संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 38 शुभ दिन · लंदन · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
चर 6:40 सुबह – 8:13 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:08 सुबह – 5:54 सुबह46मिचर6:40 सुबह – 8:13 सुबह1घं 34मिलाभ10:02 रात – 11:28 रात1घं 27मिशुभ12:55 रात – 2:22 रात, 19 सितंबर1घं 27मिअमृत2:22 रात – 3:48 रात, 19 सितंबर1घं 27मिचर3:48 रात – 5:15 सुबह, 19 सितंबर1घं 27मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चर 11:21 सुबह – 12:52 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:02 सुबह47मिचर11:21 सुबह – 12:52 दोपहर1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:16 दोपहर48मिलाभ12:52 दोपहर – 2:23 दोपहर1घं 31मिशुभ5:24 शाम – 6:55 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:55 शाम – 7:19 शाम24मिअमृत6:55 शाम – 8:24 रात1घं 30मिचर8:24 रात – 9:54 रात1घं 30मिलाभ12:53 रात – 2:22 रात, 25 सितंबर1घं 30मिशुभ3:52 रात – 5:21 सुबह, 25 सितंबर1घं 30मिअमृत5:21 सुबह – 6:51 सुबह, 25 सितंबर1घं 30मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:51 सुबह – 11:22 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:03 सुबह48मिचर6:51 सुबह – 8:21 सुबह1घं 30मिअमृत9:51 सुबह – 11:22 सुबह1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:16 दोपहर24मिशुभ12:52 दोपहर – 2:22 दोपहर1घं 30मिविजय मुहूर्त2:52 दोपहर – 3:40 दोपहर48मिचर5:22 शाम – 6:37 शाम1घं 15मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अक्तूबर 2026
अमृत 6:39 शाम – 8:12 रात10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:11 सुबह49मिचर11:22 सुबह – 12:50 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:13 दोपहर47मिलाभ12:50 दोपहर – 2:17 दोपहर1घं 27मिशुभ5:11 शाम – 6:39 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:39 शाम – 7:03 शाम25मिअमृत6:39 शाम – 8:12 रात1घं 33मिचर8:12 रात – 9:45 रात1घं 33मिलाभ12:51 रात – 2:23 रात, 2 अक्तूबर1घं 33मिशुभ3:56 रात – 5:29 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 33मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
लाभ 9:43 रात – 11:17 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:13 सुबह50मिचर5:10 शाम – 6:36 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:36 शाम – 7:01 शाम25मिलाभ9:43 रात – 11:17 रात1घं 33मिशुभ12:50 रात – 2:24 रात, 3 अक्तूबर1घं 33मिअमृत2:24 रात – 3:57 रात, 3 अक्तूबर1घं 33मिचर3:57 रात – 5:31 सुबह, 3 अक्तूबर1घं 33मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:38 सुबह – 7:14 सुबह, 9 अक्तूबर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:30 सुबह – 6:21 सुबह51मिचर11:24 सुबह – 12:48 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 1:10 दोपहर45मिलाभ12:48 दोपहर – 2:11 दोपहर1घं 24मिशुभ4:59 शाम – 5:46 शाम47मिअमृत5:38 सुबह – 7:14 सुबह, 9 अक्तूबर1घं 36मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चर 7:47 शाम – 9:27 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:38 सुबह – 6:31 सुबह53मिचर11:25 सुबह – 12:46 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 1:07 दोपहर43मिलाभ12:46 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 20मिशुभ4:47 शाम – 6:08 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम27मिअमृत6:08 शाम – 7:47 शाम1घं 40मिचर7:47 शाम – 9:27 रात1घं 40मिलाभ12:47 रात – 2:26 रात, 16 अक्तूबर1घं 40मिशुभ4:06 सुबह – 5:46 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 40मिअमृत5:46 सुबह – 7:26 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:07 