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:12 सुबह52मिलाभ11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:35 दोपहर22मिविजय मुहूर्त2:26 दोपहर – 3:10 दोपहर44मिगोधूलि मुहूर्त6:07 शाम – 6:32 शाम26मिलाभ7:44 शाम – 9:21 रात1घं 37मिशुभ10:58 रात – 12:35 रात, 10 फ़रवरी1घं 37मिअमृत12:35 रात – 2:12 रात, 10 फ़रवरी1घं 37मिचर2:12 रात – 3:49 रात, 10 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:45 शाम – 9:22 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:11 सुबह52मिचर11:12 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिशुभ4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिअमृत6:08 शाम – 7:45 शाम1घं 37मिचर7:45 शाम – 9:22 रात1घं 37मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:49 रात – 5:25 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:25 सुबह – 7:02 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 2:12 रात – 3:48 रात, 13 फ़रवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:10 सुबह52मिचर7:02 सुबह – 8:25 सुबह1घं 23मिअमृत9:49 सुबह – 11:12 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर22मिशुभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:11 दोपहर44मिचर4:46 शाम – 6:09 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:09 शाम – 6:35 शाम26मिलाभ9:22 रात – 10:59 रात1घं 37मिशुभ12:35 रात – 2:12 रात, 13 फ़रवरी1घं 37मिअमृत2:12 रात – 3:48 रात, 13 फ़रवरी1घं 37मिचर3:48 रात – 5:25 सुबह, 13 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 6:10 शाम – 7:46 शाम10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:10 सुबह51मिशुभ8:25 सुबह – 9:48 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर45मिचर12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 24मिअमृत3:23 दोपहर – 4:46 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:10 शाम – 6:35 शाम26मिलाभ6:10 शाम – 7:46 शाम1घं 36मिशुभ9:22 रात – 10:59 रात1घं 36मिअमृत10:59 रात – 12:35 रात, 14 फ़रवरी1घं 36मिचर12:35 रात – 2:07 रात, 14 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 7:47 शाम – 9:23 रात9 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:09 सुबह51मिशुभ1:59 दोपहर – 3:23 दोपहर1घं 24मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:12 दोपहर45मिगोधूलि मुहूर्त6:10 शाम – 6:36 शाम26मिशुभ6:10 शाम – 7:47 शाम1घं 36मिअमृत7:47 शाम – 9:23 रात1घं 36मिचर9:23 रात – 10:59 रात1घं 36मिलाभ2:11 रात – 3:47 रात, 15 फ़रवरी1घं 36मिशुभ5:23 सुबह – 7:00 सुबह, 15 फ़रवरी1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 7:48 शाम – 9:23 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:08 सुबह51मिलाभ11:11 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:35 दोपहर22मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:12 दोपहर45मिगोधूलि मुहूर्त6:12 शाम – 6:37 शाम26मिलाभ7:48 शाम – 9:23 रात1घं 36मिशुभ10:59 रात – 12:35 रात, 17 फ़रवरी1घं 36मिअमृत12:35 रात – 2:11 रात, 17 फ़रवरी1घं 36मिचर2:11 रात – 3:46 रात, 17 फ़रवरी1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:48 शाम – 9:24 रात7 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:07 सुबह51मिलाभ5:32 शाम – 6:13 शाम40मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:38 शाम25मिशुभ7:48 शाम – 9:24 रात1घं 36मिअमृत9:24 रात – 10:59 रात1घं 36मिचर10:59 रात – 12:35 रात, 18 फ़रवरी1घं 36मिलाभ3:46 रात – 5:21 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 7:49 शाम – 9:24 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:06 सुबह51मिचर11:11 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर45मिलाभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिशुभ4:49 शाम – 6:13 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:39 शाम25मिअमृत6:13 शाम – 7:49 शाम1घं 35मिचर7:49 शाम – 9:24 रात1घं 35मिलाभ12:35 रात – 2:10 रात, 19 फ़रवरी1घं 35मिशुभ3:45 रात – 5:21 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिअमृत5:21 सुबह – 6:56 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:24 रात – 10:59 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:05 सुबह51मिचर6:56 सुबह – 8:21 सुबह1घं 25मिअमृत9:46 सुबह – 11:10 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिशुभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:13 दोपहर45मिचर4:49 शाम – 6:14 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:14 शाम – 6:39 शाम25मिलाभ9:24 रात – 10:59 रात1घं 35मिशुभ12:35 रात – 2:10 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिअमृत2:10 रात – 3:45 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिचर3:45 रात – 5:20 सुबह, 20 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 6:15 शाम – 7:50 शाम13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मघापाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:04 सुबह51मिचर8:19 सुबह – 9:45 सुबह1घं 25मिलाभ9:45 सुबह – 11:10 सुबह1घं 25मिअमृत11:10 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:12 दोपहर – 12:35 दोपहर23मिशुभ2:00 दोपहर – 3:25 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:14 दोपहर45मिगोधूलि मुहूर्त6:15 शाम – 6:41 शाम25मिशुभ6:15 शाम – 7:50 शाम1घं 35मिअमृत7:50 शाम – 9:25 रात1घं 35मिचर9:25 रात – 11:00 रात1घं 35मिलाभ2:09 रात – 3:44 रात, 22 फ़रवरी1घं 35मिशुभ5:19 सुबह – 6:53 सुबह, 22 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:16 शाम – 7:51 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:03 सुबह51मिअमृत6:53 सुबह – 8:19 सुबह1घं 25मिशुभ9:44 सुबह – 11:09 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिलाभ3:25 दोपहर – 4:51 शाम1घं 25मिअमृत4:51 शाम – 6:16 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:41 शाम25मिचर6:16 शाम – 7:51 शाम1घं 35मिलाभ11:00 रात – 12:34 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिशुभ2:09 रात – 3:43 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिअमृत3:43 रात – 5:18 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिचर5:18 सुबह – 6:52 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 12:34 रात – 2:08 रात, 24 फ़रवरी4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:02 सुबह50मिशुभ11:00 रात – 12:34 रात, 24 फ़रवरी1घं 34मिअमृत12:34 रात – 2:08 रात, 24 फ़रवरी1घं 34मिचर2:08 रात – 3:43 रात, 24 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:18 शाम – 7:52 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:00 सुबह50मिचर11:08 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिलाभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिशुभ4:52 