संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन
आगे 74 शुभ दिन · टोरंटो · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026
चर 5:50 शाम – 7:22 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:14 सुबह46मिचर5:50 शाम – 7:22 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त7:22 शाम – 7:46 शाम23मिलाभ10:17 रात – 11:44 रात1घं 27मिशुभ1:12 रात – 2:39 रात, 19 सितंबर1घं 27मिअमृत2:39 रात – 4:07 सुबह, 19 सितंबर1घं 27मिचर4:07 सुबह – 5:34 सुबह, 19 सितंबर1घं 27मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
चर 11:39 सुबह – 1:09 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:32 सुबह – 6:19 सुबह48मिचर11:39 सुबह – 1:09 दोपहर1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:45 दोपहर – 1:33 दोपहर48मिलाभ1:09 दोपहर – 2:40 दोपहर1घं 31मिशुभ5:41 शाम – 7:11 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:35 शाम24मिअमृत7:11 शाम – 8:41 रात1घं 30मिचर8:41 रात – 10:10 रात1घं 30मिलाभ1:10 रात – 2:39 रात, 25 सितंबर1घं 30मिशुभ4:09 सुबह – 5:38 सुबह, 25 सितंबर1घं 30मिअमृत5:38 सुबह – 7:08 सुबह, 25 सितंबर1घं 30मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 10:08 सुबह – 11:39 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 1
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:32 सुबह – 6:20 सुबह48मिचर7:08 सुबह – 8:38 सुबह1घं 30मिअमृत10:08 सुबह – 11:39 सुबह1घं 30मिअभिजित मुहूर्त1:09 दोपहर – 1:33 दोपहर24मिशुभ1:09 दोपहर – 1:37 दोपहर29मिशुभ1:17 रात – 2:39 रात, 26 सितंबर1घं 22मिअमृत2:39 रात – 4:09 सुबह, 26 सितंबर1घं 30मिचर4:09 सुबह – 5:39 सुबह, 26 सितंबर1घं 30मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अक्तूबर 2026
अमृत 6:59 शाम – 8:31 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:37 सुबह – 6:26 सुबह49मिचर11:39 सुबह – 1:07 दोपहर1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:43 दोपहर – 1:30 दोपहर47मिलाभ1:07 दोपहर – 2:35 दोपहर1घं 28मिशुभ5:31 शाम – 6:59 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:59 शाम – 7:23 शाम25मिअमृत6:59 शाम – 8:31 रात1घं 32मिचर8:31 रात – 10:03 रात1घं 32मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 10:02 रात – 11:34 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:38 सुबह – 6:27 सुबह49मिअभिजित मुहूर्त1:06 दोपहर – 1:30 दोपहर23मिशुभ1:06 दोपहर – 2:34 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त3:03 दोपहर – 3:50 दोपहर47मिचर5:29 शाम – 6:57 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:57 शाम – 7:21 शाम25मिलाभ10:02 रात – 11:34 रात1घं 33मिशुभ1:07 रात – 2:40 रात, 3 अक्तूबर1घं 33मिअमृत2:40 रात – 4:12 सुबह, 3 अक्तूबर1घं 33मिचर4:12 सुबह – 5:45 सुबह, 3 अक्तूबर1घं 33मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 1:05 रात – 2:40 रात, 9 अक्तूबर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:42 सुबह – 6:33 सुबह50मिचर11:39 सुबह – 12:46 दोपहर1घं 7मिलाभ1:05 रात – 2:40 रात, 9 अक्तूबर1घं 35मिशुभ4:15 सुबह – 5:50 सुबह, 9 अक्तूबर1घं 35मिअमृत5:50 सुबह – 7:24 सुबह, 9 अक्तूबर1घं 35मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
अमृत 6:34 शाम – 8:12 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:48 सुबह – 6:40 सुबह52मिचर11:40 सुबह – 1:03 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:41 दोपहर – 1:25 दोपहर44मिलाभ1:03 दोपहर – 2:26 दोपहर1घं 23मिशुभ5:11 शाम – 6:34 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:34 शाम – 7:00 शाम26मिअमृत6:34 शाम – 8:12 रात1घं 37मिचर8:12 रात – 9:49 रात1घं 37मिलाभ1:04 रात – 2:41 रात, 16 अक्तूबर1घं 37मिशुभ4:18 सुबह – 5:56 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 37मिअमृत5:56 सुबह – 7:33 सुबह, 16 अक्तूबर1घं 37मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:48 रात – 11:26 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:49 सुबह – 6:41 सुबह52मिचर7:33 सुबह – 8:55 सुबह1घं 22मिअमृत10:18 सुबह – 11:40 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त1:03 दोपहर – 1:25 दोपहर22मिशुभ1:03 दोपहर – 2:25 दोपहर1घं 22मिविजय मुहूर्त2:53 दोपहर – 3:37 दोपहर44मिचर5:10 शाम – 6:33 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:33 शाम – 6:59 शाम26मिलाभ9:48 रात – 11:26 रात1घं 38मिशुभ1:03 रात – 2:41 रात, 17 अक्तूबर1घं 38मिअमृत2:41 रात – 4:19 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 38मिचर4:19 सुबह – 5:56 सुबह, 17 अक्तूबर1घं 38मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 1:02 रात – 2:42 रात, 23 अक्तूबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:54 सुबह – 6:47 सुबह53मिचर11:41 सुबह – 1:02 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:40 दोपहर – 1:23 दोपहर43मिलाभ1:02 दोपहर – 2:22 दोपहर1घं 20मिशुभ5:03 शाम – 6:23 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:50 शाम27मिअमृत6:23 शाम – 8:03 रात1घं 40मिचर8:03 रात – 9:43 रात1घं 40मिलाभ1:02 रात – 2:42 रात, 23 अक्तूबर1घं 40मिशुभ4:22 सुबह – 6:02 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 40मिअमृत6:02 सुबह – 7:42 सुबह, 23 अक्तूबर1घं 40मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:42 रात – 11:22 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 4
