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होम / शुभ मुहूर्त / संपत्ति संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन आगे 37 शुभ दिन · मुंबई · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
ये दिन कैसे चुने जाते हैं दिन किस बात से तय होता है पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है 2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"
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नवंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30
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दिसंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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जनवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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फ़रवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28
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मार्च 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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सितंबर 2026 अमृत 9:29 सुबह – 10:59 सुबह9 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र शतभिषापाद 4
योग शूल इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 4:52 सुबह – 5:40 सुबह 48मि चर 6:28 सुबह – 7:58 सुबह 1घं 31मि अमृत 9:29 सुबह – 10:59 सुबह 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 12:30 दोपहर – 12:54 दोपहर 24मि शुभ 12:30 दोपहर – 2:01 दोपहर 1घं 31मि विजय मुहूर्त 2:31 दोपहर – 3:19 दोपहर 48मि चर 5:02 शाम – 6:32 शाम 1घं 31मि गोधूलि मुहूर्त 6:32 शाम – 6:56 शाम 24मि लाभ 9:31 रात – 11:01 रात 1घं 29मि
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यह दिन क्यों शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18 चुनने के लिए 9 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अक्तूबर 2026 अमृत 6:27 शाम – 7:57 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण पंचमी
नक्षत्र रोहिणीपाद 1
योग सिद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:53 सुबह – 5:41 सुबह 48मि चर 10:58 सुबह – 12:28 दोपहर 1घं 30मि अभिजित मुहूर्त 12:04 दोपहर – 12:52 दोपहर 48मि लाभ 12:28 दोपहर – 1:58 दोपहर 1घं 30मि
नवंबर 2026 चर 7:37 शाम – 9:12 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 3
योग सुकर्मा इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:02 सुबह – 5:53 सुबह 51मि चर 10:58 सुबह – 12:22 दोपहर 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 12:00 दोपहर – 12:45 दोपहर 45मि लाभ 12:22 दोपहर – 1:47 दोपहर 1घं 25मि
दिसंबर 2026 अमृत 6:02 शाम – 7:39 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्र मूलपाद 2
योग शूल इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:17 सुबह – 6:09 सुबह 52मि चर 11:08 सुबह – 12:31 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:09 दोपहर – 12:53 दोपहर 44मि लाभ 12:31 दोपहर – 1:54 दोपहर 1घं 23मि शुभ 4:39 शाम – 6:02 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 6:02 शाम – 6:28 शाम
जनवरी 2027 अमृत 6:16 शाम – 7:53 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 1
योग ध्रुव इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:29 सुबह – 6:21 सुबह 52मि चर 11:22 सुबह – 12:45 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:22 दोपहर – 1:07 दोपहर 44मि लाभ 12:45 दोपहर – 2:07 दोपहर 1घं 23मि शुभ 4:53 शाम – 6:16 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 6:16 शाम – 6:42 शाम
