मुंडन मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 63 शुभ दिन · टोरंटो · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
अक्तूबर 2026
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सूर्य दक्षिणायन में
नवंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
दिसंबर 2026
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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खरमास
अगस्त 2027
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सूर्य दक्षिणायन में
सितंबर 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
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सूर्य दक्षिणायन में
जनवरी 2027
अमृत 3:17 रात – 5:07 सुबह, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:50 सुबह – 7:49 सुबह59मिचर4:57 शाम – 6:06 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:36 शाम29मिलाभ9:47 रात – 11:37 रात1घं 50मिशुभ1:27 रात – 3:17 रात, 16 जनवरी1घं 50मिअमृत3:17 रात – 5:07 सुबह, 16 जनवरी1घं 50मिचर5:07 सुबह – 6:57 सुबह, 16 जनवरी1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 11:38 रात – 1:28 रात, 19 जनवरी7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:49 सुबह – 7:48 सुबह58मिअमृत8:46 सुबह – 9:57 सुबह1घं 11मिशुभ11:07 सुबह – 11:43 सुबह36मिलाभ11:38 रात – 1:28 रात, 19 जनवरी1घं 49मिशुभ3:17 रात – 5:07 सुबह, 19 जनवरी1घं 49मिअमृत5:07 सुबह – 6:56 सुबह, 19 जनवरी1घं 49मिचर6:56 सुबह – 8:45 सुबह, 19 जनवरी1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 8:02 रात – 9:51 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:48 सुबह – 7:46 सुबह58मिलाभ8:45 सुबह – 9:56 सुबह1घं 11मिविजय मुहूर्त3:03 दोपहर – 3:41 दोपहर38मिचर3:51 दोपहर – 5:02 शाम1घं 11मिलाभ5:02 शाम – 6:13 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:42 शाम29मिशुभ8:02 रात – 9:51 रात1घं 49मिअमृत9:51 रात – 11:39 रात1घं 49मिचर11:39 रात – 1:28 रात, 21 जनवरी1घं 49मिलाभ5:06 सुबह – 6:55 सुबह, 21 जनवरी1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
लाभ 9:52 रात – 11:41 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:47 सुबह – 7:45 सुबह58मिचर8:43 सुबह – 9:55 सुबह1घं 12मिअमृत11:06 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 12मिशुभ1:29 दोपहर – 2:41 दोपहर1घं 12मिविजय मुहूर्त3:05 दोपहर – 3:43 दोपहर38मिचर5:04 शाम – 6:15 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त6:15 शाम – 6:44 शाम29मिलाभ9:52 रात – 11:41 रात1घं 48मिशुभ1:29 रात – 3:17 रात, 23 जनवरी1घं 48मिअमृत3:17 रात – 5:06 सुबह, 23 जनवरी1घं 48मिचर5:06 सुबह – 6:54 सुबह, 23 जनवरी1घं 48मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 5:09 शाम – 6:22 शाम6 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:45 सुबह – 7:42 सुबह57मिलाभ8:39 सुबह – 9:52 सुबह1घं 13मिविजय मुहूर्त3:08 दोपहर – 3:47 दोपहर39मिचर3:56 दोपहर – 5:09 शाम1घं 13मिलाभ5:09 शाम – 6:22 शाम1घं 13मिलाभ6:23 सुबह – 6:51 सुबह, 28 जनवरी28मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 8:10 रात – 9:57 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 3
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:44 सुबह – 7:41 सुबह57मिचर12:18 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त1:11 दोपहर – 1:50 दोपहर39मिलाभ1:31 दोपहर – 2:44 दोपहर1घं 13मिशुभ5:10 शाम – 6:23 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:52 शाम28मिअमृत6:23 शाम – 8:10 रात1घं 47मिचर8:10 रात – 9:57 रात1घं 47मिलाभ1:30 रात – 3:17 रात, 29 जनवरी1घं 47मिशुभ5:04 सुबह – 6:50 सुबह, 29 जनवरी1घं 47मिअमृत6:50 सुबह – 8:37 सुबह, 29 जनवरी1घं 47मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:03 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:43 सुबह – 7:40 सुबह57मिचर8:37 सुबह – 9:51 सुबह1घं 13मिअमृत11:04 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 13मिशुभ1:31 दोपहर – 2:44 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त3:09 दोपहर – 3:48 दोपहर39मिचर5:11 शाम – 6:25 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:25 शाम – 6:53 शाम28मिलाभ9:58 रात – 11:44 रात1घं 46मिशुभ1:30 रात – 3:17 रात, 30 जनवरी1घं 46मिअमृत3:17 रात – 5:03 सुबह, 30 जनवरी1घं 46मिचर5:03 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी1घं 46मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