शाम – 6:18 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिअमृत6:18 शाम – 7:52 शाम1घं 34मिचर7:52 शाम – 9:26 रात1घं 34मिलाभ12:34 रात – 2:08 रात, 26 फ़रवरी1घं 34मिशुभ3:42 रात – 5:16 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिअमृत5:16 सुबह – 6:50 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 5:59 सुबह50मिचर6:50 सुबह – 8:16 सुबह1घं 26मिअमृत9:42 सुबह – 11:08 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर23मिशुभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:15 दोपहर46मिचर4:53 शाम – 6:19 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:19 शाम – 6:44 शाम25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 6:20 शाम – 7:53 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 5:59 सुबह50मिशुभ9:14 सुबह – 9:41 सुबह27मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिचर12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिअमृत3:27 दोपहर – 4:53 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:20 शाम – 6:44 शाम25मिलाभ6:20 शाम – 7:53 शाम1घं 33मिशुभ9:27 रात – 11:00 रात1घं 33मिअमृत11:00 रात – 12:34 रात, 28 फ़रवरी1घं 33मिचर12:34 रात – 2:07 रात, 28 फ़रवरी1घं 33मिलाभ5:14 सुबह – 6:48 सुबह, 28 फ़रवरी1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 7:53 शाम – 9:27 रात13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त5:08 सुबह – 5:58 सुबह50मिचर8:14 सुबह – 9:41 सुबह1घं 27मिलाभ9:41 सुबह – 11:07 सुबह1घं 27मिअमृत11:07 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:34 दोपहर23मिशुभ2:00 दोपहर – 3:27 दोपहर1घं 27मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:15 दोपहर46मिगोधूलि मुहूर्त6:20 शाम – 6:45 शाम25मिशुभ6:20 शाम – 7:53 शाम1घं 33मिअमृत7:53 शाम – 9:27 रात1घं 33मिचर9:27 रात – 11:00 रात1घं 33मिलाभ2:07 रात – 3:40 रात, 1 मार्च1घं 33मिशुभ5:13 सुबह – 6:46 सुबह, 1 मार्च1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
मार्च 2027
लाभ 11:06 सुबह – 12:33 दोपहर4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिलाभ11:06 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:33 दोपहर23मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:16 दोपहर46मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
अमृत 9:27 रात – 11:00 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह50मिलाभ6:44 सुबह – 8:12 सुबह1घं 27मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:16 दोपहर47मिचर3:28 दोपहर – 4:55 शाम1घं 27मिलाभ4:55 शाम – 6:22 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:22 शाम – 6:47 शाम25मिशुभ7:55 शाम – 9:27 रात1घं 33मिअमृत9:27 रात – 11:00 रात1घं 33मिचर11:00 रात – 12:33 रात, 4 मार्च1घं 33मिलाभ3:38 रात – 5:11 सुबह, 4 मार्च1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:54 सुबह49मिचर11:06 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:56 दोपहर47मिलाभ12:33 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 27मिशुभ4:55 शाम – 6:23 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:47 शाम25मिअमृत6:23 शाम – 7:55 शाम1घं 32मिचर7:55 शाम – 9:28 रात1घं 32मिलाभ12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च1घं 32मिशुभ3:37 रात – 5:10 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिअमृत5:10 सुबह – 6:42 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 3:37 रात – 5:09 सुबह, 6 मार्च12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:53 सुबह49मिचर6:42 सुबह – 8:10 सुबह1घं 28मिअमृत9:38 सुबह – 11:05 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:56 दोपहर23मिशुभ12:33 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:16 दोपहर47मिचर4:56 शाम – 6:23 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:48 शाम25मिलाभ9:28 रात – 11:00 रात1घं 32मिशुभ12:32 रात – 2:05 रात, 6 मार्च1घं 32मिअमृत2:05 रात – 3:37 रात, 6 मार्च1घं 32मिचर3:37 रात – 5:09 सुबह, 6 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:08 सुबह – 6:40 सुबह, 7 मार्च4 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:52 सुबह49मिशुभ8:09 सुबह – 9:37 सुबह1घं 28मिचर12:59 रात – 2:04 रात, 7 मार्च1घं 5मिलाभ5:08 सुबह – 6:40 सुबह, 7 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
लाभ 7:57 शाम – 9:29 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:49 सुबह49मिलाभ11:03 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:32 दोपहर24मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर47मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:50 शाम24मिलाभ7:57 शाम – 9:29 रात1घं 31मिशुभ11:00 रात – 12:31 रात, 10 मार्च1घं 31मिअमृत12:31 रात – 2:03 रात, 10 मार्च1घं 31मिचर2:03 रात – 3:34 रात, 10 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:58 शाम – 9:29 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:48 सुबह49मिलाभ6:37 सुबह – 8:06 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर47मिचर3:29 दोपहर – 4:58 शाम1घं 29मिलाभ4:58 शाम – 6:26 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिशुभ7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिअमृत9:29 रात – 11:00 रात1घं 31मिचर11:00 रात – 12:31 रात, 11 मार्च1घं 31मिलाभ3:33 रात – 5:05 सुबह, 11 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 7:58 शाम – 9:29 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:47 सुबह49मिचर11:02 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर47मिलाभ12:31 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 29मिशुभ4:58 शाम – 6:27 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:27 शाम – 7:58 शाम1घं 31मिचर7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिलाभ12:31 रात – 2:02 रात, 12 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 6:28 शाम – 7:59 शाम11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:45 सुबह48मिशुभ8:03 सुबह – 9:32 सुबह1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:55 दोपहर48मिचर12:31 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 29मिअमृत3:30 दोपहर – 4:59 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:28 शाम – 6:52 शाम24मिलाभ6:28 शाम – 7:59 शाम1घं 31मिशुभ9:29 रात – 11:00 रात1घं 31मिअमृत11:00 रात – 12:30 रात, 14 मार्च1घं 31मिचर12:30 रात – 2:01 रात, 14 मार्च1घं 31मिलाभ5:02 सुबह – 6:32 सुबह, 14 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 6:29 शाम – 7:59 शाम13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:56 सुबह – 5:44 सुबह48मिचर8:02 सुबह – 9:31 सुबह1घं 30मिलाभ9:31 सुबह – 11:01 सुबह1घं 30मिअमृत11:01 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:31 दोपहर24मिशुभ2:00 दोपहर – 3:30 दोपहर1घं 30मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिगोधूलि मुहूर्त6:29 शाम – 6:53 शाम24मिशुभ6:29 शाम – 7:59 शाम1घं 30मिअमृत7:59 शाम – 9:29 रात1घं 30मिचर9:29 रात – 11:00 रात1घं 30मिलाभ2:00 रात – 3:31 रात, 15 मार्च1घं 30मिशुभ5:01 सुबह – 6:31 सुबह, 15 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:43 सुबह48मिअमृत6:31 सुबह – 8:01 सुबह1घं 30मिशुभ9:31 सुबह – 10:52 सुबह1घं 21मिलाभ11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिशुभ2:00 रात – 3:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिअमृत3:30 रात – 5:00 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिचर5:00 सुबह – 6:30 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अप्रैल 2027
