देवउठनी एकादशी 2028 — शनिवार, 28-10-2028
देवउठनी एकादशी 2028: शनिवार, 28-10-2028। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): रविवार, 29-10-2028, 1:12 दोपहर से 3:24 दोपहर तक।
कार्तिक शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ3:47 रात28-10-2028
तिथि समाप्त6:21 सुबह, 29 अक्तूबर29-10-2028
पारण (व्रत खोलने का समय)1:12 दोपहर – 3:24 दोपहररविवार, 29-10-2028 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
देव उठनी एकादशी, वह दिन जब भगवान विष्णु चार महीने की नींद से जागते हैं और चातुर्मास ख़त्म होता है। घर साफ़ होते हैं, गन्ने का मंडप बनता है, और घंटियों और गीतों से विष्णु को जगाया जाता है। तुलसी विवाह, यानी तुलसी और शालिग्राम का विवाह, इसी दिन या अगले दिन होता है, और शादियों का मौसम शुरू होता है। इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
देवउठनी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:48 सुबह – 5:39 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:13 सुबह – 6:30 सुबह |
| Gulika | 6:30 सुबह – 7:54 सुबह |
| Rahu Kaal | 9:17 सुबह – 10:41 सुबह |
| Abhijit | 11:42 सुबह – 12:27 दोपहर |
| Yamaganda | 1:28 दोपहर – 2:52 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 1:56 दोपहर – 2:41 दोपहर |
| Godhuli Muhurta | 5:39 शाम – 6:05 शाम |
| Sayahna Sandhya | 5:39 शाम – 6:56 शाम |
| Nishita Muhurta | 11:39 रात – 12:31 रात, 29 अक्तूबर |
देवउठनी एकादशी दूसरे सालों में
| 2027 | बुधवार, 10-11-2027 |
| 2028 | शनिवार, 28-10-2028 |
| 2029 | शुक्रवार, 16-11-2029 |
| 2030 | मंगलवार, 05-11-2030 |
| 2031 | सोमवार, 24-11-2031 |
| 2032 | शनिवार, 13-11-2032 |