माया से पूछें
होम / शुभ मुहूर्त / संपत्ति संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन आगे 20 शुभ दिन · बेंगलुरु · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
ये दिन कैसे चुने जाते हैं दिन किस बात से तय होता है पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है 2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"
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नवंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30
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दिसंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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सितंबर 2026 चर 6:09 सुबह – 7:39 सुबह9 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र शतभिषापाद 4
योग शूल इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:21 सुबह 48मि चर 6:09 सुबह – 7:39 सुबह 1घं 31मि अमृत 9:10 सुबह – 10:41 सुबह 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 12:11 दोपहर – 12:35 दोपहर 24मि शुभ 12:11 दोपहर – 1:42 दोपहर 1घं 31मि विजय मुहूर्त 2:12 दोपहर – 3:01 दोपहर 48मि चर 4:43 शाम – 6:14 शाम 1घं 31मि गोधूलि मुहूर्त 6:14 शाम – 6:38 शाम 24मि लाभ 9:13 रात – 10:42 रात 1घं 29मि
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यह दिन क्यों शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18 चुनने के लिए 9 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अक्तूबर 2026 चर 10:39 सुबह – 12:09 दोपहर11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण पंचमी
नक्षत्र रोहिणीपाद 1
योग सिद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:21 सुबह 48मि चर 10:39 सुबह – 12:09 दोपहर 1घं 30मि अभिजित मुहूर्त 11:45 सुबह – 12:33 दोपहर 48मि लाभ 12:09 दोपहर – 1:39 दोपहर 1घं 30मि
नवंबर 2026 शुभ 3:10 रात – 4:44 सुबह, 13 नवंबर11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 3
योग सुकर्मा इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:37 सुबह – 5:27 सुबह 50मि चर 10:37 सुबह – 12:04 दोपहर 1घं 27मि अभिजित मुहूर्त 11:41 सुबह – 12:27 दोपहर 46मि लाभ 12:04 दोपहर – 1:30 दोपहर 1घं 27मि
दिसंबर 2026 अमृत 5:54 शाम – 7:29 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्र मूलपाद 2
योग शूल इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:50 सुबह – 5:40 सुबह 50मि चर 10:47 सुबह – 12:12 दोपहर 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 11:49 सुबह – 12:35 दोपहर 46मि लाभ 12:12 दोपहर – 1:38 दोपहर 1घं 25मि शुभ 4:29 शाम – 5:54 शाम 1घं 25मि गोधूलि मुहूर्त 5:54 शाम – 6:19 शाम
जिन महीनों में मुहूर्त है शुभ 4:40 शाम – 6:10 शाम 1घं 30मि
गोधूलि मुहूर्त 6:10 शाम – 6:34 शाम 24मि
अमृत 6:10 शाम – 7:40 शाम 1घं 30मि
चर 7:40 शाम – 9:10 रात 1घं 30मि
लाभ 12:09 रात – 1:39 रात, 2 अक्तूबर 1घं 30मि
शुभ 3:09 रात – 4:39 सुबह, 2 अक्तूबर 1घं 30मि
अमृत 4:39 सुबह – 6:09 सुबह, 2 अक्तूबर 1घं 30मि
यह दिन क्यों अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 6:09 सुबह – 7:39 सुबह7 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र मृगशिरापाद 1
योग व्यतीपात इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:21 सुबह 48मि चर 6:09 सुबह – 7:39 सुबह 1घं 30मि अमृत 9:09 सुबह – 10:16 सुबह 1घं 7मि लाभ 9:09 रात – 10:39 रात 1घं 30मि शुभ 12:09 रात – 1:39 रात, 3 अक्तूबर 1घं 30मि अमृत 1:39 रात – 3:09 रात, 3 अक्तूबर 1घं 30मि चर 3:09 रात – 4:39 सुबह, 3 अक्तूबर 1घं 30मि
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यह दिन क्यों शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 चुनने के लिए 7 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 6:05 शाम – 7:36 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