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:55 सुबह – 6:48 सुबह53मिचर7:42 सुबह – 9:02 सुबह1घं 20मिअमृत10:22 सुबह – 11:42 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:02 दोपहर – 1:23 दोपहर21मिशुभ1:02 दोपहर – 2:22 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:48 दोपहर – 3:31 दोपहर43मिचर5:01 शाम – 6:21 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:21 शाम – 6:48 शाम27मिलाभ9:42 रात – 11:22 रात1घं 40मिशुभ1:02 रात – 2:42 रात, 24 अक्तूबर1घं 40मिअमृत2:42 रात – 4:23 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 40मिचर4:23 सुबह – 6:03 सुबह, 24 अक्तूबर1घं 40मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 6:13 शाम – 7:55 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:01 सुबह – 6:55 सुबह54मिचर11:43 सुबह – 1:01 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:40 दोपहर – 1:22 दोपहर42मिलाभ1:01 दोपहर – 2:19 दोपहर1घं 18मिशुभ4:55 शाम – 6:13 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:40 शाम27मिअमृत6:13 शाम – 7:55 शाम1घं 42मिचर7:55 शाम – 9:37 रात1घं 42मिलाभ1:02 रात – 2:44 रात, 30 अक्तूबर1घं 42मिशुभ4:26 सुबह – 6:08 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 42मिअमृत6:08 सुबह – 7:51 सुबह, 30 अक्तूबर1घं 42मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:36 रात – 11:19 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त6:02 सुबह – 6:56 सुबह55मिचर7:51 सुबह – 9:08 सुबह1घं 18मिअमृत10:26 सुबह – 11:43 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त1:01 दोपहर – 1:22 दोपहर21मिशुभ1:01 दोपहर – 2:18 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:26 दोपहर41मिचर4:54 शाम – 6:11 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त6:11 शाम – 6:39 शाम27मिलाभ9:36 रात – 11:19 रात1घं 43मिशुभ1:02 रात – 2:44 रात, 31 अक्तूबर1घं 43मिअमृत2:44 रात – 4:27 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 43मिचर4:27 सुबह – 6:09 सुबह, 31 अक्तूबर1घं 43मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
नवंबर 2026
चर 7:42 शाम – 9:29 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त6:14 सुबह – 7:11 सुबह57मिचर11:48 सुबह – 1:01 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त12:42 दोपहर – 1:21 दोपहर39मिलाभ1:01 दोपहर – 2:15 दोपहर1घं 13मिशुभ4:42 शाम – 5:55 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:55 शाम – 6:24 शाम28मिअमृत5:55 शाम – 7:42 शाम1घं 47मिचर7:42 शाम – 9:29 रात1घं 47मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 9:28 रात – 11:15 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त6:15 सुबह – 7:12 सुबह57मिअमृत11:13 सुबह – 11:48 सुबह35मिशुभ1:02 दोपहर – 2:15 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त2:39 दोपहर – 3:18 दोपहर39मिचर4:41 शाम – 5:54 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:23 शाम29मिलाभ9:28 रात – 11:15 रात1घं 47मिशुभ1:02 रात – 2:49 रात, 14 नवंबर1घं 47मिअमृत2:49 रात – 4:36 सुबह, 14 नवंबर1घं 47मिचर4:36 सुबह – 6:23 सुबह, 14 नवंबर1घं 47मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 7:38 शाम – 9:26 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:21 सुबह – 7:19 सुबह58मिचर11:51 सुबह – 1:03 दोपहर1घं 12मिअभिजित मुहूर्त12:44 दोपहर – 1:22 दोपहर38मिलाभ1:03 दोपहर – 2:14 दोपहर1घं 12मिशुभ4:37 शाम – 5:49 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त5:49 शाम – 6:18 शाम29मिअमृत5:49 शाम – 7:38 शाम1घं 49मिचर7:38 शाम – 9:26 रात1घं 49मिलाभ1:03 रात – 2:52 रात, 20 नवंबर1घं 49मिशुभ4:41 सुबह – 6:29 सुबह, 20 नवंबर1घं 49मिअमृत6:29 सुबह – 8:18 सुबह, 20 नवंबर1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 9:26 रात – 11:15 रात6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:22 सुबह – 7:20 सुबह58मिचर8:18 सुबह – 9:29 सुबह1घं 11मिलाभ9:26 रात – 11:15 रात1घं 49मिशुभ1:04 रात – 2:52 रात, 21 नवंबर1घं 49मिअमृत2:52 रात – 4:41 सुबह, 21 नवंबर1घं 49मिचर4:41 सुबह – 6:30 सुबह, 21 नवंबर1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 1:05 रात – 2:56 रात, 27 नवंबर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:28 सुबह – 7:26 सुबह59मिचर11:55 सुबह – 1:05 दोपहर1घं 10मिअभिजित मुहूर्त12:46 दोपहर – 1:23 दोपहर37मिलाभ1:05 दोपहर – 2:01 दोपहर56मिलाभ1:05 रात – 2:56 रात, 27 नवंबर1घं 50मिशुभ4:46 सुबह – 6:36 सुबह, 27 नवंबर1घं 50मिअमृत6:36 सुबह – 8:26 सुबह, 27 नवंबर1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:25 रात – 11:15 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:29 सुबह – 7:28 सुबह59मिचर8:26 सुबह – 9:36 सुबह1घं 10मिअमृत10:46 सुबह – 11:55 सुबह1घं 10मिशुभ1:05 दोपहर – 2:15 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त2:38 दोपहर – 3:15 दोपहर37मिचर4:34 शाम – 5:44 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त5:44 शाम – 6:13 शाम29मिलाभ9:25 रात – 11:15 रात1घं 50मिशुभ1:06 रात – 2:56 रात, 28 नवंबर1घं 50मिअमृत2:56 रात – 4:47 सुबह, 28 नवंबर1घं 50मिचर4:47 सुबह – 6:37 सुबह, 28 नवंबर1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