अमृत 5:02 सुबह – 6:47 सुबह, 2 फ़रवरी11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:41 सुबह – 7:37 सुबह56मिअमृत8:34 सुबह – 9:48 सुबह1घं 14मिशुभ11:03 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 14मिलाभ4:00 शाम – 5:14 शाम1घं 14मिअमृत5:14 शाम – 6:29 शाम1घं 14मिगोधूलि मुहूर्त6:29 शाम – 6:57 शाम28मिचर6:29 शाम – 8:14 रात1घं 46मिलाभ11:45 रात – 1:31 रात, 2 फ़रवरी1घं 46मिशुभ3:16 रात – 5:02 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 46मिअमृत5:02 सुबह – 6:47 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 46मिचर6:47 सुबह – 8:33 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 46मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 8:16 रात – 10:01 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:39 सुबह – 7:36 सुबह56मिलाभ8:32 सुबह – 9:47 सुबह1घं 15मिविजय मुहूर्त3:12 दोपहर – 3:52 दोपहर40मिचर4:02 शाम – 5:17 शाम1घं 15मिलाभ5:17 शाम – 6:31 शाम1घं 15मिगोधूलि मुहूर्त6:31 शाम – 6:59 शाम28मिशुभ8:16 रात – 10:01 रात1घं 45मिअमृत10:01 रात – 11:46 रात1घं 45मिचर11:46 रात – 1:31 रात, 4 फ़रवरी1घं 45मिलाभ5:01 सुबह – 6:46 सुबह, 4 फ़रवरी1घं 45मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
लाभ 11:48 रात – 1:31 रात, 9 फ़रवरी12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:35 सुबह – 7:30 सुबह55मिअमृत8:26 सुबह – 9:42 सुबह1घं 17मिशुभ10:59 सुबह – 12:15 दोपहर1घं 17मिअभिजित मुहूर्त1:32 दोपहर – 1:52 दोपहर20मिलाभ4:05 शाम – 5:22 शाम1घं 17मिअमृत5:22 शाम – 6:38 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त6:38 शाम – 7:06 शाम28मिचर6:38 शाम – 8:22 रात1घं 43मिलाभ11:48 रात – 1:31 रात, 9 फ़रवरी1घं 43मिशुभ3:15 रात – 4:58 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 43मिअमृत4:58 सुबह – 6:41 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 43मिचर6:41 सुबह – 8:24 सुबह, 9 फ़रवरी1घं 43मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 1:31 रात – 3:14 रात, 12 फ़रवरी11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:32 सुबह – 7:27 सुबह55मिचर12:14 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त1:11 दोपहर – 1:53 दोपहर41मिलाभ1:32 दोपहर – 2:50 दोपहर1घं 18मिशुभ5:25 शाम – 6:42 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:10 शाम27मिअमृत6:42 शाम – 8:25 रात1घं 42मिचर8:25 रात – 10:07 रात1घं 42मिलाभ1:31 रात – 3:14 रात, 12 फ़रवरी1घं 42मिशुभ4:56 सुबह – 6:38 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 42मिअमृत6:38 सुबह – 8:20 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 42मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 10:08 रात – 11:49 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:31 सुबह – 7:26 सुबह55मिचर8:20 सुबह – 9:38 सुबह1घं 18मिअमृत10:56 सुबह – 12:14 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त1:32 दोपहर – 1:53 दोपहर21मिशुभ1:32 दोपहर – 2:50 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त3:16 दोपहर – 3:58 दोपहर42मिचर5:26 शाम – 6:44 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त6:44 शाम – 7:11 शाम27मिलाभ10:08 रात – 11:49 रात1घं 42मिशुभ1:31 रात – 3:13 रात, 13 फ़रवरी1घं 42मिअमृत3:13 रात – 4:55 सुबह, 13 फ़रवरी1घं 42मिचर4:55 सुबह – 6:37 सुबह, 13 फ़रवरी1घं 42मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 8:31 रात – 10:11 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:26 सुबह – 7:19 सुबह54मिलाभ8:13 सुबह – 9:33 सुबह1घं 20मिविजय मुहूर्त3:18 दोपहर – 4:01 शाम42मिचर4:11 शाम – 5:31 शाम1घं 20मिलाभ5:31 शाम – 6:51 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:17 शाम27मिशुभ8:31 रात – 10:11 रात1घं 40मिअमृत10:11 रात – 11:51 रात1घं 40मिचर11:51 रात – 1:31 रात, 18 फ़रवरी1घं 40मिलाभ4:51 सुबह – 6:31 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 40मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 6:52 शाम – 8:32 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:25 सुबह – 7:18 सुबह53मिचर12:12 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:10 दोपहर – 1:53 दोपहर43मिलाभ1:32 दोपहर – 2:52 दोपहर1घं 20मिशुभ5:32 शाम – 6:52 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:52 