योग शुक्ल इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:21 सुबह 48मि चर 10:38 सुबह – 12:07 दोपहर 1घं 30मि अभिजित मुहूर्त 11:43 सुबह – 12:31 दोपहर 48मि लाभ 12:07 दोपहर – 1:37 दोपहर 1घं 30मि शुभ 4:36 शाम – 6:05 शाम 1घं 30मि गोधूलि मुहूर्त 6:05 शाम – 6:29 शाम 24मि अमृत 6:05 शाम – 7:36 शाम 1घं 30मि चर 7:36 शाम – 9:06 रात 1घं 30मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 चर 7:32 शाम – 9:03 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 1
योग सौभाग्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:21 सुबह 49मि चर 10:36 सुबह – 12:05 दोपहर 1घं 29मि अभिजित मुहूर्त 11:42 सुबह – 12:29 दोपहर 47मि लाभ 12:05 दोपहर – 1:34 दोपहर 1घं 29मि शुभ 4:32 शाम – 6:01 शाम 1घं 29मि गोधूलि मुहूर्त 6:01 शाम – 6:25 शाम 24मि अमृत 6:01 शाम – 7:32 शाम 1घं 31मि चर 7:32 शाम – 9:03 रात 1घं 31मि लाभ 12:05 रात – 1:37 रात, 16 अक्तूबर 1घं 31मि शुभ 3:08 रात – 4:39 सुबह, 16 अक्तूबर 1घं 31मि अमृत 4:39 सुबह – 6:10 सुबह, 16 अक्तूबर 1घं 31मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 शुभ 12:05 रात – 1:36 रात, 17 अक्तूबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 4
योग शोभन इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:21 सुबह 49मि चर 6:10 सुबह – 7:39 सुबह 1घं 29मि अमृत 9:07 सुबह – 10:36 सुबह 1घं 29मि अभिजित मुहूर्त 12:05 दोपहर – 12:29 दोपहर 24मि शुभ 12:05 दोपहर – 1:34 दोपहर 1घं 29मि विजय मुहूर्त 2:04 दोपहर – 2:51 दोपहर 47मि चर 4:32 शाम – 6:00 शाम 1घं 29मि गोधूलि मुहूर्त 6:00 शाम – 6:25 शाम 24मि लाभ 9:03 रात – 10:34 रात 1घं 31मि शुभ 12:05 रात – 1:36 रात, 17 अक्तूबर 1घं 31मि अमृत 1:36 रात – 3:08 रात, 17 अक्तूबर 1घं 31मि चर 3:08 रात – 4:39 सुबह, 17 अक्तूबर 1घं 31मि
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यह दिन क्यों शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 चुनने के लिए 12 समय+8 अमृत 5:57 शाम – 7:29 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र शतभिषापाद 2
योग वृद्धि इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:22 सुबह 49मि शुभ 4:29 शाम – 5:57 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 5:57 शाम – 6:22 शाम 24मि अमृत 5:57 शाम – 7:29 शाम 1घं 32मि चर 7:29 शाम – 9:01 रात 1घं 32मि लाभ 12:04 रात – 1:36 रात, 23 अक्तूबर 1घं 32मि शुभ 3:08 रात – 4:39 सुबह, 23 अक्तूबर 1घं 32मि अमृत 4:39 सुबह – 6:11 सुबह, 23 अक्तूबर 1घं 32मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 लाभ 9:00 रात – 10:32 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 2
योग ध्रुव इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:33 सुबह – 5:22 सुबह 49मि चर 6:11 सुबह – 7:39 सुबह 1घं 28मि अमृत 9:07 सुबह – 10:36 सुबह 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 12:04 दोपहर – 12:27 दोपहर 24मि शुभ 12:04 दोपहर – 1:32 दोपहर 1घं 28मि विजय मुहूर्त 2:02 दोपहर – 2:49 दोपहर 47मि चर 4:29 शाम – 5:57 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 5:57 शाम – 6:21 शाम 24मि लाभ 9:00 रात – 10:32 रात 1घं 32मि शुभ 12:04 रात – 1:36 रात, 24 अक्तूबर 1घं 32मि अमृत 1:36 रात – 3:08 रात, 24 अक्तूबर 1घं 32मि चर 3:08 रात – 4:39 सुबह, 24 अक्तूबर 1घं 32मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 चर 7:27 शाम – 8:59 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र रोहिणीपाद 4
योग परिघ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:34 सुबह – 5:23 सुबह 49मि चर 10:36 सुबह – 12:03 दोपहर 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 11:40 सुबह – 12:27 दोपहर 47मि लाभ 12:03 दोपहर – 1:31 दोपहर 1घं 28मि शुभ 4:27 शाम – 5:54 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 5:54 शाम – 6:19 शाम 25मि अमृत 5:54 शाम – 7:27 शाम 1घं 32मि चर 7:27 शाम – 8:59 रात 1घं 32मि लाभ 12:03 रात – 1:36 रात, 30 अक्तूबर 1घं 32मि शुभ 3:08 रात – 4:40 सुबह, 30 अक्तूबर 1घं 32मि अमृत 4:40 सुबह – 6:12 सुबह, 30 अक्तूबर 1घं 32मि