फ़रवरी 2027 चर 11:27 सुबह – 12:52 दोपहर5 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 3
योग वज्र इस दिन का समय (5) ब्रह्म मुहूर्त 5:30 सुबह – 6:21 सुबह 51मि चर 11:27 सुबह – 12:52 दोपहर 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 12:30 दोपहर – 1:15 दोपहर 45मि लाभ 12:52 दोपहर – 2:18 दोपहर 1घं 25मि
मार्च 2027 अमृत 6:47 शाम – 8:17 रात9 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र रेवतीपाद 4
योग ब्रह्म इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 5:14 सुबह – 6:02 सुबह 48मि चर 11:19 सुबह – 12:49 दोपहर 1घं 30मि अभिजित मुहूर्त 12:25 दोपहर – 1:13 दोपहर 48मि लाभ 12:49 दोपहर – 2:18 दोपहर 1घं 30मि
जिन महीनों में मुहूर्त है शुभ 4:57 शाम – 6:27 शाम 1घं 30मि
गोधूलि मुहूर्त 6:27 शाम – 6:51 शाम 24मि
अमृत 6:27 शाम – 7:57 शाम 1घं 30मि
चर 7:57 शाम – 9:28 रात 1घं 30मि
लाभ 12:28 रात – 1:58 रात, 2 अक्तूबर 1घं 30मि
शुभ 3:29 रात – 4:59 सुबह, 2 अक्तूबर 1घं 30मि
अमृत 4:59 सुबह – 6:29 सुबह, 2 अक्तूबर 1घं 30मि
यह दिन क्यों अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 अमृत 1:58 रात – 3:29 रात, 3 अक्तूबर7 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र मृगशिरापाद 1
योग व्यतीपात इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 4:53 सुबह – 5:41 सुबह 48मि चर 6:29 सुबह – 7:59 सुबह 1घं 30मि अमृत 9:28 सुबह – 10:16 सुबह 47मि लाभ 9:27 रात – 10:57 रात 1घं 30मि शुभ 12:28 रात – 1:58 रात, 3 अक्तूबर 1घं 30मि अमृत 1:58 रात – 3:29 रात, 3 अक्तूबर 1घं 30मि चर 3:29 रात – 4:59 सुबह, 3 अक्तूबर 1घं 30मि
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यह दिन क्यों शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 चुनने के लिए 7 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 6:21 शाम – 7:53 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
योग शुक्ल इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:53 सुबह – 5:42 सुबह 49मि चर 10:57 सुबह – 12:26 दोपहर 1घं 29मि अभिजित मुहूर्त 12:02 दोपहर – 12:50 दोपहर 47मि लाभ 12:26 दोपहर – 1:55 दोपहर 1घं 29मि शुभ 4:53 शाम – 6:21 शाम 1घं 29मि गोधूलि मुहूर्त 6:21 शाम – 6:46 शाम 24मि अमृत 6:21 शाम – 7:53 शाम 1घं 31मि चर 7:53 शाम – 9:24 रात 1घं 31मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 शुभ 3:29 रात – 5:01 सुबह, 16 अक्तूबर11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 1
योग सौभाग्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:54 सुबह – 5:43 सुबह 49मि चर 10:56 सुबह – 12:24 दोपहर 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 12:01 दोपहर – 12:48 दोपहर 47मि लाभ 12:24 दोपहर – 1:52 दोपहर 1घं 28मि शुभ 4:48 शाम – 6:16 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 6:16 शाम – 6:41 शाम 25मि अमृत 6:16 शाम – 7:48 शाम 1घं 32मि चर 7:48 शाम – 9:20 रात 1घं 32मि लाभ 12:24 रात – 1:56 रात, 16 अक्तूबर 1घं 32मि शुभ 3:29 रात – 5:01 सुबह, 16 अक्तूबर 1घं 32मि अमृत 5:01 सुबह – 6:33 सुबह, 16 अक्तूबर 1घं 32मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 शुभ 12:24 रात – 1:56 रात, 17 अक्तूबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 4
