संपत्ति मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन
आगे 37 शुभ दिन · बेंगलुरु · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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मई 2027
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जून 2027
| र | सो | मं | बु | गु | शु | श |
|---|---|---|---|---|---|---|
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अक्तूबर 2026
चर 10:39 सुबह – 12:09 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:21 सुबह48मिचर10:39 सुबह – 12:09 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त11:45 सुबह – 12:33 दोपहर48मिलाभ12:09 दोपहर – 1:39 दोपहर1घं 30मिशुभ4:40 शाम – 6:10 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:10 शाम – 6:34 शाम24मिअमृत6:10 शाम – 7:40 शाम1घं 30मिचर7:40 शाम – 9:10 रात1घं 30मिलाभ12:09 रात – 1:39 रात, 2 अक्तूबर1घं 30मिशुभ3:09 रात – 4:39 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 30मिअमृत4:39 सुबह – 6:09 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 6:05 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:21 सुबह48मिचर10:38 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त11:43 सुबह – 12:31 दोपहर48मिलाभ12:07 दोपहर – 1:37 दोपहर1घं 30मिशुभ4:36 शाम – 6:05 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:29 शाम24मिअमृत6:05 शाम – 7:36 शाम1घं 30मिचर7:36 शाम – 9:06 रात1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 7:32 शाम – 9:03 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:21 सुबह49मिचर10:36 सुबह – 12:05 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त11:42 सुबह – 12:29 दोपहर47मिलाभ12:05 दोपहर – 1:34 दोपहर1घं 29मिशुभ4:32 शाम – 6:01 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:25 शाम24मिअमृत6:01 शाम – 7:32 शाम1घं 31मिचर7:32 शाम – 9:03 रात1घं 31मिलाभ12:05 रात – 1:37 रात, 16 अक्तूबर1घं 31मिशुभ3:08 रात – 4:39 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 31मिअमृत4:39 सुबह – 6:10 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 5:57 शाम – 7:29 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:22 सुबह49मिशुभ4:29 शाम – 5:57 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त5:57 शाम – 6:22 शाम24मिअमृत5:57 शाम – 7:29 शाम1घं 32मिचर7:29 शाम – 9:01 रात1घं 32मिलाभ12:04 रात – 1:36 रात, 23 अक्तूबर1घं 32मिशुभ3:08 रात – 4:39 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 32मिअमृत4:39 सुबह – 6:11 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 9:00 रात – 10:32 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:22 सुबह49मिचर6:11 सुबह – 7:39 सुबह1घं 28मिअमृत9:07 सुबह – 10:36 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:04 दोपहर – 12:27 दोपहर24मिशुभ12:04 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:02 दोपहर – 2:49 दोपहर47मिचर4:29 शाम – 5:57 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त5:57 शाम – 6:21 शाम24मिलाभ9:00 रात – 10:32 रात1घं 32मिशुभ12:04 रात – 1:36 रात, 24 अक्तूबर1घं 32मिअमृत1:36 रात – 3:08 रात, 24 अक्तूबर1घं 32मिचर3:08 रात – 4:39 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 8:59 रात – 10:31 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:23 सुबह49मिचर6:12 सुबह – 7:40 सुबह1घं 28मिअमृत9:08 सुबह – 10:36 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:03 दोपहर – 12:27 दोपहर23मिशुभ12:03 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:00 दोपहर – 2:47 दोपहर47मिचर4:26 शाम – 5:54 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:19 शाम25मिलाभ8:59 रात – 10:31 रात1घं 32मिशुभ12:03 रात – 1:36 रात, 31 अक्तूबर1घं 32मिअमृत1:36 रात – 3:08 रात, 31 अक्तूबर1घं 32मिचर3:08 रात – 4:40 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
नवंबर 2026