सुबह – 5:47 सुबह, 17 अक्तूबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:39 सुबह – 6:33 सुबह53मिचर7:26 सुबह – 8:46 सुबह1घं 20मिअमृत10:06 सुबह – 11:26 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:46 दोपहर – 1:07 दोपहर21मिशुभ12:46 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:15 दोपहर43मिचर4:46 शाम – 6:06 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:32 शाम27मिलाभ9:26 रात – 11:06 रात1घं 40मिशुभ12:47 रात – 2:27 रात, 17 अक्तूबर1घं 40मिअमृत2:27 रात – 4:07 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 40मिचर4:07 सुबह – 5:47 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 5:53 शाम – 7:36 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:47 सुबह – 6:41 सुबह55मिचर11:27 सुबह – 12:45 दोपहर1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 1:05 दोपहर41मिलाभ12:45 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 17मिशुभ4:36 शाम – 5:53 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:53 शाम – 6:21 शाम27मिअमृत5:53 शाम – 7:36 शाम1घं 43मिचर7:36 शाम – 9:19 रात1घं 43मिलाभ12:45 रात – 2:29 रात, 23 अक्तूबर1घं 43मिशुभ4:12 सुबह – 5:55 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 43मिअमृत5:55 सुबह – 7:38 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 43मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:18 रात – 11:02 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:48 सुबह – 6:43 सुबह55मिचर7:38 सुबह – 8:54 सुबह1घं 17मिअमृत10:11 सुबह – 11:28 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:44 दोपहर – 1:05 दोपहर20मिशुभ12:44 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:08 दोपहर41मिचर4:34 शाम – 5:51 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:19 शाम28मिलाभ9:18 रात – 11:02 रात1घं 44मिशुभ12:45 रात – 2:29 रात, 24 अक्तूबर1घं 44मिअमृत2:29 रात – 4:12 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 44मिचर4:12 सुबह – 5:56 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 44मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 7:26 शाम – 9:12 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:55 सुबह – 6:52 सुबह56मिचर11:30 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 14मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 1:04 दोपहर39मिलाभ12:44 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 14मिशुभ4:25 शाम – 5:39 शाम1घं 14मिगोधूलि मुहूर्त5:39 शाम – 6:08 शाम28मिअमृत5:39 शाम – 7:26 शाम1घं 46मिचर7:26 शाम – 9:12 रात1घं 46मिलाभ12:45 रात – 2:31 रात, 30 अक्तूबर1घं 46मिशुभ4:17 सुबह – 6:04 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 46मिअमृत6:04 सुबह – 7:50 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 46मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:45 रात – 2:31 रात, 31 अक्तूबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:57 सुबह – 6:53 सुबह57मिचर7:50 सुबह – 9:04 सुबह1घं 13मिअमृत10:17 सुबह – 11:30 सुबह1घं 13मिशुभ12:44 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:01 दोपहर39मिचर4:24 शाम – 5:38 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:38 शाम – 6:06 शाम28मिलाभ9:11 रात – 10:58 रात1घं 47मिशुभ12:45 रात – 2:31 रात, 31 अक्तूबर1घं 47मिअमृत2:31 रात – 4:18 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 47मिचर4:18 सुबह – 6:05 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 47मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
नवंबर 2026