अमृत 5:41 शाम – 7:33 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:40 सुबह – 7:40 सुबह1घंचर12:03 दोपहर – 1:10 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:28 दोपहर36मिलाभ1:10 दोपहर – 2:18 दोपहर1घं 8मिशुभ4:33 शाम – 5:41 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:41 शाम – 6:11 शाम30मिअमृत5:41 शाम – 7:33 शाम1घं 52मिचर7:33 शाम – 9:26 रात1घं 52मिलाभ1:11 रात – 3:03 रात, 11 दिसंबर1घं 52मिशुभ4:56 सुबह – 6:48 सुबह, 11 दिसंबर1घं 52मिअमृत6:48 सुबह – 8:41 सुबह, 11 दिसंबर1घं 52मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:26 रात – 11:19 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:41 सुबह – 7:41 सुबह1घंचर8:41 सुबह – 9:48 सुबह1घं 8मिअमृत10:56 सुबह – 12:03 दोपहर1घं 8मिशुभ1:11 दोपहर – 2:18 दोपहर1घं 8मिविजय मुहूर्त2:41 दोपहर – 3:17 दोपहर36मिचर4:33 शाम – 5:41 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:41 शाम – 6:11 शाम30मिलाभ9:26 रात – 11:19 रात1घं 53मिशुभ1:11 रात – 3:04 रात, 12 दिसंबर1घं 53मिअमृत3:04 रात – 4:56 सुबह, 12 दिसंबर1घं 53मिचर4:56 सुबह – 6:49 सुबह, 12 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 7:35 शाम – 9:28 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:45 सुबह – 7:45 सुबह1घंचर12:07 दोपहर – 1:14 दोपहर1घं 7मिअभिजित मुहूर्त12:56 दोपहर – 1:32 दोपहर36मिलाभ1:14 दोपहर – 2:21 दोपहर1घं 7मिशुभ4:35 शाम – 5:42 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त5:42 शाम – 6:12 शाम30मिअमृत5:42 शाम – 7:35 शाम1घं 53मिचर7:35 शाम – 9:28 रात1घं 53मिलाभ1:14 रात – 3:07 रात, 18 दिसंबर1घं 53मिशुभ5:00 सुबह – 6:53 सुबह, 18 दिसंबर1घं 53मिअमृत6:53 सुबह – 8:46 सुबह, 18 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:29 रात – 11:22 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:45 सुबह – 7:46 सुबह1घंचर8:46 सुबह – 9:53 सुबह1घं 7मिअमृत11:00 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 7मिशुभ1:14 दोपहर – 2:21 दोपहर1घं 7मिविजय मुहूर्त2:44 दोपहर – 3:19 दोपहर36मिचर4:35 शाम – 5:43 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त5:43 शाम – 6:13 शाम30मिलाभ9:29 रात – 11:22 रात1घं 53मिशुभ1:15 रात – 3:07 रात, 19 दिसंबर1घं 53मिअमृत3:07 रात – 5:00 सुबह, 19 दिसंबर1घं 53मिचर5:00 सुबह – 6:53 सुबह, 19 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 1:17 रात – 3:10 रात, 25 दिसंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:48 सुबह – 7:49 सुबह1घंचर12:10 दोपहर – 1:17 दोपहर1घं 7मिअभिजित मुहूर्त12:59 दोपहर – 1:35 दोपहर36मिलाभ1:17 दोपहर – 2:24 दोपहर1घं 7मिशुभ4:38 शाम – 5:46 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त5:46 शाम – 6:16 शाम30मिअमृत5:46 शाम – 7:39 शाम1घं 53मिचर7:39 शाम – 9:31 रात1घं 53मिलाभ1:17 रात – 3:10 रात, 25 दिसंबर1घं 53मिशुभ5:03 सुबह – 6:56 सुबह, 25 दिसंबर1घं 53मिअमृत6:56 सुबह – 8:49 सुबह, 25 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:32 रात – 11:25 रात8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त6:49 सुबह – 7:49 सुबह1घंचर8:49 सुबह – 9:56 सुबह1घं 7मिअमृत11:03 सुबह – 12:11 दोपहर1घं 7मिशुभ1:18 दोपहर – 2:25 दोपहर1घं 7मिविजय मुहूर्त2:47 दोपहर – 3:23 दोपहर36मिचर4:39 शाम – 5:46 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त5:46 शाम – 6:16 शाम30मिलाभ9:32 रात – 11:25 रात1घं 53मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
चर 5:06 सुबह – 6:58 सुबह, 2 जनवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:51 सुबह – 7:51 सुबह1घंचर8:51 सुबह – 9:58 सुबह1घं 8मिअमृत11:06 सुबह – 12:14 दोपहर1घं 8मिशुभ1:21 दोपहर – 2:29 दोपहर1घं 8मिविजय मुहूर्त2:51 दोपहर – 3:27 दोपहर36मिचर5:06 सुबह – 6:58 सुबह, 2 जनवरी1घं 52मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
अमृत 5:57 शाम – 7:49 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:51 सुबह – 7:51 सुबह1घंचर12:16 दोपहर – 1:24 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त1:06 दोपहर – 1:42 दोपहर36मिलाभ1:24 दोपहर – 2:32 दोपहर1घं 8मिशुभ4:49 शाम – 5:57 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त5:57 शाम – 6:27 शाम30मिअमृत5:57 शाम – 7:49 शाम1घं 52मिचर7:49 शाम – 9:41 रात1घं 52मिलाभ1:24 रात – 3:15 रात, 8 जनवरी1घं 52मिशुभ5:07 सुबह – 6:59 सुबह, 8 जनवरी1घं 52मिअमृत6:59 सुबह – 8:50 सुबह, 8 जनवरी1घं 52मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:56 शाम – 9:46 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त6:50 सुबह – 7:49 सुबह59मिचर12:17 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 10मिअभिजित मुहूर्त1:08 दोपहर – 1:45 दोपहर37मिलाभ1:27 दोपहर – 2:36 दोपहर1घं 10मिशुभ4:56 शाम – 6:05 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त6:05 शाम – 6:35 शाम29मिअमृत6:05 शाम – 7:56 शाम1घं 50मिचर7:56 शाम – 9:46 रात1घं 50मिलाभ1:26 रात – 3:17 रात, 15 जनवरी1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 3:17 रात – 5:07 सुबह, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त6:50 सुबह – 7:49 