संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 143 शुभ दिन · लंदन · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
चर 6:40 सुबह – 8:13 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:08 सुबह – 5:54 सुबह46मिचर6:40 सुबह – 8:13 सुबह1घं 34मिलाभ10:02 रात – 11:28 रात1घं 27मिशुभ12:55 रात – 2:22 रात, 19 सितंबर1घं 27मिअमृत2:22 रात – 3:48 रात, 19 सितंबर1घं 27मिचर3:48 रात – 5:15 सुबह, 19 सितंबर1घं 27मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चर 11:21 सुबह – 12:52 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:02 सुबह47मिचर11:21 सुबह – 12:52 दोपहर1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:16 दोपहर48मिलाभ12:52 दोपहर – 2:23 दोपहर1घं 31मिशुभ5:24 शाम – 6:55 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:55 शाम – 7:19 शाम24मिअमृत6:55 शाम – 8:24 रात1घं 30मिचर8:24 रात – 9:54 रात1घं 30मिलाभ12:53 रात – 2:22 रात, 25 सितंबर1घं 30मिशुभ3:52 रात – 5:21 सुबह, 25 सितंबर1घं 30मिअमृत5:21 सुबह – 6:51 सुबह, 25 सितंबर1घं 30मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 9:51 सुबह – 11:22 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:03 सुबह48मिचर6:51 सुबह – 8:21 सुबह1घं 30मिअमृत9:51 सुबह – 11:22 सुबह1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:16 दोपहर24मिशुभ12:52 दोपहर – 2:22 दोपहर1घं 30मिविजय मुहूर्त2:52 दोपहर – 3:40 दोपहर48मिचर5:22 शाम – 6:37 शाम1घं 15मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अक्तूबर 2026
अमृत 6:39 शाम – 8:12 रात10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:11 सुबह49मिचर11:22 सुबह – 12:50 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:13 दोपहर47मिलाभ12:50 दोपहर – 2:17 दोपहर1घं 27मिशुभ5:11 शाम – 6:39 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:39 शाम – 7:03 शाम25मिअमृत6:39 शाम – 8:12 रात1घं 33मिचर8:12 रात – 9:45 रात1घं 33मिलाभ12:51 रात – 2:23 रात, 2 अक्तूबर1घं 33मिशुभ3:56 रात – 5:29 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 33मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
लाभ 9:43 रात – 11:17 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:13 सुबह50मिचर5:10 शाम – 6:36 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:36 शाम – 7:01 शाम25मिलाभ9:43 रात – 11:17 रात1घं 33मिशुभ12:50 रात – 2:24 रात, 3 अक्तूबर1घं 33मिअमृत2:24 रात – 3:57 रात, 3 अक्तूबर1घं 33मिचर3:57 रात – 5:31 सुबह, 3 अक्तूबर1घं 33मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:38 सुबह – 7:14 सुबह, 9 अक्तूबर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:30 सुबह – 6:21 सुबह51मिचर11:24 सुबह – 12:48 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 1:10 दोपहर45मिलाभ12:48 दोपहर – 2:11 दोपहर1घं 24मिशुभ4:59 शाम – 5:46 शाम47मिअमृत5:38 सुबह – 7:14 सुबह, 9 अक्तूबर1घं 36मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चर 7:47 शाम – 9:27 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:38 सुबह – 6:31 सुबह53मिचर11:25 सुबह – 12:46 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 1:07 दोपहर43मिलाभ12:46 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 20मिशुभ4:47 शाम – 6:08 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम27मिअमृत6:08 शाम – 7:47 शाम1घं 40मिचर7:47 शाम – 9:27 रात1घं 40मिलाभ12:47 रात – 2:26 रात, 16 अक्तूबर1घं 40मिशुभ4:06 सुबह – 5:46 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 40मिअमृत5:46 सुबह – 7:26 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:07 सुबह – 5:47 सुबह, 17 अक्तूबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:39 सुबह – 6:33 सुबह53मिचर7:26 सुबह – 8:46 सुबह1घं 20मिअमृत10:06 सुबह – 11:26 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:46 दोपहर – 1:07 दोपहर21मिशुभ12:46 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:32 दोपहर – 3:15 दोपहर43मिचर4:46 शाम – 6:06 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:32 शाम27मिलाभ9:26 रात – 11:06 रात1घं 40मिशुभ12:47 रात – 2:27 रात, 17 अक्तूबर1घं 40मिअमृत2:27 रात – 4:07 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 40मिचर4:07 सुबह – 5:47 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 5:53 शाम – 7:36 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:47 सुबह – 6:41 सुबह55मिचर11:27 सुबह – 12:45 दोपहर1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 1:05 दोपहर41मिलाभ12:45 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 17मिशुभ4:36 शाम – 5:53 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:53 शाम – 6:21 शाम27मिअमृत5:53 शाम – 7:36 शाम1घं 43मिचर7:36 शाम – 9:19 रात1घं 43मिलाभ12:45 रात – 2:29 रात, 23 अक्तूबर1घं 43मिशुभ4:12 सुबह – 5:55 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 43मिअमृत5:55 सुबह – 7:38 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 43मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:18 रात – 11:02 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:48 सुबह – 6:43 सुबह55मिचर7:38 सुबह – 8:54 सुबह1घं 17मिअमृत10:11 सुबह – 11:28 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:44 दोपहर – 1:05 दोपहर20मिशुभ12:44 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:08 दोपहर41मिचर4:34 शाम – 5:51 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:51 शाम – 6:19 शाम28मिलाभ9:18 रात – 11:02 रात1घं 44मिशुभ12:45 रात – 2:29 रात, 24 अक्तूबर1घं 44मिअमृत2:29 रात – 4:12 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 44मिचर4:12 सुबह – 5:56 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 44मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 7:26 शाम – 9:12 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:55 सुबह – 6:52 सुबह56मिचर11:30 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 14मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 1:04 दोपहर39मिलाभ12:44 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 14मिशुभ4:25 शाम – 5:39 शाम1घं 14मिगोधूलि मुहूर्त5:39 शाम – 6:08 शाम28मिअमृत5:39 शाम – 7:26 शाम1घं 46मिचर7:26 शाम – 9:12 रात1घं 46मिलाभ12:45 रात – 2:31 रात, 30 अक्तूबर1घं 46मिशुभ4:17 सुबह – 6:04 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 46मिअमृत6:04 सुबह – 7:50 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 46मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:45 रात – 2:31 रात, 31 अक्तूबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:57 सुबह – 6:53 सुबह57मिचर7:50 सुबह – 9:04 सुबह1घं 13मिअमृत10:17 सुबह – 11:30 सुबह1घं 13मिशुभ12:44 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:01 दोपहर39मिचर4:24 शाम – 5:38 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:38 शाम – 6:06 शाम28मिलाभ9:11 रात – 10:58 रात1घं 47मिशुभ12:45 रात – 2:31 रात, 31 अक्तूबर1घं 47मिअमृत2:31 रात – 4:18 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 47मिचर4:18 सुबह – 6:05 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 47मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
नवंबर 2026
अमृत 5:16 शाम – 7:08 शाम9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:14 सुबह – 7:13 सुबह1घंचर11:36 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:02 दोपहर36मिलाभ12:44 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 8मिशुभ4:08 शाम – 5:16 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:16 शाम – 5:46 शाम30मिअमृत5:16 शाम – 7:08 शाम1घं 52मिचर7:08 शाम – 9:00 रात1घं 52मिलाभ12:45 रात – 2:38 रात, 13 नवंबर1घं 52मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
लाभ 9:00 रात – 10:53 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:15 सुबह – 7:15 सुबह1घंचर4:13 शाम – 5:14 शाम1घं 1मिगोधूलि मुहूर्त5:14 शाम – 5:44 शाम30मिलाभ9:00 रात – 10:53 रात1घं 53मिशुभ12:45 रात – 2:38 रात, 14 नवंबर1घं 53मिअमृत2:38 रात – 4:31 सुबह, 14 नवंबर1घं 53मिचर4:31 सुबह – 6:24 सुबह, 14 नवंबर1घं 53मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
अमृत 6:31 सुबह – 8:27 सुबह, 20 नवंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:23 सुबह – 7:24 सुबह1घं 1मिचर11:40 सुबह – 12:46 दोपहर1घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:03 दोपहर35मिलाभ12:46 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 5मिशुभ4:01 शाम – 5:06 शाम1घं 5मिगोधूलि मुहूर्त5:06 शाम – 5:37 शाम31मिअमृत5:06 शाम – 7:01 शाम1घं 55मिचर7:01 शाम – 8:56 रात1घं 55मिलाभ12:46 रात – 2:41 रात, 20 नवंबर1घं 55मिशुभ4:36 सुबह – 6:31 सुबह, 20 नवंबर1घं 55मिअमृत6:31 सुबह – 8:27 सुबह, 20 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:37 सुबह – 6:33 सुबह, 21 नवंबर7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:24 सुबह – 7:25 सुबह1घं 1मिचर8:27 सुबह – 9:31 सुबह1घं 5मिअमृत10:36 सुबह – 11:41 सुबह1घं 5मिशुभ12:46 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 5मिशुभ2:02 रात – 2:42 रात, 21 नवंबर40मिअमृत2:42 रात – 4:37 सुबह, 21 नवंबर1घं 55मिचर4:37 सुबह – 6:33 सुबह, 21 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:40 सुबह – 8:38 सुबह, 27 नवंबर9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:31 सुबह – 7:34 सुबह1घं 2मिचर11:45 सुबह – 12:48 दोपहर1घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 1:04 दोपहर34मिलाभ12:48 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 3मिशुभ3:56 दोपहर – 4:59 शाम1घं 3मिगोधूलि मुहूर्त4:59 शाम – 5:30 शाम31मिअमृत4:59 शाम – 6:56 शाम1घं 57मिशुभ5:19 सुबह – 6:40 सुबह, 27 नवंबर1घं 21मिअमृत6:40 सुबह – 8:38 सुबह, 27 नवंबर1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