अमृत 5:16 शाम – 7:08 शाम9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:14 सुबह – 7:13 सुबह1घंचर11:36 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:02 दोपहर36मिलाभ12:44 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 8मिशुभ4:08 शाम – 5:16 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:16 शाम – 5:46 शाम30मिअमृत5:16 शाम – 7:08 शाम1घं 52मिचर7:08 शाम – 9:00 रात1घं 52मिलाभ12:45 रात – 2:38 रात, 13 नवंबर1घं 52मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 9:00 रात – 10:53 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:15 सुबह – 7:15 सुबह1घंचर4:13 शाम – 5:14 शाम1घं 1मिगोधूलि मुहूर्त5:14 शाम – 5:44 शाम30मिलाभ9:00 रात – 10:53 रात1घं 53मिशुभ12:45 रात – 2:38 रात, 14 नवंबर1घं 53मिअमृत2:38 रात – 4:31 सुबह, 14 नवंबर1घं 53मिचर4:31 सुबह – 6:24 सुबह, 14 नवंबर1घं 53मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
अमृत 6:31 सुबह – 8:27 सुबह, 20 नवंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:23 सुबह – 7:24 सुबह1घं 1मिचर11:40 सुबह – 12:46 दोपहर1घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:03 दोपहर35मिलाभ12:46 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 5मिशुभ4:01 शाम – 5:06 शाम1घं 5मिगोधूलि मुहूर्त5:06 शाम – 5:37 शाम31मिअमृत5:06 शाम – 7:01 शाम1घं 55मिचर7:01 शाम – 8:56 रात1घं 55मिलाभ12:46 रात – 2:41 रात, 20 नवंबर1घं 55मिशुभ4:36 सुबह – 6:31 सुबह, 20 नवंबर1घं 55मिअमृत6:31 सुबह – 8:27 सुबह, 20 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:37 सुबह – 6:33 सुबह, 21 नवंबर7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:24 सुबह – 7:25 सुबह1घं 1मिचर8:27 सुबह – 9:31 सुबह1घं 5मिअमृत10:36 सुबह – 11:41 सुबह1घं 5मिशुभ12:46 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 5मिशुभ2:02 रात – 2:42 रात, 21 नवंबर40मिअमृत2:42 रात – 4:37 सुबह, 21 नवंबर1घं 55मिचर4:37 सुबह – 6:33 सुबह, 21 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:40 सुबह – 8:38 सुबह, 27 नवंबर9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:31 सुबह – 7:34 सुबह1घं 2मिचर11:45 सुबह – 12:48 दोपहर1घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 1:04 दोपहर34मिलाभ12:48 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 3मिशुभ3:56 दोपहर – 4:59 शाम1घं 3मिगोधूलि मुहूर्त4:59 शाम – 5:30 शाम31मिअमृत4:59 शाम – 6:56 शाम1घं 57मिशुभ5:19 सुबह – 6:40 सुबह, 27 नवंबर1घं 21मिअमृत6:40 सुबह – 8:38 सुबह, 27 नवंबर1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
शुभ 12:49 रात – 2:46 रात, 28 नवंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 4
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:32 सुबह – 7:35 सुबह1घं 3मिचर8:38 सुबह – 9:40 सुबह1घं 3मिअमृत10:43 सुबह – 11:45 सुबह1घं 3मिशुभ12:48 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 3मिविजय मुहूर्त2:11 दोपहर – 2:45 दोपहर33मिचर3:56 दोपहर – 4:58 शाम1घं 3मिगोधूलि मुहूर्त4:58 शाम – 5:30 शाम31मिलाभ8:53 रात – 10:51 रात1घं 58मिशुभ12:49 रात – 2:46 रात, 28 नवंबर1घं 58मिअमृत2:46 रात – 4:44 सुबह, 28 नवंबर1घं 58मिचर4:44 सुबह – 6:41 सुबह, 28 नवंबर1घं 58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