योग शोभन इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:54 सुबह – 5:44 सुबह 49मि चर 6:33 सुबह – 8:01 सुबह 1घं 28मि अमृत 9:28 सुबह – 10:56 सुबह 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 12:24 दोपहर – 12:47 दोपहर 23मि शुभ 12:24 दोपहर – 1:52 दोपहर 1घं 28मि विजय मुहूर्त 2:21 दोपहर – 3:08 दोपहर 47मि चर 4:47 शाम – 6:15 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 6:15 शाम – 6:40 शाम 25मि लाभ 9:20 रात – 10:52 रात 1घं 32मि शुभ 12:24 रात – 1:56 रात, 17 अक्तूबर 1घं 32मि अमृत 1:56 रात – 3:29 रात, 17 अक्तूबर 1घं 32मि चर 3:29 रात – 5:01 सुबह, 17 अक्तूबर 1घं 32मि
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यह दिन क्यों शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 चुनने के लिए 12 समय+8 अमृत 6:11 शाम – 7:44 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र शतभिषापाद 2
योग वृद्धि इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:56 सुबह – 5:45 सुबह 50मि शुभ 4:44 शाम – 6:11 शाम 1घं 27मि गोधूलि मुहूर्त 6:11 शाम – 6:36 शाम 25मि अमृत 6:11 शाम – 7:44 शाम 1घं 33मि चर 7:44 शाम – 9:17 रात 1घं 33मि लाभ 12:23 रात – 1:56 रात, 23 अक्तूबर 1घं 33मि शुभ 3:29 रात – 5:02 सुबह, 23 अक्तूबर 1घं 33मि अमृत 5:02 सुबह – 6:35 सुबह, 23 अक्तूबर 1घं 33मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 लाभ 9:17 रात – 10:50 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 2
योग ध्रुव इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:56 सुबह – 5:45 सुबह 50मि चर 6:35 सुबह – 8:02 सुबह 1घं 27मि अमृत 9:29 सुबह – 10:56 सुबह 1घं 27मि अभिजित मुहूर्त 12:23 दोपहर – 12:46 दोपहर 23मि शुभ 12:23 दोपहर – 1:50 दोपहर 1घं 27मि विजय मुहूर्त 2:19 दोपहर – 3:05 दोपहर 46मि चर 4:44 शाम – 6:10 शाम 1घं 27मि गोधूलि मुहूर्त 6:10 शाम – 6:35 शाम 25मि लाभ 9:17 रात – 10:50 रात 1घं 33मि शुभ 12:23 रात – 1:56 रात, 24 अक्तूबर 1घं 33मि अमृत 1:56 रात – 3:29 रात, 24 अक्तूबर 1घं 33मि चर 3:29 रात – 5:02 सुबह, 24 अक्तूबर 1घं 33मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 लाभ 12:22 रात – 1:56 रात, 30 अक्तूबर11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र रोहिणीपाद 4
योग परिघ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:57 सुबह – 5:47 सुबह 50मि चर 10:56 सुबह – 12:22 दोपहर 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 11:59 सुबह – 12:45 दोपहर 46मि लाभ 12:22 दोपहर – 1:48 दोपहर 1घं 26मि शुभ 4:41 शाम – 6:07 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 6:07 शाम – 6:32 शाम 25मि अमृत 6:07 शाम – 7:41 शाम 1घं 34मि चर 7:41 शाम – 9:15 रात 1घं 34मि लाभ 12:22 रात – 1:56 रात, 30 अक्तूबर 1घं 34मि शुभ 3:30 रात – 5:04 सुबह, 30 अक्तूबर 1घं 34मि अमृत 5:04 सुबह – 6:38 सुबह, 30 अक्तूबर 1घं 34मि
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यह दिन क्यों शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 9:14 रात – 10:48 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण पंचमी
नक्षत्र मृगशिरापाद 4
योग शिव इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:58 सुबह – 5:48 सुबह 50मि चर 6:38 सुबह – 8:04 सुबह 1घं 26मि अमृत 9:30 सुबह – 10:56 सुबह 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 12:22 दोपहर – 12:45 दोपहर 23मि शुभ 12:22 दोपहर – 1:48 दोपहर 1घं 26मि विजय मुहूर्त 2:17 दोपहर – 3:03 दोपहर 46मि चर 4:40 शाम – 6:06 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 6:06 शाम – 6:31 शाम 25मि लाभ 9:14 रात – 10:48 रात 1घं 34मि शुभ 12:22 रात – 1:56 रात, 31 अक्तूबर 1घं 34मि अमृत 1:56 रात – 3:30 रात, 31 अक्तूबर 1घं 34मि चर 3:30 रात – 5:04 सुबह, 31 अक्तूबर 1घं 34मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 शुभ 4:36 शाम – 6:01 शाम 1घं 25मि
