होम / शुभ मुहूर्त / व्यापार आरंभ व्यापार आरंभ मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन आगे 14 शुभ दिन · दिल्ली · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
नवंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
ये दिन कैसे चुने जाते हैं दिन किस बात से तय होता है पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है 2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Bhaktimala, "Vyapar — opening a shop or beginning a business."
दिसंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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जनवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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फ़रवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28
नवंबर 2026 अमृत 5:33 शाम – 7:11 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण एकादशी
नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनीपाद 1
योग वैधृति इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:51 सुबह – 5:44 सुबह 52मि चर 10:42 सुबह – 12:04 दोपहर 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 11:43 सुबह – 12:26 दोपहर 44मि लाभ 12:04 दोपहर – 1:27 दोपहर 1घं 22मि शुभ 4:11 शाम – 5:33 शाम 1घं 22मि गोधूलि मुहूर्त 5:33 शाम – 5:59 शाम 26मि अमृत 5:33 शाम – 7:11 शाम 1घं 38मि चर 7:11 शाम – 8:49 रात 1घं 38मि लाभ 12:05 रात – 1:43 रात, 6 नवंबर 1घं 38मि शुभ 3:21 रात – 4:58 सुबह, 6 नवंबर 1घं 38मि अमृत 4:58 सुबह – 6:36 सुबह, 6 नवंबर 1घं 38मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 8:49 रात – 10:27 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण द्वादशी
नक्षत्र हस्तपाद 1
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:52 सुबह – 5:44 सुबह 52मि चर 6:36 सुबह – 7:58 सुबह 1घं 22मि अमृत 9:20 सुबह – 10:42 सुबह 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 12:05 दोपहर – 12:26 दोपहर 22मि शुभ 12:05 दोपहर – 1:27 दोपहर 1घं 22मि विजय मुहूर्त
चर 5:27 शाम – 7:07 शाम11 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र श्रवणपाद 2
योग गण्ड इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:58 सुबह – 5:51 सुबह 53मि अमृत 6:44 सुबह – 8:04 सुबह 1घं 20मि शुभ 9:25 सुबह – 10:45 सुबह 1घं 20मि अभिजित मुहूर्त 12:06 दोपहर – 12:27 दोपहर 21मि लाभ 2:46 दोपहर – 4:07 शाम 1घं 20मि अमृत 4:07 शाम – 5:27 शाम
चर 7:05 शाम – 8:46 रात8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र मृगशिरापाद 2
योग सिद्ध इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:04 सुबह – 5:58 सुबह 54मि चर 10:49 सुबह – 12:08 दोपहर 1घं 19मि अभिजित मुहूर्त 11:47 सुबह – 12:29 दोपहर 42मि लाभ 12:08 दोपहर – 1:27 दोपहर 1घं 19मि शुभ 4:05 शाम – 5:24 शाम 1घं 19मि गोधूलि मुहूर्त
दिसंबर 2026 लाभ 12:11 रात – 1:53 रात, 4 दिसंबर4 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण दशमी
नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
योग प्रीति इस दिन का समय (4) ब्रह्म मुहूर्त 5:09 सुबह – 6:03 सुबह 54मि लाभ 12:11 रात – 1:53 रात, 4 दिसंबर 1घं 42मि शुभ 3:35 रात – 5:16 सुबह, 4 दिसंबर 1घं 42मि अमृत 5:16 सुबह – 6:58 सुबह, 4 दिसंबर 1घं 42मि
जनवरी 2027 अमृत 7:24 शाम – 9:05 रात13 समय
वार रविवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र श्रवणपाद 3
योग वज्र इस दिन का समय (13) ब्रह्म मुहूर्त 5:26 सुबह – 6:21 सुबह 54मि चर 8:33 सुबह – 9:52 सुबह 1घं 18मि लाभ 9:52 सुबह – 11:10 सुबह 1घं 18मि अमृत 11:10 सुबह – 12:28 दोपहर 1घं 18मि