शुभ 3:10 रात – 4:44 सुबह, 13 नवंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:37 सुबह – 5:27 सुबह50मिचर10:37 सुबह – 12:04 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त11:41 सुबह – 12:27 दोपहर46मिलाभ12:04 दोपहर – 1:30 दोपहर1घं 27मिशुभ4:24 शाम – 5:51 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:16 शाम25मिअमृत5:51 शाम – 7:24 शाम1घं 33मिचर7:24 शाम – 8:57 रात1घं 33मिलाभ12:04 रात – 1:37 रात, 13 नवंबर1घं 33मिशुभ3:10 रात – 4:44 सुबह, 13 नवंबर1घं 33मिअमृत4:44 सुबह – 6:17 सुबह, 13 नवंबर1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:20 सुबह – 7:46 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:40 सुबह – 5:30 सुबह50मिचर6:20 सुबह – 7:46 सुबह1घं 26मिअमृत9:13 सुबह – 10:39 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:28 दोपहर23मिशुभ12:05 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:00 दोपहर – 2:46 दोपहर46मिचर4:24 शाम – 5:50 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त5:50 शाम – 6:15 शाम25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 5:51 शाम – 7:25 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:43 सुबह – 5:33 सुबह50मिचर10:41 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त11:44 सुबह – 12:30 दोपहर46मिलाभ12:07 दोपहर – 1:33 दोपहर1घं 26मिशुभ4:25 शाम – 5:51 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:16 शाम25मिअमृत5:51 शाम – 7:25 शाम1घं 34मिचर7:25 शाम – 8:59 रात1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 1:42 रात – 3:16 रात, 28 नवंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:43 सुबह – 5:33 सुबह50मिअमृत9:49 सुबह – 10:41 सुबह52मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:30 दोपहर23मिशुभ12:07 दोपहर – 1:33 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:02 दोपहर – 2:47 दोपहर46मिचर4:25 शाम – 5:51 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:16 शाम25मिलाभ8:59 रात – 10:33 रात1घं 34मिशुभ12:07 रात – 1:42 रात, 28 नवंबर1घं 34मिअमृत1:42 रात – 3:16 रात, 28 नवंबर1घं 34मिचर3:16 रात – 4:50 सुबह, 28 नवंबर1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
चर 3:22 रात – 4:57 सुबह, 12 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:50 सुबह – 5:41 सुबह50मिचर6:31 सुबह – 7:57 सुबह1घं 25मिअमृत9:22 सुबह – 10:47 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:36 दोपहर23मिशुभ12:13 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त2:07 दोपहर – 2:52 दोपहर46मिचर4:29 शाम – 5:54 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:20 शाम25मिलाभ9:04 रात – 10:38 रात1घं 35मिशुभ12:13 रात – 1:48 रात, 12 दिसंबर1घं 35मिअमृत1:48 रात – 3:22 रात, 12 दिसंबर1घं 35मिचर3:22 रात – 4:57 सुबह, 12 दिसंबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:10 रात – 10:45 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:48 सुबह51मिचर6:38 सुबह – 8:04 सुबह1घं 25मिअमृत9:29 सुबह – 10:54 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:42 दोपहर23मिशुभ12:20 दोपहर – 1:45 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त2:13 दोपहर – 2:59 दोपहर45मिचर4:35 शाम – 6:01 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:26 शाम25मिलाभ9:10 रात – 10:45 रात1घं 35मिशुभ12:20 रात – 1:55 रात, 26 दिसंबर1घं 35मिअमृत1:55 रात – 3:29 रात, 26 दिसंबर1घं 35मिचर3:29 रात – 5:04 सुबह, 26 दिसंबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
चर 3:37 रात – 5:11 सुबह, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह50मिचर6:45 सुबह – 8:11 सुबह1घं 26मिअमृत9:37 सुबह – 11:03 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 12:52 दोपहर23मिशुभ12:29 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 26मिअमृत2:05 रात – 3:37 रात, 16 जनवरी1घं 33मिचर3:37 रात – 5:11 सुबह, 16 जनवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
फ़रवरी 2027