चर 5:11 शाम – 6:47 शाम9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:10 सुबह45मिचर5:55 सुबह – 7:31 सुबह1घं 37मिअमृत9:08 सुबह – 10:45 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:47 दोपहर26मिशुभ12:21 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:21 दोपहर52मिचर5:11 शाम – 6:47 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:10 शाम22मिलाभ9:34 रात – 10:24 रात50मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 3:35 दोपहर – 5:11 शाम10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- मघापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:09 सुबह44मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:47 दोपहर52मिचर12:21 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 37मिअमृत3:35 दोपहर – 5:11 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:10 शाम22मिलाभ6:48 शाम – 8:11 रात1घं 23मिशुभ9:34 रात – 10:57 रात1घं 23मिअमृत10:57 रात – 12:20 रात, 18 अप्रैल1घं 23मिचर12:20 रात – 1:44 रात, 18 अप्रैल1घं 23मिलाभ4:30 सुबह – 5:53 सुबह, 18 अप्रैल1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 7:30 सुबह – 9:07 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:09 सुबह44मिचर7:30 सुबह – 9:07 सुबह1घं 37मिलाभ9:07 सुबह – 10:44 सुबह1घं 37मिअमृत10:44 सुबह – 12:21 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:21 दोपहर26मिशुभ1:58 दोपहर – 3:35 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:22 दोपहर52मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिशुभ6:49 शाम – 8:12 रात1घं 23मिअमृत8:12 रात – 9:34 रात1घं 23मिचर9:34 रात – 10:57 रात1घं 23मिलाभ1:43 रात – 3:06 रात, 19 अप्रैल1घं 23मिशुभ4:29 सुबह – 5:52 सुबह, 19 अप्रैल1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:12 शाम – 6:49 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह44मिअमृत5:52 सुबह – 7:29 सुबह1घं 37मिशुभ9:06 सुबह – 10:43 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिलाभ3:35 दोपहर – 5:12 शाम1घं 37मिअमृत5:12 शाम – 6:49 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिचर6:49 शाम – 8:12 रात1घं 23मिलाभ10:57 रात – 12:20 रात, 20 अप्रैल1घं 23मिशुभ1:43 रात – 3:05 रात, 20 अप्रैल1घं 23मिअमृत3:05 रात – 4:28 सुबह, 20 अप्रैल1घं 23मिचर4:28 सुबह – 4:52 सुबह, 20 अप्रैल24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 12:20 रात – 1:42 रात, 21 अप्रैल6 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- चित्रापाद 1
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:07 सुबह44मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:12 शाम22मिलाभ8:12 रात – 9:35 रात1घं 23मिशुभ10:57 रात – 12:20 रात, 21 अप्रैल1घं 23मिअमृत12:20 रात – 1:42 रात, 21 अप्रैल1घं 23मिचर1:42 रात – 3:05 रात, 21 अप्रैल1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
लाभ 5:50 सुबह – 7:27 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:22 सुबह – 5:06 सुबह44मिलाभ5:50 सुबह – 7:27 सुबह1घं 38मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:22 दोपहर52मिचर3:35 दोपहर – 5:13 शाम1घं 38मिलाभ5:13 शाम – 6:50 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:12 शाम22मिशुभ8:13 रात – 9:35 रात1घं 22मिअमृत9:35 रात – 10:57 रात1घं 22मिचर10:57 रात – 12:20 रात, 22 अप्रैल1घं 22मिलाभ3:04 रात – 4:27 सुबह, 22 अप्रैल1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:42 सुबह – 12:20 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:21 सुबह – 5:05 सुबह44मिचर10:42 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:46 दोपहर52मिलाभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिशुभ5:13 शाम – 6:51 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:13 शाम22मिअमृत6:51 शाम – 8:13 रात1घं 22मिचर8:13 रात – 9:35 रात1घं 22मिलाभ12:19 रात – 1:42 रात, 23 अप्रैल1घं 22मिशुभ3:04 रात – 4:26 सुबह, 23 अप्रैल1घं 22मिअमृत4:26 सुबह – 5:48 सुबह, 23 अप्रैल1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:48 सुबह – 7:26 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:20 सुबह – 5:04 सुबह44मिचर5:48 सुबह – 7:26 सुबह1घं 38मिअमृत9:04 सुबह – 10:42 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिशुभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:23 दोपहर52मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:03 सुबह – 10:41 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:19 सुबह – 5:02 सुबह44मिचर7:24 सुबह – 9:03 सुबह1घं 38मिलाभ9:03 सुबह – 10:41 सुबह1घं 38मिअमृत10:41 सुबह – 12:19 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:19 दोपहर26मिशुभ1:58 दोपहर – 3:36 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:23 दोपहर52मिगोधूलि मुहूर्त6:53 शाम – 7:14 शाम22मिशुभ6:53 शाम – 8:14 रात1घं 22मिअमृत8:14 रात – 9:36 रात1घं 22मिचर9:36 रात – 10:57 रात1घं 22मिलाभ1:40 रात – 3:02 रात, 26 अप्रैल1घं 22मिशुभ4:23 सुबह – 5:45 सुबह, 26 अप्रैल1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:45 सुबह – 7:24 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:18 सुबह – 5:02 सुबह43मिअमृत5:45 सुबह – 7:24 सुबह1घं 39मिशुभ9:02 सुबह – 10:41 सुबह1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:19 दोपहर – 12:45 दोपहर26मिलाभ3:36 दोपहर – 5:15 शाम1घं 39मिअमृत5:15 शाम – 6:53 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त6:53 शाम – 7:15 शाम22मिचर6:53 शाम – 8:15 रात1घं 21मिलाभ10:57 रात – 12:19 रात, 27 अप्रैल1घं 21मिशुभ1:40 रात – 3:01 रात, 27 अप्रैल1घं 21मिअमृत3:01 रात – 4:23 सुबह, 27 अप्रैल1घं 21मिचर4:23 सुबह – 5:44 सुबह, 27 अप्रैल1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 12:19 रात – 1:40 रात, 28 अप्रैल4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:17 सुबह – 5:01 सुबह43मिशुभ11:14 रात – 12:19 रात, 28 अप्रैल1घं 5मिअमृत12:19 रात – 1:40 रात, 28 अप्रैल1घं 21मिचर1:40 रात – 3:01 रात, 28 अप्रैल1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