शुभ 12:49 रात – 2:46 रात, 28 नवंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 4
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:32 सुबह – 7:35 सुबह1घं 3मिचर8:38 सुबह – 9:40 सुबह1घं 3मिअमृत10:43 सुबह – 11:45 सुबह1घं 3मिशुभ12:48 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 3मिविजय मुहूर्त2:11 दोपहर – 2:45 दोपहर33मिचर3:56 दोपहर – 4:58 शाम1घं 3मिगोधूलि मुहूर्त4:58 शाम – 5:30 शाम31मिलाभ8:53 रात – 10:51 रात1घं 58मिशुभ12:49 रात – 2:46 रात, 28 नवंबर1घं 58मिअमृत2:46 रात – 4:44 सुबह, 28 नवंबर1घं 58मिचर4:44 सुबह – 6:41 सुबह, 28 नवंबर1घं 58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
चर 6:52 शाम – 8:53 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:46 सुबह – 7:50 सुबह1घं 4मिचर11:54 सुबह – 12:53 दोपहर1घंअभिजित मुहूर्त12:37 दोपहर – 1:09 दोपहर32मिलाभ12:53 दोपहर – 1:53 दोपहर1घंशुभ3:52 दोपहर – 4:52 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:24 शाम32मिअमृत4:52 शाम – 6:52 शाम2घंचर6:52 शाम – 8:53 रात2घंलाभ12:54 रात – 2:54 रात, 11 दिसंबर2घंशुभ4:55 सुबह – 6:55 सुबह, 11 दिसंबर2घंअमृत6:55 सुबह – 8:56 सुबह, 11 दिसंबर2घंसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:53 रात – 10:54 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:47 सुबह – 7:51 सुबह1घं 4मिचर8:56 सुबह – 9:55 सुबह1घंअमृत10:55 सुबह – 11:54 सुबह1घंशुभ12:54 दोपहर – 1:53 दोपहर1घंविजय मुहूर्त2:13 दोपहर – 2:45 दोपहर32मिचर3:52 दोपहर – 4:52 शाम1घंगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:24 शाम32मिलाभ8:53 रात – 10:54 रात2घं 1मिशुभ12:54 रात – 2:55 रात, 12 दिसंबर2घं 1मिअमृत2:55 रात – 4:55 सुबह, 12 दिसंबर2घं 1मिचर4:55 सुबह – 6:56 सुबह, 12 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 4:52 शाम – 6:53 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:52 सुबह – 7:56 सुबह1घं 5मिचर11:58 सुबह – 12:57 दोपहर59मिअभिजित मुहूर्त12:41 दोपहर – 1:12 दोपहर31मिलाभ12:57 दोपहर – 1:56 दोपहर59मिशुभ3:53 दोपहर – 4:52 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:25 शाम32मिअमृत4:52 शाम – 6:53 शाम2घं 1मिचर6:53 शाम – 8:55 रात2घं 1मिलाभ12:57 रात – 2:58 रात, 18 दिसंबर2घं 1मिशुभ4:59 सुबह – 7:00 सुबह, 18 दिसंबर2घं 1मिअमृत7:00 सुबह – 9:02 सुबह, 18 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:57 रात – 2:59 रात, 19 दिसंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:52 सुबह – 7:57 सुबह1घं 5मिचर9:02 सुबह – 10:00 सुबह59मिअमृत10:59 सुबह – 11:58 सुबह59मिशुभ12:57 दोपहर – 1:56 दोपहर59मिविजय मुहूर्त2:16 दोपहर – 2:47 दोपहर31मिचर3:54 दोपहर – 4:53 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:53 शाम – 5:25 शाम32मिलाभ8:55 रात – 10:56 रात2घं 1मिशुभ12:57 रात – 2:59 रात, 19 दिसंबर2घं 1मिअमृत2:59 रात – 5:00 सुबह, 19 दिसंबर2घं 1मिचर5:00 सुबह – 7:01 सुबह, 19 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 4:56 शाम – 6:57 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:55 सुबह – 8:00 सुबह1घं 5मिचर12:01 दोपहर – 1:00 दोपहर59मिअभिजित मुहूर्त12:44 दोपहर – 1:16 दोपहर31मिलाभ1:00 दोपहर – 1:59 दोपहर59मिशुभ3:57 दोपहर – 4:56 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:56 शाम – 5:28 शाम32मिअमृत4:56 शाम – 6:57 शाम2घं 1मिचर6:57 शाम – 8:58 रात2घं 1मिलाभ1:00 रात – 3:01 रात, 25 दिसंबर2घं 1मिशुभ5:03 सुबह – 7:04 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिअमृत7:04 सुबह – 9:05 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:58 रात – 11:00 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:56 सुबह – 8:00 सुबह1घं 5मिचर9:05 सुबह – 10:04 सुबह59मिअमृत11:03 सुबह – 12:02 दोपहर59मिशुभ1:01 दोपहर – 1:59 दोपहर59मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 2:51 दोपहर31मिचर3:57 दोपहर – 4:56 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:56 शाम – 5:28 शाम32मिलाभ8:58 रात – 11:00 रात2घं 1मिशुभ1:01 रात – 3:02 रात, 26 दिसंबर2घं 1मिअमृत3:02 रात – 5:03 सुबह, 26 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
चर 7:09 शाम – 9:08 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:57 सुबह – 8:01 सुबह1घं 4मिचर12:06 दोपहर – 1:07 दोपहर1घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:51 दोपहर – 1:23 दोपहर32मिलाभ1:07 दोपहर – 2:07 दोपहर1घं 1मिशुभ4:09 शाम – 5:09 शाम1घं 1मिगोधूलि मुहूर्त5:09 शाम – 5:41 शाम32मिअमृत5:09 शाम – 7:09 शाम1घं 59मिचर7:09 शाम – 9:08 रात1घं 59मिलाभ1:07 रात – 3:06 रात, 8 जनवरी1घं 59मिशुभ5:05 सुबह – 7:05 सुबह, 8 जनवरी1घं 59मिअमृत7:05 सुबह – 9:04 सुबह, 8 जनवरी1घं 59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 7:17 शाम – 9:14 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:54 सुबह – 7:57 सुबह1घं 3मिचर12:07 दोपहर – 1:10 दोपहर1घं 2मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:26 दोपहर33मिलाभ1:10 दोपहर – 2:12 दोपहर1घं 2मिशुभ4:17 शाम – 5:19 शाम1घं 2मिगोधूलि मुहूर्त5:19 शाम – 5:51 शाम31मिअमृत5:19 शाम – 7:17 शाम1घं 57मिचर7:17 शाम – 9:14 रात1घं 57मिलाभ1:09 रात – 3:07 रात, 15 जनवरी1घं 57मिशुभ5:04 सुबह – 7:02 सुबह, 15 जनवरी1घं 57मिअमृत7:02 सुबह – 8:59 सुबह, 15 जनवरी1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 1:10 रात – 3:07 रात, 16 जनवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:54 सुबह – 7:57 सुबह1घं 3मिचर8:59 सुबह – 9:44 सुबह45मिलाभ9:35 रात – 11:12 रात1घं 38मिशुभ1:10 रात – 3:07 रात, 16 जनवरी1घं 57मिअमृत3:07 रात – 5:04 सुबह, 16 जनवरी1घं 57मिचर5:04 सुबह – 7:01 सुबह, 16 जनवरी1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 5:02 सुबह – 6:57 सुबह, 22 जनवरी7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:50 सुबह – 7:52 सुबह1घं 2मिचर12:07 दोपहर – 1:12 दोपहर1घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:55 दोपहर – 1:29 दोपहर34मिलाभ1:12 दोपहर – 2:17 दोपहर1घं 5मिशुभ4:26 शाम – 5:01 शाम35मिशुभ5:02 सुबह – 6:57 सुबह, 22 जनवरी1घं 55मिअमृत6:57 सुबह – 8:52 सुबह, 22 जनवरी1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 1:12 रात – 3:07 रात, 23 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:49 सुबह – 7:51 सुबह1घं 1मिचर8:52 सुबह – 9:57 सुबह1घं 5मिअमृत11:02 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 5मिशुभ1:12 दोपहर – 2:17 दोपहर1घं 5मिविजय मुहूर्त2:39 दोपहर – 3:14 दोपहर35मिचर4:27 शाम – 5:32 शाम1घं 5मिगोधूलि मुहूर्त5:32 शाम – 6:03 शाम31मिलाभ9:22 रात – 11:17 रात1घं 55मिशुभ1:12 रात – 3:07 रात, 23 जनवरी1घं 55मिअमृत3:07 रात – 5:01 सुबह, 23 जनवरी1घं 55मिचर5:01 सुबह – 6:56 सुबह, 23 जनवरी1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 1:13 रात – 3:05 रात, 30 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:43 सुबह – 7:43 सुबह1घंचर8:43 सुबह – 9:51 सुबह1घं 8मिअमृत10:59 सुबह – 12:06 दोपहर1घं 8मिशुभ1:14 दोपहर – 2:22 दोपहर1घं 8मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:20 दोपहर36मिचर4:37 शाम – 5:44 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:44 शाम – 6:14 शाम30मिलाभ9:29 रात – 11:21 रात1घं 52मिशुभ1:13 रात – 3:05 रात, 30 जनवरी1घं 52मिअमृत3:05 रात – 4:57 सुबह, 30 जनवरी1घं 52मिचर4:57 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी1घं 52मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
शुभ 4:53 सुबह – 6:43 सुबह, 5 फ़रवरी4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त6:37 सुबह – 7:35 सुबह59मिलाभ1:20 रात – 3:04 रात, 5 फ़रवरी1घं 43मिशुभ4:53 सुबह – 6:43 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 50मिअमृत6:43 सुबह – 8:32 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 50मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:55 शाम – 9:41 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:28 सुबह – 7:25 सुबह57मिचर12:02 दोपहर – 1:15 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त12:56 दोपहर – 1:35 दोपहर39मिलाभ1:15 दोपहर – 2:28 दोपहर1घं 13मिशुभ4:55 शाम – 6:08 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:37 शाम28मिअमृत6:08 शाम – 7:55 शाम1घं 47मिचर7:55 शाम – 9:41 रात1घं 47मिलाभ1:14 रात – 3:01 रात, 12 फ़रवरी1घं 47मिशुभ4:47 सुबह – 6:34 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिअमृत6:34 सुबह – 8:20 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 8:04 रात – 9:47 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:18 सुबह – 7:13 सुबह55मिचर11:58 सुबह – 1:15 दोपहर1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:54 दोपहर – 1:35 दोपहर41मिलाभ1:15 दोपहर – 2:31 दोपहर1घं 17मिशुभ5:04 शाम – 6:21 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त6:21 शाम – 6:48 शाम28मिअमृत6:21 शाम – 8:04 रात1घं 43मिचर8:04 रात – 9:47 रात1घं 43मिलाभ1:14 रात – 2:57 रात, 19 फ़रवरी1घं 43मिशुभ4:40 सुबह – 6:24 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 43मिअमृत6:24 सुबह – 8:07 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 43मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:48 रात – 11:31 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:17 सुबह – 7:12 सुबह55मिचर8:07 सुबह – 9:24 सुबह1घं 17मिअमृत10:41 सुबह – 11:58 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिशुभ1:15 दोपहर – 2:32 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:57 दोपहर – 3:38 दोपहर41मिचर5:06 शाम – 6:23 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:50 शाम27मिलाभ9:48 रात – 11:31 रात1घं 43मिशुभ1:14 रात – 2:56 रात, 20 फ़रवरी1घं 43मिअमृत2:56 रात – 3:30 रात, 20 फ़रवरी34मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 8:13 रात – 9:53 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:07 सुबह – 7:01 सुबह54मिचर11:54 सुबह – 1:14 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:35 दोपहर43मिलाभ1:14 दोपहर – 2:34 दोपहर1घं 20मिशुभ5:14 शाम – 6:33 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 7:00 शाम27मिअमृत6:33 शाम – 8:13 रात1घं 40मिचर8:13 रात – 9:53 रात1घं 40मिलाभ1:13 रात – 2:53 रात, 26 फ़रवरी1घं 40मिशुभ4:33 सुबह – 6:13 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 40मिअमृत6:13 सुबह – 7:52 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:44 सुबह – 6:11 सुबह, 27 फ़रवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:06 सुबह – 6:59 सुबह53मिचर7:52 सुबह – 9:13 सुबह1घं 20मिअमृत10:33 सुबह – 11:53 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिशुभ1:14 दोपहर – 2:34 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त3:01 दोपहर – 3:44 दोपहर43मिचर4:44 सुबह – 6:11 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 27मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