चर 11:06 सुबह – 12:34 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:56 सुबह50मिचर11:06 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिलाभ12:34 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 27मिअमृत5:50 सुबह – 6:45 सुबह, 5 फ़रवरी55मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:24 शाम – 7:57 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:54 सुबह49मिचर11:06 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर47मिलाभ12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिशुभ4:57 शाम – 6:24 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:24 शाम – 6:49 शाम25मिअमृत6:24 शाम – 7:57 शाम1घं 32मिचर7:57 शाम – 9:29 रात1घं 32मिलाभ12:34 रात – 2:06 रात, 12 फ़रवरी1घं 32मिशुभ3:38 रात – 5:11 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 32मिअमृत5:11 सुबह – 6:43 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:26 शाम – 7:58 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:52 सुबह49मिचर11:05 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:57 दोपहर47मिलाभ12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिशुभ4:58 शाम – 6:26 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:26 शाम – 7:58 शाम1घं 32मिचर7:58 शाम – 9:30 रात1घं 32मिलाभ12:33 रात – 2:05 रात, 19 फ़रवरी1घं 32मिशुभ3:37 रात – 5:09 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 32मिअमृत5:09 सुबह – 6:40 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:30 रात – 11:02 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:52 सुबह49मिचर6:40 सुबह – 8:09 सुबह1घं 28मिअमृत9:37 सुबह – 11:05 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर24मिशुभ12:34 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:18 दोपहर47मिचर4:58 शाम – 6:27 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिलाभ9:30 रात – 11:02 रात1घं 32मिशुभ12:33 रात – 2:05 रात, 20 फ़रवरी1घं 32मिअमृत2:05 रात – 3:37 रात, 20 फ़रवरी1घं 32मिचर3:37 रात – 5:08 सुबह, 20 फ़रवरी1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
मार्च 2027
चर 11:00 सुबह – 12:30 दोपहर9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:54 सुबह – 5:42 सुबह48मिचर11:00 सुबह – 12:30 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:54 दोपहर48मिलाभ12:30 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 30मिशुभ5:00 शाम – 6:30 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:30 शाम – 6:54 शाम24मिअमृत6:30 शाम – 8:00 रात1घं 30मिचर8:00 रात – 9:30 रात1घं 30मिलाभ12:30 रात – 1:59 रात, 12 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:57 सुबह – 12:28 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:50 सुबह – 5:38 सुबह48मिचर10:57 सुबह – 12:28 दोपहर1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:04 दोपहर – 12:52 दोपहर48मिलाभ12:28 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 31मिशुभ3:26 रात – 4:55 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिअमृत4:55 सुबह – 6:25 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:28 दोपहर – 1:58 दोपहर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:49 सुबह – 5:37 सुबह48मिचर6:25 सुबह – 7:55 सुबह1घं 31मिअमृत9:26 सुबह – 10:57 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 12:52 दोपहर24मिशुभ12:28 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:17 दोपहर48मिचर5:00 शाम – 6:31 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:31 शाम – 6:54 शाम24मिलाभ9:29 रात – 10:58 रात1घं 29मिशुभ12:27 रात – 1:56 रात, 20 मार्च1घं 29मिअमृत1:56 रात – 3:26 रात, 20 मार्च1घं 29मिचर3:26 रात – 4:55 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 5:00 शाम – 6:31 शाम9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:46 सुबह – 5:33 सुबह47मिलाभ12:38 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 19मिशुभ5:00 शाम – 6:31 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:31 शाम – 6:55 शाम24मिअमृत6:31 शाम – 8:00 रात1घं 29मिचर8:00 रात – 9:28 रात1घं 29मिलाभ12:25 रात – 1:54 रात, 26 मार्च1घं 29मिशुभ3:23 रात – 4:51 सुबह, 26 मार्च1घं 29मिअमृत4:51 सुबह – 6:20 सुबह, 26 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अप्रैल 2027
