होम / शुभ मुहूर्त / संपत्ति संपत्ति मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन आगे 19 शुभ दिन · टोरंटो · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
नवंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
ये दिन कैसे चुने जाते हैं दिन किस बात से तय होता है पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है 2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"
दिसंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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जनवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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फ़रवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28
नवंबर 2026 चर 6:42 शाम – 8:29 रात8 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र मूलपाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:14 सुबह – 6:11 सुबह 57मि चर 10:48 सुबह – 12:01 दोपहर 1घं 13मि अभिजित मुहूर्त 11:42 सुबह – 12:21 दोपहर 39मि लाभ 12:01 दोपहर – 1:15 दोपहर 1घं 13मि शुभ 3:42 दोपहर – 4:55 शाम 1घं 13मि गोधूलि मुहूर्त 4:55 शाम – 5:24 शाम 28मि अमृत 4:55 शाम – 6:42 शाम 1घं 47मि चर 6:42 शाम – 8:29 रात 1घं 47मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 लाभ 8:28 रात – 10:15 रात10 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 1
योग धृति इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 5:15 सुबह – 6:12 सुबह 57मि अमृत 10:13 सुबह – 10:48 सुबह 35मि शुभ 12:02 दोपहर – 1:15 दोपहर 1घं 13मि विजय मुहूर्त 1:39 दोपहर – 2:18 दोपहर 39मि चर 3:41 दोपहर – 4:54 शाम 1घं 13मि गोधूलि मुहूर्त 4:54 शाम – 5:23 शाम 29मि लाभ 8:28 रात – 10:15 रात 1घं 47मि
चर 6:38 शाम – 8:26 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 2
योग हर्षण इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:21 सुबह – 6:19 सुबह 58मि चर 10:51 सुबह – 12:03 दोपहर 1घं 12मि अभिजित मुहूर्त 11:44 सुबह – 12:22 दोपहर 38मि लाभ 12:03 दोपहर – 1:14 दोपहर 1घं 12मि शुभ 3:37 दोपहर – 4:49 शाम 1घं 12मि गोधूलि मुहूर्त
लाभ 8:26 रात – 10:15 रात6 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 2
योग वज्र इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 5:22 सुबह – 6:20 सुबह 58मि चर 7:18 सुबह – 8:29 सुबह 1घं 11मि लाभ 8:26 रात – 10:15 रात 1घं 49मि शुभ 12:04 रात – 1:52 रात, 21 नवंबर 1घं 49मि अमृत 1:52 रात – 3:41 रात, 21 नवंबर 1घं 49मि चर 3:41 रात – 5:30 सुबह, 21 नवंबर
लाभ 12:05 रात – 1:56 रात, 27 नवंबर7 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र आर्द्रापाद 1
योग साध्य इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:28 सुबह – 6:26 सुबह 59मि चर 10:55 सुबह – 12:05 दोपहर 1घं 10मि अभिजित मुहूर्त 11:46 सुबह – 12:23 दोपहर 37मि लाभ 12:05 दोपहर – 1:01 दोपहर 56मि लाभ 12:05 रात – 1:56 रात, 27 नवंबर 1घं 50मि शुभ
लाभ 8:25 रात – 10:15 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 1
योग शुभ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:29 सुबह – 6:28 सुबह 59मि चर 7:26 सुबह – 8:36 सुबह 1घं 10मि अमृत 9:46 सुबह – 10:55 सुबह 1घं 10मि शुभ 12:05 दोपहर – 1:15 दोपहर 1घं 10मि विजय मुहूर्त 1:38 दोपहर – 2:15 दोपहर 37मि चर 3:34 दोपहर – 4:44 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 4:44 शाम – 5:13 शाम 29मि
