संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 141 शुभ दिन · दिल्ली · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
चर 6:11 सुबह – 7:41 सुबह9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:23 सुबह48मिचर6:11 सुबह – 7:41 सुबह1घं 30मिअमृत9:12 सुबह – 10:42 सुबह1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:37 दोपहर24मिशुभ12:13 दोपहर – 1:43 दोपहर1घं 30मिविजय मुहूर्त2:13 दोपहर – 3:02 दोपहर48मिचर4:44 शाम – 6:15 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:15 शाम – 6:38 शाम24मिलाभ9:14 रात – 10:43 रात1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अक्तूबर 2026
अमृत 6:07 शाम – 7:38 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:37 सुबह – 5:25 सुबह48मिचर10:41 सुबह – 12:11 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त11:47 सुबह – 12:34 दोपहर48मिलाभ12:11 दोपहर – 1:40 दोपहर1घं 29मिशुभ4:38 शाम – 6:07 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:07 शाम – 6:32 शाम24मिअमृत6:07 शाम – 7:38 शाम1घं 31मिचर7:38 शाम – 9:09 रात1घं 31मिलाभ12:11 रात – 1:42 रात, 2 अक्तूबर1घं 31मिशुभ3:13 रात – 4:43 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 31मिअमृत4:43 सुबह – 6:14 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:08 रात – 10:39 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:37 सुबह – 5:26 सुबह48मिचर6:14 सुबह – 7:43 सुबह1घं 29मिअमृत9:12 सुबह – 10:16 सुबह1घं 3मिलाभ9:08 रात – 10:39 रात1घं 31मिशुभ12:11 रात – 1:42 रात, 3 अक्तूबर1घं 31मिअमृत1:42 रात – 3:13 रात, 3 अक्तूबर1घं 31मिचर3:13 रात – 4:44 सुबह, 3 अक्तूबर1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:59 शाम – 7:32 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:28 सुबह49मिचर10:41 सुबह – 12:08 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त11:45 सुबह – 12:32 दोपहर47मिलाभ12:08 दोपहर – 1:36 दोपहर1घं 28मिशुभ4:32 शाम – 5:59 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:24 शाम25मिअमृत5:59 शाम – 7:32 शाम1घं 32मिचर7:32 शाम – 9:04 रात1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 5:52 शाम – 7:26 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:42 सुबह – 5:32 सुबह50मिचर10:40 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त11:44 सुबह – 12:30 दोपहर46मिलाभ12:07 दोपहर – 1:33 दोपहर1घं 26मिशुभ4:26 शाम – 5:52 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त5:52 शाम – 6:17 शाम25मिअमृत5:52 शाम – 7:26 शाम1घं 34मिचर7:26 शाम – 8:59 रात1घं 34मिलाभ12:07 रात – 1:41 रात, 16 अक्तूबर1घं 34मिशुभ3:15 रात – 4:48 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 34मिअमृत4:48 सुबह – 6:22 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:07 रात – 1:41 रात, 17 अक्तूबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:42 सुबह – 5:32 सुबह50मिचर6:22 सुबह – 7:48 सुबह1घं 26मिअमृत9:14 सुबह – 10:40 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:29 दोपहर23मिशुभ12:06 दोपहर – 1:33 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:01 दोपहर – 2:47 दोपहर46मिचर4:25 शाम – 5:51 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:16 शाम25मिलाभ8:59 रात – 10:33 रात1घं 34मिशुभ12:07 रात – 1:41 रात, 17 अक्तूबर1घं 34मिअमृत1:41 रात – 3:15 रात, 17 अक्तूबर1घं 34मिचर3:15 रात – 4:49 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 7:20 शाम – 8:55 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:45 सुबह – 5:35 सुबह51मिशुभ4:20 शाम – 5:45 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त5:45 शाम – 6:10 शाम25मिअमृत5:45 शाम – 7:20 शाम1घं 35मिचर7:20 शाम – 8:55 रात1घं 35मिलाभ12:06 रात – 1:41 रात, 23 अक्तूबर1घं 35मिशुभ3:16 रात – 4:51 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 35मिअमृत4:51 सुबह – 6:27 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
शुभ 12:06 रात – 1:41 रात, 24 अक्तूबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:45 सुबह – 5:36 सुबह51मिचर6:27 सुबह – 7:51 सुबह1घं 25मिअमृत9:16 सुबह – 10:41 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:28 दोपहर23मिशुभ12:05 दोपहर – 1:30 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त1:58 दोपहर – 2:43 दोपहर45मिचर4:19 शाम – 5:44 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त5:44 शाम – 6:09 शाम25मिलाभ8:55 रात – 10:30 रात1घं 35मिशुभ12:06 रात – 1:41 रात, 24 अक्तूबर1घं 35मिअमृत1:41 रात – 3:16 रात, 24 अक्तूबर1घं 35मिचर3:16 रात – 4:52 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 5:39 शाम – 7:15 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:48 सुबह – 5:39 सुबह51मिचर10:41 सुबह – 12:05 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त11:42 सुबह – 12:27 दोपहर45मिलाभ12:05 दोपहर – 1:28 दोपहर1घं 24मिशुभ4:15 शाम – 5:39 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त5:39 शाम – 6:04 शाम26मिअमृत5:39 शाम – 7:15 शाम1घं 37मिचर7:15 शाम – 8:52 रात1घं 37मिलाभ12:05 रात – 1:42 रात, 30 अक्तूबर1घं 37मिशुभ3:18 रात – 4:55 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 37मिअमृत4:55 सुबह – 6:31 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:05 रात – 1:42 रात, 31 अक्तूबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:48 सुबह – 5:40 सुबह52मिचर6:31 सुबह – 7:55 सुबह1घं 23मिअमृत9:18 सुबह – 10:41 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:27 दोपहर22मिशुभ12:05 दोपहर – 1:28 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त1:56 दोपहर – 2:40 दोपहर44मिचर4:15 शाम – 5:38 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त5:38 शाम – 6:04 शाम26मिलाभ8:51 रात – 10:28 रात1घं 37मिशुभ12:05 रात – 1:42 रात, 31 अक्तूबर1घं 37मिअमृत1:42 रात – 3:18 रात, 31 अक्तूबर1घं 37मिचर3:18 रात – 4:55 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
नवंबर 2026
अमृत 5:29 शाम – 7:08 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:48 सुबह53मिचर10:44 सुबह – 12:05 दोपहर1घं 21मिअभिजित मुहूर्त11:43 सुबह – 12:27 दोपहर43मिलाभ12:05 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 21मिशुभ4:08 शाम – 5:29 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:56 शाम26मिअमृत5:29 शाम – 7:08 शाम1घं 39मिचर7:08 शाम – 8:47 रात1घं 39मिलाभ12:05 रात – 1:45 रात, 13 नवंबर1घं 39मिशुभ3:24 रात – 5:03 सुबह, 13 नवंबर1घं 39मिअमृत5:03 सुबह – 6:42 सुबह, 13 नवंबर1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 8:47 रात – 10:26 रात6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- धृति
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:56 सुबह – 5:49 सुबह53मिचर6:42 सुबह – 7:25 सुबह43मिलाभ8:47 रात – 10:26 रात1घं 39मिशुभ12:06 रात – 1:45 रात, 14 नवंबर1घं 39मिअमृत1:45 रात – 3:24 रात, 14 नवंबर1घं 39मिचर3:24 रात – 5:03 सुबह, 14 नवंबर1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
अमृत 5:26 शाम – 7:06 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:53 सुबह53मिचर10:46 सुबह – 12:06 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त11:45 सुबह – 12:28 दोपहर43मिलाभ12:06 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 20मिशुभ4:06 शाम – 5:26 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:26 शाम – 5:53 शाम27मिअमृत5:26 शाम – 7:06 शाम1घं 40मिचर7:06 शाम – 8:46 रात1घं 40मिलाभ12:07 रात – 1:47 रात, 20 नवंबर1घं 40मिशुभ3:27 रात – 5:07 सुबह, 20 नवंबर1घं 40मिअमृत5:07 सुबह – 6:47 सुबह, 20 नवंबर1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:47 सुबह – 8:07 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:54 सुबह53मिचर6:47 सुबह – 8:07 सुबह1घं 20मिअमृत9:27 सुबह – 10:47 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:28 दोपहर21मिशुभ12:07 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त1:53 दोपहर – 2:35 दोपहर43मिचर4:06 शाम – 5:26 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:26 शाम – 5:53 शाम27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:05 शाम – 8:46 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:58 सुबह54मिचर10:49 सुबह – 12:08 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त11:47 सुबह – 12:29 दोपहर42मिलाभ12:08 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 19मिशुभ4:05 शाम – 5:24 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिअमृत5:24 शाम – 7:05 शाम1घं 41मिचर7:05 शाम – 8:46 रात1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
शुभ 12:09 रात – 1:50 रात, 28 नवंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:59 सुबह54मिअमृत9:49 सुबह – 10:50 सुबह1घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:30 दोपहर21मिशुभ12:09 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 19मिविजय मुहूर्त1:54 दोपहर – 2:36 दोपहर42मिचर4:05 शाम – 5:24 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिलाभ8:47 रात – 10:28 रात1घं 41मिशुभ12:09 रात – 1:50 रात, 28 नवंबर1घं 41मिअमृत1:50 रात – 3:31 रात, 28 नवंबर1घं 41मिचर3:31 रात – 5:12 सुबह, 28 नवंबर1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