चर 6:07 सुबह – 7:40 सुबह9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:20 सुबह46मिचर6:07 सुबह – 7:40 सुबह1घं 33मिअमृत9:13 सुबह – 10:46 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:44 दोपहर25मिशुभ12:20 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:14 दोपहर50मिचर4:59 शाम – 6:33 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिलाभ9:26 रात – 10:24 रात58मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:45 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:17 सुबह46मिचर10:45 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:43 दोपहर50मिलाभ12:18 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 34मिशुभ5:00 शाम – 6:33 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिअमृत6:33 शाम – 7:59 शाम1घं 26मिचर7:59 शाम – 9:26 रात1घं 26मिलाभ12:18 रात – 1:44 रात, 23 अप्रैल1घं 26मिशुभ3:10 रात – 4:37 सुबह, 23 अप्रैल1घं 26मिअमृत4:37 सुबह – 6:03 सुबह, 23 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:03 सुबह – 7:37 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:17 सुबह46मिचर6:03 सुबह – 7:37 सुबह1घं 34मिअमृत9:10 सुबह – 10:44 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:43 दोपहर25मिशुभ12:18 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर50मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
जुलाई 2027
चर 5:57 सुबह – 7:34 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:13 सुबह44मिचर5:57 सुबह – 7:34 सुबह1घं 37मिअमृत9:10 सुबह – 10:47 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:49 दोपहर26मिशुभ12:24 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:24 दोपहर51मिअमृत1:48 रात – 3:11 रात, 3 जुलाई1घं 23मिचर3:11 रात – 4:34 सुबह, 3 जुलाई1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:48 सुबह – 12:25 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:14 सुबह45मिचर10:48 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:50 दोपहर51मिलाभ12:25 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 36मिशुभ5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिअमृत6:50 शाम – 8:14 रात1घं 24मिचर8:14 रात – 9:38 रात1घं 24मिलाभ12:25 रात – 1:48 रात, 9 जुलाई1घं 24मिशुभ3:12 रात – 4:36 सुबह, 9 जुलाई1घं 24मिअमृत4:36 सुबह – 5:59 सुबह, 9 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:49 सुबह – 12:26 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:16 सुबह45मिचर10:49 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:51 दोपहर51मिलाभ12:26 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 36मिशुभ5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिअमृत6:50 शाम – 8:14 रात1घं 24मिचर8:14 रात – 9:38 रात1घं 24मिलाभ12:26 रात – 1:50 रात, 16 जुलाई1घं 24मिशुभ3:13 रात – 4:37 सुबह, 16 जुलाई1घं 24मिअमृत4:37 सुबह – 6:01 सुबह, 16 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:13 सुबह – 10:50 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:32 सुबह – 5:16 सुबह45मिचर6:01 सुबह – 7:37 सुबह1घं 36मिअमृत9:13 सुबह – 10:50 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:51 दोपहर26मिशुभ12:26 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:34 दोपहर – 3:25 दोपहर51मिचर5:14 शाम – 6:50 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:13 शाम22मिलाभ9:38 रात – 11:02 रात1घं 24मिशुभ12:26 रात – 1:50 रात, 17 जुलाई1घं 24मिअमृत1:50 रात – 3:14 रात, 17 जुलाई1घं 24मिचर3:14 रात – 4:37 सुबह, 17 जुलाई1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:51 सुबह – 12:26 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:19 सुबह45मिचर10:51 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त12:01 दोपहर – 12:52 दोपहर51मिलाभ12:26 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 35मिशुभ5:12 शाम – 6:48 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:10 शाम23मिअमृत6:48 शाम – 8:12 रात1घं 25मिचर8:12 रात – 9:37 रात1घं 25मिलाभ12:26 रात – 1:51 रात, 30 जुलाई1घं 25मिशुभ3:15 रात – 4:40 सुबह, 30 जुलाई1घं 25मिअमृत4:40 सुबह – 6:05 सुबह, 30 जुलाई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:26 दोपहर – 2:01 दोपहर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:19 सुबह45मिचर6:05 सुबह – 7:40 सुबह1घं 35मिअमृत9:15 सुबह – 10:51 सुबह1घं 35मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:51 दोपहर25मिशुभ12:26 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 35मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:24 दोपहर51मिचर5:12 शाम – 6:48 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:48 शाम – 7:10 शाम23मिलाभ9:37 रात – 11:01 रात1घं 25मिशुभ12:26 रात – 1:51 रात, 31 जुलाई1घं 25मिअमृत1:51 रात – 3:15 रात, 31 जुलाई1घं 25मिचर3:15 रात – 4:40 सुबह, 31 जुलाई1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अगस्त 2027
