संपत्ति मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन
आगे 19 शुभ दिन · न्यूयॉर्क · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
फ़रवरी 2027
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नवंबर 2026
अमृत 4:41 शाम – 6:26 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:47 सुबह – 5:43 सुबह56मिचर10:25 सुबह – 11:40 सुबह1घं 15मिअभिजित मुहूर्त11:20 सुबह – 12:00 दोपहर40मिलाभ11:40 सुबह – 12:55 दोपहर1घं 15मिशुभ3:26 दोपहर – 4:41 शाम1घं 15मिगोधूलि मुहूर्त4:41 शाम – 5:09 शाम28मिअमृत4:41 शाम – 6:26 शाम1घं 45मिचर6:26 शाम – 8:11 रात1घं 45मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 8:10 रात – 9:56 रात9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- धृति
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:48 सुबह – 5:44 सुबह56मिशुभ11:40 सुबह – 12:55 दोपहर1घं 15मिविजय मुहूर्त1:20 दोपहर – 2:00 दोपहर40मिचर3:25 दोपहर – 4:40 शाम1घं 15मिगोधूलि मुहूर्त4:40 शाम – 5:08 शाम28मिलाभ8:10 रात – 9:56 रात1घं 45मिशुभ11:41 रात – 1:26 रात, 14 नवंबर1घं 45मिअमृत1:26 रात – 3:11 रात, 14 नवंबर1घं 45मिचर3:11 रात – 4:56 सुबह, 14 नवंबर1घं 45मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 9 समय+8
चर 6:22 शाम – 8:09 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:54 सुबह – 5:51 सुबह57मिचर10:28 सुबह – 11:41 सुबह1घं 13मिअभिजित मुहूर्त11:22 सुबह – 12:01 दोपहर39मिलाभ11:41 सुबह – 12:55 दोपहर1घं 13मिशुभ3:22 दोपहर – 4:35 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त4:35 शाम – 5:04 शाम28मिअमृत4:35 शाम – 6:22 शाम1घं 47मिचर6:22 शाम – 8:09 रात1घं 47मिलाभ11:42 रात – 1:28 रात, 20 नवंबर1घं 47मिशुभ3:15 रात – 5:02 सुबह, 20 नवंबर1घं 47मिअमृत5:02 सुबह – 6:48 सुबह, 20 नवंबर1घं 47मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 8:08 रात – 9:55 रात6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:52 सुबह57मिचर6:48 सुबह – 8:02 सुबह1घं 13मिलाभ8:08 रात – 9:55 रात1घं 47मिशुभ11:42 रात – 1:29 रात, 21 नवंबर1घं 47मिअमृत1:29 रात – 3:16 रात, 21 नवंबर1घं 47मिचर3:16 रात – 5:03 सुबह, 21 नवंबर1घं 47मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 11:44 रात – 1:32 रात, 27 नवंबर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 4
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:58 सुबह58मिचर10:31 सुबह – 11:43 सुबह1घं 12मिअभिजित मुहूर्त11:24 सुबह – 12:02 दोपहर38मिलाभ11:43 सुबह – 12:55 दोपहर1घं 12मिलाभ11:44 रात – 1:32 रात, 27 नवंबर1घं 48मिशुभ3:20 रात – 5:08 सुबह, 27 नवंबर1घं 48मिअमृत5:08 सुबह – 6:56 सुबह, 27 नवंबर1घं 48मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:07 रात – 9:56 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:01 सुबह – 5:59 सुबह58मिचर6:56 सुबह – 8:08 सुबह1घं 12मिअमृत9:20 सुबह – 10:32 सुबह1घं 12मिशुभ11:44 सुबह – 12:55 दोपहर1घं 12मिविजय मुहूर्त1:19 दोपहर – 1:58 दोपहर38मिचर3:19 दोपहर – 4:31 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त4:31 शाम – 5:00 शाम29मिलाभ8:07 रात – 9:56 रात1घं 48मिशुभ11:44 रात – 1:32 रात, 28 नवंबर1घं 48मिअमृत1:32 रात – 3:21 रात, 28 नवंबर1घं 48मिचर3:21 रात – 5:09 सुबह, 28 नवंबर1घं 48मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