चर 6:52 शाम – 8:53 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:46 सुबह – 7:50 सुबह1घं 4मिचर11:54 सुबह – 12:53 दोपहर1घंअभिजित मुहूर्त12:37 दोपहर – 1:09 दोपहर32मिलाभ12:53 दोपहर – 1:53 दोपहर1घंशुभ3:52 दोपहर – 4:52 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:24 शाम32मिअमृत4:52 शाम – 6:52 शाम2घंचर6:52 शाम – 8:53 रात2घंलाभ12:54 रात – 2:54 रात, 11 दिसंबर2घंशुभ4:55 सुबह – 6:55 सुबह, 11 दिसंबर2घंअमृत6:55 सुबह – 8:56 सुबह, 11 दिसंबर2घंसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:53 रात – 10:54 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:47 सुबह – 7:51 सुबह1घं 4मिचर8:56 सुबह – 9:55 सुबह1घंअमृत10:55 सुबह – 11:54 सुबह1घंशुभ12:54 दोपहर – 1:53 दोपहर1घंविजय मुहूर्त2:13 दोपहर – 2:45 दोपहर32मिचर3:52 दोपहर – 4:52 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:24 शाम32मिलाभ8:53 रात – 10:54 रात2घं 1मिशुभ12:54 रात – 2:55 रात, 12 दिसंबर2घं 1मिअमृत2:55 रात – 4:55 सुबह, 12 दिसंबर2घं 1मिचर4:55 सुबह – 6:56 सुबह, 12 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 4:52 शाम – 6:53 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:52 सुबह – 7:56 सुबह1घं 5मिचर11:58 सुबह – 12:57 दोपहर59मिअभिजित मुहूर्त12:41 दोपहर – 1:12 दोपहर31मिलाभ12:57 दोपहर – 1:56 दोपहर59मिशुभ3:53 दोपहर – 4:52 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:25 शाम32मिअमृत4:52 शाम – 6:53 शाम2घं 1मिचर6:53 शाम – 8:55 रात2घं 1मिलाभ12:57 रात – 2:58 रात, 18 दिसंबर2घं 1मिशुभ4:59 सुबह – 7:00 सुबह, 18 दिसंबर2घं 1मिअमृत7:00 सुबह – 9:02 सुबह, 18 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:57 रात – 2:59 रात, 19 दिसंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:52 सुबह – 7:57 सुबह1घं 5मिचर9:02 सुबह – 10:00 सुबह59मिअमृत10:59 सुबह – 11:58 सुबह59मिशुभ12:57 दोपहर – 1:56 दोपहर59मिविजय मुहूर्त2:16 दोपहर – 2:47 दोपहर31मिचर3:54 दोपहर – 4:53 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:53 शाम – 5:25 शाम32मिलाभ8:55 रात – 10:56 रात2घं 1मिशुभ12:57 रात – 2:59 रात, 19 दिसंबर2घं 1मिअमृत2:59 रात – 5:00 सुबह, 19 दिसंबर2घं 1मिचर5:00 सुबह – 7:01 सुबह, 19 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 4:56 शाम – 6:57 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:55 सुबह – 8:00 सुबह1घं 5मिचर12:01 दोपहर – 1:00 दोपहर59मिअभिजित मुहूर्त12:44 दोपहर – 1:16 दोपहर31मिलाभ1:00 दोपहर – 1:59 दोपहर59मिशुभ3:57 दोपहर – 4:56 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:56 शाम – 5:28 शाम32मिअमृत4:56 शाम – 6:57 शाम2घं 1मिचर6:57 शाम – 8:58 रात2घं 1मिलाभ1:00 रात – 3:01 रात, 25 दिसंबर2घं 1मिशुभ5:03 सुबह – 7:04 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिअमृत7:04 सुबह – 9:05 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:58 रात – 11:00 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:56 सुबह – 8:00 सुबह1घं 5मिचर9:05 सुबह – 10:04 सुबह59मिअमृत11:03 सुबह – 12:02 दोपहर59मिशुभ1:01 दोपहर – 1:59 दोपहर59मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 2:51 दोपहर31मिचर3:57 दोपहर – 4:56 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:56 शाम – 5:28 शाम32मिलाभ8:58 रात – 11:00 रात2घं 1मिशुभ1:01 रात – 3:02 रात, 26 दिसंबर2घं 1मिअमृत3:02 रात – 5:03 सुबह, 26 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
चर 7:09 शाम – 9:08 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:57 सुबह – 8:01 सुबह1घं 4मिचर12:06 दोपहर – 1:07 दोपहर1घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:51 दोपहर – 1:23 दोपहर32मिलाभ1:07 दोपहर – 2:07 दोपहर1घं 1मिशुभ4:09 शाम – 5:09 शाम1घं 1मिगोधूलि मुहूर्त5:09 शाम – 5:41 शाम32मिअमृत5:09 शाम – 7:09 शाम1घं 59मिचर7:09 शाम – 9:08 रात1घं 59मिलाभ1:07 रात – 3:06 रात, 8 जनवरी1घं 59मिशुभ5:05 सुबह – 7:05 सुबह, 8 जनवरी1घं 59मिअमृत7:05 सुबह – 9:04 सुबह, 8 जनवरी1घं 