मार्च 2027
लाभ 1:08 रात – 2:37 रात, 19 मार्च5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:32 सुबह – 6:20 सुबह48मिचर9:22 रात – 10:09 रात47मिलाभ1:08 रात – 2:37 रात, 19 मार्च1घं 29मिशुभ4:07 सुबह – 5:36 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिअमृत5:36 सुबह – 7:06 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:06 सुबह – 8:37 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:30 सुबह – 6:18 सुबह48मिचर7:06 सुबह – 8:37 सुबह1घं 31मिअमृत10:07 सुबह – 11:38 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त1:09 दोपहर – 1:33 दोपहर24मिशुभ1:09 दोपहर – 2:40 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त3:10 दोपहर – 3:58 दोपहर48मिचर5:41 शाम – 7:12 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त7:12 शाम – 7:35 शाम24मिलाभ10:10 रात – 11:39 रात1घं 29मिशुभ1:08 रात – 2:37 रात, 20 मार्च1घं 29मिअमृत2:37 रात – 4:06 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिचर4:06 सुबह – 5:35 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 11:33 सुबह – 1:07 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:06 सुबह46मिचर11:33 सुबह – 1:07 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:42 दोपहर – 1:32 दोपहर50मिलाभ1:07 दोपहर – 2:41 दोपहर1घं 34मिशुभ5:48 शाम – 7:22 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:45 शाम23मिअमृत7:22 शाम – 8:48 रात1घं 26मिचर8:48 रात – 10:14 रात1घं 26मिलाभ1:06 रात – 2:32 रात, 26 मार्च1घं 26मिशुभ3:58 रात – 5:24 सुबह, 26 मार्च1घं 26मिअमृत5:24 सुबह – 6:50 सुबह, 26 मार्च1घं 26मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:50 सुबह – 8:24 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:18 सुबह – 6:04 सुबह46मिचर6:50 सुबह – 8:24 सुबह1घं 34मिअमृत9:58 सुबह – 11:33 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त1:07 दोपहर – 1:32 दोपहर25मिशुभ1:07 दोपहर – 2:41 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त3:12 दोपहर – 4:03 शाम50मिचर5:49 शाम – 7:24 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त7:24 शाम – 7:46 शाम23मिलाभ10:15 रात – 11:40 रात1घं 26मिशुभ1:06 रात – 2:31 रात, 27 मार्च1घं 26मिअमृत2:31 रात – 3:57 रात, 27 मार्च1घं 26मिचर3:57 रात – 5:22 सुबह, 27 मार्च1घं 26मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अप्रैल 2027
चर 11:17 सुबह – 1:01 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 1
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:44 सुबह – 5:25 सुबह41मिचर11:17 सुबह – 1:01 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 1:29 दोपहर55मिलाभ1:01 दोपहर – 2:45 दोपहर1घं 44मिशुभ6:13 शाम – 7:57 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:57 शाम – 8:17 रात20मिअमृत7:57 शाम – 9:13 रात1घं 16मिचर9:13 रात – 10:29 रात1घं 16मिलाभ1:00 रात – 2:16 रात, 16 अप्रैल1घं 16मिशुभ3:32 रात – 4:47 सुबह, 16 अप्रैल1घं 16मिअमृत4:47 सुबह – 6:03 सुबह, 16 अप्रैल1घं 16मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:03 सुबह – 7:48 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- मघापाद 1
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:42 सुबह – 5:23 सुबह40मिचर6:03 सुबह – 7:48 सुबह1घं 44मिअमृत9:32 सुबह – 11:16 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त1:01 दोपहर – 1:29 दोपहर28मिशुभ1:01 दोपहर – 2:45 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त3:20 दोपहर – 4:16 शाम56मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:12 सुबह – 1:00 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:12 सुबह39मिचर11:12 सुबह – 1:00 दोपहर1घं 47मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 1:28 दोपहर57मिलाभ1:00 दोपहर – 2:47 दोपहर1घं 47मिशुभ6:21 शाम – 8:09 रात1घं 47मिअमृत8:09 रात – 9:21 रात1घं 12मिचर9:21 रात – 10:34 रात1घं 12मिलाभ12:59 रात – 2:11 रात, 23 अप्रैल1घं 12मिशुभ3:24 रात – 4:36 सुबह, 23 अप्रैल1घं 12मिअमृत4:36 सुबह – 5:48 सुबह, 23 अप्रैल1घं 12मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 9:24 सुबह – 11:12 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:10 सुबह39मिचर5:48 सुबह – 7:36 सुबह1घं 48मिअमृत9:24 सुबह – 11:12 सुबह1घं 48मिशुभ12:58 रात – 2:10 रात, 24 अप्रैल1घं 12मिअमृत2:10 रात – 3:22 रात, 24 अप्रैल1घं 12मिचर3:22 रात – 4:34 सुबह, 24 अप्रैल1घं 12मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
मई 2027
चर 11:01 सुबह – 12:57 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:38 सुबह34मिचर11:01 सुबह – 12:57 दोपहर1घं 56मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:28 दोपहर1घं 2मिलाभ12:57 दोपहर – 2:54 दोपहर1घं 56मिशुभ6:46 शाम – 8:43 रात1घं 56मिअमृत8:43 रात – 9:46 रात1घं 3मिचर9:46 रात – 10:50 रात1घं 3मिलाभ12:57 रात – 2:00 रात, 14 मई1घं 3मिशुभ3:03 रात – 4:07 सुबह, 14 मई1घं 3मिअमृत4:07 सुबह – 5:10 सुबह, 14 मई1घं 3मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:10 सुबह – 7:07 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- मघापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:37 सुबह34मिचर5:10 सुबह – 7:07 सुबह1घं 57मिअमृत9:04 सुबह – 11:01 सुबह1घं 57मिअभिजित मुहूर्त12:57 दोपहर – 1:28 दोपहर31मिशुभ12:57 दोपहर – 2:54 दोपहर1घं 57मिविजय मुहूर्त3:33 दोपहर – 4:35 शाम1घं 2मिचर6:48 शाम – 8:44 रात1घं 57मिलाभ10:50 रात – 11:54 रात1घं 3मिशुभ12:57 रात – 2:00 रात, 15 मई1घं 3मिअमृत2:00 रात – 3:03 रात, 15 मई1घं 3मिचर3:03 रात – 4:06 सुबह, 15 मई1घं 3मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:59 सुबह – 12:57 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:56 रात – 4:29 सुबह33मिचर10:59 सुबह – 12:57 दोपहर1घं 59मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:29 दोपहर1घं 3मिलाभ12:57 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 59मिशुभ6:54 शाम – 8:53 रात1घं 59मिअमृत8:53 रात – 9:54 रात1घं 1मिचर9:54 रात – 10:55 रात1घं 1मिलाभ12:57 रात – 1:58 रात, 21 मई1घं 1मिशुभ2:59 रात – 4:00 सुबह, 21 मई1घं 1मिअमृत4:00 सुबह – 5:01 सुबह, 21 मई1घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:01 सुबह – 7:00 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:56 रात – 4:28 सुबह32मिचर5:01 सुबह – 7:00 सुबह1घं 59मिअमृत8:59 सुबह – 10:58 सुबह1घं 59मिअभिजित मुहूर्त12:58 दोपहर – 1:29 दोपहर32मिशुभ12:58 दोपहर – 2:57 दोपहर1घं 59मिविजय मुहूर्त3:37 दोपहर – 4:40 शाम1घं 4मिचर6:55 शाम – 8:55 रात1घं 59मिलाभ10:56 रात – 11:56 रात1घं 1मिशुभ12:57 रात – 1:58 रात, 22 मई1घं 1मिअमृत1:58 रात – 2:58 रात, 22 मई1घं 1मिचर2:58 रात – 3:59 रात, 22 मई1घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:02 शाम – 9:04 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:50 रात – 4:21 सुबह31मिचर4:53 सुबह – 6:54 सुबह2घं 1मिअमृत8:55 सुबह – 10:57 सुबह2घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:58 दोपहर – 1:31 दोपहर32मिशुभ12:58 दोपहर – 3:00 दोपहर2घं 1मिविजय मुहूर्त3:40 दोपहर – 4:45 शाम1घं 5मिचर7:02 शाम – 9:04 रात2घं 1मिलाभ11:01 रात – 11:59 रात58मिशुभ12:58 रात – 1:56 रात, 29 मई58मिअमृत1:56 रात – 2:55 रात, 29 मई58मिचर2:55 रात – 3:53 रात, 29 मई58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
जून 2027
चर 4:47 सुबह – 6:50 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:46 रात – 4:16 सुबह30मिचर4:47 सुबह – 6:50 सुबह2घं 3मिअमृत8:53 सुबह – 10:56 सुबह2घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:59 दोपहर – 1:32 दोपहर33मिशुभ12:59 दोपहर – 3:02 दोपहर2घं 3मिविजय मुहूर्त3:43 दोपहर – 4:49 शाम1घं 6मिचर7:08 शाम – 9:11 रात2घं 3मिलाभ11:05 रात – 12:02 रात, 5 जून57मिशुभ12:59 रात – 1:56 रात, 5 जून57मिअमृत1:56 रात – 2:52 रात, 5 जून57मिचर2:52 रात – 3:49 रात, 5 जून57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 1:00 दोपहर – 3:04 दोपहर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- मघापाद 3