अमृत 4:29 शाम – 6:19 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:11 सुबह – 6:10 सुबह59मिचर10:39 सुबह – 11:49 सुबह1घं 10मिअभिजित मुहूर्त11:30 सुबह – 12:07 दोपहर37मिलाभ11:49 सुबह – 12:59 दोपहर1घं 10मिशुभ3:19 दोपहर – 4:29 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त4:29 शाम – 4:58 शाम29मिअमृत4:29 शाम – 6:19 शाम1घं 50मिचर6:19 शाम – 8:09 रात1घं 50मिलाभ11:49 रात – 1:39 रात, 11 दिसंबर1घं 50मिशुभ3:29 रात – 5:20 सुबह, 11 दिसंबर1घं 50मिअमृत5:20 सुबह – 7:10 सुबह, 11 दिसंबर1घं 50मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 11:50 रात – 1:40 रात, 12 दिसंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:11 सुबह59मिचर7:10 सुबह – 8:20 सुबह1घं 10मिअमृत9:29 सुबह – 10:39 सुबह1घं 10मिशुभ11:49 सुबह – 12:59 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त1:22 दोपहर – 2:00 दोपहर37मिचर3:19 दोपहर – 4:29 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त4:29 शाम – 4:58 शाम29मिलाभ8:09 रात – 9:59 रात1घं 50मिशुभ11:50 रात – 1:40 रात, 12 दिसंबर1घं 50मिअमृत1:40 रात – 3:30 रात, 12 दिसंबर1घं 50मिचर3:30 रात – 5:20 सुबह, 12 दिसंबर1घं 50मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:21 शाम – 8:11 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:15 सुबह59मिचर10:43 सुबह – 11:52 सुबह1घं 10मिअभिजित मुहूर्त11:34 सुबह – 12:11 दोपहर37मिलाभ11:52 सुबह – 1:02 दोपहर1घं 10मिशुभ3:21 दोपहर – 4:30 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त4:30 शाम – 5:00 शाम29मिअमृत4:30 शाम – 6:21 शाम1घं 51मिचर6:21 शाम – 8:11 रात1घं 51मिलाभ11:53 रात – 1:43 रात, 18 दिसंबर1घं 51मिशुभ3:34 रात – 5:24 सुबह, 18 दिसंबर1घं 51मिअमृत5:24 सुबह – 7:15 सुबह, 18 दिसंबर1घं 51मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 1:44 रात – 3:34 रात, 19 दिसंबर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:16 सुबह59मिचर7:15 सुबह – 8:24 सुबह1घं 10मिअमृत9:34 सुबह – 10:43 सुबह1घं 10मिशुभ11:53 सुबह – 1:02 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त1:25 दोपहर – 2:02 दोपहर37मिचर3:21 दोपहर – 4:31 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त4:31 शाम – 5:00 शाम29मिलाभ8:12 रात – 10:02 रात1घं 51मिशुभ11:53 रात – 1:44 रात, 19 दिसंबर1घं 51मिअमृत1:44 रात – 3:34 रात, 19 दिसंबर1घं 51मिचर3:34 रात – 5:25 सुबह, 19 दिसंबर1घं 51मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 11:56 रात – 1:46 रात, 25 दिसंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:19 सुबह59मिचर10:46 सुबह – 11:56 सुबह1घं 10मिअभिजित मुहूर्त11:37 सुबह – 12:14 दोपहर37मिलाभ11:56 सुबह – 1:05 दोपहर1घं 10मिशुभ3:24 दोपहर – 4:34 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त4:34 शाम – 5:03 शाम29मिअमृत4:34 शाम – 6:24 शाम1घं 51मिचर6:24 शाम – 8:15 रात1घं 51मिलाभ11:56 रात – 1:46 रात, 25 दिसंबर1घं 51मिशुभ3:37 रात – 5:27 सुबह, 25 दिसंबर1घं 51मिअमृत5:27 सुबह – 7:18 सुबह, 25 दिसंबर1घं 51मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:15 रात – 10:06 रात8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:19 सुबह59मिचर7:18 सुबह – 8:28 सुबह1घं 10मिअमृत9:37 सुबह – 10:47 सुबह1घं 10मिशुभ11:56 सुबह – 1:06 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त1:29 दोपहर – 2:06 दोपहर37मिचर3:25 दोपहर – 4:34 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त4:34 शाम – 5:04 शाम29मिलाभ8:15 रात – 10:06 रात1घं 51मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