59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 7:17 शाम – 9:14 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:54 सुबह – 7:57 सुबह1घं 3मिचर12:07 दोपहर – 1:10 दोपहर1घं 2मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:26 दोपहर33मिलाभ1:10 दोपहर – 2:12 दोपहर1घं 2मिशुभ4:17 शाम – 5:19 शाम1घं 2मिगोधूलि मुहूर्त5:19 शाम – 5:51 शाम31मिअमृत5:19 शाम – 7:17 शाम1घं 57मिचर7:17 शाम – 9:14 रात1घं 57मिलाभ1:09 रात – 3:07 रात, 15 जनवरी1घं 57मिशुभ5:04 सुबह – 7:02 सुबह, 15 जनवरी1घं 57मिअमृत7:02 सुबह – 8:59 सुबह, 15 जनवरी1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 1:10 रात – 3:07 रात, 16 जनवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:54 सुबह – 7:57 सुबह1घं 3मिचर8:59 सुबह – 9:44 सुबह45मिलाभ9:35 रात – 11:12 रात1घं 38मिशुभ1:10 रात – 3:07 रात, 16 जनवरी1घं 57मिअमृत3:07 रात – 5:04 सुबह, 16 जनवरी1घं 57मिचर5:04 सुबह – 7:01 सुबह, 16 जनवरी1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 5:02 सुबह – 6:57 सुबह, 22 जनवरी7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:50 सुबह – 7:52 सुबह1घं 2मिचर12:07 दोपहर – 1:12 दोपहर1घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:55 दोपहर – 1:29 दोपहर34मिलाभ1:12 दोपहर – 2:17 दोपहर1घं 5मिशुभ4:26 शाम – 5:01 शाम35मिशुभ5:02 सुबह – 6:57 सुबह, 22 जनवरी1घं 55मिअमृत6:57 सुबह – 8:52 सुबह, 22 जनवरी1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 1:12 रात – 3:07 रात, 23 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:49 सुबह – 7:51 सुबह1घं 1मिचर8:52 सुबह – 9:57 सुबह1घं 5मिअमृत11:02 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 5मिशुभ1:12 दोपहर – 2:17 दोपहर1घं 5मिविजय मुहूर्त2:39 दोपहर – 3:14 दोपहर35मिचर4:27 शाम – 5:32 शाम1घं 5मिगोधूलि मुहूर्त5:32 शाम – 6:03 शाम31मिलाभ9:22 रात – 11:17 रात1घं 55मिशुभ1:12 रात – 3:07 रात, 23 जनवरी1घं 55मिअमृत3:07 रात – 5:01 सुबह, 23 जनवरी1घं 55मिचर5:01 सुबह – 6:56 सुबह, 23 जनवरी1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 1:13 रात – 3:05 रात, 30 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:43 सुबह – 7:43 सुबह1घंचर8:43 सुबह – 9:51 सुबह1घं 8मिअमृत10:59 सुबह – 12:06 दोपहर1घं 8मिशुभ1:14 दोपहर – 2:22 दोपहर1घं 8मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:20 दोपहर36मिचर4:37 शाम – 5:44 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:44 शाम – 6:14 शाम30मिलाभ9:29 रात – 11:21 रात1घं 52मिशुभ1:13 रात – 3:05 रात, 30 जनवरी1घं 52मिअमृत3:05 रात – 4:57 सुबह, 30 जनवरी1घं 52मिचर4:57 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी1घं 52मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
शुभ 4:53 सुबह – 6:43 सुबह, 5 फ़रवरी4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त6:37 सुबह – 7:35 सुबह59मिलाभ1:20 रात – 3:04 रात, 5 फ़रवरी1घं 43मिशुभ4:53 सुबह – 6:43 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 50मिअमृत6:43 सुबह – 8:32 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 50मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:55 शाम – 9:41 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:28 सुबह – 7:25 सुबह57मिचर12:02 दोपहर – 1:15 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त12:56 दोपहर – 1:35 दोपहर39मिलाभ1:15 दोपहर – 2:28 दोपहर1घं 13मिशुभ4:55 शाम – 6:08 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:37 शाम28मिअमृत6:08 शाम – 7:55 शाम1घं 47मिचर7:55 शाम – 9:41 रात1घं 47मिलाभ1:14 रात – 3:01 रात, 12 फ़रवरी1घं 47मिशुभ4:47 सुबह – 6:34 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिअमृत6:34 