अमृत 5:25 शाम – 7:07 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:08 सुबह55मिचर10:56 सुबह – 12:14 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:34 दोपहर41मिलाभ12:14 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 18मिशुभ4:07 शाम – 5:25 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:25 शाम – 5:52 शाम27मिअमृत5:25 शाम – 7:07 शाम1घं 42मिचर7:07 शाम – 8:49 रात1घं 42मिलाभ12:14 रात – 1:56 रात, 11 दिसंबर1घं 42मिशुभ3:39 रात – 5:21 सुबह, 11 दिसंबर1घं 42मिअमृत5:21 सुबह – 7:03 सुबह, 11 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:50 रात – 10:32 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:09 सुबह55मिचर7:03 सुबह – 8:21 सुबह1घं 18मिअमृत9:39 सुबह – 10:56 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:14 दोपहर – 12:35 दोपहर21मिशुभ12:14 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त1:58 दोपहर – 2:39 दोपहर41मिचर4:07 शाम – 5:25 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:25 शाम – 5:52 शाम27मिलाभ8:50 रात – 10:32 रात1घं 42मिशुभ12:14 रात – 1:57 रात, 12 दिसंबर1घं 42मिअमृत1:57 रात – 3:39 रात, 12 दिसंबर1घं 42मिचर3:39 रात – 5:22 सुबह, 12 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:27 शाम – 7:10 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:12 सुबह55मिचर11:13 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 4मिअभिजित मुहूर्त11:56 सुबह – 12:38 दोपहर41मिलाभ12:17 दोपहर – 1:35 दोपहर1घं 18मिशुभ4:10 शाम – 5:27 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:27 शाम – 5:54 शाम27मिअमृत5:27 शाम – 7:10 शाम1घं 43मिचर7:10 शाम – 8:52 रात1घं 43मिलाभ12:17 रात – 2:00 रात, 18 दिसंबर1घं 43मिशुभ3:42 रात – 5:25 सुबह, 18 दिसंबर1घं 43मिअमृत5:25 सुबह – 7:08 सुबह, 18 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 8:53 रात – 10:35 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:13 सुबह55मिचर7:08 सुबह – 8:25 सुबह1घं 17मिअमृत9:43 सुबह – 11:00 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:38 दोपहर21मिशुभ12:18 दोपहर – 1:35 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:01 दोपहर – 2:42 दोपहर41मिचर4:10 शाम – 5:27 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:27 शाम – 5:55 शाम27मिलाभ8:53 रात – 10:35 रात1घं 43मिशुभ12:18 रात – 2:00 रात, 19 दिसंबर1घं 43मिअमृत2:00 रात – 3:43 रात, 19 दिसंबर1घं 43मिचर3:43 रात – 5:26 सुबह, 19 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:30 शाम – 7:13 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:16 सुबह55मिचर11:03 सुबह – 12:21 दोपहर1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:41 दोपहर41मिलाभ12:21 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 17मिशुभ4:13 शाम – 5:30 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:30 शाम – 5:58 शाम27मिअमृत5:30 शाम – 7:13 शाम1घं 43मिचर7:13 शाम – 8:56 रात1घं 43मिलाभ12:21 रात – 2:03 रात, 25 दिसंबर1घं 43मिशुभ3:46 रात – 5:29 सुबह, 25 दिसंबर1घं 43मिअमृत5:29 सुबह – 7:11 सुबह, 25 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 12:21 रात – 2:04 रात, 26 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:16 सुबह55मिचर7:11 सुबह – 8:29 सुबह1घं 17मिअमृत9:46 सुबह – 11:04 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:42 दोपहर21मिशुभ12:21 दोपहर – 1:39 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:04 दोपहर – 2:46 दोपहर41मिचर4:13 शाम – 5:31 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:31 शाम – 5:58 शाम27मिलाभ8:56 रात – 10:39 रात1घं 43मिशुभ12:21 रात – 2:04 रात, 26 दिसंबर1घं 43मिअमृत2:04 रात – 3:46 रात, 26 दिसंबर1घं 43मिचर3:46 रात – 5:29 सुबह, 26 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
अमृत 5:40 शाम – 7:22 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:20 सुबह54मिचर11:09 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:48 दोपहर42मिलाभ12:27 दोपहर – 1:45 दोपहर1घं 18मिशुभ4:22 शाम – 5:40 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:40 शाम – 6:07 शाम27मिअमृत5:40 शाम – 7:22 शाम1घं 42मिचर7:22 शाम – 9:03 रात1घं 42मिलाभ12:27 रात – 2:09 रात, 8 जनवरी1घं 42मिशुभ3:51 रात – 5:33 सुबह, 8 जनवरी1घं 42मिअमृत5:33 सुबह – 7:15 सुबह, 8 जनवरी1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:04 रात – 10:46 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:20 सुबह54मिचर7:15 सुबह – 8:33 सुबह1घं 18मिअमृत9:51 सुबह – 11:09 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 12:49 दोपहर21मिशुभ12:28 दोपहर – 1:46 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त2:12 दोपहर – 2:54 दोपहर42मिचर4:22 शाम – 5:40 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:40 शाम – 6:08 शाम27मिलाभ9:04 रात – 10:46 रात1घं 42मिशुभ12:28 रात – 2:09 रात, 9 जनवरी1घं 42मिअमृत2:09 रात – 3:51 रात, 9 जनवरी1घं 42मिचर3:51 रात – 5:33 सुबह, 9 जनवरी1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:26 शाम – 9:08 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर11:11 सुबह – 12:30 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:51 दोपहर42मिलाभ12:30 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 19मिशुभ4:26 शाम – 5:45 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:45 शाम – 6:12 शाम27मिअमृत5:45 शाम – 7:26 शाम1घं 41मिचर7:26 शाम – 9:08 रात1घं 41मिलाभ12:30 रात – 2:11 रात, 15 जनवरी1घं 41मिशुभ3:52 रात – 5:34 सुबह, 15 जनवरी1घं 41मिअमृत5:34 सुबह – 7:15 सुबह, 15 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर7:15 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिअमृत9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:51 दोपहर21मिशुभ12:30 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 19मिअमृत2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी1घं 41मिचर3:53 रात – 5:34 सुबह, 16 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:31 शाम – 9:12 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिचर11:13 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:54 दोपहर42मिलाभ12:32 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 20मिशुभ4:31 शाम – 5:51 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:18 शाम27मिअमृत5:51 शाम – 7:31 शाम1घं 40मिचर7:31 शाम – 9:12 रात1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:32 रात – 2:13 रात, 23 जनवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:20 सुबह53मिचर7:38 सुबह – 8:33 सुबह55मिअमृत9:53 सुबह – 11:13 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:54 दोपहर21मिशुभ12:33 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:02 दोपहर43मिचर4:32 शाम – 5:52 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:52 शाम – 6:19 शाम27मिलाभ9:12 रात – 10:52 रात1घं 40मिशुभ12:32 रात – 2:13 रात, 23 जनवरी1घं 40मिअमृत2:13 रात – 3:53 रात, 23 जनवरी1घं 40मिचर3:53 रात – 5:33 सुबह, 23 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:16 रात – 10:55 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिचर7:11 सुबह – 8:32 सुबह1घं 21मिअमृत9:52 सुबह – 11:13 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:56 दोपहर22मिशुभ12:34 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 21मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:05 दोपहर43मिचर4:37 शाम – 5:58 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:58 शाम – 6:24 शाम26मिलाभ9:16 रात – 10:55 रात1घं 39मिशुभ12:34 रात – 2:13 रात, 30 जनवरी1घं 39मिअमृत2:13 रात – 3:52 रात, 30 जनवरी1घं 39मिचर3:52 रात – 5:31 सुबह, 30 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
चर 11:13 सुबह – 12:35 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:15 सुबह52मिचर11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:57 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिअमृत5:50 सुबह – 7:07 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:45 शाम – 9:22 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:11 सुबह52मिचर11:12 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिशुभ4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिअमृत6:08 शाम – 7:45 शाम1घं 37मिचर7:45 शाम – 9:22 रात1घं 37मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:49 रात – 5:25 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:25 सुबह – 7:02 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:49 शाम – 9:24 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:06 सुबह51मिचर11:11 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर45मिलाभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिशुभ4:49 शाम – 6:13 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:39 शाम25मिअमृत6:13 शाम – 7:49 शाम1घं 35मिचर7:49 शाम – 9:24 रात1घं 35मिलाभ12:35 रात – 2:10 रात, 19 फ़रवरी1घं 35मिशुभ3:45 रात – 5:21 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिअमृत5:21 सुबह – 6:56 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:24 रात – 10:59 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:05 सुबह51मिचर6:56 सुबह – 8:21 सुबह1घं 25मिअमृत9:46 सुबह – 11:10 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिशुभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:13 दोपहर45मिचर4:49 शाम – 6:14 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:14 शाम – 6:39 शाम25मिलाभ9:24 रात – 10:59 रात1घं 35मिशुभ12:35 रात – 2:10 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिअमृत2:10 रात – 3:45 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिचर3:45 रात – 5:20 सुबह, 20 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 5:59 सुबह50मिचर6:50 सुबह – 8:16 सुबह1घं 26मिअमृत9:42 सुबह – 11:08 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर23मिशुभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:15 दोपहर46मिचर4:53 शाम – 6:19 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:19 शाम – 6:44 शाम25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
मार्च 2027