लाभ 5:43 सुबह – 7:22 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:17 सुबह – 5:00 सुबह43मिलाभ5:43 सुबह – 7:22 सुबह1घं 39मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:23 दोपहर53मिचर3:37 दोपहर – 5:16 शाम1घं 39मिलाभ5:16 शाम – 6:55 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त6:55 शाम – 7:16 शाम22मिशुभ8:15 रात – 9:36 रात1घं 21मिअमृत9:36 रात – 10:57 रात1घं 21मिचर10:57 रात – 12:18 रात, 29 अप्रैल1घं 21मिलाभ3:00 रात – 4:21 सुबह, 29 अप्रैल1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 10:40 सुबह – 12:19 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:16 सुबह – 4:59 सुबह43मिचर10:40 सुबह – 12:19 दोपहर1घं 39मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:45 दोपहर53मिलाभ12:19 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 39मिशुभ5:16 शाम – 6:55 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त6:55 शाम – 7:17 शाम22मिअमृत6:55 शाम – 8:16 रात1घं 21मिचर8:16 रात – 9:37 रात1घं 21मिलाभ12:18 रात – 1:39 रात, 30 अप्रैल1घं 21मिशुभ3:00 रात – 4:21 सुबह, 30 अप्रैल1घं 21मिअमृत4:21 सुबह – 5:41 सुबह, 30 अप्रैल1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
मई 2027
लाभ 6:56 शाम – 8:17 रात7 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:15 सुबह – 4:58 सुबह43मिगोधूलि मुहूर्त6:56 शाम – 7:18 शाम21मिलाभ6:56 शाम – 8:17 रात1घं 20मिशुभ9:37 रात – 10:58 रात1घं 20मिअमृत10:58 रात – 12:18 रात, 2 मई1घं 20मिचर12:18 रात – 1:38 रात, 2 मई1घं 20मिलाभ4:19 सुबह – 5:40 सुबह, 2 मई1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 7:19 सुबह – 8:59 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:14 सुबह – 4:57 सुबह43मिचर7:19 सुबह – 8:59 सुबह1घं 40मिलाभ8:59 सुबह – 10:39 सुबह1घं 40मिअमृत10:39 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 40मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:18 दोपहर27मिशुभ1:58 दोपहर – 3:38 दोपहर1घं 40मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:24 दोपहर53मिगोधूलि मुहूर्त6:57 शाम – 7:18 शाम21मिशुभ6:57 शाम – 8:17 रात1घं 20मिअमृत8:17 रात – 9:37 रात1घं 20मिचर9:37 रात – 10:58 रात1घं 20मिलाभ1:38 रात – 2:58 रात, 3 मई1घं 20मिशुभ4:19 सुबह – 5:39 सुबह, 3 मई1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:39 सुबह – 7:19 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:13 सुबह – 4:56 सुबह43मिअमृत5:39 सुबह – 7:19 सुबह1घं 40मिशुभ8:59 सुबह – 10:38 सुबह1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिलाभ3:38 दोपहर – 5:18 शाम1घं 40मिअमृत5:18 शाम – 6:58 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त6:58 शाम – 7:19 शाम21मिचर6:58 शाम – 8:18 रात1घं 20मिलाभ10:58 रात – 12:18 रात, 4 मई1घं 20मिशुभ1:38 रात – 2:58 रात, 4 मई1घं 20मिअमृत2:58 रात – 4:18 सुबह, 4 मई1घं 20मिचर4:18 सुबह – 5:38 सुबह, 4 मई1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 10:38 सुबह – 12:18 दोपहर5 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:13 सुबह – 4:55 सुबह43मिलाभ10:38 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 40मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:18 दोपहर27मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:25 दोपहर53मिगोधूलि मुहूर्त6:58 शाम – 7:19 शाम21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:36 सुबह – 7:16 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:11 सुबह – 4:53 सुबह42मिचर5:36 सुबह – 7:16 सुबह1घं 41मिअमृत8:57 सुबह – 10:37 सुबह1घं 41मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिशुभ12:18 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 41मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:26 दोपहर54मिचर5:19 शाम – 7:00 शाम1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त7:00 शाम – 7:21 शाम21मिलाभ9:39 रात – 10:58 रात1घं 19मिशुभ12:17 रात – 1:37 रात, 8 मई1घं 19मिअमृत1:37 रात – 2:56 रात, 8 मई1घं 19मिचर2:56 रात – 4:16 सुबह, 8 मई1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 7:16 सुबह – 8:56 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:10 सुबह – 4:53 सुबह42मिशुभ7:16 सुबह – 8:56 सुबह1घं 41मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:45 दोपहर54मिचर12:18 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 41मिअमृत3:39 दोपहर – 5:20 शाम1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त7:01 शाम – 7:22 शाम21मिलाभ7:01 शाम – 8:20 रात1घं 19मिशुभ9:39 रात – 10:58 रात1घं 19मिअमृत10:58 रात – 12:17 रात, 9 मई1घं 19मिचर12:17 रात – 1:37 रात, 9 मई1घं 19मिलाभ4:15 सुबह – 5:34 सुबह, 9 मई1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:15 सुबह – 8:56 सुबह9 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:10 सुबह – 4:52 सुबह42मिचर7:15 सुबह – 8:56 सुबह1घं 41मिलाभ8:56 सुबह – 10:37 सुबह1घं 41मिअमृत10:37 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:18 दोपहर27मिशुभ1:59 दोपहर – 3:39 दोपहर1घं 41मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:26 दोपहर54मिगोधूलि मुहूर्त7:01 शाम – 7:22 शाम21मिशुभ7:01 शाम – 7:43 शाम42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 10:36 सुबह – 12:18 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- शूल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:09 सुबह – 4:51 सुबह42मिलाभ10:36 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:18 दोपहर27मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:27 दोपहर54मिगोधूलि मुहूर्त7:02 शाम – 7:23 शाम21मिलाभ8:21 रात – 9:40 रात1घं 19मिशुभ10:59 रात – 12:17 रात, 12 मई1घं 19मिअमृत12:17 रात – 1:36 रात, 12 मई1घं 19मिचर1:36 रात – 2:55 रात, 12 मई1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:32 सुबह – 7:14 सुबह8 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:50 सुबह42मिलाभ5:32 सुबह – 7:14 सुबह1घं 41मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:27 दोपहर54मिचर3:40 दोपहर – 5:22 शाम1घं 41मिलाभ5:22 शाम – 7:03 शाम1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त7:03 शाम – 7:24 शाम21मिशुभ8:22 रात – 9:40 रात1घं 19मिअमृत9:40 रात – 10:59 रात1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:36 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:50 सुबह42मिचर10:36 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 42मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:45 