सुबह – 8:20 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 8:04 रात – 9:47 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:18 सुबह – 7:13 सुबह55मिचर11:58 सुबह – 1:15 दोपहर1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:54 दोपहर – 1:35 दोपहर41मिलाभ1:15 दोपहर – 2:31 दोपहर1घं 17मिशुभ5:04 शाम – 6:21 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त6:21 शाम – 6:48 शाम28मिअमृत6:21 शाम – 8:04 रात1घं 43मिचर8:04 रात – 9:47 रात1घं 43मिलाभ1:14 रात – 2:57 रात, 19 फ़रवरी1घं 43मिशुभ4:40 सुबह – 6:24 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 43मिअमृत6:24 सुबह – 8:07 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 43मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:48 रात – 11:31 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:17 सुबह – 7:12 सुबह55मिचर8:07 सुबह – 9:24 सुबह1घं 17मिअमृत10:41 सुबह – 11:58 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिशुभ1:15 दोपहर – 2:32 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:57 दोपहर – 3:38 दोपहर41मिचर5:06 शाम – 6:23 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:50 शाम27मिलाभ9:48 रात – 11:31 रात1घं 43मिशुभ1:14 रात – 2:56 रात, 20 फ़रवरी1घं 43मिअमृत2:56 रात – 3:30 रात, 20 फ़रवरी34मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 8:13 रात – 9:53 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:07 सुबह – 7:01 सुबह54मिचर11:54 सुबह – 1:14 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:35 दोपहर43मिलाभ1:14 दोपहर – 2:34 दोपहर1घं 20मिशुभ5:14 शाम – 6:33 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 7:00 शाम27मिअमृत6:33 शाम – 8:13 रात1घं 40मिचर8:13 रात – 9:53 रात1घं 40मिलाभ1:13 रात – 2:53 रात, 26 फ़रवरी1घं 40मिशुभ4:33 सुबह – 6:13 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 40मिअमृत6:13 सुबह – 7:52 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:44 सुबह – 6:11 सुबह, 27 फ़रवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:06 सुबह – 6:59 सुबह53मिचर7:52 सुबह – 9:13 सुबह1घं 20मिअमृत10:33 सुबह – 11:53 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिशुभ1:14 दोपहर – 2:34 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त3:01 दोपहर – 3:44 दोपहर43मिचर4:44 सुबह – 6:11 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 27मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
मार्च 2027
लाभ 1:08 रात – 2:37 रात, 19 मार्च5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:32 सुबह – 6:20 सुबह48मिचर9:22 रात – 10:09 रात47मिलाभ1:08 रात – 2:37 रात, 19 मार्च1घं 29मिशुभ4:07 सुबह – 5:36 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिअमृत5:36 सुबह – 7:06 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:06 सुबह – 8:37 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:30 सुबह – 6:18 सुबह48मिचर7:06 सुबह – 8:37 सुबह1घं 31मिअमृत10:07 सुबह – 11:38 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त1:09 दोपहर – 1:33 दोपहर24मिशुभ1:09 दोपहर – 2:40 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त3:10 दोपहर – 3:58 दोपहर48मिचर5:41 शाम – 7:12 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त7:12 शाम – 7:35 शाम24मिलाभ10:10 रात – 11:39 रात1घं 29मिशुभ1:08 रात – 2:37 रात, 20 मार्च1घं 29मिअमृत2:37 रात – 4:06 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिचर4:06 सुबह – 5:35 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"