चर 7:58 शाम – 9:29 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:47 सुबह49मिचर11:02 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर47मिलाभ12:31 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 29मिशुभ4:58 शाम – 6:27 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:27 शाम – 7:58 शाम1घं 31मिचर7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिलाभ12:31 रात – 2:02 रात, 12 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:59 सुबह – 12:29 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:52 सुबह – 5:40 सुबह48मिचर10:59 सुबह – 12:29 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:54 दोपहर48मिलाभ12:29 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 30मिशुभ3:28 रात – 4:57 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिअमृत4:57 सुबह – 6:27 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:27 सुबह – 7:57 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:51 सुबह – 5:39 सुबह48मिचर6:27 सुबह – 7:57 सुबह1घं 31मिअमृत9:28 सुबह – 10:59 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 12:53 दोपहर24मिशुभ12:29 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिचर5:01 शाम – 6:32 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:32 शाम – 6:56 शाम24मिलाभ9:30 रात – 10:59 रात1घं 29मिशुभ12:29 रात – 1:58 रात, 20 मार्च1घं 29मिअमृत1:58 रात – 3:27 रात, 20 मार्च1घं 29मिचर3:27 रात – 4:56 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 5:03 शाम – 6:35 शाम9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:46 सुबह – 5:33 सुबह47मिलाभ12:38 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 21मिशुभ5:03 शाम – 6:35 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:59 शाम23मिअमृत6:35 शाम – 8:03 रात1घं 28मिचर8:03 रात – 9:31 रात1घं 28मिलाभ12:27 रात – 1:55 रात, 26 मार्च1घं 28मिशुभ3:23 रात – 4:51 सुबह, 26 मार्च1घं 28मिअमृत4:51 सुबह – 6:18 सुबह, 26 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:18 सुबह – 7:51 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:45 सुबह – 5:32 सुबह47मिचर6:18 सुबह – 7:51 सुबह1घं 32मिअमृत9:23 सुबह – 10:55 सुबह1घं 32मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 12:52 दोपहर25मिशुभ12:27 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 32मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:19 दोपहर49मिचर5:04 शाम – 6:36 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:36 शाम – 6:59 शाम23मिलाभ9:31 रात – 10:59 रात1घं 28मिशुभ12:27 रात – 1:54 रात, 27 मार्च1घं 28मिअमृत1:54 रात – 3:22 रात, 27 मार्च1घं 28मिचर3:22 रात – 4:50 सुबह, 27 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अप्रैल 2027
चर 10:45 सुबह – 12:21 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:11 सुबह45मिचर10:45 सुबह – 12:21 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:56 सुबह – 12:47 दोपहर51मिलाभ12:21 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 36मिशुभ5:11 शाम – 6:47 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:09 शाम22मिअमृत6:47 शाम – 8:10 रात1घं 24मिचर8:10 रात – 9:34 रात1घं 24मिलाभ12:21 रात – 1:44 रात, 16 अप्रैल1घं 24मिशुभ3:08 रात – 4:31 सुबह, 16 अप्रैल1घं 24मिअमृत4:31 सुबह – 5:55 सुबह, 16 अप्रैल1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:11 शाम – 6:47 शाम9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:10 सुबह45मिचर5:55 सुबह – 7:31 सुबह1घं 37मिअमृत9:08 सुबह – 10:45 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:47 दोपहर26मिशुभ12:21 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:21 दोपहर52मिचर5:11 शाम – 6:47 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:10 शाम22मिलाभ9:34 रात – 10:24 रात50मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:42 सुबह – 12:20 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:21 सुबह – 5:05 सुबह44मिचर10:42 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:46 दोपहर52मिलाभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिशुभ5:13 शाम – 6:51 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:13 शाम22मिअमृत6:51 शाम – 8:13 रात1घं 22मिचर8:13 रात – 9:35 रात1घं 22मिलाभ12:19 रात – 1:42 रात, 23 अप्रैल1घं 22मिशुभ3:04 रात – 4:26 सुबह, 23 अप्रैल1घं 22मिअमृत4:26 सुबह – 5:48 सुबह, 23 अप्रैल1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:48 सुबह – 7:26 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:20 सुबह – 5:04 सुबह44मिचर5:48 सुबह – 7:26 सुबह1घं 38मिअमृत9:04 सुबह – 10:42 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिशुभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:23 दोपहर52मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
मई 2027
चर 10:36 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:50 सुबह42मिचर10:36 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 42मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:45 दोपहर54मिलाभ12:18 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 42मिशुभ5:22 शाम – 7:04 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:04 शाम – 7:25 शाम21मिअमृत7:04 शाम – 8:22 रात1घं 18मिचर8:22 रात – 9:40 रात1घं 18मिलाभ12:17 रात – 1:36 रात, 14 मई1घं 18मिशुभ2:54 रात – 4:13 सुबह, 14 मई1घं 18मिअमृत4:13 सुबह – 5:31 सुबह, 14 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:31 सुबह – 7:13 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- मघापाद 3
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:07 सुबह – 4:49 सुबह42मिचर5:31 सुबह – 7:13 सुबह1घं 42मिअमृत8:54 सुबह – 10:36 सुबह1घं 42मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिशुभ12:18 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 42मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:27 दोपहर54मिचर5:23 शाम – 7:04 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:04 शाम – 7:25 शाम21मिलाभ9:41 रात – 10:59 रात1घं 18मिशुभ12:17 रात – 1:36 रात, 15 मई1घं 18मिअमृत1:36 रात – 2:54 रात, 15 मई1घं 18मिचर2:54 रात – 4:12 सुबह, 15 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:35 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:46 सुबह41मिचर10:35 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त11:50 सुबह – 12:45 दोपहर55मिलाभ12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 43मिशुभ5:25 शाम – 7:08 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:08 शाम – 7:28 शाम21मिअमृत7:08 शाम – 8:25 रात1घं 17मिचर8:25 रात – 9:43 रात1घं 17मिलाभ12:18 रात – 1:35 रात, 21 मई1घं 17मिशुभ2:52 रात – 4:10 सुबह, 21 मई1घं 17मिअमृत4:10 सुबह – 5:27 सुबह, 21 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:27 सुबह – 7:10 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:46 सुबह41मिचर5:27 सुबह – 7:10 सुबह1घं 43मिअमृत8:52 सुबह – 10:35 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिशुभ12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:35 दोपहर – 3:29 दोपहर55मिचर5:26 शाम – 7:08 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:08 शाम – 7:29 शाम21मिलाभ9:43 रात – 11:00 रात1घं 17मिशुभ12:18 रात – 1:35 रात, 22 मई1घं 17मिअमृत1:35 रात – 2:52 रात, 22 मई1घं 17मिचर2:52 रात – 4:09 सुबह, 22 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जून 2027
लाभ 12:21 दोपहर – 2:05 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर10:36 सुबह – 12:21 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:48 दोपहर56मिलाभ12:21 दोपहर – 2:05 दोपहर1घं 45मिशुभ5:34 शाम – 7:19 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:19 शाम – 7:39 शाम20मिअमृत7:19 शाम – 8:34 रात1घं 15मिचर8:34 रात – 9:50 रात1घं 15मिलाभ12:21 रात – 1:36 रात, 11 जून1घं 15मिशुभ2:51 रात – 4:07 सुबह, 11 जून1घं 15मिअमृत4:07 सुबह – 5:14 सुबह, 11 जून1घं 8मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:34 शाम – 7:19 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर5:34 शाम – 7:19 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:19 शाम – 7:39 शाम20मिलाभ9:50 रात – 11:05 रात1घं 15मिशुभ12:21 रात – 1:36 रात, 12 जून1घं 15मिअमृत1:36 रात – 2:52 रात, 12 जून1घं 15मिचर2:52 रात – 4:07 सुबह, 12 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:22 दोपहर – 2:07 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह40मिचर10:37 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:50 दोपहर56मिलाभ12:22 दोपहर – 2:07 दोपहर1घं 45मिशुभ5:36 शाम – 7:21 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिअमृत7:21 शाम – 8:36 रात1घं 15मिचर8:36 रात – 9:52 रात1घं 15मिलाभ12:22 रात – 1:37 रात, 18 जून1घं 15मिशुभ2:52 रात – 4:08 सुबह, 18 जून1घं 15मिअमृत4:08 सुबह – 4:35 सुबह, 18 जून28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:37 शाम – 7:21 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:43 सुबह40मिचर5:37 शाम – 7:21 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिलाभ9:52 रात – 11:07 रात1घं 15मिशुभ12:22 रात – 1:37 रात, 19 जून1घं 15मिअमृत1:37 रात – 2:53 रात, 19 जून1घं 15मिचर2:53 रात – 4:08 सुबह, 19 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 5:38 शाम – 7:23 शाम8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:44 सुबह40मिचर5:24 सुबह – 7:09 सुबह1घं 45मिअमृत8:54 सुबह – 10:39 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:52 दोपहर28मिशुभ12:24 दोपहर – 2:08 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:43 दोपहर – 3:39 दोपहर56मिचर5:38 शाम – 7:23 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
जुलाई 2027