गोधूलि मुहूर्त 6:01 शाम – 6:27 शाम 25मि
अमृत 6:01 शाम – 7:37 शाम 1घं 35मि
चर 7:37 शाम – 9:12 रात 1घं 35मि
लाभ 12:23 रात – 1:58 रात, 13 नवंबर 1घं 35मि
शुभ 3:34 रात – 5:09 सुबह, 13 नवंबर 1घं 35मि
अमृत 5:09 सुबह – 6:44 सुबह, 13 नवंबर 1घं 35मि
यह दिन क्यों अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 शुभ 12:23 रात – 1:58 रात, 14 नवंबर6 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र मूलपाद 3
योग धृति इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 5:03 सुबह – 5:54 सुबह 51मि चर 6:44 सुबह – 7:25 सुबह 40मि लाभ 9:12 रात – 10:47 रात 1घं 36मि शुभ 12:23 रात – 1:58 रात, 14 नवंबर 1घं 36मि अमृत 1:58 रात – 3:34 रात, 14 नवंबर 1घं 36मि चर 3:34 रात – 5:09 सुबह, 14 नवंबर 1घं 36मि
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यह दिन क्यों शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 चुनने के लिए 6 समय+8 अमृत 6:00 शाम – 7:36 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 1
योग व्याघात इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:05 सुबह – 5:57 सुबह 51मि चर 11:00 सुबह – 12:24 दोपहर 1घं 24मि अभिजित मुहूर्त 12:01 दोपहर – 12:46 दोपहर 45मि लाभ 12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर 1घं 24मि शुभ 4:36 शाम – 6:00 शाम 1घं 24मि गोधूलि मुहूर्त 6:00 शाम – 6:25 शाम 26मि अमृत 6:00 शाम – 7:36 शाम 1घं 36मि चर 7:36 शाम – 9:12 रात 1घं 36मि लाभ 12:24 रात – 2:00 रात, 20 नवंबर 1घं 36मि शुभ 3:36 रात – 5:12 सुबह, 20 नवंबर 1घं 36मि अमृत 5:12 सुबह – 6:48 सुबह, 20 नवंबर 1घं 36मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 6:48 सुबह – 8:12 सुबह8 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 4
योग वज्र इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:06 सुबह – 5:57 सुबह 51मि चर 6:48 सुबह – 8:12 सुबह 1घं 24मि अमृत 9:36 सुबह – 11:00 सुबह 1घं 24मि अभिजित मुहूर्त 12:24 दोपहर – 12:46 दोपहर 22मि शुभ 12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर 1घं 24मि विजय मुहूर्त 2:16 दोपहर – 3:01 दोपहर 45मि चर 4:36 शाम – 6:00 शाम 1घं 24मि गोधूलि मुहूर्त 6:00 शाम – 6:25 शाम 26मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 5:59 शाम – 7:36 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र मृगशिरापाद 2
योग सिद्ध इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:09 सुबह – 6:00 सुबह 52मि चर 11:02 सुबह – 12:26 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:03 दोपहर – 12:48 दोपहर 44मि लाभ 12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर 1घं 23मि शुभ 4:36 शाम – 5:59 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 5:59 शाम – 6:25 शाम 26मि अमृत 5:59 शाम – 7:36 शाम 1घं 37मि चर 7:36 शाम – 9:13 रात 1घं 37मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 लाभ 9:13 रात – 10:50 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र आर्द्रापाद 3
योग शुभ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:09 सुबह – 6:01 सुबह 52मि अमृत 9:49 सुबह – 11:03 सुबह 1घं 14मि अभिजित मुहूर्त 12:26 दोपहर – 12:48 दोपहर 22मि शुभ 12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर 1घं 23मि विजय मुहूर्त 2:17 दोपहर – 3:02 दोपहर 44मि चर 4:36 शाम – 5:59 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 5:59 शाम – 6:25 शाम 26मि लाभ 9:13 रात – 10:50 रात 1घं 37मि शुभ 12:26 रात – 2:03 रात, 28 नवंबर 1घं 37मि अमृत 2:03 रात – 3:40 रात, 28 नवंबर 1घं 37मि चर 3:40 रात – 5:16 सुबह, 28 नवंबर 1घं 37मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 26मि