सुबह59मिचर4:57 शाम – 6:06 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त6:06 शाम – 6:36 शाम29मिलाभ9:47 रात – 11:37 रात1घं 50मिशुभ1:27 रात – 3:17 रात, 16 जनवरी1घं 50मिअमृत3:17 रात – 5:07 सुबह, 16 जनवरी1घं 50मिचर5:07 सुबह – 6:57 सुबह, 16 जनवरी1घं 50मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 1:29 रात – 3:17 रात, 22 जनवरी4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त6:48 सुबह – 7:46 सुबह58मिलाभ1:29 रात – 3:17 रात, 22 जनवरी1घं 49मिशुभ5:06 सुबह – 6:55 सुबह, 22 जनवरी1घं 49मिअमृत6:55 सुबह – 8:43 सुबह, 22 जनवरी1घं 49मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 9:52 रात – 11:41 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:47 सुबह – 7:45 सुबह58मिचर8:43 सुबह – 9:55 सुबह1घं 12मिअमृत11:06 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 12मिशुभ1:29 दोपहर – 2:41 दोपहर1घं 12मिविजय मुहूर्त3:05 दोपहर – 3:43 दोपहर38मिचर5:04 शाम – 6:15 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त6:15 शाम – 6:44 शाम29मिलाभ9:52 रात – 11:41 रात1घं 48मिशुभ1:29 रात – 3:17 रात, 23 जनवरी1घं 48मिअमृत3:17 रात – 5:06 सुबह, 23 जनवरी1घं 48मिचर5:06 सुबह – 6:54 सुबह, 23 जनवरी1घं 48मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 5:03 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:43 सुबह – 7:40 सुबह57मिचर8:37 सुबह – 9:51 सुबह1घं 13मिअमृत11:04 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 13मिशुभ1:31 दोपहर – 2:44 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त3:09 दोपहर – 3:48 दोपहर39मिचर5:11 शाम – 6:25 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त6:25 शाम – 6:53 शाम28मिलाभ9:58 रात – 11:44 रात1घं 46मिशुभ1:30 रात – 3:17 रात, 30 जनवरी1घं 46मिअमृत3:17 रात – 5:03 सुबह, 30 जनवरी1घं 46मिचर5:03 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी1घं 46मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
लाभ 1:31 रात – 3:14 रात, 12 फ़रवरी11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:32 सुबह – 7:27 सुबह55मिचर12:14 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त1:11 दोपहर – 1:53 दोपहर41मिलाभ1:32 दोपहर – 2:50 दोपहर1घं 18मिशुभ5:25 शाम – 6:42 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त6:42 शाम – 7:10 शाम27मिअमृत6:42 शाम – 8:25 रात1घं 42मिचर8:25 रात – 10:07 रात1घं 42मिलाभ1:31 रात – 3:14 रात, 12 फ़रवरी1घं 42मिशुभ4:56 सुबह – 6:38 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 42मिअमृत6:38 सुबह – 8:20 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 42मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 6:52 शाम – 8:32 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:25 सुबह – 7:18 सुबह53मिचर12:12 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:10 दोपहर – 1:53 दोपहर43मिलाभ1:32 दोपहर – 2:52 दोपहर1घं 20मिशुभ5:32 शाम – 6:52 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:52 शाम – 7:18 शाम27मिअमृत6:52 शाम – 8:32 रात1घं 40मिचर8:32 रात – 10:11 रात1घं 40मिलाभ1:31 रात – 3:11 रात, 19 फ़रवरी1घं 40मिशुभ4:51 सुबह – 6:30 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 40मिअमृत6:30 सुबह – 8:10 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 40मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 8:10 सुबह – 9:30 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त6:24 सुबह – 7:17 सुबह53मिचर8:10 सुबह – 9:30 सुबह1घं 20मिअमृत10:51 सुबह – 12:11 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त1:32 दोपहर – 1:53 दोपहर21मिशुभ1:32 दोपहर – 2:52 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त3:19 दोपहर – 4:02 शाम43मिचर5:33 शाम – 6:53 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त6:53 शाम – 7:20 शाम27मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 7:01 शाम – 8:38 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त6:17 सुबह – 7:09 सुबह52मिचर12:08 दोपहर – 1:31 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त1:09 दोपहर – 1:53 दोपहर44मिलाभ1:31 दोपहर – 2:53 दोपहर1घं 23मिशुभ5:39 शाम – 7:01 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त7:01 शाम – 7:27 शाम26मिअमृत7:01 शाम – 8:38 रात1घं 37मिचर8:38 रात – 10:16 रात1घं 37मिलाभ1:30 रात – 3:07 रात, 26 फ़रवरी1घं 37मिशुभ4:45 सुबह – 6:22 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 37मिअमृत6:22 सुबह – 7:59 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 37मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 3:07 रात – 4:44 सुबह, 27 फ़रवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त6:15 सुबह – 7:07 सुबह52मिचर7:59 सुबह – 9:22 सुबह1घं 23मिअमृत10:45 सुबह – 11:14 सुबह29मिशुभ1:30 रात – 3:07 रात, 27 फ़रवरी1घं 37मिअमृत3:07 रात – 4:44 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 37मिचर4:44 सुबह – 6:21 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 37मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
मार्च 2027