चर 5:27 सुबह – 7:11 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:47 सुबह40मिचर5:27 सुबह – 7:11 सुबह1घं 45मिअमृत8:56 सुबह – 10:40 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:53 दोपहर28मिशुभ12:25 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:24 दोपहर39मिअमृत1:48 रात – 2:56 रात, 3 जुलाई1घं 9मिचर2:56 रात – 4:12 सुबह, 3 जुलाई1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:49 सुबह40मिचर10:42 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:54 दोपहर56मिलाभ12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिशुभ5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिअमृत7:23 शाम – 8:39 रात1घं 16मिचर8:39 रात – 9:55 रात1घं 16मिलाभ12:26 रात – 1:42 रात, 9 जुलाई1घं 16मिशुभ2:58 रात – 4:14 सुबह, 9 जुलाई1घं 16मिअमृत4:14 सुबह – 5:30 सुबह, 9 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:43 सुबह – 12:27 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:11 सुबह – 4:52 सुबह41मिचर10:43 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:55 दोपहर55मिलाभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिशुभ5:38 शाम – 7:21 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:42 शाम20मिअमृत7:21 शाम – 8:38 रात1घं 17मिचर8:38 रात – 9:54 रात1घं 17मिलाभ12:27 रात – 1:44 रात, 16 जुलाई1घं 17मिशुभ3:00 रात – 4:17 सुबह, 16 जुलाई1घं 17मिअमृत4:17 सुबह – 5:33 सुबह, 16 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:33 सुबह – 7:17 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:12 सुबह – 4:52 सुबह41मिचर5:33 सुबह – 7:17 सुबह1घं 43मिअमृत9:00 सुबह – 10:44 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 12:55 दोपहर28मिशुभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:40 दोपहर55मिचर5:37 शाम – 7:21 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिलाभ9:54 रात – 11:11 रात1घं 17मिशुभ12:27 रात – 1:44 रात, 17 जुलाई1घं 17मिअमृत1:44 रात – 3:01 रात, 17 जुलाई1घं 17मिचर3:01 रात – 4:17 सुबह, 17 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:45 सुबह – 12:27 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:14 सुबह – 4:55 सुबह41मिचर10:45 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:55 दोपहर55मिलाभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 43मिशुभ5:36 शाम – 7:18 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:39 शाम21मिअमृत7:18 शाम – 8:36 रात1घं 17मिचर8:36 रात – 9:53 रात1घं 17मिलाभ12:28 रात – 1:45 रात, 23 जुलाई1घं 17मिशुभ3:02 रात – 4:20 सुबह, 23 जुलाई1घं 17मिअमृत4:20 सुबह – 5:37 सुबह, 23 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:37 सुबह – 7:20 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:14 सुबह – 4:56 सुबह41मिचर5:37 सुबह – 7:20 सुबह1घं 43मिअमृत9:02 सुबह – 10:45 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 12:55 दोपहर27मिशुभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:39 दोपहर55मिचर5:35 शाम – 7:18 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:39 शाम21मिलाभ9:53 रात – 11:10 रात1घं 17मिशुभ12:28 रात – 1:45 रात, 24 जुलाई1घं 17मिअमृत1:45 रात – 3:03 रात, 24 जुलाई1घं 17मिचर3:03 रात – 4:20 सुबह, 24 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 12:27 दोपहर – 2:09 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:17 सुबह – 4:59 सुबह42मिचर10:46 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 42मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:55 दोपहर54मिलाभ12:27 दोपहर – 2:09 दोपहर1घं 42मिशुभ5:33 शाम – 7:15 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:15 शाम – 7:35 शाम21मिअमृत7:15 शाम – 8:33 रात1घं 18मिचर8:33 रात – 9:51 रात1घं 18मिलाभ12:28 रात – 1:46 रात, 30 जुलाई1घं 18मिशुभ3:04 रात – 4:23 सुबह, 30 जुलाई1घं 18मिअमृत4:23 सुबह – 5:41 सुबह, 30 जुलाई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:41 सुबह – 7:23 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:17 सुबह – 4:59 सुबह42मिचर5:41 सुबह – 7:23 सुबह1घं 42मिअमृत9:04 सुबह – 10:46 सुबह1घं 42मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 12:54 दोपहर27मिशुभ12:27 दोपहर – 2:09 दोपहर1घं 42मिविजय मुहूर्त2:43 दोपहर – 3:37 दोपहर54मिचर5:32 शाम – 7:14 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:14 शाम – 7:35 शाम21मिलाभ9:51 रात – 11:09 रात1घं 18मिशुभ12:28 रात – 1:46 रात, 31 जुलाई1घं 18मिअमृत1:46 रात – 3:05 रात, 31 जुलाई1घं 18मिचर3:05 रात – 4:23 सुबह, 31 जुलाई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अगस्त 2027
चर 10:46 सुबह – 12:27 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:20 सुबह – 5:02 सुबह42मिचर10:46 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:54 दोपहर54मिलाभ12:27 दोपहर – 2:08 दोपहर1घं 41मिशुभ3:06 रात – 4:25 सुबह, 6 अगस्त1घं 19मिअमृत4:25 सुबह – 5:45 सुबह, 6 अगस्त1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:47 सुबह – 12:26 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:22 सुबह – 5:05 सुबह43मिचर10:47 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 39मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:53 दोपहर53मिलाभ12:26 दोपहर – 1:56 दोपहर1घं 30मिशुभ3:08 रात – 4:28 सुबह, 13 अगस्त1घं 21मिअमृत4:28 सुबह – 5:49 सुबह, 13 अगस्त1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:49 सुबह – 7:28 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:06 सुबह43मिचर5:49 सुबह – 7:28 सुबह1घं 39मिअमृत9:07 सुबह – 10:47 सुबह1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:52 दोपहर26मिशुभ12:26 दोपहर – 2:05 दोपहर1घं 39मिविजय मुहूर्त2:38 दोपहर – 3:31 दोपहर53मिचर5:24 शाम – 7:03 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त7:03 शाम – 7:24 शाम22मिलाभ9:45 रात – 11:05 रात1घं 21मिशुभ12:26 रात – 1:47 रात, 14 अगस्त1घं 21मिअमृत1:47 रात – 3:08 रात, 14 अगस्त1घं 21मिचर3:08 रात – 4:28 सुबह, 14 अगस्त1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:25 दोपहर – 2:03 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:08 सुबह44मिचर10:46 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:51 दोपहर52मिलाभ12:25 दोपहर – 2:03 दोपहर1घं 38मिशुभ5:19 शाम – 6:57 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:57 शाम – 7:19 शाम22मिअमृत6:57 शाम – 8:19 रात1घं 22मिचर8:19 रात – 9:41 रात1घं 22मिलाभ12:25 रात – 1:47 रात, 20 अगस्त1घं 22मिशुभ3:09 रात – 4:31 सुबह, 20 अगस्त1घं 22मिअमृत4:31 सुबह – 5:53 सुबह, 20 अगस्त1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:40 रात – 11:03 रात6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:09 सुबह44मिगोधूलि मुहूर्त6:56 शाम – 7:18 शाम22मिलाभ9:40 रात – 11:03 रात1घं 22मिशुभ12:25 रात – 1:47 रात, 21 अगस्त1घं 22मिअमृत1:47 रात – 3:09 रात, 21 अगस्त1घं 22मिचर3:09 रात – 4:31 सुबह, 21 अगस्त1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चर 10:46 सुबह – 12:23 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 3
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:11 सुबह44मिचर10:46 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 37मिअभिजित मुहूर्त11:57 सुबह – 12:49 दोपहर52मिलाभ12:23 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 37मिशुभ5:13 शाम – 6:50 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:12 शाम22मिअमृत6:50 शाम – 8:13 रात1घं 23मिचर8:13 रात – 9:37 रात1घं 23मिलाभ12:23 रात – 1:46 रात, 27 अगस्त1घं 23मिशुभ3:10 रात – 4:33 सुबह, 27 अगस्त1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:12 शाम – 6:49 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:12 सुबह44मिचर5:12 शाम – 6:49 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिलाभ9:36 रात – 10:59 रात1घं 23मिशुभ12:23 रात – 1:46 रात, 28 अगस्त1घं 23मिअमृत1:46 रात – 3:10 रात, 28 अगस्त1घं 23मिचर3:10 रात – 4:33 सुबह, 28 अगस्त1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
सितंबर 2027
लाभ 12:18 दोपहर – 1:52 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:17 सुबह46मिचर10:44 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त11:53 सुबह – 12:43 दोपहर50मिलाभ12:18 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 34मिशुभ5:00 शाम – 6:34 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:34 शाम – 6:57 शाम23मिअमृत6:34 शाम – 8:00 रात1घं 26मिचर8:00 रात – 9:26 रात1घं 26मिलाभ12:19 रात – 1:45 रात, 10 सितंबर1घं 26मिशुभ3:11 रात – 4:37 सुबह, 10 सितंबर1घं 26मिअमृत4:37 सुबह – 6:03 सुबह, 10 सितंबर1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:03 सुबह – 7:37 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:17 सुबह46मिचर6:03 सुबह – 7:37 सुबह1घं 34मिअमृत9:11 सुबह – 10:44 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:43 दोपहर25मिशुभ12:18 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:13 दोपहर50मिचर4:59 शाम – 6:33 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:56 शाम23मिलाभ9:26 रात – 10:52 रात1घं 26मिशुभ12:18 रात – 1:45 रात, 11 सितंबर1घं 26मिअमृत1:45 रात – 3:11 रात, 11 सितंबर1घं 26मिचर3:11 रात – 4:37 सुबह, 11 सितंबर1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:43 सुबह – 12:16 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:19 सुबह47मिचर10:43 सुबह – 12:16 दोपहर1घं 32मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:41 दोपहर49मिलाभ12:16 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 32मिशुभ4:53 शाम – 6:26 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:49 शाम23मिअमृत6:26 शाम – 7:53 शाम1घं 28मिचर7:53 शाम – 9:21 रात1घं 28मिलाभ12:16 रात – 1:44 रात, 17 सितंबर1घं 28मिशुभ3:11 रात – 4:39 सुबह, 17 सितंबर1घं 28मिअमृत4:39 सुबह – 6:07 सुबह, 17 सितंबर1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:07 सुबह – 7:39 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:20 सुबह47मिचर6:07 सुबह – 7:39 सुबह1घं 32मिअमृत9:11 सुबह – 10:43 सुबह1घं 32मिअभिजित मुहूर्त12:16 दोपहर – 12:40 दोपहर25मिशुभ12:16 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 32मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:08 दोपहर49मिचर4:52 शाम – 6:24 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:24 शाम – 6:48 शाम23मिलाभ9:20 रात – 10:48 रात1घं 28मिशुभ12:16 रात – 1:44 रात, 18 सितंबर1घं 28मिअमृत1:44 रात – 3:11 रात, 18 सितंबर1घं 28मिचर3:11 रात – 4:39 सुबह, 18 सितंबर1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:42 सुबह – 12:13 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:22 सुबह47मिचर10:42 सुबह – 12:13 दोपहर1घं 31मिअभिजित मुहूर्त11:49 सुबह – 12:38 दोपहर49मिलाभ12:13 दोपहर – 1:44 दोपहर1घं 31मिशुभ4:46 शाम – 6:17 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:17 शाम – 6:41 शाम24मिअमृत6:17 शाम – 7:46 शाम1घं 29मिचर7:46 शाम – 9:15 रात1घं 29मिलाभ12:14 रात – 1:43 रात, 24 सितंबर1घं 29मिशुभ3:12 रात – 4:41 सुबह, 24 सितंबर1घं 29मिअमृत4:41 सुबह – 6:10 सुबह, 24 सितंबर1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:10 सुबह – 7:41 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:22 सुबह48मिचर6:10 सुबह – 7:41 सुबह1घं 31मिअमृत9:12 सुबह – 10:42 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:37 दोपहर24मिशुभ12:13 दोपहर – 1:44 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त2:14 दोपहर – 3:02 दोपहर48मिचर4:45 शाम – 6:16 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:40 शाम24मिलाभ9:15 रात – 10:44 रात1घं 29मिशुभ12:13 रात – 1:43 रात, 25 सितंबर1घं 29मिअमृत1:43 रात – 3:12 रात, 25 सितंबर1घं 29मिचर3:12 रात – 4:41 सुबह, 25 सितंबर1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अक्तूबर 2027