अमृत 6:02 शाम – 7:39 शाम 1घं 37मि
चर 7:39 शाम – 9:17 रात 1घं 37मि
लाभ 12:31 रात – 2:09 रात, 11 दिसंबर 1घं 37मि
शुभ 3:46 रात – 5:24 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 37मि
अमृत 5:24 सुबह – 7:01 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 37मि
यह दिन क्यों शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 2
योग गण्ड इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:17 सुबह – 6:09 सुबह 52मि चर 7:01 सुबह – 8:24 सुबह 1घं 23मि अमृत 9:46 सुबह – 11:09 सुबह 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:32 दोपहर – 12:54 दोपहर 22मि शुभ 12:32 दोपहर – 1:54 दोपहर 1घं 23मि विजय मुहूर्त 2:22 दोपहर – 3:06 दोपहर 44मि चर 4:39 शाम – 6:02 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 6:02 शाम – 6:28 शाम 26मि लाभ 9:17 रात – 10:54 रात 1घं 37मि शुभ 12:32 रात – 2:09 रात, 12 दिसंबर 1घं 37मि अमृत 2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर 1घं 37मि चर 3:47 रात – 5:24 सुबह, 12 दिसंबर 1घं 37मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 3
योग सिद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:20 सुबह – 6:13 सुबह 52मि चर 11:13 सुबह – 12:34 दोपहर 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 12:12 दोपहर – 12:56 दोपहर 44मि लाभ 12:34 दोपहर – 1:57 दोपहर 1घं 22मि शुभ 4:42 शाम – 6:04 शाम 1घं 22मि गोधूलि मुहूर्त 6:04 शाम – 6:30 शाम 26मि अमृत 6:04 शाम – 7:42 शाम 1घं 38मि चर 7:42 शाम – 9:20 रात 1घं 38मि लाभ 12:35 रात – 2:12 रात, 18 दिसंबर 1घं 38मि शुभ 3:50 रात – 5:28 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 38मि अमृत 5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 38मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 चुनने के लिए 11 समय+8 शुभ 12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 3
योग व्यतीपात इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:21 सुबह – 6:13 सुबह 52मि चर 7:05 सुबह – 8:28 सुबह 1घं 22मि अमृत 9:50 सुबह – 11:12 सुबह 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 12:35 दोपहर – 12:57 दोपहर 22मि शुभ 12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर 1घं 22मि विजय मुहूर्त 2:25 दोपहर – 3:09 दोपहर 44मि चर 4:42 शाम – 6:05 शाम 1घं 22मि गोधूलि मुहूर्त 6:05 शाम – 6:31 शाम 26मि लाभ 9:20 रात – 10:58 रात 1घं 38मि शुभ 12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर 1घं 38मि अमृत 2:13 रात – 3:50 रात, 19 दिसंबर 1घं 38मि चर 3:50 रात – 5:28 सुबह, 19 दिसंबर 1घं 38मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 6:08 शाम – 7:45 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र आर्द्रापाद 1
योग शुक्ल इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:24 सुबह – 6:16 सुबह 52मि चर 11:15 सुबह – 12:38 दोपहर 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 12:16 दोपहर – 1:00 दोपहर 44मि लाभ 12:38 दोपहर – 2:00 दोपहर 1घं 22मि शुभ 4:45 शाम – 6:08 शाम 1घं 22मि गोधूलि मुहूर्त 6:08 शाम – 6:34 शाम 26मि अमृत 6:08 शाम – 7:45 शाम 1घं 38मि चर 7:45 शाम – 9:23 रात 1घं 38मि लाभ 12:38 रात – 2:16 रात, 25 दिसंबर 1घं 38मि शुभ 3:53 रात – 5:31 सुबह, 25 दिसंबर 1घं 38मि अमृत 5:31 सुबह – 7:09 सुबह, 25 दिसंबर 1घं 38मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 3:54 रात – 5:31 सुबह, 26 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 2