दोपहर54मिलाभ12:18 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 42मिशुभ5:22 शाम – 7:04 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:04 शाम – 7:25 शाम21मिअमृत7:04 शाम – 8:22 रात1घं 18मिचर8:22 रात – 9:40 रात1घं 18मिलाभ12:17 रात – 1:36 रात, 14 मई1घं 18मिशुभ2:54 रात – 4:13 सुबह, 14 मई1घं 18मिअमृत4:13 सुबह – 5:31 सुबह, 14 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 7:12 सुबह – 8:54 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:07 सुबह – 4:49 सुबह42मिशुभ7:12 सुबह – 8:54 सुबह1घं 42मिअभिजित मुहूर्त11:50 सुबह – 12:45 दोपहर54मिचर12:18 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 42मिअमृत3:41 दोपहर – 5:23 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:05 शाम – 7:26 शाम21मिलाभ7:05 शाम – 8:23 रात1घं 18मिशुभ9:41 रात – 10:59 रात1घं 18मिअमृत10:59 रात – 12:17 रात, 16 मई1घं 18मिचर12:17 रात – 1:35 रात, 16 मई1घं 18मिलाभ4:12 सुबह – 5:30 सुबह, 16 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:05 शाम – 8:23 रात7 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:48 सुबह42मिगोधूलि मुहूर्त7:05 शाम – 7:26 शाम21मिशुभ7:05 शाम – 8:23 रात1घं 18मिअमृत8:23 रात – 9:41 रात1घं 18मिचर9:41 रात – 10:59 रात1घं 18मिलाभ1:35 रात – 2:53 रात, 17 मई1घं 18मिशुभ4:11 सुबह – 5:29 सुबह, 17 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:29 सुबह – 7:11 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:48 सुबह42मिअमृत5:29 सुबह – 7:11 सुबह1घं 42मिशुभ8:53 सुबह – 10:36 सुबह1घं 42मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिलाभ3:42 दोपहर – 5:24 शाम1घं 42मिअमृत5:24 शाम – 7:06 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:06 शाम – 7:27 शाम21मिचर7:06 शाम – 8:24 रात1घं 18मिलाभ11:00 रात – 12:17 रात, 18 मई1घं 18मिशुभ1:35 रात – 2:53 रात, 18 मई1घं 18मिअमृत2:53 रात – 4:11 सुबह, 18 मई1घं 18मिचर4:11 सुबह – 5:29 सुबह, 18 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 10:35 सुबह – 12:18 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:47 सुबह42मिलाभ10:35 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 42मिअभिजित मुहूर्त11:50 सुबह – 12:18 दोपहर27मिविजय मुहूर्त2:34 दोपहर – 3:29 दोपहर55मिगोधूलि मुहूर्त7:07 शाम – 7:27 शाम21मिलाभ8:24 रात – 9:42 रात1घं 18मिशुभ11:00 रात – 12:17 रात, 19 मई1घं 18मिअमृत12:17 रात – 1:35 रात, 19 मई1घं 18मिचर1:35 रात – 2:53 रात, 19 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:35 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:46 सुबह41मिचर10:35 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त11:50 सुबह – 12:45 दोपहर55मिलाभ12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 43मिशुभ5:25 शाम – 7:08 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:08 शाम – 7:28 शाम21मिअमृत7:08 शाम – 8:25 रात1घं 17मिचर8:25 रात – 9:43 रात1घं 17मिलाभ12:18 रात – 1:35 रात, 21 मई1घं 17मिशुभ2:52 रात – 4:10 सुबह, 21 मई1घं 17मिअमृत4:10 सुबह – 5:27 सुबह, 21 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:27 सुबह – 7:10 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:46 सुबह41मिचर5:27 सुबह – 7:10 सुबह1घं 43मिअमृत8:52 सुबह – 10:35 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिशुभ12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:35 दोपहर – 3:29 दोपहर55मिचर5:26 शाम – 7:08 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:08 शाम – 7:29 शाम21मिलाभ9:43 रात – 11:00 रात1घं 17मिशुभ12:18 रात – 1:35 रात, 22 मई1घं 17मिअमृत1:35 रात – 2:52 रात, 22 मई1घं 17मिचर2:52 रात – 4:09 सुबह, 22 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:10 सुबह – 8:52 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:46 सुबह41मिशुभ7:10 सुबह – 8:52 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त11:50 सुबह – 12:45 दोपहर55मिचर12:18 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 43मिअमृत3:43 दोपहर – 5:26 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:09 शाम – 7:30 शाम21मिलाभ7:09 शाम – 8:26 रात1घं 17मिशुभ9:43 रात – 11:00 रात1घं 17मिअमृत11:00 रात – 12:18 रात, 23 मई1घं 17मिचर12:18 रात – 1:35 रात, 23 मई1घं 17मिलाभ4:09 सुबह – 5:26 सुबह, 23 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 4:09 सुबह – 5:26 सुबह, 24 मई6 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:45 सुबह41मिचर7:09 सुबह – 7:42 सुबह33मिअमृत8:42 रात – 9:44 रात1घं 2मिचर9:44 रात – 11:01 रात1घं 17मिलाभ1:35 रात – 2:52 रात, 24 मई1घं 17मिशुभ4:09 सुबह – 5:26 सुबह, 24 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 10:35 सुबह – 12:18 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:44 सुबह41मिलाभ10:35 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:18 दोपहर28मिविजय मुहूर्त2:36 दोपहर – 3:31 दोपहर55मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:31 शाम20मिलाभ8:28 रात – 9:44 रात1घं 17मिशुभ11:01 रात – 12:18 रात, 26 मई1घं 17मिअमृत12:18 रात – 1:35 रात, 26 मई1घं 17मिचर1:35 रात – 2:52 रात, 26 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 5:25 सुबह – 7:08 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:44 सुबह41मिलाभ5:25 सुबह – 7:08 सुबह1घं 43मिविजय मुहूर्त2:36 दोपहर – 3:31 दोपहर55मिचर3:45 दोपहर – 5:28 शाम1घं 43मिलाभ5:28 शाम – 7:11 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:32 शाम20मिशुभ8:28 रात – 9:45 रात1घं 17मिअमृत9:45 रात – 11:01 रात1घं 17मिचर11:01 रात – 12:18 रात, 27 मई1घं 17मिलाभ2:51 रात – 4:05 सुबह, 27 मई1घं 14मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