चर 7:33 शाम – 9:05 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:28 सुबह49मिशुभ5:17 शाम – 6:01 शाम43मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:25 शाम25मिअमृत6:01 शाम – 7:33 शाम1घं 32मिचर7:33 शाम – 9:05 रात1घं 32मिलाभ12:09 रात – 1:41 रात, 8 अक्तूबर1घं 32मिशुभ3:13 रात – 4:45 सुबह, 8 अक्तूबर1घं 32मिअमृत4:45 सुबह – 6:17 सुबह, 8 अक्तूबर1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 9:04 रात – 10:37 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:28 सुबह49मिचर6:17 सुबह – 7:45 सुबह1घं 28मिअमृत9:13 सुबह – 10:41 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:32 दोपहर23मिशुभ12:09 दोपहर – 1:36 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:06 दोपहर – 2:52 दोपहर47मिचर4:32 शाम – 6:00 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:24 शाम25मिलाभ9:04 रात – 10:37 रात1घं 32मिशुभ12:09 रात – 1:41 रात, 9 अक्तूबर1घं 32मिअमृत1:41 रात – 3:13 रात, 9 अक्तूबर1घं 32मिचर3:13 रात – 4:46 सुबह, 9 अक्तूबर1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:40 सुबह – 12:07 दोपहर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:41 सुबह – 5:31 सुबह50मिचर10:40 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त11:44 सुबह – 12:30 दोपहर46मिलाभ12:07 दोपहर – 1:34 दोपहर1घं 27मिशुभ4:27 शाम – 5:53 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त5:53 शाम – 6:18 शाम25मिअमृत5:53 शाम – 6:50 शाम57मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:00 रात – 10:33 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:42 सुबह – 5:31 सुबह50मिचर7:07 सुबह – 7:48 सुबह40मिअमृत9:14 सुबह – 10:40 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:07 दोपहर – 12:30 दोपहर23मिशुभ12:07 दोपहर – 1:33 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:02 दोपहर – 2:48 दोपहर46मिचर4:26 शाम – 5:52 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त5:52 शाम – 6:17 शाम25मिलाभ9:00 रात – 10:33 रात1घं 34मिशुभ12:07 रात – 1:41 रात, 16 अक्तूबर1घं 34मिअमृत1:41 रात – 3:15 रात, 16 अक्तूबर1घं 34मिचर3:15 रात – 4:48 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 3:16 रात – 4:51 सुबह, 22 अक्तूबर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:44 सुबह – 5:35 सुबह51मिचर10:40 सुबह – 12:06 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त11:43 सुबह – 12:28 दोपहर45मिलाभ12:06 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 25मिलाभ12:51 रात – 1:41 रात, 22 अक्तूबर50मिशुभ3:16 रात – 4:51 सुबह, 22 अक्तूबर1घं 35मिअमृत4:51 सुबह – 6:26 सुबह, 22 अक्तूबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 12:06 रात – 1:41 रात, 23 अक्तूबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:44 सुबह – 5:35 सुबह51मिचर6:26 सुबह – 7:51 सुबह1घं 25मिअमृत9:16 सुबह – 10:40 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:28 दोपहर23मिशुभ12:05 दोपहर – 1:30 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त1:59 दोपहर – 2:44 दोपहर45मिचर4:20 शाम – 5:45 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त5:45 शाम – 6:10 शाम25मिलाभ8:55 रात – 10:31 रात1घं 35मिशुभ12:06 रात – 1:41 रात, 23 अक्तूबर1घं 35मिअमृत1:41 रात – 3:16 रात, 23 अक्तूबर1घं 35मिचर3:16 रात – 4:51 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
नवंबर 2027
अमृत 5:34 शाम – 7:12 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:51 सुबह – 5:43 सुबह52मिचर10:42 सुबह – 12:04 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त11:42 सुबह – 12:26 दोपहर44मिलाभ12:04 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 22मिशुभ4:12 शाम – 5:34 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त5:34 शाम – 6:00 शाम26मिअमृत5:34 शाम – 7:12 शाम1घं 38मिचर7:12 शाम – 8:50 रात1घं 38मिलाभ12:05 रात – 1:42 रात, 5 नवंबर1घं 38मिशुभ3:20 रात – 4:58 सुबह, 5 नवंबर1घं 38मिअमृत4:58 सुबह – 6:35 सुबह, 5 नवंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 7:09 शाम – 8:48 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:47 सुबह53मिचर10:44 सुबह – 12:05 दोपहर1घं 21मिअभिजित मुहूर्त11:43 सुबह – 12:27 दोपहर43मिलाभ12:05 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 21मिशुभ4:09 शाम – 5:30 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:30 शाम – 5:56 शाम26मिअमृत5:30 शाम – 7:09 शाम1घं 39मिचर7:09 शाम – 8:48 रात1घं 39मिलाभ12:05 रात – 1:44 रात, 12 नवंबर1घं 39मिशुभ3:23 रात – 5:02 सुबह, 12 नवंबर1घं 39मिअमृत5:02 सुबह – 6:41 सुबह, 12 नवंबर1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:05 रात – 1:44 रात, 13 नवंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:48 सुबह53मिचर6:41 सुबह – 8:02 सुबह1घं 21मिअमृत9:23 सुबह – 10:44 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:27 दोपहर22मिशुभ12:05 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 21मिविजय मुहूर्त1:53 दोपहर – 2:36 दोपहर43मिचर4:08 शाम – 5:29 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:56 शाम26मिलाभ8:47 रात – 10:26 रात1घं 39मिशुभ12:05 रात – 1:44 रात, 13 नवंबर1घं 39मिअमृत1:44 रात – 3:23 रात, 13 नवंबर1घं 39मिचर3:23 रात – 5:02 सुबह, 13 नवंबर1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:06 सुबह – 6:46 सुबह, 19 नवंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:52 सुबह53मिचर10:46 सुबह – 12:06 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त11:45 सुबह – 12:27 दोपहर43मिलाभ12:06 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 20मिशुभ4:06 शाम – 5:27 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:27 शाम – 5:53 शाम27मिअमृत5:27 शाम – 7:06 शाम1घं 40मिचर7:06 शाम – 8:46 रात1घं 40मिलाभ12:06 रात – 1:46 रात, 19 नवंबर1घं 40मिशुभ3:26 रात – 5:06 सुबह, 19 नवंबर1घं 40मिअमृत5:06 सुबह – 6:46 सुबह, 19 नवंबर1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 9:26 सुबह – 10:46 सुबह9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:53 सुबह53मिचर6:46 सुबह – 8:06 सुबह1घं 20मिअमृत9:26 सुबह – 10:46 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:28 दोपहर21मिशुभ12:06 दोपहर – 1:26 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त1:53 दोपहर – 2:36 दोपहर43मिचर4:06 शाम – 5:26 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:26 शाम – 5:53 शाम27मिलाभ8:46 रात – 9:21 रात34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
अमृत 1:50 रात – 3:31 रात, 27 नवंबर6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:58 सुबह54मिचर6:52 सुबह – 8:11 सुबह1घं 19मिलाभ9:25 रात – 10:27 रात1घं 3मिशुभ12:08 रात – 1:50 रात, 27 नवंबर1घं 41मिअमृत1:50 रात – 3:31 रात, 27 नवंबर1घं 41मिचर3:31 रात – 5:12 सुबह, 27 नवंबर1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
दिसंबर 2027
शुभ 3:38 रात – 5:20 सुबह, 10 दिसंबर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:07 सुबह54मिचर10:55 सुबह – 12:13 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:34 दोपहर42मिलाभ12:13 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 18मिशुभ3:38 रात – 5:20 सुबह, 10 दिसंबर1घं 42मिअमृत5:20 सुबह – 7:02 सुबह, 10 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:09 शाम – 8:52 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:12 सुबह55मिशुभ4:09 शाम – 5:27 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:27 शाम – 5:54 शाम27मिअमृत5:27 शाम – 7:09 शाम1घं 43मिचर7:09 शाम – 8:52 रात1घं 43मिलाभ12:17 रात – 1:59 रात, 17 दिसंबर1घं 43मिशुभ3:42 रात – 5:24 सुबह, 17 दिसंबर1घं 43मिअमृत5:24 सुबह – 7:07 सुबह, 17 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:52 रात – 10:35 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:12 सुबह55मिचर7:07 सुबह – 8:24 सुबह1घं 18मिअमृत9:42 सुबह – 10:59 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:17 दोपहर – 12:38 दोपहर21मिशुभ12:17 दोपहर – 1:34 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त2:00 दोपहर – 2:42 दोपहर41मिचर4:09 शाम – 5:27 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:27 शाम – 5:54 शाम27मिलाभ8:52 रात – 10:35 रात1घं 43मिशुभ12:17 रात – 2:00 रात, 18 दिसंबर1घं 43मिअमृत2:00 रात – 3:42 रात, 18 दिसंबर1घं 43मिचर3:42 रात – 5:25 सुबह, 18 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:30 शाम – 7:12 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:15 सुबह55मिचर11:02 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 17मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:41 दोपहर41मिलाभ12:20 दोपहर – 1:37 दोपहर1घं 17मिशुभ4:12 शाम – 5:30 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:30 शाम – 5:57 शाम27मिअमृत5:30 शाम – 7:12 शाम1घं 43मिचर7:12 शाम – 8:55 रात1घं 43मिलाभ12:20 रात – 2:03 रात, 24 दिसंबर1घं 43मिशुभ3:45 रात – 5:28 सुबह, 24 दिसंबर1घं 43मिअमृत5:28 सुबह – 7:11 सुबह, 24 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:55 रात – 10:38 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:16 सुबह55मिचर7:11 सुबह – 8:28 सुबह1घं 17मिअमृत9:45 सुबह – 11:03 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:41 दोपहर21मिशुभ12:20 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:04 दोपहर – 2:45 दोपहर41मिचर4:13 शाम – 5:30 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:30 शाम – 5:58 शाम27मिलाभ8:55 रात – 10:38 रात1घं 43मिशुभ12:21 रात – 2:03 रात, 25 दिसंबर1घं 43मिअमृत2:03 रात – 3:46 रात, 25 दिसंबर1घं 43मिचर3:46 रात – 5:28 सुबह, 25 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2028