शाम – 7:18 शाम27मिअमृत6:52 शाम – 8:32 रात1घं 40मिचर8:32 रात – 10:11 रात1घं 40मिलाभ1:31 रात – 3:11 रात, 19 फ़रवरी1घं 40मिशुभ4:51 सुबह – 6:30 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 40मिअमृत6:30 सुबह – 8:10 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 40मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:57 शाम – 8:36 रात9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:20 सुबह – 7:13 सुबह53मिअमृत8:05 सुबह – 9:27 सुबह1घं 21मिशुभ10:48 सुबह – 12:10 दोपहर1घं 21मिअभिजित मुहूर्त1:31 दोपहर – 1:53 दोपहर22मिलाभ4:14 शाम – 5:36 शाम1घं 21मिअमृत5:36 शाम – 6:57 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त6:57 शाम – 7:23 शाम26मिचर6:57 शाम – 8:36 रात1घं 38मिलाभ11:52 रात – 1:10 रात, 23 फ़रवरी1घं 18मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
अमृत 7:01 शाम – 8:38 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:17 सुबह – 7:09 सुबह52मिचर12:08 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त1:09 दोपहर – 1:53 दोपहर44मिलाभ1:31 दोपहर – 2:53 दोपहर1घं 23मिशुभ5:39 शाम – 7:01 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त7:01 शाम – 7:27 शाम26मिअमृत7:01 शाम – 8:38 रात1घं 37मिचर8:38 रात – 10:16 रात1घं 37मिलाभ1:30 रात – 3:07 रात, 26 फ़रवरी1घं 37मिशुभ4:45 सुबह – 6:22 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 37मिअमृत6:22 सुबह – 7:59 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 37मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 3:07 रात – 4:44 सुबह, 27 फ़रवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:15 सुबह – 7:07 सुबह52मिचर7:59 सुबह – 9:22 सुबह1घं 23मिअमृत10:45 सुबह – 11:14 सुबह29मिशुभ1:30 रात – 3:07 रात, 27 फ़रवरी1घं 37मिअमृत3:07 रात – 4:44 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 37मिचर4:44 सुबह – 6:21 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 37मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
मार्च 2027
शुभ 8:44 रात – 10:19 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:09 सुबह – 7:00 सुबह51मिलाभ7:51 सुबह – 9:15 सुबह1घं 25मिविजय मुहूर्त3:23 दोपहर – 4:08 शाम45मिचर4:19 शाम – 5:44 शाम1घं 25मिलाभ5:44 शाम – 7:09 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त7:09 शाम – 7:34 शाम25मिशुभ8:44 रात – 10:19 रात1घं 35मिअमृत10:19 रात – 11:54 रात1घं 35मिचर11:54 रात – 1:29 रात, 4 मार्च1घं 35मिलाभ4:39 सुबह – 6:14 सुबह, 4 मार्च1घं 35मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 8:45 रात – 10:19 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:08 सुबह – 6:58 सुबह51मिचर12:04 दोपहर – 1:30 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त1:07 दोपहर – 1:52 दोपहर45मिलाभ1:30 दोपहर – 2:55 दोपहर1घं 25मिशुभ5:45 शाम – 7:10 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त7:10 शाम – 7:35 शाम25मिअमृत7:10 शाम – 8:45 रात1घं 35मिचर8:45 रात – 10:19 रात1घं 35मिलाभ1:29 रात – 3:03 रात, 5 मार्च1घं 35मिशुभ4:38 सुबह – 6:13 सुबह, 5 मार्च1घं 35मिअमृत6:13 सुबह – 7:47 सुबह, 5 मार्च1घं 35मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 10:20 रात – 11:54 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:06 सुबह – 6:57 सुबह50मिचर7:47 सुबह – 9:13 सुबह1घं 26मिअमृत10:38 सुबह – 12:04 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त1:29 दोपहर – 1:52 दोपहर23मिशुभ1:29 दोपहर – 2:55 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त3:23 दोपहर – 4:09 शाम46मिचर5:46 शाम – 7:11 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:37 शाम25मिलाभ10:20 रात – 11:54 रात1घं 34मिशुभ1:28 रात – 2:34 रात, 6 मार्च1घं 6मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:15 शाम – 8:48 रात12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:02 सुबह – 6:52 सुबह50मिअमृत7:42 सुबह – 9:09 सुबह1घं 27मिशुभ10:35 सुबह – 12:02 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त1:29 दोपहर – 1:52 दोपहर23मिलाभ4:22 शाम – 5:49 शाम1घं 27मिअमृत5:49 शाम – 7:15 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त7:15 शाम – 7:40 शाम25मिचर7:15 शाम – 8:48 रात1घं 33मिलाभ11:55 रात – 1:28 रात, 9 मार्च1घं 33मिशुभ3:01 रात – 4:34 सुबह, 9 मार्च1घं 