चर 3:55 रात – 5:30 सुबह, 2 जनवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:21 सुबह59मिचर7:20 सुबह – 8:30 सुबह1घं 10मिअमृत9:40 सुबह – 10:50 सुबह1घं 10मिशुभ12:00 दोपहर – 1:10 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त1:33 दोपहर – 2:10 दोपहर37मिचर3:55 रात – 5:30 सुबह, 2 जनवरी1घं 35मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
अमृत 4:45 शाम – 6:34 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:21 सुबह58मिचर10:52 सुबह – 12:02 दोपहर1घं 11मिअभिजित मुहूर्त11:44 सुबह – 12:21 दोपहर38मिलाभ12:02 दोपहर – 1:13 दोपहर1घं 11मिशुभ3:34 दोपहर – 4:45 शाम1घं 11मिगोधूलि मुहूर्त4:45 शाम – 5:14 शाम29मिअमृत4:45 शाम – 6:34 शाम1घं 49मिचर6:34 शाम – 8:24 रात1घं 49मिलाभ12:02 रात – 1:52 रात, 8 जनवरी1घं 49मिशुभ3:41 रात – 5:30 सुबह, 8 जनवरी1घं 49मिअमृत5:30 सुबह – 7:20 सुबह, 8 जनवरी1घं 49मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 4:52 शाम – 6:41 शाम9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:20 सुबह58मिचर10:53 सुबह – 12:05 दोपहर1घं 12मिअभिजित मुहूर्त11:46 सुबह – 12:24 दोपहर38मिलाभ12:05 दोपहर – 1:17 दोपहर1घं 12मिशुभ3:41 दोपहर – 4:52 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त4:52 शाम – 5:21 शाम29मिअमृत4:52 शाम – 6:41 शाम1घं 48मिचर6:41 शाम – 8:29 रात1घं 48मिलाभ12:05 रात – 1:53 रात, 15 जनवरी1घं 48मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:29 रात – 10:17 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:20 सुबह58मिचर3:41 दोपहर – 4:53 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त4:53 शाम – 5:22 शाम29मिलाभ8:29 रात – 10:17 रात1घं 48मिशुभ12:05 रात – 1:53 रात, 16 जनवरी1घं 48मिअमृत1:53 रात – 3:41 रात, 16 जनवरी1घं 48मिचर3:41 रात – 5:29 सुबह, 16 जनवरी1घं 48मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 12:07 रात – 1:54 रात, 22 जनवरी4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:18 सुबह57मिलाभ12:07 रात – 1:54 रात, 22 जनवरी1घं 47मिशुभ3:41 रात – 5:27 सुबह, 22 जनवरी1घं 47मिअमृत5:27 सुबह – 7:14 सुबह, 22 जनवरी1घं 47मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 1:54 रात – 3:40 रात, 23 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:20 सुबह – 6:17 सुबह57मिचर7:14 सुबह – 8:27 सुबह1घं 13मिअमृत9:41 सुबह – 10:54 सुबह1घं 13मिशुभ12:08 दोपहर – 1:21 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त1:46 दोपहर – 2:25 दोपहर39मिचर3:48 दोपहर – 5:02 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:02 शाम – 5:30 शाम28मिलाभ8:34 रात – 10:21 रात1घं 46मिशुभ12:07 रात – 1:54 रात, 23 जनवरी1घं 46मिअमृत1:54 रात – 3:40 रात, 23 जनवरी1घं 46मिचर3:40 रात – 5:27 सुबह, 23 जनवरी1घं 46मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 8:39 रात – 10:24 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:13 सुबह56मिचर7:09 सुबह – 8:24 सुबह1घं 15मिअमृत9:39 सुबह – 10:54 सुबह1घं 15मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:29 दोपहर20मिशुभ12:09 दोपहर – 1:25 दोपहर1घं 15मिविजय मुहूर्त1:50 दोपहर – 2:30 दोपहर40मिचर3:55 दोपहर – 5:10 शाम1घं 15मिगोधूलि मुहूर्त5:10 शाम – 5:38 शाम28मिलाभ8:39 रात – 10:24 रात1घं 45मिशुभ12:09 रात – 1:54 रात, 30 जनवरी1घं 45मिअमृत1:54 रात – 3:38 रात, 30 जनवरी1घं 45मिचर3:38 रात – 5:23 सुबह, 30 जनवरी1घं 45मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"