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त3:44 रात – 4:14 सुबह30मिचर10:56 सुबह – 1:00 दोपहर2घं 4मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 1:33 दोपहर1घं 6मिलाभ1:00 दोपहर – 3:04 दोपहर2घं 4मिशुभ7:13 शाम – 9:17 रात2घं 4मिअमृत9:17 रात – 10:12 रात56मिचर10:12 रात – 11:08 रात56मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 7:13 शाम – 9:17 रात9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त3:44 रात – 4:14 सुबह30मिअभिजित मुहूर्त1:00 दोपहर – 1:33 दोपहर33मिशुभ1:00 दोपहर – 3:05 दोपहर2घं 4मिविजय मुहूर्त3:46 दोपहर – 4:52 शाम1घं 6मिचर7:13 शाम – 9:17 रात2घं 4मिलाभ11:09 रात – 12:04 रात, 12 जून56मिशुभ1:00 रात – 1:56 रात, 12 जून56मिअमृत1:56 रात – 2:52 रात, 12 जून56मिचर2:52 रात – 3:47 रात, 12 जून56मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 1:01 दोपहर – 3:06 दोपहर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त3:43 रात – 4:13 सुबह29मिचर10:57 सुबह – 1:01 दोपहर2घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:35 दोपहर1घं 7मिलाभ1:01 दोपहर – 3:06 दोपहर2घं 5मिशुभ7:16 शाम – 9:21 रात2घं 5मिअमृत9:21 रात – 10:16 रात55मिचर10:16 रात – 11:11 रात55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 1:02 दोपहर – 3:07 दोपहर9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त3:43 रात – 4:13 सुबह29मिअभिजित मुहूर्त1:02 दोपहर – 1:35 दोपहर33मिशुभ1:02 दोपहर – 3:07 दोपहर2घं 5मिविजय मुहूर्त3:48 दोपहर – 4:55 शाम1घं 7मिचर7:16 शाम – 9:21 रात2घं 5मिलाभ11:11 रात – 12:07 रात, 19 जून55मिशुभ1:02 रात – 1:57 रात, 19 जून55मिअमृत1:57 रात – 2:52 रात, 19 जून55मिचर2:52 रात – 3:47 रात, 19 जून55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चर 4:44 सुबह – 6:49 सुबह5 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त3:45 रात – 4:14 सुबह29मिचर4:44 सुबह – 6:49 सुबह2घं 5मिअमृत8:53 सुबह – 10:58 सुबह2घं 5मिअभिजित मुहूर्त1:03 दोपहर – 1:36 दोपहर33मिशुभ1:03 दोपहर – 3:08 दोपहर2घं 5मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
जुलाई 2027
चर 4:48 सुबह – 6:52 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त3:48 रात – 4:18 सुबह30मिचर4:48 सुबह – 6:52 सुबह2घं 4मिअमृत8:56 सुबह – 10:54 सुबह1घं 58मिलाभ11:13 रात – 12:09 रात, 3 जुलाई56मिशुभ1:05 रात – 2:01 रात, 3 जुलाई56मिअमृत2:01 रात – 2:57 रात, 3 जुलाई56मिचर2:57 रात – 3:53 रात, 3 जुलाई56मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:02 सुबह – 1:05 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:52 रात – 4:23 सुबह30मिचर11:02 सुबह – 1:05 दोपहर2घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 6मिलाभ1:05 दोपहर – 3:08 दोपहर2घं 3मिशुभ7:15 शाम – 9:18 रात2घं 3मिअमृत9:18 रात – 10:15 रात57मिचर10:15 रात – 11:12 रात57मिलाभ1:06 रात – 2:03 रात, 9 जुलाई57मिशुभ3:00 रात – 3:57 रात, 9 जुलाई57मिअमृत3:57 रात – 4:54 सुबह, 9 जुलाई57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:05 सुबह – 1:06 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:58 रात – 4:29 सुबह31मिचर11:05 सुबह – 1:06 दोपहर2घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 1:39 दोपहर1घं 5मिलाभ1:06 दोपहर – 3:08 दोपहर2घं 1मिशुभ7:11 शाम – 9:12 रात2घं 1मिअमृत9:12 रात – 10:11 रात59मिचर10:11 रात – 11:09 रात59मिलाभ1:07 रात – 2:05 रात, 16 जुलाई59मिशुभ3:04 रात – 4:03 सुबह, 16 जुलाई59मिअमृत4:03 सुबह – 5:01 सुबह, 16 जुलाई59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:01 सुबह – 7:03 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:59 रात – 4:30 सुबह31मिचर5:01 सुबह – 7:03 सुबह2घं 1मिअमृत9:04 सुबह – 11:05 सुबह2घं 1मिअभिजित मुहूर्त1:06 दोपहर – 1:39 दोपहर32मिशुभ1:06 दोपहर – 3:07 दोपहर2घं 1मिविजय मुहूर्त3:48 दोपहर – 4:52 शाम1घं 5मिचर7:10 शाम – 9:11 रात2घं 1मिलाभ11:09 रात – 12:08 रात, 17 जुलाई59मिशुभ1:07 रात – 2:06 रात, 17 जुलाई59मिअमृत2:06 रात – 3:05 रात, 17 जुलाई59मिचर3:05 रात – 4:04 सुबह, 17 जुलाई59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 11:07 सुबह – 1:07 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:37 सुबह32मिचर11:07 सुबह – 1:07 दोपहर1घं 59मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 4मिलाभ1:07 दोपहर – 3:06 दोपहर1घं 59मिशुभ7:05 शाम – 9:04 रात1घं 59मिअमृत9:04 रात – 10:05 रात1घं 1मिचर10:05 रात – 11:06 रात1घं 1मिलाभ1:07 रात – 2:08 रात, 23 जुलाई1घं 1मिशुभ3:09 रात – 4:10 सुबह, 23 जुलाई1घं 1मिअमृत4:10 सुबह – 5:10 सुबह, 23 जुलाई1घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
अमृत 9:09 सुबह – 11:08 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:06 सुबह – 4:38 सुबह32मिचर5:10 सुबह – 7:10 सुबह1घं 59मिअमृत9:09 सुबह – 11:08 सुबह1घं 59मिअभिजित मुहूर्त1:07 दोपहर – 1:38 दोपहर32मिशुभ1:07 दोपहर – 3:06 दोपहर1घं 59मिविजय मुहूर्त3:45 दोपहर – 4:49 शाम1घं 3मिचर7:04 शाम – 9:03 रात1घं 59मिलाभ11:05 रात – 12:06 रात, 24 जुलाई1घं 1मिशुभ1:07 रात – 2:08 रात, 24 जुलाई1घं 1मिअमृत2:08 रात – 3:10 रात, 24 जुलाई1घं 1मिचर3:10 रात – 4:11 सुबह, 24 जुलाई1घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 11:10 सुबह – 1:07 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:12 सुबह – 4:45 सुबह34मिचर11:10 सुबह – 1:07 दोपहर1घं 57मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 2मिलाभ1:07 दोपहर – 3:03 दोपहर1घं 57मिशुभ6:57 शाम – 8:54 रात1घं 57मिअमृत8:54 रात – 9:57 रात1घं 3मिचर9:57 रात – 11:01 रात1घं 3मिलाभ1:07 रात – 2:11 रात, 30 जुलाई1घं 3मिशुभ3:14 रात – 4:17 सुबह, 30 जुलाई1घं 3मिअमृत4:17 सुबह – 5:20 सुबह, 30 जुलाई1घं 3मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:20 सुबह – 7:17 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:13 सुबह – 4:47 सुबह34मिचर5:20 सुबह – 7:17 सुबह1घं 57मिअमृत9:13 सुबह – 11:10 सुबह1घं 57मिअभिजित मुहूर्त1:06 दोपहर – 1:38 दोपहर31मिशुभ1:06 दोपहर – 3:03 दोपहर1घं 57मिविजय मुहूर्त3:42 दोपहर – 4:44 शाम1घं 2मिचर6:56 शाम – 8:52 रात1घं 57मिलाभ11:00 रात – 12:04 रात, 31 जुलाई1घं 4मिशुभ1:07 रात – 2:11 रात, 31 जुलाई1घं 4मिअमृत2:11 रात – 3:15 रात, 31 जुलाई1घं 4मिचर3:15 रात – 4:18 सुबह, 31 जुलाई1घं 4मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अगस्त 2027
शुभ 3:24 रात – 4:33 सुबह, 13 अगस्त4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:04 सुबह37मिलाभ1:06 रात – 2:15 रात, 13 अगस्त1घं 9मिशुभ3:24 रात – 4:33 सुबह, 13 अगस्त1घं 9मिअमृत4:33 सुबह – 5:42 सुबह, 13 अगस्त1घं 9मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:42 सुबह – 7:33 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:05 सुबह37मिचर5:42 सुबह – 7:33 सुबह1घं 51मिअमृत9:23 सुबह – 11:14 सुबह1घं 51मिअभिजित मुहूर्त1:05 दोपहर – 1:34 दोपहर30मिशुभ1:05 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 51मिविजय मुहूर्त3:33 दोपहर – 4:32 शाम59मिचर6:37 शाम – 8:28 रात1घं 51मिलाभ10:47 रात – 11:56 रात1घं 9मिशुभ1:06 रात – 2:15 रात, 14 अगस्त1घं 9मिअमृत2:15 रात – 3:25 रात, 14 अगस्त1घं 9मिचर3:25 रात – 4:34 सुबह, 14 अगस्त1घं 9मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:16 सुबह – 1:04 दोपहर8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:13 सुबह38मिचर11:16 सुबह – 1:04 दोपहर1घं 48मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:32 दोपहर58मिलाभ1:04 दोपहर – 2:52 दोपहर1घं 48मिशुभ6:28 शाम – 8:16 रात1घं 48मिअमृत8:16 रात – 9:28 रात1घं 12मिचर9:28 रात – 10:40 रात1घं 12मिलाभ1:04 रात – 1:38 रात, 20 अगस्त34मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 6:26 शाम – 8:14 रात8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:36 सुबह – 5:15 सुबह38मिशुभ2:24 दोपहर – 2:51 दोपहर27मिविजय मुहूर्त3:27 दोपहर – 4:24 शाम57मिचर6:26 शाम – 8:14 रात1घं 48मिलाभ10:39 रात – 11:52 रात1घं 13मिशुभ1:04 रात – 2:17 रात, 21 अगस्त1घं 13मिअमृत2:17 रात – 3:29 रात, 21 अगस्त1घं 13मिचर3:29 रात – 4:42 सुबह, 21 अगस्त1घं 13मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 11:17 सुबह – 1:02 दोपहर8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:43 सुबह – 5:23 सुबह40मिचर11:17 सुबह – 1:02 दोपहर1घं 45मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 1:30 दोपहर56मिलाभ1:02 दोपहर – 2:47 दोपहर1घं 45मिशुभ6:16 शाम – 8:01 रात1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त8:01 रात – 8:21 रात20मिअमृत8:01 रात – 9:16 रात1घं 15मिचर9:16 रात – 10:32 रात1घं 15मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 6:14 शाम – 7:59 शाम11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:44 सुबह – 5:24 सुबह40मिअमृत10:56 सुबह – 11:17 सुबह21मिअभिजित मुहूर्त1:02 दोपहर – 1:29 दोपहर28मिशुभ1:02 दोपहर – 2:46 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त3:21 दोपहर – 4:16 शाम56मिचर6:14 शाम – 7:59 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:59 शाम – 8:19 रात20मिलाभ10:31 रात – 11:46 रात1घं 16मिशुभ1:02 रात – 2:18 रात, 28 अगस्त1घं 16मिअमृत2:18 रात – 3:34 रात, 28 अगस्त1घं 16मिचर3:34 रात – 4:50 सुबह, 28 अगस्त1घं 16मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
सितंबर 2027
चर 11:19 सुबह – 12:57 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:42 सुबह44मिचर11:19 सुबह – 12:57 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 1:24 दोपहर52मिलाभ12:57 दोपहर – 2:35 दोपहर1घं 38मिशुभ5:52 शाम – 7:30 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त7:30 शाम – 7:52 शाम22मिअमृत7:30 शाम – 8:52 रात1घं 22मिचर8:52 रात – 10:14 रात1घं 22मिलाभ12:58 रात – 2:20 रात, 10 सितंबर1घं 22मिशुभ3:42 रात – 5:05 सुबह, 10 सितंबर1घं 22मिअमृत5:05 सुबह – 6:27 सुबह, 10 सितंबर1घं 22मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:27 सुबह – 8:04 सुबह10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:43 सुबह44मिचर6:27 सुबह – 8:04 सुबह1घं 38मिअमृत9:42 सुबह – 11:19 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:57 दोपहर – 1:23 दोपहर26मिशुभ12:57 दोपहर – 2:35 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त3:07 दोपहर – 3:59 दोपहर52मिचर5:50 शाम – 7:27 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त7:27 शाम – 7:49 शाम22मिलाभ10:13 रात – 11:35 रात1घं 23मिशुभ12:58 रात – 1:48 रात, 11 सितंबर50मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 11:20 सुबह – 12:55 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:51 सुबह45मिचर11:20 सुबह – 12:55 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 1:20 दोपहर50मिलाभ12:55 दोपहर – 2:30 दोपहर1घं 35मिशुभ5:39 शाम – 7:14 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त7:14 शाम – 7:36 शाम23मिअमृत7:14 