33मिअमृत4:34 सुबह – 6:07 सुबह, 9 मार्च1घं 33मिचर6:07 सुबह – 7:40 सुबह, 9 मार्च1घं 33मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 10:22 रात – 11:55 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:00 सुबह – 6:49 सुबह49मिलाभ7:39 सुबह – 9:06 सुबह1घं 27मिविजय मुहूर्त3:25 दोपहर – 4:11 शाम47मिचर4:23 शाम – 5:50 शाम1घं 27मिलाभ5:50 शाम – 7:18 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:42 शाम25मिशुभ8:50 रात – 10:22 रात1घं 32मिअमृत10:22 रात – 11:55 रात1घं 32मिचर11:55 रात – 1:27 रात, 11 मार्च1घं 32मिलाभ4:32 सुबह – 6:04 सुबह, 11 मार्च1घं 32मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 2:58 रात – 4:30 सुबह, 13 मार्च12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:57 सुबह – 6:46 सुबह49मिचर7:35 सुबह – 9:03 सुबह1घं 28मिअमृत10:31 सुबह – 11:59 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त1:28 दोपहर – 1:51 दोपहर24मिशुभ1:28 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त3:25 दोपहर – 4:12 शाम47मिचर5:52 शाम – 7:20 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त7:20 शाम – 7:45 शाम24मिलाभ10:23 रात – 11:55 रात1घं 32मिशुभ1:27 रात – 2:58 रात, 13 मार्च1घं 32मिअमृत2:58 रात – 4:30 सुबह, 13 मार्च1घं 32मिचर4:30 सुबह – 6:02 सुबह, 13 मार्च1घं 32मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अप्रैल 2027
चर 11:37 सुबह – 1:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 5:53 सुबह42मिचर11:37 सुबह – 1:18 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त12:51 दोपहर – 1:45 दोपहर54मिलाभ1:18 दोपहर – 2:59 दोपहर1घं 41मिशुभ6:20 शाम – 8:01 रात1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त8:01 रात – 8:22 रात21मिअमृत8:01 रात – 9:20 रात1घं 19मिचर9:20 रात – 10:39 रात1घं 19मिलाभ1:17 रात – 2:36 रात, 16 अप्रैल1घं 19मिशुभ3:55 रात – 5:14 सुबह, 16 अप्रैल1घं 19मिअमृत5:14 सुबह – 6:33 सुबह, 16 अप्रैल1घं 19मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:33 सुबह – 8:14 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 5:51 सुबह42मिचर6:33 सुबह – 8:14 सुबह1घं 41मिअमृत9:55 सुबह – 11:37 सुबह1घं 41मिशुभ1:17 रात – 2:36 रात, 17 अप्रैल1घं 19मिअमृत2:36 रात – 3:54 रात, 17 अप्रैल1घं 19मिचर3:54 रात – 5:13 सुबह, 17 अप्रैल1घं 19मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 6:25 सुबह – 8:08 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:44 सुबह41मिलाभ6:25 सुबह – 8:08 सुबह1घं 43मिविजय मुहूर्त3:34 दोपहर – 4:29 शाम55मिचर4:42 शाम – 6:25 शाम1घं 43मिलाभ6:25 शाम – 8:08 रात1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त8:08 रात – 8:29 रात21मिशुभ9:25 रात – 10:42 रात1घं 17मिअमृत10:42 रात – 11:59 रात1घं 17मिचर11:59 रात – 1:16 रात, 22 अप्रैल1घं 17मिलाभ3:50 रात – 5:07 सुबह, 22 अप्रैल1घं 17मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 1:16 दोपहर – 3:00 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:01 सुबह – 5:42 सुबह41मिचर11:33 सुबह – 1:16 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:49 दोपहर – 1:44 दोपहर55मिलाभ1:16 दोपहर – 3:00 दोपहर1घं 43मिशुभ6:26 शाम – 8:09 रात1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त8:09 रात – 8:30 रात20मिअमृत8:09 रात – 9:26 रात1घं 17मिचर9:26 रात – 10:43 रात1घं 17मिलाभ1:16 रात – 2:32 रात, 23 अप्रैल1घं 17मिशुभ3:49 रात – 5:05 सुबह, 23 अप्रैल1घं 17मिअमृत5:05 सुबह – 6:22 सुबह, 23 अप्रैल1घं 17मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:51 शाम – 8:11 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:41 सुबह41मिचर6:51 शाम – 8:11 रात1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त8:11 रात – 8:31 रात20मिलाभ10:43 रात – 11:59 रात1घं 16मिशुभ1:15 रात – 2:32 रात, 24 अप्रैल1घं 16मिअमृत2:32 रात – 3:48 रात, 24 अप्रैल1घं 16मिचर3:48 रात – 5:04 सुबह, 24 अप्रैल1घं 16मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 4:45 शाम – 6:30 शाम9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:37 सुबह40मिअमृत6:17 सुबह – 8:02 सुबह1घं 45मिशुभ9:46 सुबह – 11:31 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त1:16 दोपहर – 1:44 दोपहर28मिलाभ4:45 शाम – 6:30 शाम1घं 45मिअमृत6:30 शाम – 8:14 रात1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त8:14 रात – 8:34 रात20मिचर8:14 रात – 9:29 रात1घं 15मिलाभ12:00 रात – 12:28 रात, 27 अप्रैल28मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 6:14 सुबह – 8:00 सुबह9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 4