शुभ 5:57 शाम – 7:28 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:49 सुबह – 6:37 सुबह48मिशुभ5:57 शाम – 7:28 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त7:28 शाम – 7:51 शाम24मिअमृत7:28 शाम – 8:57 रात1घं 29मिचर8:57 रात – 10:26 रात1घं 29मिलाभ1:25 रात – 2:54 रात, 19 मार्च1घं 29मिशुभ4:24 सुबह – 5:53 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिअमृत5:53 सुबह – 7:23 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:23 सुबह – 8:53 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:47 सुबह – 6:35 सुबह48मिचर7:23 सुबह – 8:53 सुबह1घं 31मिअमृत10:24 सुबह – 11:55 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त1:26 दोपहर – 1:50 दोपहर24मिशुभ1:26 दोपहर – 2:56 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त3:27 दोपहर – 4:15 शाम48मिचर5:58 शाम – 7:29 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त7:29 शाम – 7:52 शाम24मिलाभ10:27 रात – 11:56 रात1घं 29मिशुभ1:25 रात – 2:54 रात, 20 मार्च1घं 29मिअमृत2:54 रात – 4:23 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिचर4:23 सुबह – 5:52 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 11:51 सुबह – 1:24 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:39 सुबह – 6:25 सुबह46मिचर11:51 सुबह – 1:24 दोपहर1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:59 दोपहर – 1:49 दोपहर50मिलाभ1:24 दोपहर – 2:57 दोपहर1घं 33मिशुभ6:03 शाम – 7:36 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त7:36 शाम – 7:59 शाम23मिअमृत7:36 शाम – 9:03 रात1घं 27मिचर9:03 रात – 10:29 रात1घं 27मिलाभ1:23 रात – 2:50 रात, 26 मार्च1घं 27मिशुभ4:16 सुबह – 5:43 सुबह, 26 मार्च1घं 27मिअमृत5:43 सुबह – 7:10 सुबह, 26 मार्च1घं 27मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 7:10 सुबह – 8:43 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:37 सुबह – 6:24 सुबह46मिचर7:10 सुबह – 8:43 सुबह1घं 33मिअमृत10:17 सुबह – 11:50 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त1:24 दोपहर – 1:48 दोपहर25मिशुभ1:24 दोपहर – 2:57 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त3:28 दोपहर – 4:18 शाम50मिचर6:04 शाम – 7:37 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त7:37 शाम – 8:00 रात23मिलाभ10:30 रात – 11:56 रात1घं 26मिशुभ1:23 रात – 2:49 रात, 27 मार्च1घं 26मिअमृत2:49 रात – 4:15 सुबह, 27 मार्च1घं 26मिचर4:15 सुबह – 5:42 सुबह, 27 मार्च1घं 26मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अप्रैल 2027
चर 11:37 सुबह – 1:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 5:53 सुबह42मिचर11:37 सुबह – 1:18 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त12:51 दोपहर – 1:45 दोपहर54मिलाभ1:18 दोपहर – 2:59 दोपहर1घं 41मिशुभ6:20 शाम – 8:01 रात1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त8:01 रात – 8:22 रात21मिअमृत8:01 रात – 9:20 रात1घं 19मिचर9:20 रात – 10:39 रात1घं 19मिलाभ1:17 रात – 2:36 रात, 16 अप्रैल1घं 19मिशुभ3:55 रात – 5:14 सुबह, 16 अप्रैल1घं 19मिअमृत5:14 सुबह – 6:33 सुबह, 16 अप्रैल1घं 19मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:33 सुबह – 8:14 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 5:51 सुबह42मिचर6:33 सुबह – 8:14 सुबह1घं 41मिअमृत9:55 सुबह – 11:37 सुबह1घं 41मिशुभ1:17 रात – 2:36 रात, 17 अप्रैल1घं 19मिअमृत2:36 रात – 3:54 रात, 17 अप्रैल1घं 19मिचर3:54 रात – 5:13 सुबह, 17 अप्रैल1घं 19मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 1:16 दोपहर – 3:00 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:01 सुबह – 5:42 सुबह41मिचर11:33 सुबह – 1:16 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त12:49 दोपहर – 1:44 दोपहर55मिलाभ1:16 दोपहर – 3:00 दोपहर1घं 43मिशुभ6:26 शाम – 8:09 रात1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त8:09 रात – 8:30 रात20मिअमृत8:09 रात – 9:26 रात1घं 17मिचर9:26 रात – 10:43 रात1घं 17मिलाभ1:16 रात – 2:32 रात, 23 अप्रैल1घं 17मिशुभ3:49 रात – 5:05 सुबह, 23 अप्रैल1घं 17मिअमृत5:05 सुबह – 6:22 सुबह, 23 अप्रैल1घं 17मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:51 शाम – 8:11 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:41 सुबह41मिचर6:51 शाम – 8:11 रात1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त8:11 रात – 8:31 रात20मिलाभ10:43 रात – 11:59 रात1घं 16मिशुभ1:15 रात – 2:32 रात, 24 अप्रैल1घं 16मिअमृत2:32 रात – 3:48 रात, 24 अप्रैल1घं 16मिचर3:48 रात – 5:04 सुबह, 24 अप्रैल1घं 16मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
मई 2027
चर 11:24 सुबह – 1:14 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- मघापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:40 सुबह – 5:17 सुबह37मिचर11:24 सुबह – 1:14 दोपहर1घं 50मिअभिजित मुहूर्त12:45 दोपहर – 1:44 दोपहर59मिलाभ1:14 दोपहर – 3:04 दोपहर1घं 50मिशुभ6:44 शाम – 8:34 रात1घं 50मिअमृत8:34 रात – 9:44 रात1घं 10मिचर9:44 रात – 10:54 रात1घं 10मिलाभ1:14 रात – 2:24 रात, 14 मई1घं 10मिशुभ3:34 रात – 4:44 सुबह, 14 मई1घं 10मिअमृत4:44 सुबह – 5:53 सुबह, 14 मई1घं 10मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