योग ब्रह्म इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:24 सुबह – 6:17 सुबह 52मि चर 7:09 सुबह – 8:31 सुबह 1घं 22मि अमृत 9:54 सुबह – 11:16 सुबह 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 12:38 दोपहर – 1:00 दोपहर 22मि शुभ 12:38 दोपहर – 2:01 दोपहर 1घं 22मि विजय मुहूर्त 2:28 दोपहर – 3:12 दोपहर 44मि चर 4:46 शाम – 6:08 शाम 1घं 22मि गोधूलि मुहूर्त 6:08 शाम – 6:34 शाम 26मि लाभ 9:23 रात – 11:01 रात 1घं 38मि शुभ 12:39 रात – 2:16 रात, 26 दिसंबर 1घं 38मि अमृत 2:16 रात – 3:54 रात, 26 दिसंबर 1घं 38मि चर 3:54 रात – 5:31 सुबह, 26 दिसंबर 1घं 38मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 26मि
अमृत 6:16 शाम – 7:53 शाम 1घं 37मि
चर 7:53 शाम – 9:30 रात 1घं 37मि
लाभ 12:45 रात – 2:22 रात, 8 जनवरी 1घं 37मि
शुभ 3:59 रात – 5:36 सुबह, 8 जनवरी 1घं 37मि
अमृत 5:36 सुबह – 7:13 सुबह, 8 जनवरी 1घं 37मि
यह दिन क्यों शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 चुनने के लिए 11 समय+8 लाभ 9:31 रात – 11:08 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 4
योग व्याघात इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:30 सुबह – 6:22 सुबह 52मि चर 7:13 सुबह – 8:36 सुबह 1घं 23मि अमृत 9:59 सुबह – 11:22 सुबह 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:45 दोपहर – 1:07 दोपहर 22मि शुभ 12:45 दोपहर – 2:08 दोपहर 1घं 23मि विजय मुहूर्त 2:36 दोपहर – 3:20 दोपहर 44मि चर 4:54 शाम – 6:17 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 6:17 शाम – 6:43 शाम 26मि लाभ 9:31 रात – 11:08 रात 1घं 37मि शुभ 12:45 रात – 2:22 रात, 9 जनवरी 1घं 37मि अमृत 2:22 रात – 3:59 रात, 9 जनवरी 1घं 37मि चर 3:59 रात – 5:36 सुबह, 9 जनवरी 1घं 37मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 चुनने के लिए 12 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 6:21 शाम – 7:57 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 2
योग परिघ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:31 सुबह – 6:23 सुबह 52मि चर 11:24 सुबह – 12:47 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:25 दोपहर – 1:10 दोपहर 44मि लाभ 12:47 दोपहर – 2:11 दोपहर 1घं 23मि शुभ 4:57 शाम – 6:21 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 6:21 शाम – 6:46 शाम 26मि अमृत 6:21 शाम – 7:57 शाम 1घं 37मि चर 7:57 शाम – 9:34 रात 1घं 37मि लाभ 12:47 रात – 2:24 रात, 15 जनवरी 1घं 37मि शुभ 4:01 सुबह – 5:38 सुबह, 15 जनवरी 1घं 37मि अमृत 5:38 सुबह – 7:14 सुबह, 15 जनवरी 1घं 37मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 2:24 रात – 4:01 सुबह, 16 जनवरी7 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र रेवतीपाद 2
योग शिव इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:31 सुबह – 6:23 सुबह 52मि चर 7:14 सुबह – 8:38 सुबह 1घं 23मि अमृत 10:01 सुबह – 11:24 सुबह 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:48 दोपहर – 1:10 दोपहर 22मि शुभ 12:48 दोपहर – 2:11 दोपहर 1घं 23मि अमृत 2:24 रात – 4:01 सुबह, 16 जनवरी 1घं 37मि चर 4:01 सुबह – 5:38 सुबह, 16 जनवरी 1घं 37मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 6:25 शाम – 8:01 रात8 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र आर्द्रापाद 3