अमृत 5:44 शाम – 7:26 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 3
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर11:11 सुबह – 12:30 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:51 दोपहर42मिलाभ12:30 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 19मिशुभ4:26 शाम – 5:44 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:44 शाम – 6:11 शाम27मिअमृत5:44 शाम – 7:26 शाम1घं 41मिचर7:26 शाम – 9:07 रात1घं 41मिलाभ12:30 रात – 2:11 रात, 14 जनवरी1घं 41मिशुभ3:52 रात – 5:34 सुबह, 14 जनवरी1घं 41मिअमृत5:34 सुबह – 7:15 सुबह, 14 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:30 रात – 2:11 रात, 15 जनवरी8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर7:15 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिअमृत9:52 सुबह – 11:11 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:51 दोपहर21मिशुभ12:30 दोपहर – 12:57 दोपहर27मिशुभ12:30 रात – 2:11 रात, 15 जनवरी1घं 41मिअमृत2:11 रात – 3:52 रात, 15 जनवरी1घं 41मिचर3:52 रात – 5:34 सुबह, 15 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 5:50 शाम – 7:30 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- शूल
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिचर11:12 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:53 दोपहर42मिलाभ12:32 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 20मिशुभ4:30 शाम – 5:50 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:50 शाम – 6:17 शाम27मिअमृत5:50 शाम – 7:30 शाम1घं 40मिचर7:30 शाम – 9:11 रात1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:32 रात – 2:12 रात, 22 जनवरी10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 12:54 दोपहर21मिशुभ12:32 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:01 दोपहर42मिचर4:31 शाम – 5:51 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:18 शाम27मिलाभ9:11 रात – 10:52 रात1घं 40मिशुभ12:32 रात – 2:12 रात, 22 जनवरी1घं 40मिअमृत2:12 रात – 3:53 रात, 22 जनवरी1घं 40मिचर3:53 रात – 5:33 सुबह, 22 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2028
चर 7:44 शाम – 9:21 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:12 सुबह52मिचर11:12 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 23मिशुभ4:44 शाम – 6:07 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:07 शाम – 6:33 शाम26मिअमृत6:07 शाम – 7:44 शाम1घं 37मिचर7:44 शाम – 9:21 रात1घं 37मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 11 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:49 रात – 5:26 सुबह, 11 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:26 सुबह – 7:03 सुबह, 11 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:21 रात – 10:58 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:11 सुबह52मिचर7:03 सुबह – 8:26 सुबह1घं 23मिअमृत9:49 सुबह – 11:12 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर22मिशुभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:26 दोपहर – 3:11 दोपहर44मिचर4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिलाभ9:21 रात – 10:58 रात1घं 37मिशुभ12:35 रात – 2:12 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिअमृत2:12 रात – 3:49 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिचर3:49 रात – 5:25 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 6:12 शाम – 7:48 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:07 सुबह51मिचर11:11 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर45मिलाभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 24मिशुभ4:48 शाम – 6:12 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:12 शाम – 6:38 शाम25मिअमृत6:12 शाम – 7:48 शाम1घं 36मिचर7:48 शाम – 9:24 रात1घं 36मिलाभ12:35 रात – 2:10 रात, 18 फ़रवरी1घं 36मिशुभ3:46 रात – 5:22 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 36मिअमृत5:22 सुबह – 6:57 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:24 रात – 10:59 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:06 सुबह51मिचर6:57 सुबह – 8:22 सुबह1घं 24मिअमृत9:46 सुबह – 11:11 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिशुभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 24मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:13 दोपहर45मिचर4:49 शाम – 6:13 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:39 शाम25मिलाभ9:24 रात – 10:59 रात1घं 35मिशुभ12:35 रात – 2:10 रात, 19 फ़रवरी1घं 35मिअमृत2:10 रात – 3:46 रात, 19 फ़रवरी1घं 35मिचर3:46 रात – 5:21 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:26 रात – 11:00 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:01 सुबह50मिचर6:51 सुबह – 8:17 सुबह1घं 26मिअमृत9:43 सुबह – 11:08 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर23मिशुभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:29 दोपहर – 3:15 दोपहर46मिचर4:52 शाम – 6:18 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिलाभ9:26 रात – 11:00 रात1घं 34मिशुभ12:34 रात – 2:08 रात, 26 फ़रवरी1घं 34मिअमृत2:08 रात – 3:42 रात, 26 फ़रवरी1घं 34मिचर3:42 रात – 5:16 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
मार्च 2028
चर 7:58 शाम – 9:29 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:48 सुबह49मिचर11:03 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर47मिलाभ12:32 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 29मिशुभ4:58 शाम – 6:26 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:26 शाम – 7:58 शाम1घं 31मिचर7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिलाभ12:31 रात – 2:02 रात, 10 मार्च1घं 31मिशुभ3:34 रात – 5:05 सुबह, 10 मार्च1घं 31मिअमृत5:05 सुबह – 6:36 सुबह, 10 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:29 रात – 11:00 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- मघापाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:47 सुबह49मिचर6:36 सुबह – 8:05 सुबह1घं 29मिअमृत9:34 सुबह – 10:21 सुबह48मिलाभ9:29 रात – 11:00 रात1घं 31मिशुभ12:31 रात – 2:02 रात, 11 मार्च1घं 31मिअमृत2:02 रात – 3:33 रात, 11 मार्च1घं 31मिचर3:33 रात – 5:04 सुबह, 11 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
लाभ 12:30 दोपहर – 2:00 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:53 सुबह – 5:41 सुबह48मिचर11:00 सुबह – 12:30 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:54 दोपहर48मिलाभ12:30 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 30मिशुभ4:13 सुबह – 4:58 सुबह, 17 मार्च45मिअमृत4:58 सुबह – 6:28 सुबह, 17 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:29 सुबह – 10:59 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:52 सुबह – 5:40 सुबह48मिचर6:28 सुबह – 7:58 सुबह1घं 30मिअमृत9:29 सुबह – 10:59 सुबह1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:54 दोपहर24मिशुभ12:30 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 30मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:18 दोपहर48मिचर5:01 शाम – 6:31 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:31 शाम – 6:55 शाम24मिलाभ9:30 रात – 10:59 रात1घं 29मिशुभ12:29 रात – 1:58 रात, 18 मार्च1घं 29मिअमृत1:58 रात – 3:28 रात, 18 मार्च1घं 29मिचर3:28 रात – 4:57 सुबह, 18 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 9:31 रात – 10:59 रात5 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:46 सुबह – 5:33 सुबह47मिलाभ9:31 रात – 10:59 रात1घं 28मिशुभ12:27 रात – 1:55 रात, 25 मार्च1घं 28मिअमृत1:55 रात – 3:23 रात, 25 मार्च1घं 28मिचर3:23 रात – 4:51 सुबह, 25 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
चर 6:12 सुबह – 7:45 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:26 सुबह46मिचर6:12 सुबह – 7:45 सुबह1घं 33मिअमृत9:19 सुबह – 10:52 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:50 दोपहर25मिशुभ12:25 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:20 दोपहर50मिचर5:06 शाम – 6:39 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:39 शाम – 7:02 शाम23मिलाभ9:32 रात – 10:58 रात1घं 26मिशुभ12:25 रात – 1:51 रात, 1 अप्रैल1घं 26मिअमृत1:51 रात – 3:18 रात, 1 अप्रैल1घं 26मिचर3:18 रात – 4:44 सुबह, 1 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अप्रैल 2028
चर 10:49 सुबह – 12:24 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:19 सुबह46मिचर10:49 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:49 दोपहर50मिलाभ12:24 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 35मिशुभ5:08 शाम – 6:42 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:05 शाम23मिअमृत6:42 शाम – 8:07 रात1घं 25मिचर8:07 रात – 9:33 रात1घं 25मिलाभ12:23 रात – 1:48 रात, 7 अप्रैल1घं 25मिशुभ3:13 रात – 4:39 सुबह, 7 अप्रैल1घं 25मिअमृत4:39 सुबह – 6:04 सुबह, 7 अप्रैल1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:23 दोपहर – 1:58 दोपहर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:18 सुबह45मिचर6:04 सुबह – 7:39 सुबह1घं 35मिअमृत9:14 सुबह – 10:48 सुबह1घं 35मिअभिजित मुहूर्त12:23 दोपहर – 12:49 दोपहर25मिशुभ12:23 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 35मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:20 दोपहर51मिचर5:08 शाम – 6:43 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:43 शाम – 7:05 शाम23मिलाभ9:33 रात – 10:58 रात1घं 25मिशुभ12:23 रात – 1:48 रात, 8 अप्रैल1घं 25मिअमृत1:48 रात – 3:13 रात, 8 अप्रैल1घं 25मिचर3:13 रात – 4:38 सुबह, 8 अप्रैल1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:46 सुबह – 12:22 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 4