शाम – 8:39 रात1घं 26मिचर8:39 रात – 10:05 रात1घं 26मिलाभ12:56 रात – 2:21 रात, 17 सितंबर1घं 26मिशुभ3:47 रात – 5:12 सुबह, 17 सितंबर1घं 26मिअमृत5:12 सुबह – 6:38 सुबह, 17 सितंबर1घं 26मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:38 सुबह – 8:12 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:07 सुबह – 5:52 सुबह46मिचर6:38 सुबह – 8:12 सुबह1घं 34मिअमृत9:46 सुबह – 11:20 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:55 दोपहर – 1:20 दोपहर25मिशुभ12:55 दोपहर – 2:29 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त3:00 दोपहर – 3:50 दोपहर50मिचर5:37 शाम – 7:11 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:34 शाम23मिलाभ10:03 रात – 11:29 रात1घं 26मिशुभ12:55 रात – 2:21 रात, 18 सितंबर1घं 26मिअमृत2:21 रात – 3:47 रात, 18 सितंबर1घं 26मिचर3:47 रात – 5:13 सुबह, 18 सितंबर1घं 26मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 11:21 सुबह – 12:52 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:13 सुबह – 6:00 सुबह47मिचर11:21 सुबह – 12:52 दोपहर1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:17 दोपहर49मिलाभ12:52 दोपहर – 2:24 दोपहर1घं 31मिशुभ5:26 शाम – 6:58 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:58 शाम – 7:21 शाम24मिअमृत6:58 शाम – 8:26 रात1घं 29मिचर8:26 रात – 9:55 रात1घं 29मिलाभ12:53 रात – 2:22 रात, 24 सितंबर1घं 29मिशुभ3:51 रात – 5:20 सुबह, 24 सितंबर1घं 29मिअमृत5:20 सुबह – 6:49 सुबह, 24 सितंबर1घं 29मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:51 सुबह – 11:21 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 4
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:02 सुबह47मिचर6:49 सुबह – 8:20 सुबह1घं 31मिअमृत9:51 सुबह – 11:21 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:16 दोपहर24मिशुभ12:52 दोपहर – 2:23 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त2:53 दोपहर – 3:42 दोपहर48मिचर5:24 शाम – 6:55 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:55 शाम – 7:19 शाम24मिलाभ9:54 रात – 11:23 रात1घं 29मिशुभ12:53 रात – 2:22 रात, 25 सितंबर1घं 29मिअमृत2:22 रात – 3:52 रात, 25 सितंबर1घं 29मिचर3:52 रात – 5:21 सुबह, 25 सितंबर1घं 29मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अक्तूबर 2027
अमृत 5:36 सुबह – 7:12 सुबह, 8 अक्तूबर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:29 सुबह – 6:19 सुबह51मिअभिजित मुहूर्त12:47 दोपहर – 1:10 दोपहर23मिलाभ12:48 दोपहर – 2:12 दोपहर1घं 24मिशुभ5:01 शाम – 6:26 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम26मिअमृत6:26 शाम – 8:01 रात1घं 36मिचर8:01 रात – 9:37 रात1घं 36मिलाभ12:49 रात – 2:25 रात, 8 अक्तूबर1घं 36मिशुभ4:00 सुबह – 5:36 सुबह, 8 अक्तूबर1घं 36मिअमृत5:36 सुबह – 7:12 सुबह, 8 अक्तूबर1घं 36मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
शुभ 4:05 सुबह – 5:44 सुबह, 15 अक्तूबर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:37 सुबह – 6:29 सुबह53मिचर11:25 सुबह – 12:46 दोपहर1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 1:08 दोपहर43मिलाभ12:46 दोपहर – 2:07 दोपहर1घं 21मिशुभ4:05 सुबह – 5:44 सुबह, 15 अक्तूबर1घं 39मिअमृत5:44 सुबह – 7:24 सुबह, 15 अक्तूबर1घं 39मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:27 रात – 11:07 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:38 सुबह – 6:31 सुबह53मिचर7:24 सुबह – 8:44 सुबह1घं 21मिअमृत10:05 सुबह – 11:25 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:46 दोपहर – 1:07 दोपहर21मिशुभ12:46 दोपहर – 2:06 दोपहर1घं 21मिविजय मुहूर्त2:33 दोपहर – 3:16 दोपहर43मिचर4:48 शाम – 6:08 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:35 शाम27मिलाभ9:27 रात – 11:07 रात1घं 40मिशुभ12:47 रात – 2:26 रात, 16 अक्तूबर1घं 40मिअमृत2:26 रात – 4:06 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 40मिचर4:06 सुबह – 5:46 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:46 रात – 2:28 रात, 22 अक्तूबर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:45 सुबह – 6:40 सुबह54मिचर8:21 रात – 9:21 रात1घंलाभ12:46 रात – 2:28 रात, 22 अक्तूबर1घं 43मिशुभ4:11 सुबह – 5:53 सुबह, 22 अक्तूबर1घं 43मिअमृत5:53 सुबह – 7:36 सुबह, 22 अक्तूबर1घं 43मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:20 रात – 11:02 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:46 सुबह – 6:41 सुबह55मिचर7:36 सुबह – 8:53 सुबह1घं 17मिअमृत10:10 सुबह – 11:27 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:45 दोपहर – 1:05 दोपहर21मिशुभ12:45 दोपहर – 2:02 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:09 दोपहर41मिचर4:36 शाम – 5:54 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:21 शाम27मिलाभ9:20 रात – 11:02 रात1घं 43मिशुभ12:45 रात – 2:28 रात, 23 अक्तूबर1घं 43मिअमृत2:28 रात – 4:11 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 43मिचर4:11 सुबह – 5:54 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 43मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 12:45 रात – 2:31 रात, 30 अक्तूबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:55 सुबह – 6:51 सुबह56मिचर7:48 सुबह – 9:02 सुबह1घं 14मिअमृत10:16 सुबह – 11:30 सुबह1घं 14मिशुभ12:44 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 14मिविजय मुहूर्त2:23 दोपहर – 3:02 दोपहर39मिचर4:26 शाम – 5:40 शाम1घं 14मिगोधूलि मुहूर्त5:40 शाम – 6:08 शाम28मिलाभ9:12 रात – 10:59 रात1घं 46मिशुभ12:45 रात – 2:31 रात, 30 अक्तूबर1घं 46मिअमृत2:31 रात – 4:17 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 46मिचर4:17 सुबह – 6:03 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 46मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
नवंबर 2027
अमृत 5:29 शाम – 7:18 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:03 सुबह – 7:01 सुबह58मिचर11:32 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 11मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 1:03 दोपहर38मिलाभ12:44 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 11मिशुभ4:18 शाम – 5:29 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त5:29 शाम – 5:58 शाम29मिअमृत5:29 शाम – 7:18 शाम1घं 49मिचर7:18 शाम – 9:07 रात1घं 49मिलाभ12:45 रात – 2:34 रात, 5 नवंबर1घं 49मिशुभ4:22 सुबह – 6:11 सुबह, 5 नवंबर1घं 49मिअमृत6:11 सुबह – 8:00 सुबह, 5 नवंबर1घं 49मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 5:18 शाम – 7:09 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:12 सुबह – 7:11 सुबह59मिचर11:36 सुबह – 12:44 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:02 दोपहर36मिलाभ12:44 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 8मिशुभ4:09 शाम – 5:18 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:18 शाम – 5:47 शाम30मिअमृत5:18 शाम – 7:09 शाम1घं 52मिचर7:09 शाम – 9:01 रात1घं 52मिलाभ12:45 रात – 2:37 रात, 12 नवंबर1घं 52मिशुभ4:29 सुबह – 6:21 सुबह, 12 नवंबर1घं 52मिअमृत6:21 सुबह – 8:12 सुबह, 12 नवंबर1घं 52मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:02 शाम – 8:57 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:21 सुबह – 7:22 सुबह1घं 1मिचर11:40 सुबह – 12:45 दोपहर1घं 6मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:03 दोपहर35मिलाभ12:45 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 6मिशुभ4:02 शाम – 5:08 शाम1घं 6मिगोधूलि मुहूर्त5:08 शाम – 5:38 शाम31मिअमृत5:08 शाम – 7:02 शाम1घं 55मिचर7:02 शाम – 8:57 रात1घं 55मिलाभ12:46 रात – 2:41 रात, 19 नवंबर1घं 55मिशुभ4:35 सुबह – 6:30 सुबह, 19 नवंबर1घं 55मिअमृत6:30 सुबह – 8:24 सुबह, 19 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 4:36 सुबह – 6:31 सुबह, 20 नवंबर8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त6:22 सुबह – 7:23 सुबह1घं 1मिचर8:24 सुबह – 9:30 सुबह1घं 5मिअमृत10:35 सुबह – 11:40 सुबह1घं 5मिशुभ12:46 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 5मिविजय मुहूर्त2:13 दोपहर – 2:47 दोपहर35मिचर4:01 शाम – 4:51 शाम49मिअमृत3:49 रात – 4:36 सुबह, 20 नवंबर48मिचर4:36 सुबह – 6:31 सुबह, 20 नवंबर1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
शुभ 12:48 रात – 2:45 रात, 27 नवंबर6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 4
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:31 सुबह – 7:33 सुबह1घं 2मिगोधूलि मुहूर्त4:59 शाम – 5:31 शाम31मिलाभ8:54 रात – 10:51 रात1घं 57मिशुभ12:48 रात – 2:45 रात, 27 नवंबर1घं 57मिअमृत2:45 रात – 4:43 सुबह, 27 नवंबर1घं 57मिचर4:43 सुबह – 6:40 सुबह, 27 नवंबर1घं 57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
दिसंबर 2027
लाभ 12:53 रात – 2:53 रात, 10 दिसंबर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त6:45 सुबह – 7:49 सुबह1घं 4मिलाभ12:53 रात – 2:53 रात, 10 दिसंबर2घंशुभ4:54 सुबह – 6:54 सुबह, 10 दिसंबर2घंअमृत6:54 सुबह – 8:54 सुबह, 10 दिसंबर2घंसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 4:52 शाम – 6:53 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:51 सुबह – 7:55 सुबह1घं 5मिचर11:57 सुबह – 12:56 दोपहर59मिअभिजित मुहूर्त12:40 दोपहर – 1:12 दोपहर31मिलाभ12:56 दोपहर – 1:55 दोपहर59मिशुभ3:53 दोपहर – 4:52 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:24 शाम32मिअमृत4:52 शाम – 6:53 शाम2घं 1मिचर6:53 शाम – 8:54 रात2घं 1मिलाभ12:56 रात – 2:57 रात, 17 दिसंबर2घं 1मिशुभ4:58 सुबह – 7:00 सुबह, 17 दिसंबर2घं 1मिअमृत7:00 सुबह – 9:01 सुबह, 17 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:55 रात – 10:56 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:51 सुबह – 7:56 सुबह1घं 5मिचर9:01 सुबह – 10:00 सुबह59मिअमृत10:59 सुबह – 11:57 सुबह59मिशुभ12:56 दोपहर – 1:55 दोपहर59मिविजय मुहूर्त2:15 दोपहर – 2:46 दोपहर31मिचर3:53 दोपहर – 4:52 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:25 शाम32मिलाभ8:55 रात – 10:56 रात2घं 1मिशुभ12:57 रात – 2:58 रात, 18 दिसंबर2घं 1मिअमृत2:58 रात – 4:59 सुबह, 18 दिसंबर2घं 1मिचर4:59 सुबह – 7:00 सुबह, 18 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:56 शाम – 8:57 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:55 सुबह – 7:59 सुबह1घं 5मिचर12:01 दोपहर – 12:59 दोपहर59मिअभिजित मुहूर्त12:44 दोपहर – 1:15 दोपहर31मिलाभ12:59 दोपहर – 1:58 दोपहर59मिशुभ3:56 दोपहर – 4:55 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:55 शाम – 5:27 शाम32मिअमृत4:55 शाम – 6:56 शाम2घं 1मिचर6:56 शाम – 8:57 रात2घं 1मिलाभ1:00 रात – 3:01 रात, 24 दिसंबर2घं 1मिशुभ5:02 सुबह – 7:03 सुबह, 24 दिसंबर2घं 1मिअमृत7:03 सुबह – 9:05 सुबह, 24 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 8:58 रात – 10:59 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 3
