संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 21 शुभ दिन · मुंबई · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
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अक्तूबर 2026
अमृत 6:27 शाम – 7:57 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:53 सुबह – 5:41 सुबह48मिचर10:58 सुबह – 12:28 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:04 दोपहर – 12:52 दोपहर48मिलाभ12:28 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 30मिशुभ4:57 शाम – 6:27 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:27 शाम – 7:57 शाम1घं 30मिचर7:57 शाम – 9:28 रात1घं 30मिलाभ12:28 रात – 1:58 रात, 2 अक्तूबर1घं 30मिशुभ3:29 रात – 4:59 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 30मिअमृत4:59 सुबह – 6:29 सुबह, 2 अक्तूबर1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 1:58 रात – 3:29 रात, 3 अक्तूबर7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:53 सुबह – 5:41 सुबह48मिचर6:29 सुबह – 7:59 सुबह1घं 30मिअमृत9:28 सुबह – 10:16 सुबह47मिलाभ9:27 रात – 10:57 रात1घं 30मिशुभ12:28 रात – 1:58 रात, 3 अक्तूबर1घं 30मिअमृत1:58 रात – 3:29 रात, 3 अक्तूबर1घं 30मिचर3:29 रात – 4:59 सुबह, 3 अक्तूबर1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:21 शाम – 7:53 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 2
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:53 सुबह – 5:42 सुबह49मिचर10:57 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:02 दोपहर – 12:50 दोपहर47मिलाभ12:26 दोपहर – 1:55 दोपहर1घं 29मिशुभ4:53 शाम – 6:21 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:21 शाम – 6:46 शाम24मिअमृत6:21 शाम – 7:53 शाम1घं 31मिचर7:53 शाम – 9:24 रात1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
शुभ 3:29 रात – 5:01 सुबह, 16 अक्तूबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:54 सुबह – 5:43 सुबह49मिचर10:56 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:01 दोपहर – 12:48 दोपहर47मिलाभ12:24 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 28मिशुभ4:48 शाम – 6:16 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:41 शाम25मिअमृत6:16 शाम – 7:48 शाम1घं 32मिचर7:48 शाम – 9:20 रात1घं 32मिलाभ12:24 रात – 1:56 रात, 16 अक्तूबर1घं 32मिशुभ3:29 रात – 5:01 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 32मिअमृत5:01 सुबह – 6:33 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:24 रात – 1:56 रात, 17 अक्तूबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:54 सुबह – 5:44 सुबह49मिचर6:33 सुबह – 8:01 सुबह1घं 28मिअमृत9:28 सुबह – 10:56 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:47 दोपहर23मिशुभ12:24 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:21 दोपहर – 3:08 दोपहर47मिचर4:47 शाम – 6:15 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:15 शाम – 6:40 शाम25मिलाभ9:20 रात – 10:52 रात1घं 32मिशुभ12:24 रात – 1:56 रात, 17 अक्तूबर1घं 32मिअमृत1:56 रात – 3:29 रात, 17 अक्तूबर1घं 32मिचर3:29 रात – 5:01 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 6:11 शाम – 7:44 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:56 सुबह – 5:45 सुबह50मिशुभ4:44 शाम – 6:11 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:11 शाम – 6:36 शाम25मिअमृत6:11 शाम – 7:44 शाम1घं 33मिचर7:44 शाम – 9:17 रात1घं 33मिलाभ12:23 रात – 1:56 रात, 23 अक्तूबर1घं 33मिशुभ3:29 रात – 5:02 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 33मिअमृत5:02 सुबह – 6:35 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 9:17 रात – 10:50 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:56 सुबह – 5:45 सुबह50मिचर6:35 सुबह – 8:02 सुबह1घं 27मिअमृत9:29 सुबह – 10:56 सुबह1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:23 दोपहर – 12:46 दोपहर23मिशुभ12:23 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 27मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:05 दोपहर46मिचर4:44 शाम – 6:10 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:10 शाम – 6:35 शाम25मिलाभ9:17 रात – 10:50 रात1घं 33मिशुभ12:23 रात – 1:56 रात, 24 अक्तूबर1घं 33मिअमृत1:56 रात – 3:29 रात, 24 अक्तूबर1घं 33मिचर3:29 रात – 5:02 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 12:22 रात – 1:56 रात, 30 अक्तूबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:57 सुबह – 5:47 सुबह50मिचर10:56 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:45 दोपहर46मिलाभ12:22 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 26मिशुभ4:41 शाम – 6:07 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:07 शाम – 6:32 शाम25मिअमृत6:07 शाम – 7:41 शाम1घं 34मिचर7:41 शाम – 9:15 रात1घं 34मिलाभ12:22 रात – 1:56 रात, 30 अक्तूबर1घं 34मिशुभ3:30 रात – 5:04 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 34मिअमृत5:04 सुबह – 6:38 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:14 रात – 10:48 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:48 सुबह50मिचर6:38 सुबह – 8:04 सुबह1घं 26मिअमृत9:30 सुबह – 10:56 सुबह1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:22 दोपहर – 12:45 दोपहर23मिशुभ12:22 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 26मिविजय मुहूर्त2:17 दोपहर – 3:03 दोपहर46मिचर4:40 शाम – 6:06 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:31 शाम25मिलाभ9:14 रात – 10:48 रात1घं 34मिशुभ12:22 रात – 1:56 रात, 31 अक्तूबर1घं 34मिअमृत1:56 रात – 3:30 रात, 31 अक्तूबर1घं 34मिचर3:30 रात – 5:04 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
नवंबर 2026
चर 7:37 शाम – 9:12 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:02 सुबह – 5:53 सुबह51मिचर10:58 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:00 दोपहर – 12:45 दोपहर45मिलाभ12:22 दोपहर – 1:47 दोपहर1घं 25मिशुभ4:36 शाम – 6:01 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:27 शाम25मिअमृत6:01 शाम – 7:37 शाम1घं 35मिचर7:37 शाम – 9:12 रात1घं 35मिलाभ12:23 रात – 1:58 रात, 13 नवंबर1घं 35मिशुभ3:34 रात – 5:09 सुबह, 13 नवंबर1घं 35मिअमृत5:09 सुबह – 6:44 सुबह, 13 नवंबर1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:23 रात – 1:58 रात, 14 नवंबर6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- मूलपाद 3
- योग
- धृति
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:03 सुबह – 5:54 सुबह51मिचर6:44 सुबह – 7:25 सुबह40मिलाभ9:12 रात – 10:47 रात1घं 36मिशुभ12:23 रात – 1:58 रात, 14 नवंबर1घं 36मिअमृत1:58 रात – 3:34 रात, 14 नवंबर1घं 36मिचर3:34 रात – 5:09 सुबह, 14 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
अमृत 6:00 शाम – 7:36 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:57 सुबह51मिचर11:00 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:01 दोपहर – 12:46 दोपहर45मिलाभ12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिशुभ4:36 शाम – 6:00 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:25 शाम26मिअमृत6:00 शाम – 7:36 शाम1घं 36मिचर7:36 शाम – 9:12 रात1घं 36मिलाभ12:24 रात – 2:00 रात, 20 नवंबर1घं 36मिशुभ3:36 रात – 5:12 सुबह, 20 नवंबर1घं 36मिअमृत5:12 सुबह – 6:48 सुबह, 20 नवंबर1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:48 सुबह – 8:12 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:57 सुबह51मिचर6:48 सुबह – 8:12 सुबह1घं 24मिअमृत9:36 सुबह – 11:00 सुबह1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:46 दोपहर22मिशुभ12:24 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 24मिविजय मुहूर्त2:16 दोपहर – 3:01 दोपहर45मिचर4:36 शाम – 6:00 शाम1घं 24मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:25 शाम26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:59 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 6:00 सुबह52मिचर11:02 सुबह – 12:26 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:03 दोपहर – 12:48 दोपहर44मिलाभ12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 23मिशुभ4:36 शाम – 5:59 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिअमृत5:59 शाम – 7:36 शाम1घं 37मिचर7:36 शाम – 9:13 