दिसंबर 2026 अमृत 4:41 शाम – 6:33 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र मूलपाद 4
योग गण्ड इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:40 सुबह – 6:40 सुबह 1घं चर 11:03 सुबह – 12:10 दोपहर 1घं 8मि अभिजित मुहूर्त 11:52 सुबह – 12:28 दोपहर 36मि लाभ 12:10 दोपहर – 1:18 दोपहर 1घं 8मि
जनवरी 2027 चर 4:06 सुबह – 5:58 सुबह, 2 जनवरी6 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण दशमी
नक्षत्र स्वातिपाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 5:51 सुबह – 6:51 सुबह 1घं चर 7:51 सुबह – 8:58 सुबह 1घं 8मि अमृत 10:06 सुबह – 11:14 सुबह 1घं 8मि शुभ 12:21 दोपहर – 1:29 दोपहर 1घं 8मि
जिन महीनों में मुहूर्त है शुभ
12:02 रात – 1:49 रात, 14 नवंबर
1घं 47मि
अमृत 1:49 रात – 3:36 रात, 14 नवंबर 1घं 47मि
चर 3:36 रात – 5:23 सुबह, 14 नवंबर 1घं 47मि
यह दिन क्यों शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 चुनने के लिए 10 समय+8 4:49 शाम – 5:18 शाम
29मि
अमृत 4:49 शाम – 6:38 शाम 1घं 49मि
चर 6:38 शाम – 8:26 रात 1घं 49मि
लाभ 12:03 रात – 1:52 रात, 20 नवंबर 1घं 49मि
शुभ 3:41 रात – 5:29 सुबह, 20 नवंबर 1घं 49मि
अमृत 5:29 सुबह – 7:18 सुबह, 20 नवंबर 1घं 49मि
यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 1घं 49मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 6 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 3:46 रात – 5:36 सुबह, 27 नवंबर
1घं 50मि
अमृत 5:36 सुबह – 7:26 सुबह, 27 नवंबर 1घं 50मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ
8:25 रात – 10:15 रात
1घं 50मि
शुभ 12:06 रात – 1:56 रात, 28 नवंबर 1घं 50मि
अमृत 1:56 रात – 3:47 रात, 28 नवंबर 1घं 50मि
चर 3:47 रात – 5:37 सुबह, 28 नवंबर 1घं 50मि
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 शुभ 3:33 दोपहर – 4:41 शाम 1घं 8मि
गोधूलि मुहूर्त 4:41 शाम – 5:11 शाम 30मि
अमृत 4:41 शाम – 6:33 शाम 1घं 52मि
चर 6:33 शाम – 8:26 रात 1घं 52मि
लाभ 12:11 रात – 2:03 रात, 11 दिसंबर 1घं 52मि
शुभ 3:56 रात – 5:48 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 52मि
अमृत 5:48 सुबह – 7:41 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 52मि
यह दिन क्यों अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 8:26 रात – 10:19 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 3
योग वृद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:41 सुबह – 6:41 सुबह 1घं चर 7:41 सुबह – 8:48 सुबह 1घं 8मि अमृत 9:56 सुबह – 11:03 सुबह 1घं 8मि शुभ 12:11 दोपहर – 1:18 दोपहर 1घं 8मि विजय मुहूर्त 1:41 दोपहर – 2:17 दोपहर 36मि चर 3:33 दोपहर – 4:41 शाम 1घं 8मि गोधूलि मुहूर्त 4:41 शाम – 5:11 शाम 30मि लाभ 8:26 रात – 10:19 रात 1घं 53मि शुभ 12:11 रात – 2:04 रात, 12 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 2:04 रात – 3:56 रात, 12 दिसंबर 1घं 53मि चर 3:56 रात – 5:49 सुबह, 12 दिसंबर 1घं 53मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 6:35 शाम – 8:28 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 1
