होम / शुभ मुहूर्त / संपत्ति संपत्ति मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन आगे 18 शुभ दिन · मुंबई · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
नवंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
ये दिन कैसे चुने जाते हैं दिन किस बात से तय होता है पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है 2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"
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दिसंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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जनवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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फ़रवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28
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मार्च 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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अप्रैल 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30
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मई 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
नवंबर 2026 चर 7:37 शाम – 9:12 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 3
योग सुकर्मा इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:02 सुबह – 5:53 सुबह 51मि चर 10:58 सुबह – 12:22 दोपहर 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 12:00 दोपहर – 12:45 दोपहर 45मि लाभ 12:22 दोपहर – 1:47 दोपहर 1घं 25मि शुभ 4:36 शाम – 6:01 शाम 1घं 25मि गोधूलि मुहूर्त 6:01 शाम – 6:27 शाम 25मि अमृत 6:01 शाम – 7:37 शाम 1घं 35मि चर 7:37 शाम – 9:12 रात 1घं 35मि लाभ 12:23 रात – 1:58 रात, 13 नवंबर 1घं 35मि शुभ 3:34 रात – 5:09 सुबह, 13 नवंबर 1घं 35मि अमृत 5:09 सुबह – 6:44 सुबह, 13 नवंबर 1घं 35मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 6:48 सुबह – 8:12 सुबह8 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 4
योग वज्र इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:06 सुबह – 5:57 सुबह 51मि चर 6:48 सुबह – 8:12 सुबह 1घं 24मि अमृत 9:36 सुबह – 11:00 सुबह 1घं 24मि अभिजित मुहूर्त 12:24 दोपहर – 12:46 दोपहर 22मि शुभ 12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर 1घं 24मि विजय मुहूर्त
अमृत 5:59 शाम – 7:36 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र मृगशिरापाद 2
योग सिद्ध इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:09 सुबह – 6:00 सुबह 52मि चर 11:02 सुबह – 12:26 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:03 दोपहर – 12:48 दोपहर 44मि लाभ 12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर 1घं 23मि शुभ 4:36 शाम – 5:59 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त
लाभ 9:13 रात – 10:50 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र आर्द्रापाद 3
योग शुभ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:09 सुबह – 6:01 सुबह 52मि अमृत 9:49 सुबह – 11:03 सुबह 1घं 14मि अभिजित मुहूर्त 12:26 दोपहर – 12:48 दोपहर 22मि शुभ 12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर 1घं 23मि विजय मुहूर्त 2:17 दोपहर – 3:02 दोपहर 44मि चर
दिसंबर 2026 अमृत 2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 2
योग गण्ड इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:17 सुबह – 6:09 सुबह 52मि चर 7:01 सुबह – 8:24 सुबह 1घं 23मि अमृत 9:46 सुबह – 11:09 सुबह 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:32 दोपहर – 12:54 दोपहर 22मि
जनवरी 2027 अमृत 2:24 रात – 4:01 सुबह, 16 जनवरी7 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र रेवतीपाद 2
योग शिव इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:31 सुबह – 6:23 सुबह 52मि चर 7:14 सुबह – 8:38 सुबह 1घं 23मि अमृत 10:01 सुबह – 11:24 सुबह 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:48 दोपहर – 1:10 दोपहर 22मि
फ़रवरी 2027 चर 11:27 सुबह – 12:52 दोपहर5 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 3
योग वज्र इस दिन का समय (5) ब्रह्म मुहूर्त 5:30 सुबह – 6:21 सुबह 51मि चर 11:27 सुबह – 12:52 दोपहर 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 12:30 दोपहर – 1:15 दोपहर 45मि लाभ 12:52 दोपहर – 2:18 दोपहर 1घं 25मि
मार्च 2027 अमृत 6:47 शाम – 8:17 रात9 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र रेवतीपाद 4