समय IST में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 8:59 रात – 10:31 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण पंचमी
नक्षत्र मृगशिरापाद 4
योग शिव इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:34 सुबह – 5:23 सुबह 49मि चर 6:12 सुबह – 7:40 सुबह 1घं 28मि अमृत 9:08 सुबह – 10:36 सुबह 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 12:03 दोपहर – 12:27 दोपहर 23मि शुभ 12:03 दोपहर – 1:31 दोपहर 1घं 28मि विजय मुहूर्त 2:00 दोपहर – 2:47 दोपहर 47मि चर 4:26 शाम – 5:54 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 5:54 शाम – 6:19 शाम 25मि लाभ 8:59 रात – 10:31 रात 1घं 32मि शुभ 12:03 रात – 1:36 रात, 31 अक्तूबर 1घं 32मि अमृत 1:36 रात – 3:08 रात, 31 अक्तूबर 1घं 32मि चर 3:08 रात – 4:40 सुबह, 31 अक्तूबर 1घं 32मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 शुभ 4:24 शाम – 5:51 शाम 1घं 27मि
गोधूलि मुहूर्त 5:51 शाम – 6:16 शाम 25मि
अमृत 5:51 शाम – 7:24 शाम 1घं 33मि
चर 7:24 शाम – 8:57 रात 1घं 33मि
लाभ 12:04 रात – 1:37 रात, 13 नवंबर 1घं 33मि
शुभ 3:10 रात – 4:44 सुबह, 13 नवंबर 1घं 33मि
अमृत 4:44 सुबह – 6:17 सुबह, 13 नवंबर 1घं 33मि
यह दिन क्यों अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 लाभ 8:57 रात – 10:31 रात6 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र मूलपाद 3
योग धृति इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 4:38 सुबह – 5:27 सुबह 50मि चर 6:17 सुबह – 7:25 सुबह 1घं 8मि लाभ 8:57 रात – 10:31 रात 1घं 33मि शुभ 12:04 रात – 1:37 रात, 14 नवंबर 1घं 33मि अमृत 1:37 रात – 3:11 रात, 14 नवंबर 1घं 33मि चर 3:11 रात – 4:44 सुबह, 14 नवंबर 1घं 33मि
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यह दिन क्यों शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 चुनने के लिए 6 समय+8 अमृत 5:50 शाम – 7:24 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 1
योग व्याघात इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:40 सुबह – 5:30 सुबह 50मि चर 10:39 सुबह – 12:05 दोपहर 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 11:42 सुबह – 12:28 दोपहर 46मि लाभ 12:05 दोपहर – 1:31 दोपहर 1घं 26मि शुभ 4:24 शाम – 5:50 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 5:50 शाम – 6:15 शाम 25मि अमृत 5:50 शाम – 7:24 शाम 1घं 34मि चर 7:24 शाम – 8:58 रात 1घं 34मि लाभ 12:05 रात – 1:39 रात, 20 नवंबर 1घं 34मि शुभ 3:13 रात – 4:46 सुबह, 20 नवंबर 1घं 34मि अमृत 4:46 सुबह – 6:20 सुबह, 20 नवंबर 1घं 34मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 6:20 सुबह – 7:46 सुबह8 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 4
योग हर्षण इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:40 सुबह – 5:30 सुबह 50मि चर 6:20 सुबह – 7:46 सुबह 1घं 26मि अमृत 9:13 सुबह – 10:39 सुबह 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 12:05 दोपहर – 12:28 दोपहर 23मि शुभ 12:05 दोपहर – 1:31 दोपहर 1घं 26मि विजय मुहूर्त 2:00 दोपहर – 2:46 दोपहर 46मि चर 4:24 शाम – 5:50 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 5:50 शाम – 6:15 शाम 25मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 अमृत 5:51 शाम – 7:25 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र मृगशिरापाद 2