चर 10:50 सुबह – 12:25 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:21 सुबह46मिचर10:50 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:50 दोपहर50मिलाभ12:25 दोपहर – 1:56 दोपहर1घं 32मिशुभ3:16 रात – 4:41 सुबह, 13 अगस्त1घं 26मिअमृत4:41 सुबह – 6:07 सुबह, 13 अगस्त1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:07 सुबह – 7:41 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:21 सुबह46मिचर6:07 सुबह – 7:41 सुबह1घं 34मिअमृत9:16 सुबह – 10:50 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:50 दोपहर25मिशुभ12:25 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:21 दोपहर50मिचर5:08 शाम – 6:42 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:05 शाम23मिलाभ9:33 रात – 10:59 रात1घं 26मिशुभ12:25 रात – 1:50 रात, 14 अगस्त1घं 26मिअमृत1:50 रात – 3:16 रात, 14 अगस्त1घं 26मिचर3:16 रात – 4:41 सुबह, 14 अगस्त1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:23 दोपहर – 1:57 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:22 सुबह46मिचर10:49 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:48 दोपहर50मिलाभ12:23 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 34मिशुभ5:05 शाम – 6:39 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:39 शाम – 7:02 शाम23मिअमृत6:39 शाम – 8:05 रात1घं 26मिचर8:05 रात – 9:31 रात1घं 26मिलाभ12:23 रात – 1:49 रात, 20 अगस्त1घं 26मिशुभ3:16 रात – 4:42 सुबह, 20 अगस्त1घं 26मिअमृत4:42 सुबह – 6:08 सुबह, 20 अगस्त1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:31 रात – 10:57 रात5 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:22 सुबह46मिलाभ9:31 रात – 10:57 रात1घं 26मिशुभ12:23 रात – 1:49 रात, 21 अगस्त1घं 26मिअमृत1:49 रात – 3:15 रात, 21 अगस्त1घं 26मिचर3:15 रात – 4:42 सुबह, 21 अगस्त1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चर 5:01 शाम – 6:34 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:22 सुबह46मिचर5:01 शाम – 6:34 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:34 शाम – 6:57 शाम23मिलाभ9:28 रात – 10:54 रात1घं 27मिशुभ12:21 रात – 1:48 रात, 28 अगस्त1घं 27मिअमृत1:48 रात – 3:15 रात, 28 अगस्त1घं 27मिचर3:15 रात – 4:41 सुबह, 28 अगस्त1घं 27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
सितंबर 2027
चर 6:09 सुबह – 7:41 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:22 सुबह47मिचर6:09 सुबह – 7:41 सुबह1घं 32मिअमृत9:13 सुबह – 10:45 सुबह1घं 32मिअभिजित मुहूर्त12:17 दोपहर – 12:41 दोपहर25मिशुभ12:17 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 32मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:08 दोपहर49मिचर4:53 शाम – 6:25 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:25 शाम – 6:48 शाम23मिलाभ9:21 रात – 10:49 रात1घं 28मिशुभ12:17 रात – 1:45 रात, 11 सितंबर1घं 28मिअमृत1:45 रात – 3:13 रात, 11 सितंबर1घं 28मिचर3:13 रात – 4:41 सुबह, 11 सितंबर1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 6:09 सुबह – 7:40 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:21 सुबह47मिचर6:09 सुबह – 7:40 सुबह1घं 31मिअमृत9:11 सुबह – 10:43 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:14 दोपहर – 12:39 दोपहर24मिशुभ12:14 दोपहर – 1:46 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त2:16 दोपहर – 3:05 दोपहर49मिचर4:48 शाम – 6:20 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:20 शाम – 6:43 शाम24मिलाभ9:17 रात – 10:46 रात1घं 29मिशुभ12:14 रात – 1:43 रात, 18 सितंबर1घं 29मिअमृत1:43 रात – 3:11 रात, 18 सितंबर1घं 29मिचर3:11 रात – 4:40 सुबह, 18 सितंबर1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"