योग ब्रह्म इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 5:14 सुबह – 6:02 सुबह 48मि चर 11:19 सुबह – 12:49 दोपहर 1घं 30मि अभिजित मुहूर्त 12:25 दोपहर – 1:13 दोपहर 48मि लाभ 12:49 दोपहर – 2:18 दोपहर 1घं 30मि
अप्रैल 2027 चर 6:21 सुबह – 7:55 सुबह9 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र आश्लेषापाद 4
योग गण्ड इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 4:49 सुबह – 5:35 सुबह 46मि चर 6:21 सुबह – 7:55 सुबह 1घं 34मि अमृत 9:30 सुबह – 11:04 सुबह 1घं 34मि अभिजित मुहूर्त 12:39 दोपहर – 1:04 दोपहर 25मि
जिन महीनों में मुहूर्त है 2:16 दोपहर – 3:01 दोपहर
45मि
चर 4:36 शाम – 6:00 शाम 1घं 24मि
गोधूलि मुहूर्त 6:00 शाम – 6:25 शाम 26मि
यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 5:59 शाम – 6:25 शाम
26मि
अमृत 5:59 शाम – 7:36 शाम 1घं 37मि
चर 7:36 शाम – 9:13 रात 1घं 37मि
यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 4:36 शाम – 5:59 शाम
1घं 23मि
गोधूलि मुहूर्त 5:59 शाम – 6:25 शाम 26मि
लाभ 9:13 रात – 10:50 रात 1घं 37मि
शुभ 12:26 रात – 2:03 रात, 28 नवंबर 1घं 37मि
अमृत 2:03 रात – 3:40 रात, 28 नवंबर 1घं 37मि
चर 3:40 रात – 5:16 सुबह, 28 नवंबर 1घं 37मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 शुभ 12:32 दोपहर – 1:54 दोपहर 1घं 23मि
विजय मुहूर्त 2:22 दोपहर – 3:06 दोपहर 44मि
चर 4:39 शाम – 6:02 शाम 1घं 23मि
गोधूलि मुहूर्त 6:02 शाम – 6:28 शाम 26मि
लाभ 9:17 रात – 10:54 रात 1घं 37मि
शुभ 12:32 रात – 2:09 रात, 12 दिसंबर 1घं 37मि
अमृत 2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर 1घं 37मि
चर 3:47 रात – 5:24 सुबह, 12 दिसंबर 1घं 37मि
यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 3:54 रात – 5:31 सुबह, 26 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 2
योग ब्रह्म इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:24 सुबह – 6:17 सुबह 52मि चर 7:09 सुबह – 8:31 सुबह 1घं 22मि अमृत 9:54 सुबह – 11:16 सुबह 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 12:38 दोपहर – 1:00 दोपहर 22मि शुभ 12:38 दोपहर – 2:01 दोपहर 1घं 22मि विजय मुहूर्त 2:28 दोपहर – 3:12 दोपहर 44मि चर 4:46 शाम – 6:08 शाम 1घं 22मि गोधूलि मुहूर्त 6:08 शाम – 6:34 शाम 26मि लाभ 9:23 रात – 11:01 रात 1घं 38मि शुभ 12:39 रात – 2:16 रात, 26 दिसंबर 1घं 38मि अमृत 2:16 रात – 3:54 रात, 26 दिसंबर 1घं 38मि चर 3:54 रात – 5:31 सुबह, 26 दिसंबर 1घं 38मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 शुभ 12:48 दोपहर – 2:11 दोपहर 1घं 23मि
अमृत 2:24 रात – 4:01 सुबह, 16 जनवरी 1घं 37मि
चर 4:01 सुबह – 5:38 सुबह, 16 जनवरी 1घं 37मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 5:50 सुबह – 7:11 सुबह, 5 फ़रवरी 1घं 21मि
यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 5 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 12:53 रात – 2:26 रात, 12 फ़रवरी11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र रेवतीपाद 1
योग साध्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:28 सुबह – 6:19 सुबह 50मि चर 11:27 सुबह – 12:53 दोपहर 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 12:30 दोपहर – 1:16 दोपहर 46मि लाभ 12:53 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 26मि शुभ 5:11 शाम – 6:37 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 6:37 शाम – 7:02 शाम 25मि अमृत 6:37 शाम – 8:11 रात 1घं 34मि चर 8:11 रात – 9:45 रात 1घं 34मि लाभ 12:53 रात – 2:26 रात, 12 फ़रवरी 1घं 34मि शुभ 4:00 सुबह – 5:34 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 34मि अमृत 5:34 सुबह – 7:08 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 34मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 6:40 शाम – 8:13 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 2
योग आयुष्मान इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:26 सुबह – 6:15 सुबह 50मि चर 11:26 सुबह – 12:53 दोपहर 1घं 27मि अभिजित मुहूर्त 12:29 दोपहर – 1:16 दोपहर 46मि लाभ 12:53 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 27मि शुभ 5:13 शाम – 6:40 शाम 1घं 27मि गोधूलि मुहूर्त 6:40 शाम – 7:05 शाम 25मि अमृत 6:40 शाम – 8:13 रात 1घं 33मि चर 8:13 रात – 9:46 रात 1घं 33मि लाभ 12:52 रात – 2:25 रात, 19 फ़रवरी 1घं 33मि शुभ 3:58 रात – 5:31 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 33मि अमृत 5:31 सुबह – 7:05 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 33मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 9:46 रात – 11:19 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र पुष्यपाद 2