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:54 सुबह – 5:34 सुबह40मिलाभ6:14 सुबह – 8:00 सुबह1घं 45मिविजय मुहूर्त3:36 दोपहर – 4:32 शाम56मिचर4:46 शाम – 6:31 शाम1घं 45मिलाभ6:31 शाम – 8:17 रात1घं 45मिशुभ9:31 रात – 10:46 रात1घं 15मिअमृत10:46 रात – 12:00 रात, 29 अप्रैल1घं 15मिचर12:00 रात – 1:15 रात, 29 अप्रैल1घं 15मिलाभ3:44 रात – 4:58 सुबह, 29 अप्रैल1घं 15मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
मई 2027
अमृत 6:07 सुबह – 7:54 सुबह11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:49 सुबह – 5:28 सुबह39मिअमृत6:07 सुबह – 7:54 सुबह1घं 47मिशुभ9:41 सुबह – 11:28 सुबह1घं 47मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:43 दोपहर29मिलाभ4:49 शाम – 6:36 शाम1घं 47मिअमृत6:36 शाम – 8:22 रात1घं 47मिचर8:22 रात – 9:35 रात1घं 13मिलाभ12:01 रात – 1:14 रात, 4 मई1घं 13मिशुभ2:27 रात – 3:40 रात, 4 मई1घं 13मिअमृत3:40 रात – 4:53 सुबह, 4 मई1घं 13मिचर4:53 सुबह – 6:06 सुबह, 4 मई1घं 13मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:39 शाम – 8:27 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 3
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:45 सुबह – 5:23 सुबह38मिचर6:02 सुबह – 7:50 सुबह1घं 48मिअमृत9:38 सुबह – 11:26 सुबह1घं 48मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:43 दोपहर29मिशुभ1:14 दोपहर – 3:03 दोपहर1घं 48मिविजय मुहूर्त3:39 दोपहर – 4:36 शाम58मिचर6:39 शाम – 8:27 रात1घं 48मिलाभ10:50 रात – 12:02 रात, 8 मई1घं 12मिशुभ1:14 रात – 2:26 रात, 8 मई1घं 12मिअमृत2:26 रात – 3:37 रात, 8 मई1घं 12मिचर3:37 रात – 4:49 सुबह, 8 मई1घं 12मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 9:36 सुबह – 11:25 सुबह11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:42 सुबह – 5:20 सुबह38मिअमृत5:58 सुबह – 7:47 सुबह1घं 49मिशुभ9:36 सुबह – 11:25 सुबह1घं 49मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:43 दोपहर29मिलाभ4:52 शाम – 6:41 शाम1घं 49मिअमृत6:41 शाम – 8:31 रात1घं 49मिचर8:31 रात – 9:41 रात1घं 11मिलाभ12:03 रात – 1:14 रात, 11 मई1घं 11मिशुभ2:25 रात – 3:35 रात, 11 मई1घं 11मिअमृत3:35 रात – 4:46 सुबह, 11 मई1घं 11मिचर4:46 सुबह – 5:57 सुबह, 11 मई1घं 11मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 5:56 सुबह – 7:45 सुबह4 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:41 सुबह – 5:18 सुबह38मिलाभ5:56 सुबह – 7:45 सुबह1घं 50मिचर12:44 रात – 1:14 रात, 13 मई30मिलाभ3:34 रात – 4:44 सुबह, 13 मई1घं 10मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चर 11:24 सुबह – 1:14 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- मघापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:40 सुबह – 5:17 सुबह37मिचर11:24 सुबह – 1:14 दोपहर1घं 50मिअभिजित मुहूर्त12:45 दोपहर – 1:44 दोपहर59मिलाभ1:14 दोपहर – 3:04 दोपहर1घं 50मिशुभ6:44 शाम – 8:34 रात1घं 50मिअमृत8:34 रात – 9:44 रात1घं 10मिचर9:44 रात – 10:54 रात1घं 10मिलाभ1:14 रात – 2:24 रात, 14 मई1घं 10मिशुभ3:34 रात – 4:44 सुबह, 14 मई1घं 10मिअमृत4:44 सुबह – 5:53 सुबह, 14 मई1घं 10मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 5:50 सुबह – 7:41 सुबह11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:37 सुबह – 5:13 सुबह37मिअमृत5:50 सुबह – 7:41 सुबह1घं 51मिशुभ9:32 सुबह – 11:23 सुबह1घं 51मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:44 दोपहर30मिलाभ4:56 शाम – 6:47 शाम1घं 51मिअमृत6:47 शाम – 8:38 रात1घं 51मिचर8:38 रात – 9:47 रात1घं 9मिलाभ12:05 रात – 1:14 रात, 18 मई1घं 9मिशुभ2:23 रात – 3:32 रात, 18 मई1घं 9मिअमृत3:32 रात – 4:40 सुबह, 18 मई1घं 9मिचर4:40 सुबह – 5:49 सुबह, 18 मई1घं 9मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 11:23 सुबह – 1:14 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:11 सुबह36मिचर11:23 सुबह – 1:14 दोपहर1घं 52मिअभिजित मुहूर्त12:45 दोपहर – 1:44 दोपहर1घंलाभ1:14 दोपहर – 3:06 दोपहर1घं 52मिशुभ6:50 शाम – 8:41 रात1घं 52मिअमृत8:41 रात – 9:49 रात1घं 8मिचर9:49 रात – 10:58 रात1घं 8मिलाभ1:14 रात – 2:22 रात, 21 मई1घं 8मिशुभ3:30 रात – 4:38 