जिन महीनों में मुहूर्त है 1:54 दोपहर – 2:38 दोपहर
44मि
चर 4:11 शाम – 5:33 शाम 1घं 22मि
गोधूलि मुहूर्त 5:33 शाम – 5:59 शाम 26मि
लाभ 8:49 रात – 10:27 रात 1घं 38मि
शुभ 12:05 रात – 1:43 रात, 7 नवंबर 1घं 38मि
अमृत 1:43 रात – 3:21 रात, 7 नवंबर 1घं 38मि
चर 3:21 रात – 4:59 सुबह, 7 नवंबर 1घं 38मि
यह दिन क्यों अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 1घं 20मि
गोधूलि मुहूर्त 5:27 शाम – 5:54 शाम 27मि
चर 5:27 शाम – 7:07 शाम 1घं 40मि
लाभ 10:26 रात – 12:06 रात, 17 नवंबर 1घं 40मि
शुभ 1:46 रात – 3:25 रात, 17 नवंबर 1घं 40मि
अमृत 3:25 रात – 4:20 सुबह, 17 नवंबर 55मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 5:24 शाम – 5:51 शाम
27मि
अमृत 5:24 शाम – 7:05 शाम 1घं 41मि
चर 7:05 शाम – 8:46 रात 1घं 41मि
यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 यह दिन क्यों अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 4 समय+8 लाभ 8:48 रात – 10:30 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण एकादशी
नक्षत्र हस्तपाद 4
योग आयुष्मान इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:10 सुबह – 6:04 सुबह 54मि चर 6:58 सुबह – 8:16 सुबह 1घं 18मि अमृत 9:35 सुबह – 10:53 सुबह 1घं 18मि अभिजित मुहूर्त 12:11 दोपहर – 12:32 दोपहर 21मि शुभ 12:11 दोपहर – 1:29 दोपहर 1घं 18मि विजय मुहूर्त 1:55 दोपहर – 2:37 दोपहर 42मि चर 4:06 शाम – 5:24 शाम 1घं 18मि गोधूलि मुहूर्त 5:24 शाम – 5:51 शाम 27मि लाभ 8:48 रात – 10:30 रात 1घं 42मि शुभ 12:11 रात – 1:53 रात, 5 दिसंबर 1घं 42मि अमृत 1:53 रात – 3:35 रात, 5 दिसंबर 1घं 42मि चर 3:35 रात – 5:17 सुबह, 5 दिसंबर 1घं 42मि
समय IST में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 शुभ 5:24 शाम – 7:06 शाम12 समय
वार रविवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र स्वातिपाद 3
योग शोभन इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:11 सुबह – 6:05 सुबह 54मि चर 8:18 सुबह – 9:36 सुबह 1घं 18मि लाभ 9:36 सुबह – 10:54 सुबह 1घं 18मि अमृत 10:54 सुबह – 12:12 दोपहर 1घं 18मि अभिजित मुहूर्त 11:51 सुबह – 12:12 दोपहर 21मि शुभ 1:30 दोपहर – 2:48 दोपहर 1घं 18मि विजय मुहूर्त 1:56 दोपहर – 2:38 दोपहर 42मि गोधूलि मुहूर्त 5:24 शाम – 5:51 शाम 27मि शुभ 5:24 शाम – 7:06 शाम 1घं 42मि अमृत 7:06 शाम – 8:48 रात 1घं 42मि चर 8:48 रात – 10:30 रात 1घं 42मि लाभ 1:54 रात – 2:23 रात, 7 दिसंबर 28मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 10:33 रात – 12:16 रात, 15 दिसंबर12 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र श्रवणपाद 4
योग व्याघात इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:16 सुबह – 6:11 सुबह 55मि अमृत 7:05 सुबह – 8:23 सुबह 1घं 18मि शुभ 9:40 सुबह – 10:58 सुबह 1घं 18मि अभिजित मुहूर्त 12:16 दोपहर – 12:36 दोपहर 21मि लाभ 2:51 दोपहर – 4:08 शाम 1घं 18मि अमृत 4:08 शाम – 5:26 शाम 1घं 18मि गोधूलि मुहूर्त 5:26 शाम – 5:53 शाम 27मि चर 5:26 शाम – 7:08 शाम 1घं 42मि लाभ 10:33 रात – 12:16 रात, 15 दिसंबर 1घं 42मि शुभ 1:58 रात – 3:41 रात, 15 दिसंबर 1घं 42मि अमृत 3:41 रात – 5:23 सुबह, 15 दिसंबर 1घं 42मि चर 5:23 सुबह – 7:06 सुबह, 15 दिसंबर 1घं 42मि
समय IST में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 शुभ 12:21 रात – 2:04 रात, 26 दिसंबर12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 2