योग सिद्ध इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:43 सुबह – 5:33 सुबह 50मि चर 10:41 सुबह – 12:07 दोपहर 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 11:44 सुबह – 12:30 दोपहर 46मि लाभ 12:07 दोपहर – 1:33 दोपहर 1घं 26मि शुभ 4:25 शाम – 5:51 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 5:51 शाम – 6:16 शाम 25मि अमृत 5:51 शाम – 7:25 शाम 1घं 34मि चर 7:25 शाम – 8:59 रात 1घं 34मि
समय IST में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 अमृत 1:42 रात – 3:16 रात, 28 नवंबर11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र आर्द्रापाद 3
योग शुभ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:43 सुबह – 5:33 सुबह 50मि अमृत 9:49 सुबह – 10:41 सुबह 52मि अभिजित मुहूर्त 12:07 दोपहर – 12:30 दोपहर 23मि शुभ 12:07 दोपहर – 1:33 दोपहर 1घं 26मि विजय मुहूर्त 2:02 दोपहर – 2:47 दोपहर 46मि चर 4:25 शाम – 5:51 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 5:51 शाम – 6:16 शाम 25मि लाभ 8:59 रात – 10:33 रात 1घं 34मि शुभ 12:07 रात – 1:42 रात, 28 नवंबर 1घं 34मि अमृत 1:42 रात – 3:16 रात, 28 नवंबर 1घं 34मि चर 3:16 रात – 4:50 सुबह, 28 नवंबर 1घं 34मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 25मि
अमृत 5:54 शाम – 7:29 शाम 1घं 35मि
चर 7:29 शाम – 9:03 रात 1घं 35मि
लाभ 12:13 रात – 1:47 रात, 11 दिसंबर 1घं 35मि
शुभ 3:22 रात – 4:56 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 35मि
अमृत 4:56 सुबह – 6:31 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 35मि
यह दिन क्यों शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 3:22 रात – 4:57 सुबह, 12 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 1
योग गण्ड इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:50 सुबह – 5:41 सुबह 50मि चर 6:31 सुबह – 7:57 सुबह 1घं 25मि अमृत 9:22 सुबह – 10:47 सुबह 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 12:13 दोपहर – 12:36 दोपहर 23मि शुभ 12:13 दोपहर – 1:38 दोपहर 1घं 25मि विजय मुहूर्त 2:07 दोपहर – 2:52 दोपहर 46मि चर 4:29 शाम – 5:54 शाम 1घं 25मि गोधूलि मुहूर्त 5:54 शाम – 6:20 शाम 25मि लाभ 9:04 रात – 10:38 रात 1घं 35मि शुभ 12:13 रात – 1:48 रात, 12 दिसंबर 1घं 35मि अमृत 1:48 रात – 3:22 रात, 12 दिसंबर 1घं 35मि चर 3:22 रात – 4:57 सुबह, 12 दिसंबर 1घं 35मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 5:57 शाम – 7:32 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 3
योग सिद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:53 सुबह – 5:44 सुबह 51मि चर 11:13 सुबह – 12:16 दोपहर 1घं 3मि अभिजित मुहूर्त 11:53 सुबह – 12:38 दोपहर 45मि लाभ 12:16 दोपहर – 1:41 दोपहर 1घं 25मि शुभ 4:32 शाम – 5:57 शाम 1घं 25मि गोधूलि मुहूर्त 5:57 शाम – 6:22 शाम 25मि अमृत 5:57 शाम – 7:32 शाम 1घं 35मि चर 7:32 शाम – 9:06 रात 1घं 35मि लाभ 12:16 रात – 1:51 रात, 18 दिसंबर 1घं 35मि शुभ 3:25 रात – 5:00 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 35मि अमृत 5:00 सुबह – 6:35 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 35मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 चुनने के लिए 11 समय+8 अमृत 1:51 रात – 3:26 रात, 19 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 3
योग व्यतीपात इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:54 सुबह – 5:44 सुबह 51मि चर 6:35 सुबह – 8:00 सुबह 1घं 25मि अमृत 9:25 सुबह – 10:51 सुबह 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 12:16 दोपहर – 12:39 दोपहर 23मि शुभ 12:16 दोपहर – 1:41 दोपहर 1घं 25मि विजय मुहूर्त 2:10 दोपहर – 2:55 दोपहर 45मि चर 4:32 शाम – 5:57 शाम 1घं 25मि गोधूलि मुहूर्त 5:57 शाम – 6:23 शाम 25मि लाभ 9:07 रात – 10:42 रात 1घं 35मि शुभ 12:16 रात – 1:51 रात, 19 दिसंबर 1घं 35मि अमृत 1:51 रात – 3:26 रात, 19 दिसंबर 1घं 35मि चर 3:26 रात – 5:01 सुबह, 19 दिसंबर 1घं 35मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10