सुबह, 21 मई1घं 8मिअमृत4:38 सुबह – 5:47 सुबह, 21 मई1घं 8मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:47 सुबह – 7:38 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:10 सुबह36मिचर5:47 सुबह – 7:38 सुबह1घं 52मिअमृत9:30 सुबह – 11:22 सुबह1घं 52मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:44 दोपहर30मिशुभ1:14 दोपहर – 3:06 दोपहर1घं 52मिविजय मुहूर्त3:44 दोपहर – 4:43 शाम1घंचर6:50 शाम – 8:42 रात1घं 52मिलाभ10:58 रात – 12:06 रात, 22 मई1घं 8मिशुभ1:14 रात – 2:22 रात, 22 मई1घं 8मिअमृत2:22 रात – 3:30 रात, 22 मई1घं 8मिचर3:30 रात – 4:38 सुबह, 22 मई1घं 8मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 5:42 सुबह – 7:36 सुबह4 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 3
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:07 सुबह36मिलाभ5:42 सुबह – 7:36 सुबह1घं 53मिविजय मुहूर्त3:46 दोपहर – 4:46 शाम1घंचर5:01 शाम – 6:35 शाम1घं 34मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चर 11:22 सुबह – 1:15 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 2
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:06 सुबह36मिचर11:22 सुबह – 1:15 दोपहर1घं 53मिअभिजित मुहूर्त12:45 दोपहर – 1:45 दोपहर1घंलाभ1:15 दोपहर – 3:08 दोपहर1घं 53मिशुभ6:55 शाम – 8:48 रात1घं 53मिअमृत8:48 रात – 9:55 रात1घं 7मिचर9:55 रात – 11:01 रात1घं 7मिलाभ1:15 रात – 2:21 रात, 28 मई1घं 7मिशुभ3:28 रात – 4:34 सुबह, 28 मई1घं 7मिअमृत4:34 सुबह – 5:41 सुबह, 28 मई1घं 7मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 6:56 शाम – 8:49 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:06 सुबह36मिचर5:41 सुबह – 7:35 सुबह1घं 53मिअमृत9:28 सुबह – 11:22 सुबह1घं 53मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:45 दोपहर30मिशुभ1:15 दोपहर – 3:09 दोपहर1घं 53मिविजय मुहूर्त3:46 दोपहर – 4:47 शाम1घं 1मिचर6:56 शाम – 8:49 रात1घं 53मिलाभ11:02 रात – 12:08 रात, 29 मई1घं 6मिशुभ1:15 रात – 2:21 रात, 29 मई1घं 6मिअमृत2:21 रात – 3:28 रात, 29 मई1घं 6मिचर3:28 रात – 4:34 सुबह, 29 मई1घं 6मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:58 शाम – 8:52 रात11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:29 सुबह – 5:04 सुबह35मिअमृत5:39 सुबह – 7:33 सुबह1घं 54मिशुभ9:27 सुबह – 11:21 सुबह1घं 54मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:46 दोपहर30मिलाभ5:04 शाम – 6:58 शाम1घं 54मिअमृत6:58 शाम – 8:52 रात1घं 54मिचर8:52 रात – 9:58 रात1घं 6मिलाभ12:09 रात – 1:15 रात, 1 जून1घं 6मिशुभ2:21 रात – 3:27 रात, 1 जून1घं 6मिअमृत3:27 रात – 4:33 सुबह, 1 जून1घं 6मिचर4:33 सुबह – 5:39 सुबह, 1 जून1घं 6मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2027
लाभ 5:38 सुबह – 7:33 सुबह5 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:03 सुबह35मिलाभ5:38 सुबह – 7:33 सुबह1घं 54मिविजय मुहूर्त3:48 दोपहर – 4:49 शाम1घं 1मिचर5:04 शाम – 6:59 शाम1घं 54मिलाभ6:59 शाम – 8:53 रात1घं 54मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:36 सुबह – 7:31 सुबह7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:02 सुबह35मिअमृत5:36 सुबह – 7:31 सुबह1घं 55मिशुभ9:26 सुबह – 11:22 सुबह1घं 55मिअभिजित मुहूर्त1:17 दोपहर – 1:47 दोपहर31मिशुभ2:52 रात – 3:26 रात, 8 जून34मिअमृत3:26 रात – 4:31 सुबह, 8 जून1घं 5मिचर4:31 सुबह – 5:36 सुबह, 8 जून1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 5:36 सुबह – 7:31 सुबह9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह35मिलाभ5:36 सुबह – 7:31 सुबह1घं 55मिविजय मुहूर्त3:51 दोपहर – 4:52 शाम1घं 1मिचर5:08 शाम – 7:03 शाम1घं 55मिलाभ7:03 शाम – 8:58 रात1घं 55मिशुभ10:03 रात – 11:07 रात1घं 5मिअमृत11:07 रात – 12:12 रात, 10 जून1घं 5मिचर12:12 रात – 1:17 रात, 10 जून1घं 5मिलाभ3:26 रात – 4:31 सुबह, 10 जून1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:22 सुबह – 1:17 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- मघापाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिचर11:22 सुबह – 1:17 दोपहर1घं 55मिअभिजित मुहूर्त12:46 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 2मिलाभ1:17 दोपहर – 3:13 दोपहर1घं 55मिशुभ7:03 शाम – 7:44 शाम41मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