योग ब्रह्म इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:22 सुबह – 6:16 सुबह 55मि चर 7:11 सुबह – 8:29 सुबह 1घं 17मि अमृत 9:46 सुबह – 11:04 सुबह 1घं 17मि अभिजित मुहूर्त 12:21 दोपहर – 12:42 दोपहर 21मि शुभ 12:21 दोपहर – 1:39 दोपहर 1घं 17मि विजय मुहूर्त 2:04 दोपहर – 2:46 दोपहर 41मि चर 4:13 शाम – 5:31 शाम 1घं 17मि गोधूलि मुहूर्त 5:31 शाम – 5:58 शाम 27मि लाभ 8:56 रात – 10:39 रात 1घं 43मि शुभ 12:21 रात – 2:04 रात, 26 दिसंबर 1घं 43मि अमृत 2:04 रात – 3:46 रात, 26 दिसंबर 1घं 43मि चर 3:46 रात – 5:29 सुबह, 26 दिसंबर 1घं 43मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 8:59 रात – 10:41 रात10 समय
वार बुधवार
तिथि कृष्ण सप्तमी
नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनीपाद 3
योग सौभाग्य इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 5:24 सुबह – 6:18 सुबह 55मि लाभ 7:13 सुबह – 8:31 सुबह 1घं 18मि विजय मुहूर्त 2:07 दोपहर – 2:48 दोपहर 41मि चर 2:59 दोपहर – 4:16 शाम 1घं 18मि लाभ 4:16 शाम – 5:34 शाम 1घं 18मि गोधूलि मुहूर्त 5:34 शाम – 6:01 शाम 27मि शुभ 7:16 शाम – 8:59 रात 1घं 42मि अमृत 8:59 रात – 10:41 रात 1घं 42मि चर 10:41 रात – 12:24 रात, 31 दिसंबर 1घं 42मि लाभ 3:48 रात – 5:31 सुबह, 31 दिसंबर 1घं 42मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अभिजित मुहूर्त 12:08 दोपहर – 12:28 दोपहर 21मि
शुभ 1:47 दोपहर – 3:05 दोपहर 1घं 18मि
विजय मुहूर्त 2:13 दोपहर – 2:55 दोपहर 42मि
गोधूलि मुहूर्त 5:42 शाम – 6:09 शाम 27मि
शुभ 5:42 शाम – 7:24 शाम 1घं 42मि
अमृत 7:24 शाम – 9:05 रात 1घं 42मि
चर 9:05 रात – 10:47 रात 1घं 42मि
लाभ 2:10 रात – 3:52 रात, 11 जनवरी 1घं 42मि
शुभ 5:33 सुबह – 7:15 सुबह, 11 जनवरी 1घं 42मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 13 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी7 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र रेवतीपाद 2
योग शिव इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:27 सुबह – 6:21 सुबह 54मि चर 7:15 सुबह – 8:34 सुबह 1घं 19मि अमृत 9:53 सुबह – 11:12 सुबह 1घं 19मि अभिजित मुहूर्त 12:30 दोपहर – 12:51 दोपहर 21मि शुभ 12:30 दोपहर – 1:49 दोपहर 1घं 19मि अमृत 2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी 1घं 41मि चर 3:53 रात – 5:34 सुबह, 16 जनवरी 1घं 41मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 शुभ 7:31 शाम – 9:11 रात10 समय
वार बुधवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र मृगशिरापाद 3
योग इन्द्र इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 5:27 सुबह – 6:20 सुबह 54मि लाभ 7:14 सुबह – 8:33 सुबह 1घं 20मि विजय मुहूर्त 2:18 दोपहर – 3:01 दोपहर 42मि चर 3:11 दोपहर – 4:31 शाम 1घं 20मि लाभ 4:31 शाम – 5:50 शाम 1घं 20मि गोधूलि मुहूर्त 5:50 शाम – 6:17 शाम 27मि शुभ 7:31 शाम – 9:11 रात 1घं 40मि अमृत 9:11 रात – 10:52 रात 1घं 40मि चर 10:52 रात – 12:32 रात, 21 जनवरी 1घं 40मि लाभ 3:53 रात – 5:33 सुबह, 21 जनवरी 1घं 40मि
समय IST में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 5:57 शाम – 7:36 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण सप्तमी
नक्षत्र चित्रापाद 2
योग धृति इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:25 सुबह – 6:18 सुबह 53मि शुभ 4:36 शाम – 5:57 शाम 1घं 21मि गोधूलि मुहूर्त 5:57 शाम – 6:23 शाम 26मि अमृत 5:57 शाम – 7:36 शाम 1घं 39मि चर 7:36 शाम – 9:15 रात 1घं 39मि लाभ 12:34 रात – 2:13 रात, 29 जनवरी 1घं 39मि शुभ 3:52 रात – 5:32 सुबह, 29 जनवरी 1घं 39मि अमृत 5:32 सुबह – 7:11 सुबह, 29 जनवरी 1घं 39मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8