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:13 सुबह45मिचर10:46 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:56 सुबह – 12:47 दोपहर51मिलाभ12:22 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 36मिशुभ5:10 शाम – 6:46 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:46 शाम – 7:09 शाम22मिअमृत6:46 शाम – 8:10 रात1घं 24मिचर8:10 रात – 9:34 रात1घं 24मिलाभ12:21 रात – 1:45 रात, 14 अप्रैल1घं 24मिशुभ3:09 रात – 4:32 सुबह, 14 अप्रैल1घं 24मिअमृत4:32 सुबह – 5:56 सुबह, 14 अप्रैल1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:56 सुबह – 7:33 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:12 सुबह45मिचर5:56 सुबह – 7:33 सुबह1घं 36मिअमृत9:09 सुबह – 10:45 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:47 दोपहर26मिशुभ12:21 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:21 दोपहर51मिचर5:10 शाम – 6:47 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:09 शाम22मिलाभ9:34 रात – 10:57 रात1घं 24मिशुभ12:21 रात – 1:45 रात, 15 अप्रैल1घं 24मिअमृत1:45 रात – 3:08 रात, 15 अप्रैल1घं 24मिचर3:08 रात – 4:32 सुबह, 15 अप्रैल1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:22 सुबह – 5:06 सुबह44मिचर10:43 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:46 दोपहर52मिलाभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिशुभ5:13 शाम – 6:50 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:12 शाम22मिअमृत6:50 शाम – 8:13 रात1घं 22मिचर8:13 रात – 9:35 रात1घं 22मिलाभ12:20 रात – 1:42 रात, 21 अप्रैल1घं 22मिशुभ3:04 रात – 4:27 सुबह, 21 अप्रैल1घं 22मिअमृत4:27 सुबह – 5:49 सुबह, 21 अप्रैल1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:04 सुबह – 10:42 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:21 सुबह – 5:05 सुबह44मिचर5:49 सुबह – 7:27 सुबह1घं 38मिअमृत9:04 सुबह – 10:42 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिशुभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:22 दोपहर52मिचर5:13 शाम – 6:51 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:13 शाम22मिलाभ9:35 रात – 10:57 रात1घं 22मिशुभ12:19 रात – 1:42 रात, 22 अप्रैल1घं 22मिअमृत1:42 रात – 3:04 रात, 22 अप्रैल1घं 22मिचर3:04 रात – 4:26 सुबह, 22 अप्रैल1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 5:42 सुबह – 7:22 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:16 सुबह – 4:59 सुबह43मिचर5:42 सुबह – 7:22 सुबह1घं 39मिअमृत9:01 सुबह – 10:40 सुबह1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:19 दोपहर – 12:45 दोपहर26मिशुभ12:19 दोपहर – 1:11 दोपहर52मिशुभ12:48 रात – 1:39 रात, 29 अप्रैल51मिअमृत1:39 रात – 3:00 रात, 29 अप्रैल1घं 21मिचर3:00 रात – 4:21 सुबह, 29 अप्रैल1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
मई 2028
चर 10:38 सुबह – 12:18 दोपहर9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:12 सुबह – 4:55 सुबह43मिचर10:38 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 40मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:45 दोपहर53मिलाभ12:18 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 40मिशुभ5:18 शाम – 6:59 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त6:59 शाम – 7:20 शाम21मिअमृत6:59 शाम – 8:18 रात1घं 20मिचर8:18 रात – 9:38 रात1घं 20मिलाभ12:18 रात – 12:54 रात, 5 मई37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 12:17 रात – 1:36 रात, 12 मई4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:50 सुबह42मिलाभ12:17 रात – 1:36 रात, 12 मई1घं 19मिशुभ2:55 रात – 4:13 सुबह, 12 मई1घं 19मिअमृत4:13 सुबह – 5:32 सुबह, 12 मई1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चर 5:32 सुबह – 7:13 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:50 सुबह42मिचर5:32 सुबह – 7:13 सुबह1घं 41मिअमृत8:55 सुबह – 10:36 सुबह1घं 41मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिशुभ12:18 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 41मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:27 दोपहर54मिचर5:22 शाम – 7:03 शाम1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त7:03 शाम – 7:24 शाम21मिलाभ9:40 रात – 10:59 रात1घं 18मिशुभ12:17 रात – 1:36 रात, 13 मई1घं 18मिअमृत1:36 रात – 2:54 रात, 13 मई1घं 18मिचर2:54 रात – 4:13 सुबह, 13 मई1घं 18मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:35 सुबह – 12:18 दोपहर8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:47 सुबह41मिचर10:35 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 42मिअभिजित मुहूर्त11:50 सुबह – 12:45 दोपहर55मिलाभ12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 42मिशुभ5:25 शाम – 7:07 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:07 शाम – 7:28 शाम21मिअमृत7:07 शाम – 8:25 रात1घं 18मिचर8:25 रात – 9:06 रात41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:46 सुबह41मिअमृत10:11 सुबह – 10:35 सुबह24मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिशुभ12:18 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 42मिविजय मुहूर्त2:34 दोपहर – 3:29 दोपहर55मिचर5:25 शाम – 7:08 शाम1घं 42मिगोधूलि मुहूर्त7:08 शाम – 7:28 शाम21मिलाभ9:43 रात – 11:00 रात1घं 17मिशुभ12:17 रात – 1:35 रात, 20 मई1घं 17मिअमृत1:35 रात – 2:52 रात, 20 मई1घं 17मिचर2:52 रात – 4:10 सुबह, 20 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:35 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:44 सुबह41मिचर10:35 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:46 दोपहर55मिलाभ12:18 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 43मिशुभ5:28 शाम – 7:11 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:32 शाम20मिअमृत7:11 शाम – 8:28 रात1घं 17मिचर8:28 रात – 9:45 रात1घं 17मिलाभ12:18 रात – 1:35 रात, 26 मई1घं 17मिशुभ2:51 रात – 4:08 सुबह, 26 मई1घं 17मिअमृत4:08 सुबह – 5:25 सुबह, 26 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:18 दोपहर – 2:02 दोपहर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- धृति
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:44 सुबह41मिचर5:25 सुबह – 7:08 सुबह1घं 43मिअमृत8:52 सुबह – 10:35 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:46 दोपहर28मिशुभ12:18 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:36 दोपहर – 3:31 दोपहर55मिचर5:28 शाम – 7:12 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:12 शाम – 7:32 शाम20मिलाभ9:45 रात – 11:02 रात1घं 17मिशुभ12:18 रात – 1:35 रात, 27 मई1घं 17मिअमृत1:35 रात – 2:51 रात, 27 मई1घं 17मिचर2:51 रात – 4:08 सुबह, 27 मई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
जून 2028
चर 10:35 सुबह – 12:19 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह41मिचर10:35 सुबह – 12:19 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:47 दोपहर55मिलाभ12:19 दोपहर – 2:03 दोपहर1घं 44मिशुभ5:31 शाम – 7:15 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:15 शाम – 7:35 शाम20मिअमृत7:15 शाम – 8:31 रात1घं 16मिचर8:31 रात – 9:47 रात1घं 16मिलाभ12:19 रात – 1:35 रात, 2 जून1घं 16मिशुभ2:51 रात – 4:07 सुबह, 2 जून1घं 16मिअमृत4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 2 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:36 सुबह – 12:20 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर10:36 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:48 दोपहर56मिलाभ12:20 दोपहर – 2:05 दोपहर1घं 44मिशुभ5:34 शाम – 7:18 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:38 शाम20मिअमृत7:18 शाम – 8:34 रात1घं 16मिचर8:34 रात – 9:49 रात1घं 16मिलाभ12:20 रात – 1:36 रात, 9 जून1घं 16मिशुभ2:51 रात – 4:07 सुबह, 9 जून1घं 16मिअमृत4:07 सुबह – 5:22 सुबह, 9 जून1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:20 दोपहर – 2:05 दोपहर9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर5:22 सुबह – 7:07 सुबह1घं 45मिअमृत8:51 सुबह – 10:36 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:48 दोपहर28मिशुभ12:20 दोपहर – 2:05 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:40 दोपहर – 3:36 दोपहर56मिचर5:34 शाम – 7:19 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:19 शाम – 7:39 शाम20मिलाभ9:50 रात – 11:05 रात1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चर 10:37 सुबह – 12:22 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:42 सुबह40मिचर10:37 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:50 दोपहर56मिलाभ12:22 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 45मिशुभ5:36 शाम – 7:21 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिअमृत7:21 शाम – 8:36 रात1घं 15मिचर8:36 रात – 9:51 रात1घं 15मिलाभ12:22 रात – 1:37 रात, 16 जून1घं 15मिशुभ2:52 रात – 4:07 सुबह, 16 जून1घं 15मिअमृत4:07 सुबह – 5:23 सुबह, 16 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:23 सुबह – 7:08 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:02 सुबह – 4:43 सुबह40मिचर5:23 सुबह – 7:08 सुबह1घं 45मिअमृत8:52 सुबह – 10:37 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:22 दोपहर – 12:50 दोपहर28मिशुभ12:22 दोपहर – 2:07 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:42 दोपहर – 3:37 दोपहर56मिचर5:36 शाम – 7:21 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:41 शाम20मिलाभ9:51 रात – 11:07 रात1घं 15मिशुभ12:22 रात – 1:37 रात, 17 जून1घं 15मिअमृत1:37 रात – 2:52 रात, 17 जून1घं 15मिचर2:52 रात – 4:08 सुबह, 17 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:38 सुबह – 12:23 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:44 सुबह40मिचर10:38 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त11:55 सुबह – 12:51 दोपहर56मिलाभ12:23 दोपहर – 2:08 दोपहर1घं 45मिशुभ5:38 शाम – 7:22 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:43 शाम20मिअमृत7:22 शाम – 8:38 रात1घं 15मिचर8:38 रात – 9:53 रात1घं 15मिलाभ12:23 रात – 1:38 रात, 23 जून1घं 15मिशुभ2:54 रात – 4:09 सुबह, 23 जून1घं 15मिअमृत4:09 सुबह – 5:24 सुबह, 23 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:24 सुबह – 7:09 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:44 सुबह40मिचर5:24 सुबह – 7:09 सुबह1घं 45मिअमृत8:54 सुबह – 10:39 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:23 दोपहर – 12:51 दोपहर28मिशुभ12:23 दोपहर – 2:08 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त2:43 दोपहर – 3:39 दोपहर56मिचर5:38 शाम – 7:23 शाम1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिलाभ9:53 रात – 11:08 रात1घं 15मिशुभ12:24 रात – 1:39 रात, 24 जून1घं 15मिअमृत1:39 रात – 2:54 रात, 24 जून1घं 15मिचर2:54 रात – 4:09 सुबह, 24 जून1घं 15मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जुलाई 2028