शुभ 1:14 दोपहर – 3:04 दोपहर11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:16 सुबह37मिचर5:53 सुबह – 7:44 सुबह1घं 50मिअमृत9:34 सुबह – 11:24 सुबह1घं 50मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:44 दोपहर29मिशुभ1:14 दोपहर – 3:04 दोपहर1घं 50मिविजय मुहूर्त3:41 दोपहर – 4:40 शाम59मिचर6:45 शाम – 8:35 रात1घं 50मिलाभ10:54 रात – 12:04 रात, 15 मई1घं 10मिशुभ1:14 रात – 2:23 रात, 15 मई1घं 10मिअमृत2:23 रात – 3:33 रात, 15 मई1घं 10मिचर3:33 रात – 4:43 सुबह, 15 मई1घं 10मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:23 सुबह – 1:14 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:11 सुबह36मिचर11:23 सुबह – 1:14 दोपहर1घं 52मिअभिजित मुहूर्त12:45 दोपहर – 1:44 दोपहर1घंलाभ1:14 दोपहर – 3:06 दोपहर1घं 52मिशुभ6:50 शाम – 8:41 रात1घं 52मिअमृत8:41 रात – 9:49 रात1घं 8मिचर9:49 रात – 10:58 रात1घं 8मिलाभ1:14 रात – 2:22 रात, 21 मई1घं 8मिशुभ3:30 रात – 4:38 सुबह, 21 मई1घं 8मिअमृत4:38 सुबह – 5:47 सुबह, 21 मई1घं 8मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:47 सुबह – 7:38 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- शिव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:10 सुबह36मिचर5:47 सुबह – 7:38 सुबह1घं 52मिअमृत9:30 सुबह – 11:22 सुबह1घं 52मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:44 दोपहर30मिशुभ1:14 दोपहर – 3:06 दोपहर1घं 52मिविजय मुहूर्त3:44 दोपहर – 4:43 शाम1घंचर6:50 शाम – 8:42 रात1घं 52मिलाभ10:58 रात – 12:06 रात, 22 मई1घं 8मिशुभ1:14 रात – 2:22 रात, 22 मई1घं 8मिअमृत2:22 रात – 3:30 रात, 22 मई1घं 8मिचर3:30 रात – 4:38 सुबह, 22 मई1घं 8मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:56 शाम – 8:49 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 2
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:06 सुबह36मिचर5:41 सुबह – 7:35 सुबह1घं 53मिअमृत9:28 सुबह – 11:22 सुबह1घं 53मिअभिजित मुहूर्त1:15 दोपहर – 1:45 दोपहर30मिशुभ1:15 दोपहर – 3:09 दोपहर1घं 53मिविजय मुहूर्त3:46 दोपहर – 4:47 शाम1घं 1मिचर6:56 शाम – 8:49 रात1घं 53मिलाभ11:02 रात – 12:08 रात, 29 मई1घं 6मिशुभ1:15 रात – 2:21 रात, 29 मई1घं 6मिअमृत2:21 रात – 3:28 रात, 29 मई1घं 6मिचर3:28 रात – 4:34 सुबह, 29 मई1घं 6मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
जून 2027
अमृत 9:27 सुबह – 11:21 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:02 सुबह35मिचर5:37 सुबह – 7:32 सुबह1घं 55मिअमृत9:27 सुबह – 11:21 सुबह1घं 55मिअभिजित मुहूर्त1:16 दोपहर – 1:47 दोपहर31मिशुभ1:16 दोपहर – 3:11 दोपहर1घं 55मिविजय मुहूर्त3:49 दोपहर – 4:50 शाम1घं 1मिचर7:00 शाम – 8:55 रात1घं 55मिलाभ11:05 रात – 12:11 रात, 5 जून1घं 5मिशुभ1:16 रात – 2:21 रात, 5 जून1घं 5मिअमृत2:21 रात – 3:26 रात, 5 जून1घं 5मिचर3:26 रात – 4:32 सुबह, 5 जून1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 11:22 सुबह – 1:17 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- मघापाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिचर11:22 सुबह – 1:17 दोपहर1घं 55मिअभिजित मुहूर्त12:46 दोपहर – 1:48 दोपहर1घं 2मिलाभ1:17 दोपहर – 3:13 दोपहर1घं 55मिशुभ7:03 शाम – 7:44 शाम41मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
अमृत 9:26 सुबह – 11:22 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिचर6:56 सुबह – 7:31 सुबह35मिअमृत9:26 सुबह – 11:22 सुबह1घं 55मिअभिजित मुहूर्त1:17 दोपहर – 1:48 दोपहर31मिशुभ1:17 दोपहर – 3:13 दोपहर1घं 55मिविजय मुहूर्त3:51 दोपहर – 4:53 शाम1घं 2मिचर7:04 शाम – 8:59 रात1घं 55मिलाभ11:08 रात – 12:13 रात, 12 जून1घं 5मिशुभ1:17 रात – 2:22 रात, 12 जून1घं 5मिअमृत2:22 रात – 3:26 रात, 12 जून1घं 5मिचर3:26 रात – 4:31 सुबह, 12 जून1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 1:19 दोपहर – 3:14 दोपहर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 4
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिचर11:23 सुबह – 1:19 दोपहर1घं 56मिअभिजित मुहूर्त12:48 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 2मिलाभ1:19 दोपहर – 3:14 दोपहर1घं 56मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:06 शाम – 9:02 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 3
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:27 सुबह – 5:01 सुबह34मिअमृत9:27 सुबह – 11:23 सुबह1घं 56मिअभिजित मुहूर्त1:19 दोपहर – 1:50 दोपहर31मिशुभ1:19 दोपहर – 3:15 दोपहर1घं 56मिविजय मुहूर्त3:53 दोपहर – 4:55 शाम1घं 2मिचर7:06 शाम – 9:02 रात1घं 56मिलाभ11:10 रात – 12:15 रात, 19 जून1घं 4मिशुभ1:19 रात – 2:23 रात, 19 जून1घं 4मिअमृत2:23 रात – 3:27 रात, 19 जून1घं 4मिचर3:27 रात – 4:31 सुबह, 19 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 11:24 सुबह – 1:20 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 1
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:02 सुबह34मिचर11:24 सुबह – 1:20 दोपहर1घं 56मिअभिजित मुहूर्त12:49 दोपहर – 1:51 दोपहर1घं 2मिलाभ1:20 दोपहर – 3:16 दोपहर1घं 56मिशुभ7:08 शाम – 9:03 रात1घं 56मिअमृत9:03 रात – 10:08 रात1घं 4मिचर10:08 रात – 11:12 रात1घं 4मिलाभ1:20 रात – 2:24 रात, 25 जून1घं 4मिशुभ3:28 रात – 4:33 सुबह, 25 जून1घं 4मिअमृत4:33 सुबह – 5:37 सुबह, 25 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:37 सुबह – 7:33 सुबह7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:28 सुबह – 5:03 सुबह34मिचर5:37 सुबह – 7:33 सुबह1घं 56मिअमृत9:29 सुबह – 10:47 सुबह1घं 19मिलाभ11:40 रात – 12:16 रात, 26 जून37मिशुभ1:20 रात – 2:25 रात, 26 जून1घं 4मिअमृत2:25 रात – 3:29 रात, 26 जून1घं 4मिचर3:29 रात – 4:33 सुबह, 26 जून1घं 4मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