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:55 सुबह – 8:00 सुबह1घं 5मिचर9:05 सुबह – 10:03 सुबह59मिअमृत11:02 सुबह – 12:01 दोपहर59मिशुभ1:00 दोपहर – 1:59 दोपहर59मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 2:50 दोपहर31मिचर3:56 दोपहर – 4:55 शाम59मिगोधूलि मुहूर्त4:55 शाम – 5:28 शाम32मिलाभ8:58 रात – 10:59 रात2घं 1मिशुभ1:00 रात – 3:01 रात, 25 दिसंबर2घं 1मिअमृत3:01 रात – 5:03 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिचर5:03 सुबह – 7:04 सुबह, 25 दिसंबर2घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2028
लाभ 1:09 रात – 3:07 रात, 14 जनवरी11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:55 सुबह – 7:58 सुबह1घं 3मिचर12:07 दोपहर – 1:09 दोपहर1घं 2मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:26 दोपहर33मिलाभ1:09 दोपहर – 2:11 दोपहर1घं 2मिशुभ4:15 शाम – 5:17 शाम1घं 2मिगोधूलि मुहूर्त5:17 शाम – 5:49 शाम31मिअमृत5:17 शाम – 7:15 शाम1घं 58मिचर7:15 शाम – 9:13 रात1घं 58मिलाभ1:09 रात – 3:07 रात, 14 जनवरी1घं 58मिशुभ5:05 सुबह – 7:02 सुबह, 14 जनवरी1घं 58मिअमृत7:02 सुबह – 8:27 सुबह, 14 जनवरी1घं 25मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:14 रात – 11:12 रात5 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त6:55 सुबह – 7:57 सुबह1घं 3मिलाभ9:14 रात – 11:12 रात1घं 58मिशुभ1:09 रात – 3:07 रात, 15 जनवरी1घं 58मिअमृत3:07 रात – 5:04 सुबह, 15 जनवरी1घं 58मिचर5:04 सुबह – 7:02 सुबह, 15 जनवरी1घं 58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
अमृत 5:28 शाम – 7:24 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त6:51 सुबह – 7:53 सुबह1घं 2मिचर12:07 दोपहर – 1:12 दोपहर1घं 4मिअभिजित मुहूर्त12:54 दोपहर – 1:29 दोपहर34मिलाभ1:12 दोपहर – 2:16 दोपहर1घं 4मिशुभ4:24 शाम – 5:28 शाम1घं 4मिगोधूलि मुहूर्त5:28 शाम – 5:59 शाम31मिअमृत5:28 शाम – 7:24 शाम1घं 56मिअमृत7:47 सुबह – 8:54 सुबह, 21 जनवरी1घं 7मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 3:07 रात – 5:02 सुबह, 22 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:50 सुबह – 7:52 सुबह1घं 2मिचर8:54 सुबह – 9:58 सुबह1घं 5मिअमृत11:03 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 5मिशुभ1:12 दोपहर – 2:16 दोपहर1घं 5मिविजय मुहूर्त2:38 दोपहर – 3:12 दोपहर34मिचर4:26 शाम – 5:30 शाम1घं 5मिगोधूलि मुहूर्त5:30 शाम – 6:01 शाम31मिलाभ9:21 रात – 11:16 रात1घं 55मिशुभ1:11 रात – 3:07 रात, 22 जनवरी1घं 55मिअमृत3:07 रात – 5:02 सुबह, 22 जनवरी1घं 55मिचर5:02 सुबह – 6:57 सुबह, 22 जनवरी1घं 55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
फ़रवरी 2028
शुभ 4:48 सुबह – 6:35 सुबह, 11 फ़रवरी11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:30 सुबह – 7:27 सुबह57मिचर12:02 दोपहर – 1:15 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त12:56 दोपहर – 1:34 दोपहर39मिलाभ1:15 दोपहर – 2:28 दोपहर1घं 13मिशुभ4:53 शाम – 6:06 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:34 शाम29मिअमृत6:06 शाम – 7:53 शाम1घं 47मिचर7:53 शाम – 9:40 रात1घं 47मिलाभ1:14 रात – 3:01 रात, 11 फ़रवरी1घं 47मिशुभ4:48 सुबह – 6:35 सुबह, 11 फ़रवरी1घं 47मिअमृत6:35 सुबह – 8:22 सुबह, 11 फ़रवरी1घं 47मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:47 सुबह – 6:34 सुबह, 12 फ़रवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मघापाद 3
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:28 सुबह – 7:25 सुबह57मिचर8:22 सुबह – 9:36 सुबह1घं 13मिअमृत10:49 सुबह – 12:02 दोपहर1घं 13मिशुभ1:15 दोपहर – 2:28 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त2:53 दोपहर – 3:32 दोपहर39मिचर4:54 शाम – 6:08 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:36 शाम28मिलाभ9:41 रात – 11:28 रात1घं 47मिशुभ1:14 रात – 3:01 रात, 12 फ़रवरी1घं 47मिअमृत3:01 रात – 4:47 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिचर4:47 सुबह – 6:34 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 47मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 6:19 शाम – 8:02 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:20 सुबह – 7:16 सुबह56मिचर11:59 सुबह – 1:15 दोपहर1घं 16मिअभिजित मुहूर्त12:55 दोपहर – 1:35 दोपहर40मिलाभ1:15 दोपहर – 2:31 दोपहर1घं 16मिशुभ5:03 शाम – 6:19 शाम1घं 16मिगोधूलि मुहूर्त6:19 शाम – 6:46 शाम28मिअमृत6:19 शाम – 8:02 रात1घं 44मिचर8:02 रात – 9:46 रात1घं 44मिलाभ1:14 रात – 2:58 रात, 18 फ़रवरी1घं 44मिशुभ4:42 सुबह – 6:25 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 44मिअमृत6:25 सुबह – 8:09 सुबह, 18 फ़रवरी1घं 44मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 4:41 सुबह – 6:24 सुबह, 19 फ़रवरी12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:18 सुबह – 7:14 सुबह55मिचर8:09 सुबह – 9:26 सुबह1घं 16मिअमृत10:42 सुबह – 11:58 सुबह1घं 16मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:35 दोपहर20मिशुभ1:15 दोपहर – 2:31 दोपहर1घं 16मिविजय मुहूर्त2:57 दोपहर – 3:37 दोपहर41मिचर5:04 शाम – 6:20 शाम1घं 16मिगोधूलि मुहूर्त6:20 शाम – 6:48 शाम28मिलाभ9:47 रात – 11:30 रात1घं 43मिशुभ1:14 रात – 2:57 रात, 19 फ़रवरी1घं 43मिअमृत2:57 रात – 4:41 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 43मिचर4:41 सुबह – 6:24 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 43मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:53 रात – 11:33 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:08 सुबह – 7:01 सुबह54मिचर7:55 सुबह – 9:15 सुबह1घं 20मिअमृत10:35 सुबह – 11:54 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:35 दोपहर21मिशुभ1:14 दोपहर – 2:34 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त3:00 दोपहर – 3:43 दोपहर43मिचर5:13 शाम – 6:33 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 7:00 शाम27मिलाभ9:53 रात – 11:33 रात1घं 40मिशुभ1:13 रात – 2:53 रात, 26 फ़रवरी1घं 40मिअमृत2:53 रात – 4:33 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 40मिचर4:33 सुबह – 6:13 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 40मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
मार्च 2028
अमृत 6:56 शाम – 8:29 रात10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:46 सुबह – 6:37 सुबह50मिचर11:45 सुबह – 1:11 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:48 दोपहर – 1:34 दोपहर46मिलाभ1:11 दोपहर – 2:37 दोपहर1घं 26मिशुभ5:30 शाम – 6:56 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:56 शाम – 7:21 शाम25मिअमृत6:56 शाम – 8:29 रात1घं 34मिचर8:29 रात – 10:03 रात1घं 34मिलाभ1:10 रात – 2:44 रात, 10 मार्च1घं 34मिशुभ4:17 सुबह – 5:51 सुबह, 10 मार्च1घं 34मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
लाभ 10:04 रात – 11:37 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:45 सुबह – 6:35 सुबह50मिचर5:31 शाम – 6:58 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:58 शाम – 7:22 शाम25मिलाभ10:04 रात – 11:37 रात1घं 33मिशुभ1:10 रात – 2:43 रात, 11 मार्च1घं 33मिअमृत2:43 रात – 4:16 सुबह, 11 मार्च1घं 33मिचर4:16 सुबह – 5:49 सुबह, 11 मार्च1घं 33मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
लाभ 1:08 रात – 2:38 रात, 17 मार्च4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:34 सुबह – 6:23 सुबह48मिलाभ1:08 रात – 2:38 रात, 17 मार्च1घं 30मिशुभ4:09 सुबह – 5:39 सुबह, 17 मार्च1घं 30मिअमृत5:39 सुबह – 7:09 सुबह, 17 मार्च1घं 30मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:09 सुबह – 8:39 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:33 सुबह – 6:21 सुबह48मिचर7:09 सुबह – 8:39 सुबह1घं 30मिअमृत10:09 सुबह – 11:39 सुबह1घं 30मिअभिजित मुहूर्त1:09 दोपहर – 1:33 दोपहर24मिशुभ1:09 दोपहर – 2:39 दोपहर1घं 30मिविजय मुहूर्त3:09 दोपहर – 3:57 दोपहर48मिचर5:39 शाम – 7:10 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त7:10 शाम – 7:33 शाम24मिलाभ10:09 रात – 11:38 रात1घं 30मिशुभ1:08 रात – 2:38 रात, 18 मार्च1घं 30मिअमृत2:38 रात – 4:07 सुबह, 18 मार्च1घं 30मिचर4:07 सुबह – 5:37 सुबह, 18 मार्च1घं 30मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 1:07 दोपहर – 2:41 दोपहर8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:09 सुबह46मिचर11:34 सुबह – 1:07 दोपहर1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:43 दोपहर – 1:32 दोपहर50मिलाभ1:07 दोपहर – 2:41 दोपहर1घं 33मिशुभ5:47 शाम – 7:20 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त7:20 शाम – 7:43 शाम23मिअमृत7:20 शाम – 8:46 रात1घं 27मिचर8:46 रात – 10:13 रात1घं 27मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 5:48 शाम – 7:21 शाम9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:07 सुबह46मिशुभ2:18 दोपहर – 2:41 दोपहर23मिविजय मुहूर्त3:12 दोपहर – 4:02 शाम50मिचर5:48 शाम – 7:21 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त7:21 शाम – 7:44 शाम23मिलाभ10:14 रात – 11:40 रात1घं 26मिशुभ1:06 रात – 2:32 रात, 25 मार्च1घं 26मिअमृत2:32 रात – 3:58 रात, 25 मार्च1घं 26मिचर3:58 रात – 5:24 सुबह, 25 मार्च1घं 26मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चर 6:37 सुबह – 8:14 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:08 सुबह – 5:53 सुबह44मिचर6:37 सुबह – 8:14 सुबह1घं 37मिअमृत9:51 सुबह – 11:28 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त1:05 दोपहर – 1:31 दोपहर26मिशुभ1:05 दोपहर – 2:42 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त3:14 दोपहर – 4:06 शाम52मिचर5:56 शाम – 7:33 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त7:33 शाम – 7:55 शाम22मिलाभ10:19 रात – 11:41 रात1घं 23मिशुभ1:04 रात – 2:27 रात, 1 अप्रैल1घं 23मिअमृत2:27 रात – 3:49 रात, 1 अप्रैल1घं 23मिचर3:49 रात – 5:12 सुबह, 1 अप्रैल1घं 23मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अप्रैल 2028