रात1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 9:13 रात – 10:50 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 6:01 सुबह52मिअमृत9:49 सुबह – 11:03 सुबह1घं 14मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:48 दोपहर22मिशुभ12:26 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:17 दोपहर – 3:02 दोपहर44मिचर4:36 शाम – 5:59 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त5:59 शाम – 6:25 शाम26मिलाभ9:13 रात – 10:50 रात1घं 37मिशुभ12:26 रात – 2:03 रात, 28 नवंबर1घं 37मिअमृत2:03 रात – 3:40 रात, 28 नवंबर1घं 37मिचर3:40 रात – 5:16 सुबह, 28 नवंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
अमृत 6:02 शाम – 7:39 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:09 सुबह52मिचर11:08 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:53 दोपहर44मिलाभ12:31 दोपहर – 1:54 दोपहर1घं 23मिशुभ4:39 शाम – 6:02 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिअमृत6:02 शाम – 7:39 शाम1घं 37मिचर7:39 शाम – 9:17 रात1घं 37मिलाभ12:31 रात – 2:09 रात, 11 दिसंबर1घं 37मिशुभ3:46 रात – 5:24 सुबह, 11 दिसंबर1घं 37मिअमृत5:24 सुबह – 7:01 सुबह, 11 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:09 सुबह52मिचर7:01 सुबह – 8:24 सुबह1घं 23मिअमृत9:46 सुबह – 11:09 सुबह1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 12:54 दोपहर22मिशुभ12:32 दोपहर – 1:54 दोपहर1घं 23मिविजय मुहूर्त2:22 दोपहर – 3:06 दोपहर44मिचर4:39 शाम – 6:02 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिलाभ9:17 रात – 10:54 रात1घं 37मिशुभ12:32 रात – 2:09 रात, 12 दिसंबर1घं 37मिअमृत2:09 रात – 3:47 रात, 12 दिसंबर1घं 37मिचर3:47 रात – 5:24 सुबह, 12 दिसंबर1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:13 सुबह52मिचर11:13 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:12 दोपहर – 12:56 दोपहर44मिलाभ12:34 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिशुभ4:42 शाम – 6:04 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:04 शाम – 6:30 शाम26मिअमृत6:04 शाम – 7:42 शाम1घं 38मिचर7:42 शाम – 9:20 रात1घं 38मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 18 दिसंबर1घं 38मिशुभ3:50 रात – 5:28 सुबह, 18 दिसंबर1घं 38मिअमृत5:28 सुबह – 7:05 सुबह, 18 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:13 सुबह52मिचर7:05 सुबह – 8:28 सुबह1घं 22मिअमृत9:50 सुबह – 11:12 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:57 दोपहर22मिशुभ12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिविजय मुहूर्त2:25 दोपहर – 3:09 दोपहर44मिचर4:42 शाम – 6:05 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:31 शाम26मिलाभ9:20 रात – 10:58 रात1घं 38मिशुभ12:35 रात – 2:13 रात, 19 दिसंबर1घं 38मिअमृत2:13 रात – 3:50 रात, 19 दिसंबर1घं 38मिचर3:50 रात – 5:28 सुबह, 19 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 6:08 शाम – 7:45 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:16 सुबह52मिचर11:15 सुबह – 12:38 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:16 दोपहर – 1:00 दोपहर44मिलाभ12:38 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 22मिशुभ4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिअमृत6:08 शाम – 7:45 शाम1घं 38मिचर7:45 शाम – 9:23 रात1घं 38मिलाभ12:38 रात – 2:16 रात, 25 दिसंबर1घं 38मिशुभ3:53 रात – 5:31 सुबह, 25 दिसंबर1घं 38मिअमृत5:31 सुबह – 7:09 सुबह, 25 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 3:54 रात – 5:31 सुबह, 26 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:17 सुबह52मिचर7:09 सुबह – 8:31 सुबह1घं 22मिअमृत9:54 सुबह – 11:16 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:38 दोपहर – 1:00 दोपहर22मिशुभ12:38 दोपहर – 2:01 दोपहर1घं 22मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:12 दोपहर44मिचर4:46 शाम – 6:08 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिलाभ9:23 रात – 11:01 रात1घं 38मिशुभ12:39 रात – 2:16 रात, 26 दिसंबर1घं 38मिअमृत2:16 रात – 3:54 रात, 26 दिसंबर1घं 38मिचर3:54 रात – 5:31 सुबह, 26 दिसंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"