योग वैधृति इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:32 सुबह – 6:23 सुबह 51मि चर 11:26 सुबह – 12:50 दोपहर 1घं 24मि अभिजित मुहूर्त 12:27 दोपहर – 1:12 दोपहर 45मि लाभ 12:50 दोपहर – 2:14 दोपहर 1घं 24मि शुभ 5:01 शाम – 6:25 शाम 1घं 24मि गोधूलि मुहूर्त 6:25 शाम – 6:51 शाम 26मि अमृत 6:25 शाम – 8:01 रात 1घं 36मि चर 8:01 रात – 9:31 रात 1घं 29मि
समय IST में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 चुनने के लिए 8 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 9:38 रात – 11:14 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 4
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:32 सुबह – 6:23 सुबह 51मि चर 7:38 सुबह – 8:38 सुबह 1घं अमृत 10:02 सुबह – 11:26 सुबह 1घं 24मि अभिजित मुहूर्त 12:50 दोपहर – 1:12 दोपहर 22मि शुभ 12:50 दोपहर – 2:14 दोपहर 1घं 24मि विजय मुहूर्त 2:42 दोपहर – 3:27 दोपहर 45मि चर 5:02 शाम – 6:26 शाम 1घं 24मि गोधूलि मुहूर्त 6:26 शाम – 6:51 शाम 26मि लाभ 9:38 रात – 11:14 रात 1घं 36मि शुभ 12:50 रात – 2:26 रात, 23 जनवरी 1घं 36मि अमृत 2:26 रात – 4:02 सुबह, 23 जनवरी 1घं 36मि चर 4:02 सुबह – 5:38 सुबह, 23 जनवरी 1घं 36मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 9:41 रात – 11:16 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र स्वातिपाद 2
योग शूल इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:31 सुबह – 6:22 सुबह 51मि चर 7:13 सुबह – 8:38 सुबह 1घं 25मि अमृत 10:02 सुबह – 11:27 सुबह 1घं 25मि अभिजित मुहूर्त 12:52 दोपहर – 1:14 दोपहर 23मि शुभ 12:52 दोपहर – 2:16 दोपहर 1घं 25मि विजय मुहूर्त 2:44 दोपहर – 3:29 दोपहर 45मि चर 5:05 शाम – 6:30 शाम 1घं 25मि गोधूलि मुहूर्त 6:30 शाम – 6:55 शाम 25मि लाभ 9:41 रात – 11:16 रात 1घं 35मि शुभ 12:51 रात – 2:27 रात, 30 जनवरी 1घं 35मि अमृत 2:27 रात – 4:02 सुबह, 30 जनवरी 1घं 35मि चर 4:02 सुबह – 5:38 सुबह, 30 जनवरी 1घं 35मि
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यह दिन क्यों शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 12 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 5:50 सुबह – 7:11 सुबह, 5 फ़रवरी 1घं 21मि
यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 5 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 12:53 रात – 2:26 रात, 12 फ़रवरी11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र रेवतीपाद 1
योग साध्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:28 सुबह – 6:19 सुबह 50मि चर 11:27 सुबह – 12:53 दोपहर 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 12:30 दोपहर – 1:16 दोपहर 46मि लाभ 12:53 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 26मि शुभ 5:11 शाम – 6:37 शाम 1घं 26मि गोधूलि मुहूर्त 6:37 शाम – 7:02 शाम 25मि अमृत 6:37 शाम – 8:11 रात 1घं 34मि चर 8:11 रात – 9:45 रात 1घं 34मि लाभ 12:53 रात – 2:26 रात, 12 फ़रवरी 1घं 34मि शुभ 4:00 सुबह – 5:34 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 34मि अमृत 5:34 सुबह – 7:08 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 34मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 6:40 शाम – 8:13 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 2
योग आयुष्मान इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:26 सुबह – 6:15 सुबह 50मि चर 11:26 सुबह – 12:53 दोपहर 1घं 27मि अभिजित मुहूर्त 12:29 दोपहर – 1:16 दोपहर 46मि लाभ 12:53 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 27मि शुभ 5:13 शाम – 6:40 शाम 1घं 27मि गोधूलि मुहूर्त 6:40 शाम – 7:05 शाम 25मि अमृत 6:40 शाम – 8:13 रात 1घं 33मि चर 8:13 रात – 9:46 रात 1घं 33मि लाभ 12:52 रात – 2:25 रात, 19 फ़रवरी 1घं 33मि शुभ 3:58 रात – 5:31 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 33मि अमृत 5:31 सुबह – 7:05 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 33मि