जुलाई 2027
चर 7:08 शाम – 9:03 रात7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:31 सुबह – 5:06 सुबह34मिविजय मुहूर्त4:18 शाम – 4:57 शाम39मिचर7:08 शाम – 9:03 रात1घं 55मिलाभ11:12 रात – 12:17 रात, 3 जुलाई1घं 5मिशुभ1:22 रात – 2:26 रात, 3 जुलाई1घं 5मिअमृत2:26 रात – 3:31 रात, 3 जुलाई1घं 5मिचर3:31 रात – 4:36 सुबह, 3 जुलाई1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 11:28 सुबह – 1:22 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 3
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:34 सुबह – 5:09 सुबह35मिचर11:28 सुबह – 1:22 दोपहर1घं 55मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 1मिलाभ1:22 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 55मिशुभ7:06 शाम – 9:01 रात1घं 55मिअमृत9:01 रात – 10:06 रात1घं 5मिचर10:06 रात – 11:12 रात1घं 5मिलाभ1:23 रात – 2:28 रात, 9 जुलाई1घं 5मिशुभ3:34 रात – 4:39 सुबह, 9 जुलाई1घं 5मिअमृत4:39 सुबह – 5:45 सुबह, 9 जुलाई1घं 5मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 7:04 शाम – 8:57 रात10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:14 सुबह35मिचर11:30 सुबह – 1:23 दोपहर1घं 53मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:54 दोपहर1घं 1मिलाभ1:23 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 53मिशुभ7:04 शाम – 8:57 रात1घं 53मिअमृत8:57 रात – 10:04 रात1घं 7मिचर10:04 रात – 11:10 रात1घं 7मिलाभ1:24 रात – 2:30 रात, 16 जुलाई1घं 7मिशुभ3:37 रात – 4:44 सुबह, 16 जुलाई1घं 7मिअमृत4:44 सुबह – 5:50 सुबह, 16 जुलाई1घं 7मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:50 सुबह – 7:44 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 2
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:15 सुबह36मिचर5:50 सुबह – 7:44 सुबह1घं 53मिअमृत9:37 सुबह – 11:30 सुबह1घं 53मिअभिजित मुहूर्त1:23 दोपहर – 1:54 दोपहर30मिशुभ1:23 दोपहर – 3:17 दोपहर1घं 53मिविजय मुहूर्त3:54 दोपहर – 4:55 शाम1घंचर7:03 शाम – 8:56 रात1घं 53मिलाभ11:10 रात – 12:17 रात, 17 जुलाई1घं 7मिशुभ1:24 रात – 2:31 रात, 17 जुलाई1घं 7मिअमृत2:31 रात – 3:38 रात, 17 जुलाई1घं 7मिचर3:38 रात – 4:44 सुबह, 17 जुलाई1घं 7मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 11:32 सुबह – 1:24 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- शतभिषापाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:43 सुबह – 5:20 सुबह36मिचर11:32 सुबह – 1:24 दोपहर1घं 52मिअभिजित मुहूर्त12:54 दोपहर – 1:54 दोपहर1घंलाभ1:24 दोपहर – 3:16 दोपहर1घं 52मिशुभ7:00 शाम – 8:52 रात1घं 52मिअमृत8:52 रात – 10:00 रात1घं 8मिचर10:00 रात – 11:08 रात1घं 8मिलाभ1:24 रात – 2:32 रात, 23 जुलाई1घं 8मिशुभ3:41 रात – 4:49 सुबह, 23 जुलाई1घं 8मिअमृत4:49 सुबह – 5:57 सुबह, 23 जुलाई1घं 8मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 5:57 सुबह – 7:49 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 3
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:44 सुबह – 5:21 सुबह36मिचर5:57 सुबह – 7:49 सुबह1घं 52मिअमृत9:40 सुबह – 11:32 सुबह1घं 52मिअभिजित मुहूर्त1:24 दोपहर – 1:54 दोपहर30मिशुभ1:24 दोपहर – 3:15 दोपहर1घं 52मिविजय मुहूर्त3:53 दोपहर – 4:52 शाम1घंचर6:59 शाम – 8:51 रात1घं 52मिलाभ11:07 रात – 12:16 रात, 24 जुलाई1घं 8मिशुभ1:24 रात – 2:33 रात, 24 जुलाई1घं 8मिअमृत2:33 रात – 3:41 रात, 24 जुलाई1घं 8मिचर3:41 रात – 4:49 सुबह, 24 जुलाई1घं 8मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 11:34 सुबह – 1:24 दोपहर10 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:49 सुबह – 5:26 सुबह37मिचर11:34 सुबह – 1:24 दोपहर1घं 50मिअभिजित मुहूर्त12:54 दोपहर – 1:53 दोपहर59मिलाभ1:24 दोपहर – 3:14 दोपहर1घं 50मिशुभ6:54 शाम – 8:44 रात1घं 50मिअमृत8:44 रात – 9:54 रात1घं 10मिचर9:54 रात – 11:04 रात1घं 10मिलाभ1:24 रात – 2:34 रात, 30 जुलाई1घं 10मिशुभ3:44 रात – 4:54 सुबह, 30 जुलाई1घं 10मिअमृत4:54 सुबह – 6:04 सुबह, 30 जुलाई1घं 10मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 6:04 सुबह – 7:54 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:49 सुबह – 5:27 सुबह37मिचर6:04 सुबह – 7:54 सुबह1घं 50मिअमृत9:44 सुबह – 11:34 सुबह1घं 50मिअभिजित मुहूर्त1:24 दोपहर – 1:53 दोपहर29मिशुभ1:24 दोपहर – 3:14 दोपहर1घं 50मिविजय मुहूर्त3:50 दोपहर – 4:49 शाम59मिचर6:53 शाम – 8:43 रात1घं 50मिलाभ11:04 रात – 12:14 रात, 31 जुलाई1घं 10मिशुभ1:24 रात – 2:34 रात, 31 जुलाई1घं 10मिअमृत2:34 रात – 3:45 रात, 31 जुलाई1घं 10मिचर3:45 रात – 4:55 सुबह, 31 जुलाई1घं 10मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अगस्त 2027