शुभ 5:28 शाम – 7:12 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:44 सुबह41मिशुभ5:28 शाम – 7:12 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:12 शाम – 7:32 शाम20मिअमृत7:12 शाम – 8:28 रात1घं 17मिचर8:28 रात – 9:45 रात1घं 17मिलाभ12:18 रात – 1:35 रात, 28 मई1घं 17मिशुभ2:51 रात – 4:08 सुबह, 28 मई1घं 17मिअमृत4:08 सुबह – 5:24 सुबह, 28 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 5:24 सुबह – 7:08 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:44 सुबह41मिचर5:24 सुबह – 7:08 सुबह1घं 43मिअमृत8:51 सुबह – 10:35 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:46 दोपहर28मिशुभ12:18 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:36 दोपहर – 3:32 दोपहर55मिचर5:29 शाम – 7:12 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:12 शाम – 7:33 शाम20मिलाभ9:45 रात – 11:02 रात1घं 16मिशुभ12:18 रात – 1:35 रात, 29 मई1घं 16मिअमृत1:35 रात – 2:51 रात, 29 मई1घं 16मिचर2:51 रात – 4:08 सुबह, 29 मई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:08 सुबह – 8:51 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह41मिशुभ7:08 सुबह – 8:51 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:46 दोपहर55मिचर12:19 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 44मिअमृत3:46 दोपहर – 5:29 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:13 शाम – 7:33 शाम20मिलाभ7:13 शाम – 8:29 रात1घं 16मिशुभ9:46 रात – 11:02 रात1घं 16मिअमृत11:02 रात – 12:18 रात, 30 मई1घं 16मिचर12:18 रात – 1:35 रात, 30 मई1घं 16मिलाभ4:08 सुबह – 5:24 सुबह, 30 मई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 3:46 दोपहर – 5:30 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह41मिशुभ10:03 सुबह – 10:35 सुबह32मिअभिजित मुहूर्त12:19 दोपहर – 12:46 दोपहर28मिलाभ3:46 दोपहर – 5:30 शाम1घं 44मिअमृत5:30 शाम – 7:14 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:14 शाम – 7:34 शाम20मिचर7:14 शाम – 8:30 रात1घं 16मिलाभ11:03 रात – 12:19 रात, 1 जून1घं 16मिशुभ1:35 रात – 2:51 रात, 1 जून1घं 16मिअमृत2:51 रात – 4:07 सुबह, 1 जून1घं 16मिचर4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 1 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2027
लाभ 10:35 सुबह – 12:19 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह41मिलाभ10:35 सुबह – 12:19 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:19 दोपहर28मिविजय मुहूर्त2:37 दोपहर – 3:33 दोपहर55मिगोधूलि मुहूर्त7:15 शाम – 7:35 शाम20मिलाभ8:31 रात – 9:47 रात1घं 16मिशुभ11:03 रात – 12:19 रात, 2 जून1घं 16मिअमृत12:19 रात – 1:35 रात, 2 जून1घं 16मिचर1:35 रात – 2:51 रात, 2 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 5:23 सुबह – 7:07 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 3
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह41मिलाभ5:23 सुबह – 7:07 सुबह1घं 44मिविजय मुहूर्त2:38 दोपहर – 3:33 दोपहर55मिचर3:47 दोपहर – 5:31 शाम1घं 44मिलाभ5:31 शाम – 7:15 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:15 शाम – 7:35 शाम20मिशुभ8:31 रात – 9:47 रात1घं 16मिअमृत9:47 रात – 11:03 रात1घं 16मिचर11:03 रात – 12:19 रात, 3 जून1घं 16मिलाभ2:51 रात – 4:07 सुबह, 3 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
शुभ 5:31 शाम – 7:16 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह41मिशुभ5:31 शाम – 7:16 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:16 शाम – 7:36 शाम20मिअमृत7:16 शाम – 8:31 रात1घं 16मिचर8:31 रात – 9:47 रात1घं 16मिलाभ12:19 रात – 1:35 रात, 4 जून1घं 16मिशुभ2:51 रात – 4:07 सुबह, 4 जून1घं 16मिअमृत4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 4 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:07 सुबह – 8:51 सुबह11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिशुभ7:07 सुबह – 8:51 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:47 दोपहर56मिचर12:20 दोपहर – 2:04 दोपहर1घं 44मिअमृत3:48 दोपहर – 5:32 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:16 शाम – 7:37 शाम20मिलाभ7:16 शाम – 8:32 रात1घं 16मिशुभ9:48 रात – 11:04 रात1घं 16मिअमृत11:04 रात – 12:20 रात, 6 जून1घं 16मिचर12:20 रात – 1:35 रात, 6 जून1घं 16मिलाभ4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 6 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:07 सुबह – 8:51 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- शूल
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर7:07 सुबह – 8:51 सुबह1घं 44मिलाभ8:51 सुबह – 10:35 सुबह1घं 44मिअमृत10:35 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:20 दोपहर28मिशुभ2:04 दोपहर – 3:48 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त2:39 दोपहर – 3:34 दोपहर56मिगोधूलि मुहूर्त7:17 शाम – 7:37 शाम20मिशुभ7:17 शाम – 8:33 रात1घं 16मिअमृत8:33 रात – 9:48 रात1घं 16मिचर9:48 रात – 11:04 रात1घं 16मिलाभ1:35 रात – 2:51 रात, 7 जून1घं 16मिशुभ4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 7 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 8:51 सुबह – 10:36 सुबह9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिअमृत5:23 सुबह – 7:07 सुबह1घं 44मिशुभ8:51 सुबह – 10:36 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:48 दोपहर28मिलाभ3:49 दोपहर – 5:33 शाम1घं 44मिअमृत5:33 शाम – 7:17 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:17 शाम – 7:38 शाम20मिचर7:17 शाम – 8:33 रात1घं 16मिलाभ11:04 रात – 12:20 रात, 8 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 5:34 शाम – 7:18 शाम10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिलाभ5:22 सुबह – 7:07 सुबह1घं 44मिविजय मुहूर्त2:40 दोपहर – 3:35 दोपहर56मिचर3:49 दोपहर – 5:34 शाम1घं 44मिलाभ5:34 शाम – 7:18 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:38 शाम20मिशुभ8:34 रात – 9:49 रात1घं 16मिअमृत9:49 रात – 11:05 रात1घं 16मिचर11:05 रात – 12:20 रात, 10 जून1घं 16मिलाभ2:51 रात – 4:07 सुबह, 10 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:21 दोपहर – 2:05 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर10:36 सुबह – 12:21 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:48 दोपहर56मिलाभ12:21 दोपहर – 2:05 दोपहर1घं 45मिशुभ5:34 शाम – 7:19 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:19 शाम – 7:39 शाम20मिअमृत7:19 शाम – 8:34 रात1घं 15मिचर8:34 रात – 9:50 रात1घं 15मिलाभ12:21 रात – 1:36 रात, 11 जून1घं 15मिशुभ2:51 रात – 4:07 सुबह, 11 जून1घं 15मिअमृत4:07 सुबह – 5:14 सुबह, 11 जून1घं 8मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:34 शाम – 7:19 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर5:34 शाम – 7:19 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:19 शाम – 7:39 शाम20मिलाभ9:50 रात – 11:05 रात1घं 15मिशुभ12:21 रात – 1:36 रात, 12 जून1घं 15मिअमृत1:36 रात – 2:52 रात, 12 जून1घं 15मिचर2:52 रात – 4:07 सुबह, 12 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:07 सुबह – 8:52 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर7:07 सुबह – 8:52 सुबह1घं 45मिलाभ8:52 सुबह – 10:36 सुबह1घं 45मिअमृत10:36 सुबह – 12:21 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:21 दोपहर28मिशुभ2:06 दोपहर – 3:50 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:41 दोपहर – 3:37 दोपहर56मिगोधूलि मुहूर्त7:20 शाम – 7:40 शाम20मिशुभ7:20 शाम – 8:35 रात1घं 15मिअमृत8:35 रात – 9:50 रात1घं 15मिचर9:50 रात – 11:06 रात1घं 15मिलाभ1:36 रात – 2:52 रात, 14 जून1घं 15मिशुभ4:07 सुबह – 5:22 सुबह, 14 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:22 सुबह – 7:07 सुबह7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिअमृत5:22 सुबह – 7:07 सुबह1घं 45मिशुभ8:52 सुबह – 10:37 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:49 दोपहर28मिशुभ2:08 रात – 2:52 रात, 15 जून43मिअमृत2:52 रात – 4:07 सुबह, 15 जून1घं 15मिचर4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 15 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