अमृत 9:26 सुबह – 11:22 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिचर6:56 सुबह – 7:31 सुबह35मिअमृत9:26 सुबह – 11:22 सुबह1घं 55मिअभिजित मुहूर्त1:17 दोपहर – 1:48 दोपहर31मिशुभ1:17 दोपहर – 3:13 दोपहर1घं 55मिविजय मुहूर्त3:51 दोपहर – 4:53 शाम1घं 2मिचर7:04 शाम – 8:59 रात1घं 55मिलाभ11:08 रात – 12:13 रात, 12 जून1घं 5मिशुभ1:17 रात – 2:22 रात, 12 जून1घं 5मिअमृत2:22 रात – 3:26 रात, 12 जून1घं 5मिचर3:26 रात – 4:31 सुबह, 12 जून1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 5:09 शाम – 7:05 शाम8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:01 सुबह34मिलाभ5:09 शाम – 7:05 शाम1घं 56मिअमृत7:05 शाम – 9:01 रात1घं 56मिचर9:01 रात – 10:05 रात1घं 4मिलाभ12:14 रात – 1:18 रात, 15 जून1घं 4मिशुभ2:22 रात – 3:27 रात, 15 जून1घं 4मिअमृत3:27 रात – 4:31 सुबह, 15 जून1घं 4मिचर4:31 सुबह – 5:35 सुबह, 15 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 5:35 सुबह – 7:31 सुबह9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिलाभ5:35 सुबह – 7:31 सुबह1घं 56मिविजय मुहूर्त3:53 दोपहर – 4:54 शाम1घं 2मिचर5:10 शाम – 7:06 शाम1घं 56मिलाभ7:06 शाम – 9:02 रात1घं 56मिशुभ10:06 रात – 11:10 रात1घं 4मिअमृत11:10 रात – 12:14 रात, 17 जून1घं 4मिचर12:14 रात – 1:18 रात, 17 जून1घं 4मिलाभ3:27 रात – 4:31 सुबह, 17 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:06 शाम – 9:02 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिअमृत9:27 सुबह – 11:23 सुबह1घं 56मिअभिजित मुहूर्त1:19 दोपहर – 1:50 दोपहर31मिशुभ1:19 दोपहर – 3:15 दोपहर1घं 56मिविजय मुहूर्त3:53 दोपहर – 4:55 शाम1घं 2मिचर7:06 शाम – 9:02 रात1घं 56मिलाभ11:10 रात – 12:15 रात, 19 जून1घं 4मिशुभ1:19 रात – 2:23 रात, 19 जून1घं 4मिअमृत2:23 रात – 3:27 रात, 19 जून1घं 4मिचर3:27 रात – 4:31 सुबह, 19 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 5:36 सुबह – 7:32 सुबह6 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:02 सुबह34मिअमृत5:36 सुबह – 7:32 सुबह1घं 56मिशुभ9:28 सुबह – 11:23 सुबह1घं 56मिअभिजित मुहूर्त1:19 दोपहर – 1:50 दोपहर31मिअमृत3:38 रात – 4:32 सुबह, 22 जून54मिचर4:32 सुबह – 5:36 सुबह, 22 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 11:24 सुबह – 1:20 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:02 सुबह34मिचर11:24 सुबह – 1:20 दोपहर1घं 56मिअभिजित मुहूर्त12:49 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 2मिलाभ1:20 दोपहर – 3:16 दोपहर1घं 56मिशुभ7:08 शाम – 9:03 रात1घं 56मिअमृत9:03 रात – 10:08 रात1घं 4मिचर10:08 रात – 11:12 रात1घं 4मिलाभ1:20 रात – 2:24 रात, 25 जून1घं 4मिशुभ3:28 रात – 4:33 सुबह, 25 जून1घं 4मिअमृत4:33 सुबह – 5:37 सुबह, 25 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:37 सुबह – 7:33 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:03 सुबह34मिचर5:37 सुबह – 7:33 सुबह1घं 56मिअमृत9:29 सुबह – 10:47 सुबह1घं 19मिलाभ11:40 रात – 12:16 रात, 26 जून37मिशुभ1:20 रात – 2:25 रात, 26 जून1घं 4मिअमृत2:25 रात – 3:29 रात, 26 जून1घं 4मिचर3:29 रात – 4:33 सुबह, 26 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 5:12 शाम – 7:08 शाम9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- भरणीपाद 3
- योग
- धृति
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:05 सुबह34मिलाभ5:39 सुबह – 7:35 सुबह1घं 56मिविजय मुहूर्त3:55 दोपहर – 4:57 शाम1घं 2मिचर5:12 शाम – 7:08 शाम1घं 56मिलाभ7:08 शाम – 9:03 रात1घं 56मिशुभ10:08 रात – 11:12 रात1घं 5मिअमृत11:12 रात – 12:17 रात, 1 जुलाई1घं 5मिचर12:17 रात – 1:21 रात, 1 जुलाई1घं 5मिलाभ3:30 रात – 4:35 सुबह, 1 जुलाई1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + भरणी नक्षत्र (बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- भरणी नक्षत्र — बोझ उठाने वाला — काम पूरा करता है+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जुलाई 2027
