देवउठनी एकादशी 2033 — गुरुवार, 03-11-2033
देवउठनी एकादशी 2033: गुरुवार, 03-11-2033। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): शुक्रवार, 04-11-2033, 6:36 सुबह से 8:46 सुबह तक।
कार्तिक शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ6:19 शाम02-11-2033
तिथि समाप्त3:43 दोपहर03-11-2033
पारण (व्रत खोलने का समय)6:36 सुबह – 8:46 सुबहशुक्रवार, 04-11-2033 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
देव उठनी एकादशी, वह दिन जब भगवान विष्णु चार महीने की नींद से जागते हैं और चातुर्मास ख़त्म होता है। घर साफ़ होते हैं, गन्ने का मंडप बनता है, और घंटियों और गीतों से विष्णु को जगाया जाता है। तुलसी विवाह, यानी तुलसी और शालिग्राम का विवाह, इसी दिन या अगले दिन होता है, और शादियों का मौसम शुरू होता है। इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
देवउठनी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:50 सुबह – 5:42 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:16 सुबह – 6:34 सुबह |
| Yamaganda | 6:34 सुबह – 7:57 सुबह |
| Gulika | 9:19 सुबह – 10:42 सुबह |
| Abhijit | 11:42 सुबह – 12:26 दोपहर |
| Rahu Kaal | 1:27 दोपहर – 2:50 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 1:54 दोपहर – 2:39 दोपहर |
| Godhuli Muhurta | 5:35 शाम – 6:01 शाम |
| Sayahna Sandhya | 5:35 शाम – 6:53 शाम |
| Nishita Muhurta | 11:39 रात – 12:31 रात, 4 नवंबर |
देवउठनी एकादशी दूसरे सालों में
| 2032 | शनिवार, 13-11-2032 |
| 2033 | गुरुवार, 03-11-2033 |
| 2034 | बुधवार, 22-11-2034 |
| 2035 | रविवार, 11-11-2035 |
| 2036 | गुरुवार, 30-10-2036 |
| 2037 | बुधवार, 18-11-2037 |