समय IST में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 9:46 रात – 11:19 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र पुष्यपाद 2
योग सौभाग्य इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:25 सुबह – 6:15 सुबह 50मि चर 7:05 सुबह – 8:32 सुबह 1घं 27मि अमृत 9:58 सुबह – 11:25 सुबह 1घं 27मि अभिजित मुहूर्त 12:52 दोपहर – 1:16 दोपहर 23मि शुभ 12:52 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 27मि विजय मुहूर्त 2:48 दोपहर – 3:35 दोपहर 46मि चर 5:13 शाम – 6:40 शाम 1घं 27मि गोधूलि मुहूर्त 6:40 शाम – 7:05 शाम 25मि लाभ 9:46 रात – 11:19 रात 1घं 33मि शुभ 12:52 रात – 2:25 रात, 20 फ़रवरी 1घं 33मि अमृत 2:25 रात – 3:58 रात, 20 फ़रवरी 1घं 33मि चर 3:58 रात – 5:31 सुबह, 20 फ़रवरी 1घं 33मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 चर 7:00 सुबह – 8:28 सुबह8 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र स्वातिपाद 4
योग ध्रुव इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:22 सुबह – 6:11 सुबह 49मि चर 7:00 सुबह – 8:28 सुबह 1घं 28मि अमृत 9:56 सुबह – 11:24 सुबह 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 12:52 दोपहर – 1:15 दोपहर 23मि शुभ 12:52 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 28मि विजय मुहूर्त 2:49 दोपहर – 3:36 दोपहर 47मि चर 5:15 शाम – 6:43 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 6:43 शाम – 7:08 शाम 25मि
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यह दिन क्यों शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 8 समय+8 शुभ 5:18 शाम – 6:47 शाम 1घं 30मि
गोधूलि मुहूर्त 6:47 शाम – 7:11 शाम 24मि
अमृत 6:47 शाम – 8:17 रात 1घं 30मि
चर 8:17 रात – 9:48 रात 1घं 30मि
लाभ 12:48 रात – 2:19 रात, 12 मार्च 1घं 30मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 11:16 सुबह – 12:47 दोपहर7 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र पुष्यपाद 1
योग अतिगण्ड इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:09 सुबह – 5:57 सुबह 48मि चर 11:16 सुबह – 12:47 दोपहर 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 12:23 दोपहर – 1:11 दोपहर 48मि लाभ 12:47 दोपहर – 2:17 दोपहर 1घं 31मि लाभ 1:52 रात – 2:16 रात, 19 मार्च 24मि शुभ 3:45 रात – 5:14 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि अमृत 5:14 सुबह – 6:44 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 9:45 सुबह – 11:16 सुबह12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र आश्लेषापाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:08 सुबह – 5:56 सुबह 48मि चर 6:44 सुबह – 8:14 सुबह 1घं 31मि अमृत 9:45 सुबह – 11:16 सुबह 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 12:46 दोपहर – 1:11 दोपहर 24मि शुभ 12:46 दोपहर – 2:17 दोपहर 1घं 31मि विजय मुहूर्त 2:47 दोपहर – 3:36 दोपहर 48मि चर 5:19 शाम – 6:49 शाम 1घं 31मि गोधूलि मुहूर्त 6:49 शाम – 7:13 शाम 24मि लाभ 9:48 रात – 11:17 रात 1घं 29मि शुभ 12:46 रात – 2:15 रात, 20 मार्च 1घं 29मि अमृत 2:15 रात – 3:44 रात, 20 मार्च 1घं 29मि चर 3:44 रात – 5:14 सुबह, 20 मार्च 1घं 29मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8