योग सौभाग्य इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:25 सुबह – 6:15 सुबह 50मि चर 7:05 सुबह – 8:32 सुबह 1घं 27मि अमृत 9:58 सुबह – 11:25 सुबह 1घं 27मि अभिजित मुहूर्त 12:52 दोपहर – 1:16 दोपहर 23मि शुभ 12:52 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 27मि विजय मुहूर्त 2:48 दोपहर – 3:35 दोपहर 46मि चर 5:13 शाम – 6:40 शाम 1घं 27मि गोधूलि मुहूर्त 6:40 शाम – 7:05 शाम 25मि लाभ 9:46 रात – 11:19 रात 1घं 33मि शुभ 12:52 रात – 2:25 रात, 20 फ़रवरी 1घं 33मि अमृत 2:25 रात – 3:58 रात, 20 फ़रवरी 1घं 33मि चर 3:58 रात – 5:31 सुबह, 20 फ़रवरी 1घं 33मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 शुभ 5:18 शाम – 6:47 शाम 1घं 30मि
गोधूलि मुहूर्त 6:47 शाम – 7:11 शाम 24मि
अमृत 6:47 शाम – 8:17 रात 1घं 30मि
चर 8:17 रात – 9:48 रात 1घं 30मि
लाभ 12:48 रात – 2:19 रात, 12 मार्च 1घं 30मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 11:16 सुबह – 12:47 दोपहर7 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र पुष्यपाद 1
योग अतिगण्ड इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:09 सुबह – 5:57 सुबह 48मि चर 11:16 सुबह – 12:47 दोपहर 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 12:23 दोपहर – 1:11 दोपहर 48मि लाभ 12:47 दोपहर – 2:17 दोपहर 1घं 31मि लाभ 1:52 रात – 2:16 रात, 19 मार्च 24मि शुभ 3:45 रात – 5:14 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि अमृत 5:14 सुबह – 6:44 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 9:45 सुबह – 11:16 सुबह12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र आश्लेषापाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:08 सुबह – 5:56 सुबह 48मि चर 6:44 सुबह – 8:14 सुबह 1घं 31मि अमृत 9:45 सुबह – 11:16 सुबह 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 12:46 दोपहर – 1:11 दोपहर 24मि शुभ 12:46 दोपहर – 2:17 दोपहर 1घं 31मि विजय मुहूर्त 2:47 दोपहर – 3:36 दोपहर 48मि चर 5:19 शाम – 6:49 शाम 1घं 31मि गोधूलि मुहूर्त 6:49 शाम – 7:13 शाम 24मि लाभ 9:48 रात – 11:17 रात 1घं 29मि शुभ 12:46 रात – 2:15 रात, 20 मार्च 1घं 29मि अमृत 2:15 रात – 3:44 रात, 20 मार्च 1घं 29मि चर 3:44 रात – 5:14 सुबह, 20 मार्च 1घं 29मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 लाभ 12:45 दोपहर – 2:16 दोपहर10 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र स्वातिपाद 2
योग व्याघात इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 5:04 सुबह – 5:51 सुबह 47मि अभिजित मुहूर्त 12:38 दोपहर – 1:09 दोपहर 31मि लाभ 12:45 दोपहर – 2:16 दोपहर 1घं 32मि शुभ 5:19 शाम – 6:51 शाम 1घं 32मि गोधूलि मुहूर्त 6:51 शाम – 7:14 शाम 24मि अमृत 6:51 शाम – 8:19 रात 1घं 28मि चर 8:19 रात – 9:48 रात 1घं 28मि लाभ 12:44 रात – 2:13 रात, 26 मार्च 1घं 28मि शुभ 3:41 रात – 5:09 सुबह, 26 मार्च 1घं 28मि अमृत 5:09 सुबह – 6:38 सुबह, 26 मार्च 1घं 28मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 शुभ 12:39 दोपहर – 2:13 दोपहर 1घं 34मि
विजय मुहूर्त 2:44 दोपहर – 3:35 दोपहर 50मि
चर 5:22 शाम – 6:56 शाम 1घं 34मि
गोधूलि मुहूर्त 6:56 शाम – 7:19 शाम 23मि
लाभ 9:47 रात – 10:24 रात 37मि
यह दिन क्यों अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 11:02 सुबह – 12:37 दोपहर11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र विशाखापाद 1
योग सिद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:46 सुबह – 5:31 सुबह 45मि चर 11:02 सुबह – 12:37 दोपहर 1घं 35मि अभिजित मुहूर्त 12:12 दोपहर – 1:03 दोपहर 51मि लाभ 12:37 दोपहर – 2:12 दोपहर 1घं 35मि शुभ 5:23 शाम – 6:58 शाम 1घं 35मि गोधूलि मुहूर्त 6:58 शाम – 7:21 शाम 23मि अमृत 6:58 शाम – 8:23 रात 1घं 25मि चर 8:23 रात – 9:47 रात 1घं 25मि लाभ 12:37 रात – 2:02 रात, 23 अप्रैल 1घं 25मि शुभ 3:26 रात – 4:51 सुबह, 23 अप्रैल 1घं 25मि अमृत 4:51 सुबह – 6:16 सुबह, 23 अप्रैल 1घं 25मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 9:26 सुबह – 11:02 सुबह7 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र अनुराधापाद 1
योग व्यतीपात इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 4:45 सुबह – 5:31 सुबह 45मि चर 6:16 सुबह – 7:51 सुबह 1घं 35मि अमृत 9:26 सुबह – 11:02 सुबह 1घं 35मि अभिजित मुहूर्त 12:37 दोपहर – 1:02 दोपहर 25मि शुभ 12:37 दोपहर – 2:12 दोपहर 1घं 35मि विजय मुहूर्त 2:44 दोपहर – 3:35 दोपहर 51मि चर 4:21 सुबह – 4:50 सुबह, 24 अप्रैल 29मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10