लाभ 12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:48 सुबह40मिचर11:19 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 7मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:54 दोपहर56मिलाभ12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिशुभ5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिअमृत7:23 शाम – 8:39 रात1घं 16मिचर8:39 रात – 9:55 रात1घं 16मिलाभ12:26 रात – 1:42 रात, 7 जुलाई1घं 16मिशुभ2:58 रात – 4:13 सुबह, 7 जुलाई1घं 16मिअमृत4:13 सुबह – 5:29 सुबह, 7 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:08 सुबह – 4:49 सुबह40मिचर5:29 सुबह – 7:13 सुबह1घं 44मिअमृत8:58 सुबह – 10:42 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:54 दोपहर28मिशुभ12:26 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:41 दोपहर56मिचर5:39 शाम – 7:23 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:23 शाम – 7:43 शाम20मिलाभ9:55 रात – 11:10 रात1घं 16मिशुभ12:26 रात – 1:42 रात, 8 जुलाई1घं 16मिअमृत1:42 रात – 2:58 रात, 8 जुलाई1घं 16मिचर2:58 रात – 4:14 सुबह, 8 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 3:00 रात – 4:16 सुबह, 14 जुलाई5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:11 सुबह – 4:51 सुबह41मिचर10:43 सुबह – 11:22 सुबह39मिलाभ12:29 रात – 1:43 रात, 14 जुलाई1घं 14मिशुभ3:00 रात – 4:16 सुबह, 14 जुलाई1घं 16मिअमृत4:16 सुबह – 5:33 सुबह, 14 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:33 सुबह – 7:16 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:11 सुबह – 4:52 सुबह41मिचर5:33 सुबह – 7:16 सुबह1घं 44मिअमृत9:00 सुबह – 10:43 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 12:55 दोपहर28मिशुभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त2:45 दोपहर – 3:40 दोपहर55मिचर5:38 शाम – 7:21 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:42 शाम20मिलाभ9:54 रात – 11:11 रात1घं 16मिशुभ12:27 रात – 1:44 रात, 15 जुलाई1घं 16मिअमृत1:44 रात – 3:00 रात, 15 जुलाई1घं 16मिचर3:00 रात – 4:17 सुबह, 15 जुलाई1घं 16मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:44 सुबह – 12:27 दोपहर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:14 सुबह – 4:55 सुबह41मिचर10:44 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:55 दोपहर55मिलाभ12:27 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 10मिलाभ12:32 रात – 1:45 रात, 21 जुलाई1घं 13मिशुभ3:02 रात – 4:19 सुबह, 21 जुलाई1घं 17मिअमृत4:19 सुबह – 5:36 सुबह, 21 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 5:36 सुबह – 7:19 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:14 सुबह – 4:55 सुबह41मिचर5:36 सुबह – 7:19 सुबह1घं 43मिअमृत9:02 सुबह – 10:45 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 12:55 दोपहर27मिशुभ12:27 दोपहर – 2:10 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:39 दोपहर55मिचर5:36 शाम – 7:18 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:18 शाम – 7:39 शाम21मिलाभ9:53 रात – 11:10 रात1घं 17मिशुभ12:28 रात – 1:45 रात, 22 जुलाई1घं 17मिअमृत1:45 रात – 3:02 रात, 22 जुलाई1घं 17मिचर3:02 रात – 4:20 सुबह, 22 जुलाई1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अगस्त 2028
चर 10:46 सुबह – 12:27 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:19 सुबह – 5:01 सुबह42मिचर10:46 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:54 दोपहर54मिलाभ12:27 दोपहर – 2:08 दोपहर1घं 41मिशुभ5:30 शाम – 7:11 शाम1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:32 शाम21मिअमृत7:11 शाम – 8:30 रात1घं 19मिचर8:30 रात – 9:49 रात1घं 19मिलाभ12:27 रात – 1:47 रात, 4 अगस्त1घं 19मिशुभ3:06 रात – 4:25 सुबह, 4 अगस्त1घं 19मिअमृत4:25 सुबह – 5:44 सुबह, 4 अगस्त1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:47 सुबह – 12:26 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:22 सुबह – 5:05 सुबह43मिचर10:47 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:53 दोपहर53मिलाभ12:26 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 40मिशुभ5:25 शाम – 7:05 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:05 शाम – 7:26 शाम21मिअमृत7:05 शाम – 8:25 रात1घं 20मिचर8:25 रात – 9:46 रात1घं 20मिलाभ12:26 रात – 1:47 रात, 11 अगस्त1घं 20मिशुभ3:07 रात – 4:28 सुबह, 11 अगस्त1घं 20मिअमृत4:28 सुबह – 5:48 सुबह, 11 अगस्त1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:48 सुबह – 7:28 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:22 सुबह – 5:05 सुबह43मिचर5:48 सुबह – 7:28 सुबह1घं 39मिअमृत9:07 सुबह – 10:47 सुबह1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:53 दोपहर27मिशुभ12:26 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 39मिविजय मुहूर्त2:39 दोपहर – 3:32 दोपहर53मिचर5:25 शाम – 7:04 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त7:04 शाम – 7:26 शाम21मिलाभ9:45 रात – 11:06 रात1घं 21मिशुभ12:26 रात – 1:47 रात, 12 अगस्त1घं 21मिअमृत1:47 रात – 3:07 रात, 12 अगस्त1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:46 सुबह – 12:25 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:08 सुबह43मिचर10:46 सुबह – 12:25 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:51 दोपहर52मिलाभ12:25 दोपहर – 2:03 दोपहर1घं 38मिशुभ5:20 शाम – 6:58 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:58 शाम – 7:20 शाम22मिअमृत6:58 शाम – 8:20 रात1घं 22मिचर8:20 रात – 9:42 रात1घं 22मिलाभ12:25 रात – 1:47 रात, 18 अगस्त1घं 22मिशुभ3:08 रात – 4:30 सुबह, 18 अगस्त1घं 22मिअमृत4:30 सुबह – 5:52 सुबह, 18 अगस्त1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:08 सुबह – 10:46 सुबह9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:25 सुबह – 5:08 सुबह44मिचर5:52 सुबह – 7:30 सुबह1घं 38मिअमृत9:08 सुबह – 10:46 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:51 दोपहर26मिशुभ12:25 दोपहर – 2:03 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त2:36 दोपहर – 3:28 दोपहर52मिचर5:19 शाम – 6:57 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:57 शाम – 7:19 शाम22मिलाभ9:41 रात – 11:01 रात1घं 19मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 9:09 सुबह – 10:46 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:11 सुबह44मिचर5:56 सुबह – 7:32 सुबह1घं 37मिअमृत9:09 सुबह – 10:46 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:23 दोपहर – 12:49 दोपहर26मिशुभ12:23 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:24 दोपहर52मिचर5:13 शाम – 6:50 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:50 शाम – 7:12 शाम22मिलाभ9:37 रात – 11:00 रात1घं 23मिशुभ12:23 रात – 1:46 रात, 26 अगस्त1घं 23मिअमृत1:46 रात – 3:10 रात, 26 अगस्त1घं 23मिचर3:10 रात – 4:33 सुबह, 26 अगस्त1घं 23मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
सितंबर 2028
शुभ 5:01 शाम – 6:35 शाम9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:16 सुबह46मिलाभ12:27 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 26मिशुभ5:01 शाम – 6:35 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:58 शाम23मिअमृत6:35 शाम – 8:01 रात1घं 26मिचर8:01 रात – 9:27 रात1घं 26मिलाभ12:19 रात – 1:45 रात, 8 सितंबर1घं 26मिशुभ3:11 रात – 4:37 सुबह, 8 सितंबर1घं 26मिअमृत4:37 सुबह – 6:03 सुबह, 8 सितंबर1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 4:54 शाम – 6:27 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:32 सुबह – 5:19 सुबह46मिशुभ4:54 शाम – 6:27 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:50 शाम23मिअमृत6:27 शाम – 7:55 शाम1घं 27मिचर7:55 शाम – 9:22 रात1घं 27मिलाभ12:17 रात – 1:44 रात, 15 सितंबर1घं 27मिशुभ3:11 रात – 4:39 सुबह, 15 सितंबर1घं 27मिअमृत4:39 सुबह – 6:06 सुबह, 15 सितंबर1घं 27मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:06 सुबह – 7:38 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:19 सुबह47मिचर6:06 सुबह – 7:38 सुबह1घं 33मिअमृत9:11 सुबह – 10:43 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:16 दोपहर – 12:41 दोपहर25मिशुभ12:16 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:09 दोपहर49मिचर4:53 शाम – 6:26 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:49 शाम23मिलाभ9:21 रात – 10:49 रात1घं 28मिशुभ12:16 रात – 1:44 रात, 16 सितंबर1घं 28मिअमृत1:44 रात – 3:11 रात, 16 सितंबर1घं 28मिचर3:11 रात – 4:39 सुबह, 16 सितंबर1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"