देवउठनी एकादशी 2032 — शनिवार, 13-11-2032
देवउठनी एकादशी 2032: शनिवार, 13-11-2032। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): रविवार, 14-11-2032, 6:43 सुबह से 8:51 सुबह तक।
कार्तिक शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ11:26 रात12-11-2032
तिथि समाप्त9:00 रात13-11-2032
पारण (व्रत खोलने का समय)6:43 सुबह – 8:51 सुबहरविवार, 14-11-2032 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
देव उठनी एकादशी, वह दिन जब भगवान विष्णु चार महीने की नींद से जागते हैं और चातुर्मास ख़त्म होता है। घर साफ़ होते हैं, गन्ने का मंडप बनता है, और घंटियों और गीतों से विष्णु को जगाया जाता है। तुलसी विवाह, यानी तुलसी और शालिग्राम का विवाह, इसी दिन या अगले दिन होता है, और शादियों का मौसम शुरू होता है। इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
देवउठनी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:56 सुबह – 5:49 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:23 सुबह – 6:42 सुबह |
| Gulika | 6:42 सुबह – 8:03 सुबह |