योग व्यतीपात इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:45 सुबह – 6:45 सुबह 1घं चर 11:07 सुबह – 12:14 दोपहर 1घं 7मि अभिजित मुहूर्त 11:56 सुबह – 12:32 दोपहर 36मि लाभ 12:14 दोपहर – 1:21 दोपहर 1घं 7मि शुभ 3:35 दोपहर – 4:42 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 4:42 शाम – 5:12 शाम 30मि अमृत 4:42 शाम – 6:35 शाम 1घं 53मि चर 6:35 शाम – 8:28 रात 1घं 53मि लाभ 12:14 रात – 2:07 रात, 18 दिसंबर 1घं 53मि शुभ 4:00 सुबह – 5:53 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 5:53 सुबह – 7:46 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 53मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 8:29 रात – 10:22 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र रेवतीपाद 1
योग वरीयान इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:45 सुबह – 6:46 सुबह 1घं चर 7:46 सुबह – 8:53 सुबह 1घं 7मि अमृत 10:00 सुबह – 11:07 सुबह 1घं 7मि शुभ 12:14 दोपहर – 1:21 दोपहर 1घं 7मि विजय मुहूर्त 1:44 दोपहर – 2:19 दोपहर 36मि चर 3:35 दोपहर – 4:43 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 4:43 शाम – 5:13 शाम 30मि लाभ 8:29 रात – 10:22 रात 1घं 53मि शुभ 12:15 रात – 2:07 रात, 19 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 2:07 रात – 4:00 सुबह, 19 दिसंबर 1घं 53मि चर 4:00 सुबह – 5:53 सुबह, 19 दिसंबर 1घं 53मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 12:17 रात – 2:10 रात, 25 दिसंबर11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र आर्द्रापाद 3
योग ब्रह्म इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:48 सुबह – 6:49 सुबह 1घं चर 11:10 सुबह – 12:17 दोपहर 1घं 7मि अभिजित मुहूर्त 11:59 सुबह – 12:35 दोपहर 36मि लाभ 12:17 दोपहर – 1:24 दोपहर 1घं 7मि शुभ 3:38 दोपहर – 4:46 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 4:46 शाम – 5:16 शाम 30मि अमृत 4:46 शाम – 6:39 शाम 1घं 53मि चर 6:39 शाम – 8:31 रात 1घं 53मि लाभ 12:17 रात – 2:10 रात, 25 दिसंबर 1घं 53मि शुभ 4:03 सुबह – 5:56 सुबह, 25 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 5:56 सुबह – 7:49 सुबह, 25 दिसंबर 1घं 53मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 8:32 रात – 10:25 रात8 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 4
योग इन्द्र इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:49 सुबह – 6:49 सुबह 1घं चर 7:49 सुबह – 8:56 सुबह 1घं 7मि अमृत 10:03 सुबह – 11:11 सुबह 1घं 7मि शुभ 12:18 दोपहर – 1:25 दोपहर 1घं 7मि विजय मुहूर्त 1:47 दोपहर – 2:23 दोपहर 36मि चर 3:39 दोपहर – 4:46 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 4:46 शाम – 5:16 शाम 30मि लाभ 8:32 रात – 10:25 रात 1घं 53मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 विजय मुहूर्त 1:51 दोपहर – 2:27 दोपहर 36मि
चर 4:06 सुबह – 5:58 सुबह, 2 जनवरी 1घं 52मि
यह दिन क्यों अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 6 समय+8 अमृत 4:57 शाम – 6:49 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 2
योग व्याघात इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:51 सुबह – 6:51 सुबह 1घं चर 11:16 सुबह – 12:24 दोपहर 1घं 8मि अभिजित मुहूर्त 12:06 दोपहर – 12:42 दोपहर 36मि लाभ 12:24 दोपहर – 1:32 दोपहर 1घं 8मि शुभ 3:49 दोपहर – 4:57 शाम 1घं 8मि गोधूलि मुहूर्त 4:57 शाम – 5:27 शाम 30मि अमृत 4:57 शाम – 6:49 शाम 1घं 52मि चर 6:49 शाम – 8:41 रात 1घं 52मि लाभ 12:24 रात – 2:15 रात, 8 जनवरी 1घं 52मि शुभ 4:07 सुबह – 5:59 सुबह, 8 जनवरी 1घं 52मि अमृत 5:59 सुबह – 7:50 सुबह, 8 जनवरी 1घं 52मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 6:56 शाम – 8:46 रात9 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 4