शुभ 6:40 शाम – 8:26 रात7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:39 सुबह39मिशुभ6:40 शाम – 8:26 रात1घं 46मिअमृत8:26 रात – 9:40 रात1घं 14मिचर9:40 रात – 10:54 रात1घं 14मिलाभ1:23 रात – 2:37 रात, 13 अगस्त1घं 14मिशुभ3:51 रात – 5:05 सुबह, 13 अगस्त1घं 14मिअमृत5:05 सुबह – 6:19 सुबह, 13 अगस्त1घं 14मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:19 सुबह – 8:05 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:00 सुबह – 5:40 सुबह40मिचर6:19 सुबह – 8:05 सुबह1घं 46मिअमृत9:51 सुबह – 11:36 सुबह1घं 46मिअभिजित मुहूर्त1:22 दोपहर – 1:50 दोपहर28मिशुभ1:22 दोपहर – 3:08 दोपहर1घं 46मिविजय मुहूर्त3:43 दोपहर – 4:39 शाम56मिचर6:39 शाम – 8:25 रात1घं 46मिलाभ10:54 रात – 12:08 रात, 14 अगस्त1घं 14मिशुभ1:23 रात – 2:37 रात, 14 अगस्त1घं 14मिअमृत2:37 रात – 3:52 रात, 14 अगस्त1घं 14मिचर3:52 रात – 5:06 सुबह, 14 अगस्त1घं 14मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 1:21 दोपहर – 3:04 दोपहर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:46 सुबह41मिचर11:37 सुबह – 1:21 दोपहर1घं 44मिअभिजित मुहूर्त12:53 दोपहर – 1:48 दोपहर55मिलाभ1:21 दोपहर – 3:04 दोपहर1घं 44मिशुभ6:32 शाम – 8:15 रात1घं 44मिगोधूलि मुहूर्त8:15 रात – 8:36 रात20मिअमृत8:15 रात – 8:38 रात23मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
अमृत 9:54 सुबह – 11:37 सुबह11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:06 सुबह – 5:47 सुबह41मिअमृत9:54 सुबह – 11:37 सुबह1घं 43मिअभिजित मुहूर्त1:21 दोपहर – 1:48 दोपहर28मिशुभ1:21 दोपहर – 3:04 दोपहर1घं 43मिविजय मुहूर्त3:38 दोपहर – 4:33 शाम55मिचर6:30 शाम – 8:14 रात1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त8:14 रात – 8:34 रात20मिलाभ10:47 रात – 12:04 रात, 21 अगस्त1घं 17मिशुभ1:21 रात – 2:38 रात, 21 अगस्त1घं 17मिअमृत2:38 रात – 3:55 रात, 21 अगस्त1घं 17मिचर3:55 रात – 5:12 सुबह, 21 अगस्त1घं 17मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 1:19 दोपहर – 3:00 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 5:52 सुबह42मिचर11:38 सुबह – 1:19 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त12:52 दोपहर – 1:46 दोपहर54मिलाभ1:19 दोपहर – 3:00 दोपहर1घं 41मिशुभ6:23 शाम – 7:07 शाम44मिअमृत5:56 सुबह – 6:35 सुबह, 27 अगस्त39मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
चर 6:35 सुबह – 8:16 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:11 सुबह – 5:53 सुबह42मिचर6:35 सुबह – 8:16 सुबह1घं 41मिअमृत9:57 सुबह – 11:38 सुबह1घं 41मिअभिजित मुहूर्त1:19 दोपहर – 1:46 दोपहर27मिशुभ1:19 दोपहर – 3:00 दोपहर1घं 41मिविजय मुहूर्त3:33 दोपहर – 4:27 शाम54मिचर6:21 शाम – 8:02 रात1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त8:02 रात – 8:23 रात21मिलाभ10:41 रात – 12:00 रात, 28 अगस्त1घं 19मिशुभ1:19 रात – 2:38 रात, 28 अगस्त1घं 19मिअमृत2:38 रात – 3:58 रात, 28 अगस्त1घं 19मिचर3:58 रात – 5:17 सुबह, 28 अगस्त1घं 19मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
सितंबर 2027
लाभ 1:14 दोपहर – 2:51 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:05 सुबह45मिचर11:38 सुबह – 1:14 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त12:49 दोपहर – 1:40 दोपहर51मिलाभ1:14 दोपहर – 2:51 दोपहर1घं 36मिशुभ6:03 शाम – 7:39 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त7:39 शाम – 8:02 रात22मिअमृत7:39 शाम – 9:03 रात1घं 24मिचर9:03 रात – 10:27 रात1घं 24मिलाभ1:15 रात – 2:39 रात, 10 सितंबर1घं 24मिशुभ4:03 सुबह – 5:27 सुबह, 10 सितंबर1घं 24मिअमृत5:27 सुबह – 6:51 सुबह, 10 सितंबर1घं 24मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:51 सुबह – 8:27 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:06 सुबह45मिचर6:51 सुबह – 8:27 सुबह1घं 36मिअमृत10:02 सुबह – 11:38 सुबह1घं 36मिअभिजित मुहूर्त1:14 दोपहर – 1:40 दोपहर26मिशुभ1:14 दोपहर – 2:50 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त3:22 दोपहर – 4:13 शाम51मिचर6:02 शाम – 7:37 शाम1घं 36मिगोधूलि मुहूर्त7:37 शाम – 8:00 रात22मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 11:38 सुबह – 1:12 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:12 सुबह46मिचर11:38 सुबह – 1:12 दोपहर1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:47 दोपहर – 1:37 दोपहर50मिलाभ1:12 दोपहर – 2:46 दोपहर1घं 34मिशुभ5:53 शाम – 7:26 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त7:26 शाम – 7:50 शाम23मिअमृत7:26 शाम – 8:53 रात1घं 27मिचर8:53 रात – 10:19 रात1घं 27मिलाभ1:13 रात – 2:39 रात, 17 सितंबर1घं 27मिशुभ4:06 सुबह – 5:32 सुबह, 17 सितंबर1घं 27मिअमृत5:32 सुबह – 6:59 सुबह, 17 सितंबर1घं 27मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:59 सुबह – 8:32 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:13 सुबह46मिचर6:59 सुबह – 8:32 सुबह1घं 33मिअमृत10:05 सुबह – 11:38 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त1:12 दोपहर – 1:37 दोपहर25मिशुभ1:12 दोपहर – 2:45 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त3:16 दोपहर – 4:06 शाम50मिचर5:51 शाम – 7:25 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त7:25 शाम – 7:48 शाम23मिलाभ10:18 रात – 11:45 रात1घं 27मिशुभ1:12 रात – 2:39 रात, 18 सितंबर1घं 27मिअमृत2:39 रात – 4:06 सुबह, 18 सितंबर1घं 27मिचर4:06 सुबह – 5:33 सुबह, 18 सितंबर1घं 27मिसमय GMT-4 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"