चर 11:23 सुबह – 1:03 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- मघापाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:41 सुबह43मिचर11:23 सुबह – 1:03 दोपहर1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:37 दोपहर – 1:30 दोपहर53मिलाभ1:03 दोपहर – 2:43 दोपहर1घं 40मिशुभ6:03 शाम – 7:43 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:43 शाम – 8:05 रात21मिअमृत7:43 शाम – 9:03 रात1घं 20मिचर9:03 रात – 10:23 रात1घं 20मिलाभ1:02 रात – 2:22 रात, 7 अप्रैल1घं 20मिशुभ3:42 रात – 5:01 सुबह, 7 अप्रैल1घं 20मिअमृत5:01 सुबह – 6:21 सुबह, 7 अप्रैल1घं 20मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:21 सुबह – 8:02 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:56 सुबह – 5:39 सुबह43मिचर6:21 सुबह – 8:02 सुबह1घं 40मिअमृत9:42 सुबह – 11:23 सुबह1घं 40मिअभिजित मुहूर्त1:03 दोपहर – 1:30 दोपहर27मिशुभ1:03 दोपहर – 2:44 दोपहर1घं 40मिविजय मुहूर्त3:17 दोपहर – 4:11 शाम54मिचर6:04 शाम – 7:45 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त7:45 शाम – 8:06 रात21मिलाभ10:23 रात – 11:43 रात1घं 19मिशुभ1:02 रात – 2:21 रात, 8 अप्रैल1घं 19मिअमृत2:21 रात – 3:40 रात, 8 अप्रैल1घं 19मिचर3:40 रात – 5:00 सुबह, 8 अप्रैल1घं 19मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 11:18 सुबह – 1:01 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:46 सुबह – 5:27 सुबह41मिचर11:18 सुबह – 1:01 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:34 दोपहर – 1:29 दोपहर55मिलाभ1:01 दोपहर – 2:45 दोपहर1घं 43मिशुभ6:12 शाम – 7:55 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:55 शाम – 8:15 रात20मिअमृत7:55 शाम – 9:11 रात1घं 16मिचर9:11 रात – 10:28 रात1घं 16मिलाभ1:00 रात – 2:17 रात, 14 अप्रैल1घं 16मिशुभ3:33 रात – 4:49 सुबह, 14 अप्रैल1घं 16मिअमृत4:49 सुबह – 6:06 सुबह, 14 अप्रैल1घं 16मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:06 सुबह – 7:50 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:44 सुबह – 5:25 सुबह41मिचर6:06 सुबह – 7:50 सुबह1घं 44मिअमृत9:33 सुबह – 11:17 सुबह1घं 44मिअभिजित मुहूर्त1:01 दोपहर – 1:29 दोपहर28मिशुभ1:01 दोपहर – 2:45 दोपहर1घं 44मिविजय मुहूर्त3:20 दोपहर – 4:15 शाम55मिचर6:13 शाम – 7:57 शाम1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त7:57 शाम – 8:17 रात20मिलाभ10:28 रात – 11:44 रात1घं 16मिशुभ1:00 रात – 2:16 रात, 15 अप्रैल1घं 16मिअमृत2:16 रात – 3:18 रात, 15 अप्रैल1घं 2मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:13 सुबह – 1:00 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:14 सुबह39मिचर11:13 सुबह – 1:00 दोपहर1घं 47मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 1:28 दोपहर57मिलाभ1:00 दोपहर – 2:47 दोपहर1घं 47मिशुभ6:20 शाम – 8:07 रात1घं 47मिअमृत8:07 रात – 9:20 रात1घं 13मिचर9:20 रात – 10:33 रात1घं 13मिलाभ12:59 रात – 2:12 रात, 21 अप्रैल1घं 13मिशुभ3:25 रात – 4:38 सुबह, 21 अप्रैल1घं 13मिअमृत4:38 सुबह – 5:51 सुबह, 21 अप्रैल1घं 13मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
शुभ 1:00 दोपहर – 2:47 दोपहर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:12 सुबह39मिचर5:51 सुबह – 7:38 सुबह1घं 47मिअमृत9:25 सुबह – 11:12 सुबह1घं 47मिअभिजित मुहूर्त1:00 दोपहर – 1:28 दोपहर29मिशुभ1:00 दोपहर – 2:47 दोपहर1घं 47मिविजय मुहूर्त3:23 दोपहर – 4:20 शाम57मिचर6:21 शाम – 8:08 रात1घं 47मिलाभ10:33 रात – 11:46 रात1घं 13मिशुभ12:59 रात – 2:11 रात, 22 अप्रैल1घं 13मिअमृत2:11 रात – 3:24 रात, 22 अप्रैल1घं 13मिचर3:24 रात – 4:36 सुबह, 22 अप्रैल1घं 13मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 11:09 सुबह – 12:59 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:24 सुबह – 5:01 सुबह37मिचर11:09 सुबह – 12:59 दोपहर1घं 50मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 1:28 दोपहर59मिलाभ12:59 दोपहर – 2:49 दोपहर1घं 50मिशुभ6:28 शाम – 8:18 रात1घं 50मिअमृत8:18 रात – 9:28 रात1घं 10मिचर9:28 रात – 10:38 रात1घं 10मिलाभ12:58 रात – 2:07 रात, 28 अप्रैल1घं 10मिशुभ3:17 रात – 4:27 सुबह, 28 अप्रैल1घं 10मिअमृत4:27 सुबह – 5:37 सुबह, 28 अप्रैल1घं 10मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:37 सुबह – 7:27 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:22 सुबह – 5:00 सुबह37मिचर5:37 सुबह – 7:27 सुबह1घं 50मिलाभ10:39 रात – 11:48 रात1घं 9मिशुभ12:58 रात – 2:07 रात, 29 अप्रैल1घं 9मिअमृत2:07 रात – 3:16 रात, 29 अप्रैल1घं 9मिचर3:16 रात – 4:26 सुबह, 29 अप्रैल1घं 9मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
मई 2028
चर 11:05 सुबह – 12:58 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:14 सुबह – 4:50 सुबह36मिचर11:05 सुबह – 12:58 दोपहर1घं 53मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:28 दोपहर1घंलाभ12:58 दोपहर – 2:51 दोपहर1घं 53मिशुभ6:37 शाम – 8:24 रात1घं 48मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
शुभ 6:45 शाम – 8:41 रात7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:05 सुबह – 4:40 सुबह34मिशुभ6:45 शाम – 8:41 रात1घं 56मिअमृत8:41 रात – 9:45 रात1घं 4मिचर9:45 रात – 10:49 रात1घं 4मिलाभ12:57 रात – 2:01 रात, 12 मई1घं 4मिशुभ3:04 रात – 4:08 सुबह, 12 मई1घं 4मिअमृत4:08 सुबह – 5:12 सुबह, 12 मई1घं 4मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 5:12 सुबह – 7:09 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:38 सुबह34मिचर5:12 सुबह – 7:09 सुबह1घं 56मिअमृत9:05 सुबह – 11:01 सुबह1घं 56मिअभिजित मुहूर्त12:57 दोपहर – 1:28 दोपहर31मिशुभ12:57 दोपहर – 2:54 दोपहर1घं 56मिविजय मुहूर्त3:32 दोपहर – 4:34 शाम1घं 2मिचर6:46 शाम – 8:42 रात1घं 56मिलाभ10:50 रात – 11:53 रात1घं 4मिशुभ12:57 रात – 2:00 रात, 13 मई1घं 4मिअमृत2:00 रात – 3:04 रात, 13 मई1घं 4मिचर3:04 रात – 4:07 सुबह, 13 मई1घं 4मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 12:57 दोपहर – 2:56 दोपहर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त3:58 रात – 4:31 सुबह33मिचर10:59 सुबह – 12:57 दोपहर1घं 58मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:29 दोपहर1घं 3मिलाभ12:57 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:54 शाम – 8:53 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:57 रात – 4:29 सुबह33मिचर5:41 सुबह – 7:01 सुबह1घं 20मिअमृत9:00 सुबह – 10:59 सुबह1घं 59मिअभिजित मुहूर्त12:57 दोपहर – 1:29 दोपहर32मिशुभ12:57 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 59मिविजय मुहूर्त3:36 दोपहर – 4:39 शाम1घं 3मिचर6:54 शाम – 8:53 रात1घं 59मिलाभ10:55 रात – 11:56 रात1घं 1मिशुभ12:57 रात – 1:58 रात, 20 मई1घं 1मिअमृत1:58 रात – 2:59 रात, 20 मई1घं 1मिचर2:59 रात – 4:00 सुबह, 20 मई1घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:57 सुबह – 12:58 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:52 रात – 4:23 सुबह32मिचर10:57 सुबह – 12:58 दोपहर2घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 1:30 दोपहर1घं 4मिलाभ12:58 दोपहर – 2:59 दोपहर2घं 1मिशुभ7:00 शाम – 9:01 रात2घं 1मिअमृत9:01 रात – 10:00 रात59मिचर10:00 रात – 10:59 रात59मिलाभ12:57 रात – 1:56 रात, 26 मई59मिशुभ2:56 रात – 3:55 रात, 26 मई59मिअमृत3:55 रात – 4:54 सुबह, 26 मई59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 4:54 सुबह – 6:55 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:51 रात – 4:22 सुबह32मिचर4:54 सुबह – 6:55 सुबह2घं 1मिअमृत8:56 सुबह – 10:57 सुबह2घं 1मिअभिजित मुहूर्त12:58 दोपहर – 1:30 दोपहर32मिशुभ12:58 दोपहर – 2:59 दोपहर2घं 1मिविजय मुहूर्त3:39 दोपहर – 4:44 शाम1घं 5मिचर7:01 शाम – 9:02 रात2घं 1मिलाभ11:00 रात – 11:59 रात59मिशुभ12:58 रात – 1:56 रात, 27 मई59मिअमृत1:56 रात – 2:55 रात, 27 मई59मिचर2:55 रात – 3:54 रात, 27 मई59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
जून 2028
चर 10:56 सुबह – 1:00 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:44 रात – 4:14 सुबह30मिचर10:56 सुबह – 1:00 दोपहर2घं 4मिअभिजित मुहूर्त12:27 दोपहर – 1:33 दोपहर1घं 6मिलाभ1:00 दोपहर – 3:04 दोपहर2घं 4मिशुभ7:12 शाम – 9:16 रात2घं 4मिअमृत9:16 रात – 10:12 रात56मिचर10:12 रात – 11:08 रात56मिलाभ1:00 रात – 1:56 रात, 9 जून56मिशुभ2:52 रात – 3:48 रात, 9 जून56मिअमृत3:48 रात – 4:44 सुबह, 9 जून56मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 4:44 सुबह – 6:48 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त3:44 रात – 4:14 सुबह30मिचर4:44 सुबह – 6:48 सुबह2घं 4मिअमृत8:52 सुबह – 10:56 सुबह2घं 4मिअभिजित मुहूर्त1:00 दोपहर – 1:33 दोपहर33मिशुभ1:00 दोपहर – 3:04 दोपहर2घं 4मिविजय मुहूर्त3:46 दोपहर – 4:52 शाम1घं 6मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चर 10:57 सुबह – 1:01 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:43 रात – 4:13 सुबह30मिचर10:57 सुबह – 1:01 दोपहर2घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:28 दोपहर – 1:34 दोपहर1घं 7मिलाभ1:01 दोपहर – 3:06 दोपहर2घं 5मिशुभ7:15 शाम – 9:20 रात2घं 5मिअमृत9:20 रात – 10:15 रात55मिचर10:15 रात – 11:11 रात55मिलाभ1:01 रात – 1:56 रात, 16 जून55मिशुभ2:52 रात – 3:47 रात, 16 जून55मिअमृत3:47 रात – 4:42 सुबह, 16 जून55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