लाभ 10:37 सुबह – 12:22 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिलाभ10:37 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:22 दोपहर28मिविजय मुहूर्त2:41 दोपहर – 3:37 दोपहर56मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिलाभ8:36 रात – 9:51 रात1घं 15मिशुभ11:06 रात – 12:22 रात, 16 जून1घं 15मिअमृत12:22 रात – 1:37 रात, 16 जून1घं 15मिचर1:37 रात – 2:52 रात, 16 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 3:51 दोपहर – 5:36 शाम10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह40मिलाभ5:23 सुबह – 7:07 सुबह1घं 45मिविजय मुहूर्त2:41 दोपहर – 3:37 दोपहर56मिचर3:51 दोपहर – 5:36 शाम1घं 45मिलाभ5:36 शाम – 7:21 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिशुभ8:36 रात – 9:51 रात1घं 15मिअमृत9:51 रात – 11:07 रात1घं 15मिचर11:07 रात – 12:22 रात, 17 जून1घं 15मिलाभ2:52 रात – 4:08 सुबह, 17 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:37 शाम – 7:21 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह40मिचर5:37 शाम – 7:21 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिलाभ9:52 रात – 11:07 रात1घं 15मिशुभ12:22 रात – 1:37 रात, 19 जून1घं 15मिअमृत1:37 रात – 2:53 रात, 19 जून1घं 15मिचर2:53 रात – 4:08 सुबह, 19 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 12:22 दोपहर – 2:07 दोपहर11 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह40मिशुभ7:08 सुबह – 8:53 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:50 दोपहर56मिचर12:22 दोपहर – 2:07 दोपहर1घं 45मिअमृत3:52 दोपहर – 5:37 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:42 शाम20मिलाभ7:22 शाम – 8:37 रात1घं 15मिशुभ9:52 रात – 11:07 रात1घं 15मिअमृत11:07 रात – 12:22 रात, 20 जून1घं 15मिचर12:22 रात – 1:38 रात, 20 जून1घं 15मिलाभ4:08 सुबह – 5:23 सुबह, 20 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 7:08 सुबह – 8:53 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह40मिचर7:08 सुबह – 8:53 सुबह1घं 45मिलाभ8:53 सुबह – 10:38 सुबह1घं 45मिअमृत10:38 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:23 दोपहर28मिशुभ2:07 दोपहर – 3:52 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:42 दोपहर – 3:38 दोपहर56मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:42 शाम20मिशुभ7:22 शाम – 8:37 रात1घं 15मिअमृत8:37 रात – 9:52 रात1घं 15मिचर9:52 रात – 11:07 रात1घं 15मिलाभ1:38 रात – 2:53 रात, 21 जून1घं 15मिशुभ4:08 सुबह – 5:23 सुबह, 21 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:23 सुबह – 7:08 सुबह9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह40मिअमृत5:23 सुबह – 7:08 सुबह1घं 45मिशुभ8:53 सुबह – 10:38 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:23 दोपहर – 12:51 दोपहर28मिलाभ3:52 दोपहर – 5:37 शाम1घं 45मिअमृत5:37 शाम – 7:22 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:42 शाम20मिचर7:22 शाम – 8:37 रात1घं 15मिलाभ11:08 रात – 11:51 रात43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:38 रात – 9:53 रात7 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 4
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:44 सुबह40मिविजय मुहूर्त2:43 दोपहर – 3:39 दोपहर56मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:42 शाम20मिलाभ8:38 रात – 9:53 रात1घं 15मिशुभ11:08 रात – 12:23 रात, 23 जून1घं 15मिअमृत12:23 रात – 1:38 रात, 23 जून1घं 15मिचर1:38 रात – 2:54 रात, 23 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
लाभ 12:23 दोपहर – 2:08 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 3
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:44 सुबह40मिचर10:39 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:51 दोपहर56मिलाभ12:23 दोपहर – 2:08 दोपहर1घं 45मिशुभ5:38 शाम – 7:23 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिअमृत7:23 शाम – 8:38 रात1घं 15मिचर8:38 रात – 9:53 रात1घं 15मिलाभ12:24 रात – 1:39 रात, 25 जून1घं 15मिशुभ2:54 रात – 4:09 सुबह, 25 जून1घं 15मिअमृत4:09 सुबह – 5:24 सुबह, 25 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:38 शाम – 7:23 शाम8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:44 सुबह40मिचर5:24 सुबह – 7:09 सुबह1घं 45मिअमृत8:54 सुबह – 10:39 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:52 दोपहर28मिशुभ12:24 दोपहर – 2:08 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:43 दोपहर – 3:39 दोपहर56मिचर5:38 शाम – 7:23 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 12:24 दोपहर – 2:09 दोपहर10 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:45 सुबह40मिअभिजित मुहूर्त11:56 सुबह – 12:52 दोपहर56मिचर12:24 दोपहर – 2:09 दोपहर1घं 45मिअमृत3:53 दोपहर – 5:38 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिलाभ7:23 शाम – 8:38 रात1घं 15मिशुभ9:53 रात – 11:09 रात1घं 15मिअमृत11:09 रात – 12:24 रात, 27 जून1घं 15मिचर12:24 रात – 1:39 रात, 27 जून1घं 15मिलाभ4:10 सुबह – 5:25 सुबह, 27 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 7:10 सुबह – 8:55 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:45 सुबह40मिचर7:10 सुबह – 8:55 सुबह1घं 45मिलाभ8:55 सुबह – 10:39 सुबह1घं 45मिअमृत10:39 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:56 सुबह – 12:24 दोपहर28मिशुभ2:09 दोपहर – 3:54 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:40 दोपहर56मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिशुभ7:23 शाम – 8:38 रात1घं 15मिअमृत8:38 रात – 9:54 रात1घं 15मिचर9:54 रात – 11:09 रात1घं 15मिलाभ1:39 रात – 2:55 रात, 28 जून1घं 15मिशुभ4:10 सुबह – 5:25 सुबह, 28 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 12:25 रात – 1:40 रात, 30 जून4 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:45 सुबह40मिशुभ11:09 रात – 12:25 रात, 30 जून1घं 15मिअमृत12:25 रात – 1:40 रात, 30 जून1घं 15मिचर1:40 रात – 2:55 रात, 30 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 3:54 दोपहर – 5:39 शाम10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:46 सुबह40मिलाभ5:26 सुबह – 7:11 सुबह1घं 45मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:40 दोपहर56मिचर3:54 दोपहर – 5:39 शाम1घं 45मिलाभ5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिशुभ8:39 रात – 9:54 रात1घं 15मिअमृत9:54 रात – 11:09 रात1घं 15मिचर11:09 रात – 12:25 रात, 1 जुलाई1घं 15मिलाभ2:56 रात – 4:11 सुबह, 1 जुलाई1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जुलाई 2027