लाभ 1:21 दोपहर – 3:17 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:05 सुबह34मिचर11:26 सुबह – 1:21 दोपहर1घं 55मिअभिजित मुहूर्त12:51 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 2मिलाभ1:21 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 55मिशुभ7:08 शाम – 9:03 रात1घं 55मिअमृत9:03 रात – 10:08 रात1घं 5मिचर10:08 रात – 11:12 रात1घं 5मिलाभ1:22 रात – 2:26 रात, 2 जुलाई1घं 5मिशुभ3:31 रात – 4:35 सुबह, 2 जुलाई1घं 5मिअमृत4:35 सुबह – 5:40 सुबह, 2 जुलाई1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:08 शाम – 9:03 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:06 सुबह34मिविजय मुहूर्त4:18 शाम – 4:57 शाम39मिचर7:08 शाम – 9:03 रात1घं 55मिलाभ11:12 रात – 12:17 रात, 3 जुलाई1घं 5मिशुभ1:22 रात – 2:26 रात, 3 जुलाई1घं 5मिअमृत2:26 रात – 3:31 रात, 3 जुलाई1घं 5मिचर3:31 रात – 4:36 सुबह, 3 जुलाई1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:42 सुबह – 7:37 सुबह11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:07 सुबह35मिअमृत5:42 सुबह – 7:37 सुबह1घं 55मिशुभ9:32 सुबह – 11:27 सुबह1घं 55मिअभिजित मुहूर्त1:22 दोपहर – 1:53 दोपहर31मिलाभ5:12 शाम – 7:07 शाम1घं 55मिअमृत7:07 शाम – 9:02 रात1घं 55मिचर9:02 रात – 10:07 रात1घं 5मिलाभ12:17 रात – 1:22 रात, 6 जुलाई1घं 5मिशुभ2:27 रात – 3:32 रात, 6 जुलाई1घं 5मिअमृत3:32 रात – 4:37 सुबह, 6 जुलाई1घं 5मिचर4:37 सुबह – 5:43 सुबह, 6 जुलाई1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 11:28 सुबह – 1:22 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:09 सुबह35मिचर11:28 सुबह – 1:22 दोपहर1घं 55मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 1मिलाभ1:22 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 55मिशुभ7:06 शाम – 9:01 रात1घं 55मिअमृत9:01 रात – 10:06 रात1घं 5मिचर10:06 रात – 11:12 रात1घं 5मिलाभ1:23 रात – 2:28 रात, 9 जुलाई1घं 5मिशुभ3:34 रात – 4:39 सुबह, 9 जुलाई1घं 5मिअमृत4:39 सुबह – 5:45 सुबह, 9 जुलाई1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 1:23 दोपहर – 3:17 दोपहर10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:10 सुबह35मिचर5:45 सुबह – 7:39 सुबह1घं 54मिअमृत9:34 सुबह – 11:28 सुबह1घं 54मिअभिजित मुहूर्त1:23 दोपहर – 1:53 दोपहर31मिशुभ1:23 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 54मिविजय मुहूर्त3:55 दोपहर – 4:56 शाम1घं 1मिचर7:06 शाम – 9:01 रात1घं 54मिलाभ11:12 रात – 12:17 रात, 10 जुलाई1घं 6मिशुभ1:23 रात – 2:29 रात, 10 जुलाई1घं 6मिअमृत2:29 रात – 3:08 रात, 10 जुलाई39मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 7:05 शाम – 8:59 रात11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:37 सुबह – 5:12 सुबह35मिअमृत5:47 सुबह – 7:41 सुबह1घं 54मिशुभ9:35 सुबह – 11:29 सुबह1घं 54मिअभिजित मुहूर्त1:23 दोपहर – 1:53 दोपहर30मिलाभ5:11 शाम – 7:05 शाम1घं 54मिअमृत7:05 शाम – 8:59 रात1घं 54मिचर8:59 रात – 10:05 रात1घं 6मिलाभ12:17 रात – 1:23 रात, 13 जुलाई1घं 6मिशुभ2:30 रात – 3:36 रात, 13 जुलाई1घं 6मिअमृत3:36 रात – 4:42 सुबह, 13 जुलाई1घं 6मिचर4:42 सुबह – 5:48 सुबह, 13 जुलाई1घं 6मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 7:04 शाम – 8:58 रात9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:38 सुबह – 5:13 सुबह35मिलाभ5:49 सुबह – 7:42 सुबह1घं 54मिविजय मुहूर्त3:55 दोपहर – 4:55 शाम1घं 1मिचर5:11 शाम – 7:04 शाम1घं 54मिलाभ7:04 शाम – 8:58 रात1घं 54मिशुभ10:04 रात – 11:11 रात1घं 6मिअमृत11:11 रात – 12:17 रात, 15 जुलाई1घं 6मिचर12:17 रात – 1:24 रात, 15 जुलाई1घं 6मिलाभ3:37 रात – 4:43 सुबह, 15 जुलाई1घं 6मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:04 शाम – 8:57 रात10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:14 सुबह35मिचर11:30 सुबह – 1:23 दोपहर1घं 53मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:54 दोपहर1घं 1मिलाभ1:23 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 53मिशुभ7:04 शाम – 8:57 रात1घं 53मिअमृत8:57 रात – 10:04 रात1घं 7मिचर10:04 रात – 11:10 रात1घं 7मिलाभ1:24 रात – 2:30 रात, 16 जुलाई1घं 7मिशुभ3:37 रात – 4:44 सुबह, 16 जुलाई1घं 7मिअमृत4:44 सुबह – 5:50 सुबह, 16 जुलाई1घं 7मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:50 सुबह – 7:44 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:15 सुबह36मिचर5:50 सुबह – 7:44 सुबह1घं 53मिअमृत9:37 सुबह – 11:30 सुबह1घं 53मिअभिजित मुहूर्त1:23 दोपहर – 1:54 दोपहर30मिशुभ1:23 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 53मिविजय मुहूर्त3:54 दोपहर – 4:55 शाम1घंचर7:03 शाम – 8:56 रात1घं 53मिलाभ11:10 रात – 12:17 रात, 17 जुलाई1घं 7मिशुभ1:24 रात – 2:31 रात, 17 जुलाई1घं 7मिअमृत2:31 रात – 3:38 रात, 17 जुलाई1घं 7मिचर3:38 रात – 4:44 सुबह, 17 जुलाई1घं 7मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Bhaktimala, "Mundan Muhurat — auspicious dates for the first tonsure"