शुभ 1:01 दोपहर – 3:06 दोपहर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:43 रात – 4:13 सुबह29मिचर4:42 सुबह – 6:47 सुबह2घं 5मिअमृत8:52 सुबह – 10:57 सुबह2घं 5मिअभिजित मुहूर्त1:01 दोपहर – 1:35 दोपहर33मिशुभ1:01 दोपहर – 3:06 दोपहर2घं 5मिविजय मुहूर्त3:48 दोपहर – 4:54 शाम1घं 7मिचर7:16 शाम – 9:21 रात2घं 5मिलाभ11:11 रात – 12:06 रात, 17 जून55मिशुभ1:01 रात – 1:57 रात, 17 जून55मिअमृत1:57 रात – 2:52 रात, 17 जून55मिचर2:52 रात – 3:47 रात, 17 जून55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:58 सुबह – 1:03 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:44 रात – 4:14 सुबह29मिचर10:58 सुबह – 1:03 दोपहर2घं 5मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 1:36 दोपहर1घं 7मिलाभ1:03 दोपहर – 3:07 दोपहर2घं 5मिशुभ7:17 शाम – 9:22 रात2घं 5मिअमृत9:22 रात – 10:17 रात55मिचर10:17 रात – 11:12 रात55मिलाभ1:03 रात – 1:58 रात, 23 जून55मिशुभ2:53 रात – 3:48 रात, 23 जून55मिअमृत3:48 रात – 4:43 सुबह, 23 जून55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 4:43 सुबह – 6:48 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:45 रात – 4:14 सुबह29मिचर4:43 सुबह – 6:48 सुबह2घं 5मिअमृत8:53 सुबह – 10:58 सुबह2घं 5मिअभिजित मुहूर्त1:03 दोपहर – 1:36 दोपहर33मिशुभ1:03 दोपहर – 3:08 दोपहर2घं 5मिविजय मुहूर्त3:49 दोपहर – 4:56 शाम1घं 7मिचर7:17 शाम – 9:22 रात2घं 5मिलाभ11:13 रात – 12:08 रात, 24 जून55मिशुभ1:03 रात – 1:58 रात, 24 जून55मिअमृत1:58 रात – 2:53 रात, 24 जून55मिचर2:53 रात – 3:49 रात, 24 जून55मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जुलाई 2028
चर 11:02 सुबह – 1:05 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त3:51 रात – 4:21 सुबह30मिचर11:02 सुबह – 1:05 दोपहर2घं 3मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 1:38 दोपहर1घं 6मिलाभ1:05 दोपहर – 3:09 दोपहर2घं 3मिशुभ7:15 शाम – 9:19 रात2घं 3मिअमृत9:19 रात – 10:15 रात57मिचर10:15 रात – 11:12 रात57मिलाभ1:06 रात – 2:02 रात, 7 जुलाई57मिशुभ2:59 रात – 3:56 रात, 7 जुलाई57मिअमृत3:56 रात – 4:53 सुबह, 7 जुलाई57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 4:53 सुबह – 6:56 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 4
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:52 रात – 4:22 सुबह30मिचर4:53 सुबह – 6:56 सुबह2घं 3मिअमृत8:59 सुबह – 11:02 सुबह2घं 3मिअभिजित मुहूर्त1:05 दोपहर – 1:38 दोपहर33मिशुभ1:05 दोपहर – 3:08 दोपहर2घं 3मिविजय मुहूर्त3:50 दोपहर – 4:55 शाम1घं 6मिचर7:15 शाम – 9:18 रात2घं 3मिलाभ11:12 रात – 12:09 रात, 8 जुलाई57मिशुभ1:06 रात – 2:03 रात, 8 जुलाई57मिअमृत2:03 रात – 3:00 रात, 8 जुलाई57मिचर3:00 रात – 3:57 रात, 8 जुलाई57मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:59 शाम – 9:13 रात7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त3:57 रात – 4:28 सुबह31मिशुभ7:59 शाम – 9:13 रात1घं 14मिअमृत9:13 रात – 10:12 रात58मिचर10:12 रात – 11:10 रात58मिलाभ1:07 रात – 2:05 रात, 14 जुलाई58मिशुभ3:03 रात – 4:02 सुबह, 14 जुलाई58मिअमृत4:02 सुबह – 5:00 सुबह, 14 जुलाई58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 9:03 सुबह – 11:05 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त3:58 रात – 4:29 सुबह31मिचर5:00 सुबह – 7:02 सुबह2घं 2मिअमृत9:03 सुबह – 11:05 सुबह2घं 2मिअभिजित मुहूर्त1:06 दोपहर – 1:39 दोपहर32मिशुभ1:06 दोपहर – 3:08 दोपहर2घं 2मिविजय मुहूर्त3:48 दोपहर – 4:53 शाम1घं 5मिचर7:11 शाम – 9:12 रात2घं 2मिलाभ11:09 रात – 12:08 रात, 15 जुलाई59मिशुभ1:07 रात – 2:05 रात, 15 जुलाई59मिअमृत2:05 रात – 3:04 रात, 15 जुलाई59मिचर3:04 रात – 4:03 सुबह, 15 जुलाई59मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 8:02 रात – 9:06 रात7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:03 सुबह – 4:35 सुबह32मिशुभ8:02 रात – 9:06 रात1घं 4मिअमृत9:06 रात – 10:06 रात1घंचर10:06 रात – 11:06 रात1घंलाभ1:07 रात – 2:08 रात, 21 जुलाई1घंशुभ3:08 रात – 4:08 सुबह, 21 जुलाई1घंअमृत4:08 सुबह – 5:09 सुबह, 21 जुलाई1घंसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:05 शाम – 9:04 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:04 सुबह – 4:37 सुबह32मिचर5:09 सुबह – 7:08 सुबह1घं 59मिअमृत9:08 सुबह – 11:07 सुबह1घं 59मिअभिजित मुहूर्त1:07 दोपहर – 1:38 दोपहर32मिशुभ1:07 दोपहर – 3:06 दोपहर1घं 59मिविजय मुहूर्त3:46 दोपहर – 4:49 शाम1घं 4मिचर7:05 शाम – 9:04 रात1घं 59मिलाभ11:06 रात – 12:06 रात, 22 जुलाई1घं 1मिशुभ1:07 रात – 2:08 रात, 22 जुलाई1घं 1मिअमृत2:08 रात – 3:09 रात, 22 जुलाई1घं 1मिचर3:09 रात – 4:09 सुबह, 22 जुलाई1घं 1मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अगस्त 2028
लाभ 1:06 दोपहर – 3:01 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:18 सुबह – 4:53 सुबह35मिचर11:12 सुबह – 1:06 दोपहर1घं 55मिअभिजित मुहूर्त12:36 दोपहर – 1:37 दोपहर1घं 1मिलाभ1:06 दोपहर – 3:01 दोपहर1घं 55मिशुभ6:50 शाम – 8:45 रात1घं 55मिअमृत8:45 रात – 9:50 रात1घं 6मिचर9:50 रात – 10:56 रात1घं 6मिलाभ1:07 रात – 2:12 रात, 4 अगस्त1घं 6मिशुभ3:18 रात – 4:24 सुबह, 4 अगस्त1घं 6मिअमृत4:24 सुबह – 5:29 सुबह, 4 अगस्त1घं 6मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:14 सुबह – 1:05 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:02 सुबह36मिचर11:14 सुबह – 1:05 दोपहर1घं 52मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:35 दोपहर1घंलाभ1:05 दोपहर – 2:57 दोपहर1घं 52मिशुभ6:40 शाम – 8:32 रात1घं 52मिअमृत8:32 रात – 9:41 रात1घं 9मिचर9:41 रात – 10:49 रात1घं 9मिलाभ1:06 रात – 2:15 रात, 11 अगस्त1घं 9मिशुभ3:23 रात – 4:32 सुबह, 11 अगस्त1घं 9मिअमृत4:32 सुबह – 5:40 सुबह, 11 अगस्त1घं 9मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:40 सुबह – 7:31 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- शूल
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:04 सुबह37मिचर5:40 सुबह – 7:31 सुबह1घं 51मिअमृत9:23 सुबह – 11:14 सुबह1घं 51मिअभिजित मुहूर्त1:05 दोपहर – 1:35 दोपहर30मिशुभ1:05 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 51मिविजय मुहूर्त3:33 दोपहर – 4:33 शाम59मिचर6:39 शाम – 8:30 रात1घं 51मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:15 सुबह – 1:04 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:12 सुबह38मिचर11:15 सुबह – 1:04 दोपहर1घं 49मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 1:33 दोपहर58मिलाभ1:04 दोपहर – 2:53 दोपहर1घं 49मिशुभ6:30 शाम – 8:18 रात1घं 49मिअमृत8:18 रात – 9:30 रात1घं 12मिचर9:30 रात – 10:41 रात1घं 12मिलाभ1:05 रात – 2:16 रात, 18 अगस्त1घं 12मिशुभ3:28 रात – 4:40 सुबह, 18 अगस्त1घं 12मिअमृत4:40 सुबह – 5:51 सुबह, 18 अगस्त1घं 12मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 9:27 सुबह – 11:16 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:35 सुबह – 5:13 सुबह38मिचर5:51 सुबह – 7:39 सुबह1घं 48मिअमृत9:27 सुबह – 11:16 सुबह1घं 48मिअभिजित मुहूर्त1:04 दोपहर – 1:33 दोपहर29मिशुभ1:04 दोपहर – 2:52 दोपहर1घं 48मिविजय मुहूर्त3:28 दोपहर – 4:26 शाम58मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:02 सुबह – 7:47 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:43 सुबह – 5:22 सुबह40मिचर6:02 सुबह – 7:47 सुबह1घं 45मिअमृत9:32 सुबह – 11:17 सुबह1घं 45मिअभिजित मुहूर्त1:02 दोपहर – 1:30 दोपहर28मिशुभ1:02 दोपहर – 2:47 दोपहर1घं 45मिविजय मुहूर्त3:22 दोपहर – 4:18 शाम56मिचर6:17 शाम – 8:01 रात1घं 45मिगोधूलि मुहूर्त8:01 रात – 8:22 रात20मिलाभ10:32 रात – 11:47 रात1घं 15मिशुभ1:03 रात – 2:18 रात, 26 अगस्त1घं 15मिअमृत2:18 रात – 3:33 रात, 26 अगस्त1घं 15मिचर3:33 रात – 4:49 सुबह, 26 अगस्त1घं 15मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
सितंबर 2028
चर 11:19 सुबह – 12:58 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:40 सुबह43मिचर11:19 सुबह – 12:58 दोपहर1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 1:24 दोपहर53मिलाभ12:58 दोपहर – 2:36 दोपहर1घं 39मिशुभ5:54 शाम – 7:33 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त7:33 शाम – 7:54 शाम22मिअमृत7:33 शाम – 8:54 रात1घं 22मिचर8:54 रात – 10:16 रात1घं 22मिलाभ12:59 रात – 2:20 रात, 8 सितंबर1घं 22मिशुभ3:42 रात – 5:03 सुबह, 8 सितंबर1घं 22मिअमृत5:03 सुबह – 6:25 सुबह, 8 सितंबर1घं 22मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 12:55 दोपहर – 2:31 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:49 सुबह45मिचर11:26 सुबह – 12:55 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 1:21 दोपहर51मिलाभ12:55 दोपहर – 2:31 दोपहर1घं 35मिशुभ5:41 शाम – 7:17 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त7:17 शाम – 7:39 शाम23मिअमृत7:17 शाम – 8:41 रात1घं 25मिचर8:41 रात – 10:06 रात1घं 25मिलाभ12:56 रात – 2:21 रात, 15 सितंबर1घं 25मिशुभ3:46 रात – 5:11 सुबह, 15 सितंबर1घं 25मिअमृत5:11 सुबह – 6:36 सुबह, 15 सितंबर1घं 25मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 6:36 सुबह – 8:11 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:51 सुबह45मिचर6:36 सुबह – 8:11 सुबह1घं 35मिअमृत9:45 सुबह – 11:20 सुबह1घं 35मिअभिजित मुहूर्त12:55 दोपहर – 1:20 दोपहर25मिशुभ12:55 दोपहर – 2:30 दोपहर1घं 35मिविजय मुहूर्त3:01 दोपहर – 3:52 दोपहर51मिचर5:39 शाम – 7:14 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त7:14 शाम – 7:37 शाम23मिलाभ10:05 रात – 11:30 रात1घं 25मिशुभ12:56 रात – 2:21 रात, 16 सितंबर1घं 25मिअमृत2:21 रात – 3:47 रात, 16 सितंबर1घं 25मिचर3:47 रात – 5:12 सुबह, 16 सितंबर1घं 25मिसमय GMT+1 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"