शुभ 5:39 शाम – 7:23 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:46 सुबह40मिचर10:40 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:57 सुबह – 12:53 दोपहर56मिलाभ12:25 दोपहर – 2:09 दोपहर1घं 45मिशुभ5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिअमृत7:23 शाम – 8:39 रात1घं 15मिचर8:39 रात – 9:54 रात1घं 15मिलाभ12:25 रात – 1:40 रात, 2 जुलाई1घं 15मिशुभ2:56 रात – 4:11 सुबह, 2 जुलाई1घं 15मिअमृत4:11 सुबह – 5:27 सुबह, 2 जुलाई1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:27 सुबह – 7:11 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:47 सुबह40मिचर5:27 सुबह – 7:11 सुबह1घं 45मिअमृत8:56 सुबह – 10:40 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:53 दोपहर28मिशुभ12:25 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:24 दोपहर39मिअमृत1:48 रात – 2:56 रात, 3 जुलाई1घं 9मिचर2:56 रात – 4:12 सुबह, 3 जुलाई1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:28 सुबह – 7:12 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:07 सुबह – 4:48 सुबह40मिअमृत5:28 सुबह – 7:12 सुबह1घं 44मिशुभ8:57 सुबह – 10:41 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:53 दोपहर28मिलाभ3:54 दोपहर – 5:39 शाम1घं 44मिअमृत5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिचर7:23 शाम – 8:39 रात1घं 16मिलाभ11:10 रात – 12:26 रात, 6 जुलाई1घं 16मिशुभ1:41 रात – 2:57 रात, 6 जुलाई1घं 16मिअमृत2:57 रात – 4:13 सुबह, 6 जुलाई1घं 16मिचर4:13 सुबह – 5:28 सुबह, 6 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 10:41 सुबह – 12:26 दोपहर9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:48 सुबह40मिलाभ10:41 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:26 दोपहर28मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:40 दोपहर56मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिलाभ8:39 रात – 9:55 रात1घं 16मिशुभ11:10 रात – 12:26 रात, 7 जुलाई1घं 16मिअमृत12:26 रात – 1:42 रात, 7 जुलाई1घं 16मिचर1:42 रात – 2:57 रात, 7 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:49 सुबह40मिचर10:42 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:54 दोपहर56मिलाभ12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिशुभ5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिअमृत7:23 शाम – 8:39 रात1घं 16मिचर8:39 रात – 9:55 रात1घं 16मिलाभ12:26 रात – 1:42 रात, 9 जुलाई1घं 16मिशुभ2:58 रात – 4:14 सुबह, 9 जुलाई1घं 16मिअमृत4:14 सुबह – 5:30 सुबह, 9 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:30 सुबह – 7:14 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:09 सुबह – 4:49 सुबह40मिचर5:30 सुबह – 7:14 सुबह1घं 44मिअमृत8:58 सुबह – 10:42 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:54 दोपहर28मिशुभ12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:41 दोपहर56मिचर5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिलाभ9:55 रात – 11:10 रात1घं 16मिशुभ12:26 रात – 1:42 रात, 10 जुलाई1घं 16मिअमृत1:42 रात – 2:58 रात, 10 जुलाई1घं 16मिचर2:58 रात – 4:14 सुबह, 10 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 7:14 सुबह – 8:58 सुबह5 समय
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:09 सुबह – 4:50 सुबह41मिशुभ7:14 सुबह – 8:58 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:38 दोपहर39मिचर12:27 रात – 1:43 रात, 11 जुलाई1घं 16मिलाभ4:15 सुबह – 5:31 सुबह, 11 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:15 सुबह – 8:59 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:10 सुबह – 4:50 सुबह41मिचर7:15 सुबह – 8:59 सुबह1घं 44मिलाभ8:59 सुबह – 10:43 सुबह1घं 44मिअमृत10:43 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:26 दोपहर28मिशुभ2:10 दोपहर – 3:54 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:40 दोपहर55मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:43 शाम20मिशुभ7:22 शाम – 8:38 रात1घं 16मिअमृत8:38 रात – 9:54 रात1घं 16मिचर9:54 रात – 11:11 रात1घं 16मिलाभ1:43 रात – 2:59 रात, 12 जुलाई1घं 16मिशुभ4:15 सुबह – 5:31 सुबह, 12 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 10:43 सुबह – 12:27 दोपहर7 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:10 सुबह – 4:51 सुबह41मिलाभ10:43 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:27 दोपहर28मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:40 दोपहर55मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:42 शाम20मिलाभ8:38 रात – 9:54 रात1घं 16मिशुभ11:11 रात – 12:27 रात, 14 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 3:54 दोपहर – 5:38 शाम9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:11 सुबह – 4:51 सुबह41मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:40 दोपहर55मिचर3:54 दोपहर – 5:38 शाम1घं 44मिलाभ5:38 शाम – 7:21 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:42 शाम20मिशुभ8:38 रात – 9:54 रात1घं 16मिअमृत9:54 रात – 11:11 रात1घं 16मिचर11:11 रात – 12:27 रात, 15 जुलाई1घं 16मिलाभ3:00 रात – 4:16 सुबह, 15 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:43 सुबह – 12:27 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:11 सुबह – 4:52 सुबह41मिचर10:43 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:55 दोपहर55मिलाभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिशुभ5:38 शाम – 7:21 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:42 शाम20मिअमृत7:21 शाम – 8:38 रात1घं 17मिचर8:38 रात – 9:54 रात1घं 17मिलाभ12:27 रात – 1:44 रात, 16 जुलाई1घं 17मिशुभ3:00 रात – 4:17 सुबह, 16 जुलाई1घं 17मिअमृत4:17 सुबह – 5:33 सुबह, 16 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:33 सुबह – 7:17 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:12 सुबह – 4:52 सुबह41मिचर5:33 सुबह – 7:17 सुबह1घं 43मिअमृत9:00 सुबह – 10:44 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 12:55 दोपहर28मिशुभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:40 दोपहर55मिचर5:37 शाम – 7:21 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिलाभ9:54 रात – 11:11 रात1घं 17मिशुभ12:27 रात – 1:44 रात, 17 जुलाई1घं 17मिअमृत1:44 रात – 3:01 रात, 17 जुलाई1घं 17मिचर3:01 रात – 4:17 सुबह, 17 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Bhaktimala, "Mundan Muhurat — auspicious dates for the first tonsure"