योग शिव इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 5:50 सुबह – 6:49 सुबह 59मि चर 11:17 सुबह – 12:27 दोपहर 1घं 10मि अभिजित मुहूर्त 12:08 दोपहर – 12:45 दोपहर 37मि लाभ 12:27 दोपहर – 1:36 दोपहर 1घं 10मि शुभ 3:56 दोपहर – 5:05 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 5:05 शाम – 5:35 शाम 29मि अमृत 5:05 शाम – 6:56 शाम 1घं 50मि चर 6:56 शाम – 8:46 रात 1घं 50मि लाभ 12:26 रात – 2:17 रात, 15 जनवरी 1घं 50मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 2:17 रात – 4:07 सुबह, 16 जनवरी7 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र रेवतीपाद 4
योग सिद्ध इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:50 सुबह – 6:49 सुबह 59मि चर 3:57 दोपहर – 5:06 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 5:06 शाम – 5:36 शाम 29मि लाभ 8:47 रात – 10:37 रात 1घं 50मि शुभ 12:27 रात – 2:17 रात, 16 जनवरी 1घं 50मि अमृत 2:17 रात – 4:07 सुबह, 16 जनवरी 1घं 50मि चर 4:07 सुबह – 5:57 सुबह, 16 जनवरी 1घं 50मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 12:29 रात – 2:17 रात, 22 जनवरी4 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 1
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (4) ब्रह्म मुहूर्त 5:48 सुबह – 6:46 सुबह 58मि लाभ 12:29 रात – 2:17 रात, 22 जनवरी 1घं 49मि शुभ 4:06 सुबह – 5:55 सुबह, 22 जनवरी 1घं 49मि अमृत 5:55 सुबह – 7:43 सुबह, 22 जनवरी 1घं 49मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 चुनने के लिए 4 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 8:52 रात – 10:41 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र पुष्यपाद 2
योग प्रीति इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:47 सुबह – 6:45 सुबह 58मि चर 7:43 सुबह – 8:55 सुबह 1घं 12मि अमृत 10:06 सुबह – 11:18 सुबह 1घं 12मि शुभ 12:29 दोपहर – 1:41 दोपहर 1घं 12मि विजय मुहूर्त 2:05 दोपहर – 2:43 दोपहर 38मि चर 4:04 शाम – 5:15 शाम 1घं 12मि गोधूलि मुहूर्त 5:15 शाम – 5:44 शाम 29मि लाभ 8:52 रात – 10:41 रात 1घं 48मि शुभ 12:29 रात – 2:17 रात, 23 जनवरी 1घं 48मि अमृत 2:17 रात – 4:06 सुबह, 23 जनवरी 1घं 48मि चर 4:06 सुबह – 5:54 सुबह, 23 जनवरी 1घं 48मि
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यह दिन क्यों शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 4:03 सुबह – 5:50 सुबह, 30 जनवरी11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र स्वातिपाद 3
योग गण्ड इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:43 सुबह – 6:40 सुबह 57मि चर 7:37 सुबह – 8:51 सुबह 1घं 13मि अमृत 10:04 सुबह – 11:17 सुबह 1घं 13मि शुभ 12:31 दोपहर – 1:44 दोपहर 1घं 13मि विजय मुहूर्त 2:09 दोपहर – 2:48 दोपहर 39मि चर 4:11 शाम – 5:25 शाम 1घं 13मि गोधूलि मुहूर्त 5:25 शाम – 5:53 शाम 28मि लाभ 8:58 रात – 10:44 रात 1घं 46मि शुभ 12:30 रात – 2:17 रात, 30 जनवरी 1घं 46मि अमृत 2:17 रात – 4:03 सुबह, 30 जनवरी 1घं 46मि चर 4:03 सुबह – 5:50 सुबह, 30 जनवरी 1घं 46मि
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यह दिन क्यों शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10